Hindi poetry
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Read More... आपसी मनमुटाव ठीक नहीं
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By Mohit Sinha
‘आपसी मनमुटाव ठीक नहीं’ कविता रिश्तों में बढ़ती दूरियों, खामोशी और संवादहीनता की पीड़ा को व्यक्त करती है। कवि चुन्नू साहा ने जीवन की नश्वरता और अपनों के महत्व को रेखांकित करते हुए संदेश दिया है कि मनमुटाव को लंबे समय तक नहीं पालना चाहिए। Ranchi News: महिला काव्य मंच की काव्य गोष्ठी में सजी कविता और ग़ज़लों की महफिल
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By Mohit Sinha
महिला काव्य मंच, पूर्वी रांची जिला इकाई की ओर से शनिवार को रेणु मिश्रा के आवास पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुरुग्राम से आए प्रसिद्ध कवि, ग़ज़लकार और साहित्यकार डॉ. विनोद प्रकाश गुप्ता ‘शलभ’ का स्वागत किया गया। दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आग उगलते देखा है! — देशभक्ति से ओतप्रोत कविता
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By Mohit Sinha
“आग उगलते देखा है” एक सशक्त कविता है जो समाज, देश और बदलते इतिहास की पीड़ा व चेतना को उजागर करती है। कवि ने मिट्टी, संघर्ष और जनमानस की ताकत को प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत किया है। कविता बताती है कि समय आने पर शांत दिखने वाली शक्तियां भी परिवर्तन की ज्वाला बन सकती हैं। 'जादूगर’ कविता में सत्ता और व्यवस्था पर तीखा सवाल
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By Mohit Sinha
कवि राजेश पाठक की कविता “जादूगर” वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत करती है। कविता में प्रशासनिक भ्रष्टाचार, कानून की कमजोर स्थिति, किसानों और आम जनता की परेशानियों तथा व्यवस्था की निष्क्रियता को प्रभावशाली ढंग से उजागर किया गया है। “बेटी की पुकार – एक भावपूर्ण कविता”
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By Mohit Sinha
यह कविता एक बेटी की भावनाओं को व्यक्त करती है, जो पढ़-लिखकर सम्मानजनक जीवन जीना चाहती है। मजदूरी और मजबूरी के जीवन से दूर, वह शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का सपना देखती है। 