संविधान
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... परिसीमन का विरोध राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित, जनता को भ्रमित कर रहा विपक्ष: मृत्युंजय शर्मा
Published On
By Mohit Sinha
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा ने परिसीमन को लेकर विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि परिसीमन कोई राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि संविधान द्वारा निर्धारित अनिवार्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। आपातकाल: भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय, इंदिरा गांधी की वह क्रूरता जिसे देश कभी नहीं भूल सकता
Published On
By Mohit Sinha
25 जून 1975 को लागू आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए इस लेख में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के फैसले, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी, प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और 42वें संविधान संशोधन जैसे घटनाक्रमों का उल्लेख किया गया है। बाबूलाल मरांडी का बयान तथ्यों से परे, भाजपा की विफलताओं पर पर्दा डालने का प्रयास: राकेश सिन्हा
Published On
By Mohit Sinha
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर दिए गए बयान को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असुरक्षा बढ़ी है, जबकि युवाओं और किसानों को किए गए वादे पूरे नहीं हुए। कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं को बाधित करने का कर रही प्रयास: आदित्य साहू
Published On
By Mohit Sinha
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पर राज्यसभा चुनाव की संवैधानिक प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता, मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता विधानसभा परिसर में पहुंचकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी मुहर, चुनाव आयोग को मिली संवैधानिक ताकत
Published On
By Mohit Sinha
सुप्रीम Court ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को संवैधानिक और लोकतंत्र के लिए आवश्यक बताते हुए चुनाव आयोग के अधिकारों को मान्यता दी है। अदालत ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और विश्वसनीय होना जरूरी है। Opinion: ममता का एनआरसी विरोध, मुस्लिम वोटरों को एकजुट रखने की कोशिश
Published On
By Samridh Media Desk
एसआईआर पर ममता बनर्जी का विरोध केवल संवैधानिक या प्रशासनिक नहीं, बल्कि बंगाल की पहचान, नागरिकता और वोट बैंक की राजनीति से जुड़ा हुआ है। संविधान उन्हें केंद्र की योजना को रोकने का अधिकार नहीं देता, लेकिन राजनीतिक रूप से यह विरोध उनके लिए एक प्रतीकात्मक शक्ति प्रदर्शन बन गया है। 