सभी प्रखंडों में एक- एक लीडर स्कूल विकसित करें: मुख्य सचिव
रांची: मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने शिक्षा विभाग को राज्य के हर प्रखंड में एक लीडर स्कूल विकसित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रयास यह हो कि यह स्कूल बुनियादी सुविधाओं से युक्त उन्नत किताबी शिक्षा, अनुशासन के साथ हर स्तर पर खेल, संगीत, वाद- विवाद जैसी अन्य गतिविधयों का मानक बन सके, ताकि दूसरे स्कूलों के छात्र- शिक्षक और अभिभावक भी वहां जाकर उसकी व्यवस्था को देखें, जानें और प्रेरणा ले सकें। सीएस आज झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट “साथ” की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
डाॅ तिवारी ने औपचारिक किताबी शिक्षा के साथ मानसिक क्रियाशीलता पर फोकस करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि वक्त की जरूरत बच्चों का मानसिक स्तर व सामाजिक निपुणता बढ़ाकर उन्हें बेहतर नागरिक भी बनाना है। “साथ-ई” के माध्यम से सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों की उनके क्लास के मानक के अनुरूप अपग्रेड करना है। अभी तक के सर्वे में पाया गया है कि बच्चे कक्षा पांच में पढ़ रहे हैं, लेकिन ज्ञान का उनका मानसिक स्तर कक्षा तीन या दो का है।


मुख्य सचिव ने स्कूलों की मॉनिटरिंग सिस्टम को डिजिटल बनाने की शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित करें, जो दूसरे राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक बन सके। बैठक में कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, स्कूली शिक्षा के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह के अलावे कई वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।


