संथाली मुंडारी कुड़ुख भाषा संरक्षण 2026
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Read More... तकनीक और परंपरा के समन्वय से संभव है आदिवासी सांस्कृतिक पुनर्जागरण का सपना
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By Anjali Sinha
आशुतोष प्रसाद द्वारा लिखित यह आलेख झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति पर आधुनिकता और तकनीक के प्रभाव का व्यावहारिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यह दर्शाता है कि कैसे नई पीढ़ी तकनीक और शिक्षा के सही प्रयोग तथा मातृभाषा के संरक्षण के माध्यम से अपनी परंपराओं को वैश्विक पहचान दिला सकती है। 




