जैव विविधता
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राजमहल-गंगा की भू-विरासत पर ऐतिहासिक पहल, ‘जियो-राजमहल’ परियोजना को मिली मंजूरी

राजमहल-गंगा की भू-विरासत पर ऐतिहासिक पहल, ‘जियो-राजमहल’ परियोजना को मिली मंजूरी राजमहल पहाड़ियों और गंगा नदी प्रणाली की समृद्ध भू-विरासत के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए झारखंड सरकार ने ‘जियो-राजमहल’ बहुविषयक शोध परियोजना को मंजूरी दी है। 36 महीने की इस परियोजना में राजमहल पहाड़ियों, गंगा पारिस्थितिकी, जीवाश्म संपदा, जैव विविधता और पुरातात्विक विरासत का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
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Sahebganj News: महिला संघ ने पहाड़ों और स्कूल परिसर में फेंके सीड बॉल्स, ग्लोबल वार्मिंग से बचाव की पहल

Sahebganj News: महिला संघ ने पहाड़ों और स्कूल परिसर में फेंके सीड बॉल्स, ग्लोबल वार्मिंग से बचाव की पहल विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला संघ, साहिबगंज शाखा ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल की। संघ की महिलाओं ने जामुन, लीची, नींबू, सपाटू और खजूर के बीजों से लगभग 250 सीड बॉल्स तैयार कर मूक-बधिर विद्यालय के पीछे की खुली भूमि और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में फेंके। संघ की अध्यक्ष रुचि भरतिया ने कहा कि सीड बॉल्स हरियाली बढ़ाने और भविष्य के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
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संथाल परगना के लिट्टो बालूघाटू में जैव विविधता संरक्षण की अनूठी पहल, कुलेश भंडारी ने जगाई वन ज्ञान की अलख

संथाल परगना के लिट्टो बालूघाटू में जैव विविधता संरक्षण की अनूठी पहल, कुलेश भंडारी ने जगाई वन ज्ञान की अलख संथाल परगना के रामगढ़ प्रखंड के लिट्टो बालूघाटू गांव में जैव विविधता शोधकर्ता कुलेश भंडारी के नेतृत्व में 'Wild Food Forest in Tribal Jharkhand' परियोजना के तहत सामुदायिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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उधवा झील: जहां हर सर्दी हजारों किलोमीटर उड़कर पहुंचते हैं परिंदों के मेहमान

उधवा झील: जहां हर सर्दी हजारों किलोमीटर उड़कर पहुंचते हैं परिंदों के मेहमान साहिबगंज स्थित उधवा झील झारखंड की एकमात्र पक्षी अभयारण्य और राज्य की इकलौती रामसर साइट है। हर वर्ष सर्दियों में साइबेरिया, मंगोलिया और यूरोप से हजारों प्रवासी पक्षी यहां पहुंचते हैं।
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असम में मिली दुर्लभ ‘बेंट-टोएड गेको’ छिपकली, वैज्ञानिक भी हुए हैरान

असम में मिली दुर्लभ ‘बेंट-टोएड गेको’ छिपकली, वैज्ञानिक भी हुए हैरान असम के ग्वालपारा जिले स्थित उरपाद बील में दुर्लभ बेंट-टोएड गेको छिपकली देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहली बार है जब इस प्रजाति को राज्य में आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया है।
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