ईरान-यूएई टकराव से खाड़ी में खलबली, होर्मुज पर अमेरिका की बढ़ी सक्रियता
यूएई ने ईरान के साथ व्यापार और वित्तीय लेनदेन पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा की
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के सहयोगी देशों के बीच टकराव गहराता नजर आ रहा है। यूएई ने ईरान के साथ व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन पर तत्काल रोक लगाने की घोषणा की है। इसके बाद अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की।
अबूधाबी/वाशिंगटन/तेहरान: लगभग सात माह से सैन्य टकराव और तनाव के बादलों से घिरे होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति और गंभीर हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह के कभी बनते और बिगड़ते प्रयासों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर हुए हमले के बाद होर्मुज की सुरक्षा को लेकर मध्य क्षेत्र में खलबली मच गई है। ईरान इस समय अमेरिका के सहयोगी देशों के रवैये से खफा है। उसने यूएई के समुद्री नौवहन को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाकर अपना रुख साफ कर दिया है। इसके बाद अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो ने यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शेख तहनून बिन ज़ायद अल नाहयान से क्षेत्र की अहम सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा की है।
अल जजीरा, गल्फ न्यूज और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद बड़ा कदम उठाया है। यूएई ने आज तत्काल प्रभाव से ईरान के साथ सभी तरह के व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी। यूएई ने यह कदम क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरों को देखते हुए उठाया है।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यूएई के रक्षा मंत्रालय के दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के दावे को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे दावों से पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंधों को नुकसान पहुंचता है और क्षेत्र में आपसी भरोसे को ठेस पहुंचती है। उधर, ईरान की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने खाड़ी देशों को अमेरिकी सेना की मदद न करने की चेतावनी दी है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के एक बयान में अब्दुल्लाही ने कहा कि इलाके के बेस पर इतने सारे मिलिट्री एयरक्राफ़्ट, खासकर रीफ़्यूलिंग करने वाले विमानों की मौजूदगी को मेजबान देशों की जानकारी के बिना समझाना मुश्किल होगा।
इस घटनाक्रम के बीच ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाक़र घालिबाफ का कहना है कि उनकी इराक यात्रा का मकसद विदेशी दखल के बिना एक नई क्षेत्रीय व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के इस्लामी देशों को टिकाऊ आर्थिक सहयोग के साथ गहरे सुरक्षा संबंधों पर तालमेल बैठाना चाहिए। उन्होंने कहा, "इस्लामी गणराज्य ईरान इस क्षेत्रीय मॉडल को साकार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।"
ईरान के तेल मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर जारी सैन्य तनाव के बीच आश्चर्यचकित करने वाला आंकड़ा पेश किया है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान को इस साल के पहले चार महीनों में तेल से विदेशी मुद्रा के रूप में 7.5 अरब डॉलर की कमाई हुई। यह रकम सेंट्रल बैंक को सौंप दी गई है। यह कमाई पिछले साल इसी अवधि में हुई कमाई से 1.5 गुना ज्यादा है। उम्मीद है कि इससे दिसंबर के आखिर तक सरकार के विदेशी मुद्रा से जुड़े खर्च पूरे हो जाएंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर दुनिया की नजरें फिर टिक गई हैं। अमेरिकी सेना ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन का वीडियो फुटेज जारी किया है। इसमें वह मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच मलक्का जलडमरूमध्य से गुजर रहा है। सेना के अनुसार, 13 अगस्त को रिकॉर्ड किए गए इस टाइम-लैप्स वीडियो में युद्धपोत का डेक दिखाई दे रहा है। जॉर्ज वॉशिंगटन मध्य पूर्व में पहुंचकर यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा।अब्राहम लिंकन ईरान युद्ध के कारण लंबे समय से समुद्र में तैनात है।
सेना के एक और फुटेज में मंगलवार को हिंद महासागर में जॉर्ज वॉशिंगटन पर विमानों को रात में उड़ान भरते हुए दिखाया गया है। इस जहाज के मध्य पूर्व जाने के बाद प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के पास कोई एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं बचेगा।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
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