क्या खत्म होगा दशकों पुराना तनाव? अमेरिका और ईरान के बीच बड़ी बातचीत
दोनों देशों के बीच वर्षों पुराने तनाव को कम करने की दिशा में पहल
अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़े शांति समझौते की चर्चा तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते की कुल आर्थिक कीमत करीब 300 अरब डॉलर आंकी जा रही है, जिसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी भू-राजनीतिक डील माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, समझौते के ड्राफ्ट फ्रेमवर्क में ईरान ने वर्षों से लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और अपने जमे हुए विदेशी फंड्स तक पहुंच बहाल करने की मांग रखी है। वहीं अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर कड़े अंतरराष्ट्रीय निगरानी तंत्र को स्वीकार करे और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग बढ़ाए।
क्या हो सकती हैं प्रमुख शर्तें?
- ईरान पर लगे प्रमुख आर्थिक प्रतिबंधों में राहत।
- ईरानी तेल और गैस निर्यात पर लगी पाबंदियों में ढील।
- विदेशों में फंसी ईरान की अरबों डॉलर की संपत्ति को चरणबद्ध तरीके से जारी करना।
- परमाणु गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण को मजबूत करना।
- क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों पर नए समझौते।
वैश्विक बाजारों पर असर

अभी नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह समझौता सफल होता है तो यह मध्य पूर्व की राजनीति, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिका-ईरान संबंधों में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


