Indigenous rights India
समाचार  ओपिनियन 

आदिवासी समाज और उसकी सामाजिक, राजनीतिक चेतना 

आदिवासी समाज और उसकी सामाजिक, राजनीतिक चेतना  यह आलेख झारखंड के परिप्रेक्ष्य में आदिवासी समाज की बढ़ती सामाजिक-राजनीतिक चेतना, उनके अधिकारों और सामूहिकता पर मंडराते खतरों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें विस्थापन, बाजारवादी शक्तियों के प्रभाव और राजनीतिक सौदेबाजी के खिलाफ आदिवासी पहचान, स्वशासन तथा जल-जंगल-जमीन के ऐतिहासिक संरक्षण संघर्ष को रेखांकित किया गया है।
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