सियार के मांस वाली शराब! नेपाल की अनोखी परंपरा ने खींचा लोगों का ध्यान

चावल की पारंपरिक शराब में विशेष तरीके से किया जाता है उपयोग।

सियार के मांस वाली शराब! नेपाल की अनोखी परंपरा ने खींचा लोगों का ध्यान
नेपाल की अनोखी पारंपरिक शराब चर्चा में।

नेपाल के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में एक अनोखी पारंपरिक शराब बनाई जाती है, जिसमें स्थानीय मान्यताओं के अनुसार सियार के मांस का उपयोग किया जाता है।

काठमांडू: नेपाल के कुछ दूरदराज़ पहाड़ी क्षेत्रों में एक अनोखी पारंपरिक शराब चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय समुदायों के बीच प्रचलित इस विशेष शराब को चावल से तैयार की जाने वाली पारंपरिक शराब (रक्सी) में सियार (Jackal) के मांस का उपयोग कर बनाया जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सीमित मात्रा में इसका सेवन घुटनों, कमर दर्द और शरीर की थकान से राहत देने में मददगार माना जाता है, हालांकि इन दावों की वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

नेपाल में पारंपरिक रूप से रक्सी नामक शराब चावल, कोदो, जौ या अन्य अनाज के किण्वन और आसवन (Fermentation & Distillation) से बनाई जाती है। कुछ ग्रामीण इलाकों में इस पारंपरिक पेय के साथ स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार सियार के मांस का उपयोग भी किया जाता है, जिससे इसे एक विशेष पारंपरिक पेय माना जाता है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पेय वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है और इसे औषधीय गुणों से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इसका सीमित सेवन जोड़ों के दर्द, कमर दर्द और शरीर को गर्म रखने में सहायक होता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऐसे दावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं मानते और बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी पारंपरिक या मादक पेय का सेवन करने से बचने की सलाह देते हैं।

नेपाल की पारंपरिक शराब बनाने की संस्कृति कई समुदायों में सदियों पुरानी है। रक्सी, आइला, छ्यांग और टोंगबा जैसे स्थानीय पेय धार्मिक अनुष्ठानों, त्योहारों और सामाजिक आयोजनों का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, सियार के मांस से जुड़ी यह विशेष परंपरा केवल कुछ सीमित क्षेत्रों तक ही सीमित बताई जाती है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वन्यजीव से जुड़े उत्पादों का उपयोग स्थानीय और राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण कानूनों के अधीन हो सकता है। ऐसे में किसी भी पारंपरिक प्रथा का पालन संबंधित कानूनों और वन्यजीव संरक्षण नियमों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।

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Edited By: Susmita Rani
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Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.

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