अमेरिका-ईरान तनाव कम होते ही कच्चा तेल 5% टूटा, जानिए भारत पर क्या होगा असर
ब्रेंट क्रूड 83 डॉलर और WTI 80 डॉलर से नीचे पहुंचा।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा संभावित शांति वार्ता की उम्मीदों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और संभावित शांति वार्ता की उम्मीदों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड दोनों में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली।
ब्रेंट क्रूड 83.31 डॉलर प्रति बैरल तक फिसल गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 80 डॉलर के अहम स्तर से नीचे गिरकर 78.78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका कम होने से वैश्विक तेल बाजार में राहत का माहौल बना है।

जुलाई में 25% बढ़ा था कच्चा तेल
पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा लगातार हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की तेजी आई थी। यह मार्च के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़त रही, जिससे वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
ट्रंप के बयान से बाजार को राहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले की योजना को फिलहाल टालने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब समेत पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों के आग्रह पर उन्होंने यह फैसला लिया। साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को फिर से खोलने के लिए जल्द समझौते की उम्मीद भी जताई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और कम होता है तो आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


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