आतंकी कलीमुद्दीन का रिमांड पांच दिन बढ़ा, सफेदपोश से सांठगांठ का खुलासा
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कलीमुद्दीन से झारखंड के अलावा ओडिशा, बंगाल व आंध्र प्रदेश की एटीएस टीम ने पूछताछ की है। अल कायदा के नेटवर्क व उसको फैलाने में कलीमुद्दीन की भूमिका पर सघन पूछताछ हुई, जिसमें जांच एजेंसियों को अहम जानकारियां मिली हैं।
स्टेट ब्यूरो: अलकायदा के संदिग्ध आतंकी कलीमुद्दीन की रिमांड अवधि को पांच दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। इस बाबत एटीएस द्वारा सीजेएम कोर्ट में पुछताछ हेतु अवधि बढ़ाने संबंधी दोबारा अर्जी दी गई थी, जिसे कोर्ट ने मान लिया। कलीमुद्दीन से गुप्त स्थान पर कड़ी पूछताछ की जा रही है, जिसमें कई सफेदपोशॉ द्वारा उसे संरक्षण देने की बात उजागर हुई है।
सूत्रों के अनुसार कलीमुद्दीन ने अपने उन मददगारों के नाम बता दिया है, जो उसे वित्तीय सहायता दिया करता था। एटीएस की पुछताछ में आतंकी ने बताया कि उसने ही चतरा के आतंकी सुफियान की मुलाकात ओडिशा के कुख्यात अब्दुल रहमान उर्फ कटकी से कराई थी। इसके बाद सुफियान को पाकिस्तान में हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी। सुफियान ने झारखंड़ में चतरा व आसपास के इलाके के युवकों को प्रशिक्षण के लिए तैयार किया है। एटीएस पदाधिकारियों ने बताया कि चतरा का सुफियान मौलाना कलीम के आजादनगर रोड नंबर 13 स्थित मदरसा में मदरसा में ठहरता था। एटीएस ने मौलाना कलीम से जानकारी हासिल की है कि वह कितनी जगहों पर बैठक कर युवओं को प्रेरित करता था। एटीएस ने उसका पूरा नेटवर्क तोड़ने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर कर दी है।
एंटी टेररिस्ट स्क्वायड की पूछताछ में कलीमुद्दीन ने स्वीकार किया कि उसने जमशेदपुर के मानगो, काली, पोटका, सरायकेला, चांडिल, रांची और अन्य इलाकों के कई युवकों को आतंकवादी संगठन से जोड़ा है। कुछ दिन पहले उसे जमशेदपुर से कोलकाता जाने के दौरान टाटानगर स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। कलीमुद्दीन ने एटीएस की टीमों को बताया कि अलकायदा से जुड़ने वालों को सऊदी अरब से काठमांडू के रास्ते पाकिस्तान भेजा जाता है। वहां से प्रशिक्षण लेकर आतंकवादी भारत लौटते हैं। जमशेदपुर के धातकीडीह के अब्दुल सामी, अबु सूफियान और मसूद प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। अब्दुल सामी तिहाड़ और मसूद जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में बंद हैं। दोनों 2016 में गिरफ्तार किये गये थे।
कलीमुद्दीन ने एटीएस को जानकारी दी है कि तिहाड़ जेल में बंद जमशेदपुर के मानगो निवासी जीशान अली का भाई आर्सियान भी अलकायदा से जुड़ा था और फिलहाल तुर्की में रह रहा है।
जीशान व आर्सियान 2008 में जमशेदपुर से बेंगलुरु गया था, इसी के बाद से इसका पता नही है। चतरा निवासी अबु सुफियान जेहादी ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान गया था, जिसके बाद से अब भी तक नही लौटा है। अलकायदा से संबंधों के आरोप में जीशान अली जेल में है। इसके अलावे आतंकियों की मुलाकातों के बारे में भी एटीएस टीम को कई अहम जानकारियां हासिल हुईं हैं। माना जा रहा है कि रिमांड अवधि बढ़ने के बाद और भी कई रहस्यों का उदभेदन हो सकता है।
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Edited By: Samridh Jharkhand
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