Jharkhand migrant workers
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Read More... Sahebganj News: रोजी-रोटी के चक्कर में परदेश गए प्रवासियों को 'खाने के लाले'
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By Anjali Sinha
देश के बड़े शहरों में एलपीजी (LPG) गैस की भारी किल्लत और कालाबाजारी ने साहिबगंज के प्रवासी मजदूरों को घर लौटने पर मजबूर कर दिया है। 800 रुपये प्रति किलो तक बिक रही गैस के कारण मजदूरों और छात्रों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली, मुंबई और गोवा जैसे शहरों से भारी संख्या में लोग साहिबगंज रेलवे स्टेशन पहुंच रहे हैं, क्योंकि उनकी दिहाड़ी से ज्यादा अब गैस की कीमत हो गई है। ट्यूनीशिया में फंसे झारखण्ड के 48 प्रवासी कामगारों की हुई सुरक्षित वापसी
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By Samridh Desk
रांची: ट्यूनीशिया में फंसे झारखंड के बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह जिले के 48 प्रवासी मजदूरों की वतन वापसी आखिरकार हो गई। तीन महीने से बकाया मजदूरी और भोजन के संकट से जूझ रहे मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली आगे आए। सरकारी और कंपनी स्तर पर पहल के बाद सभी मजदूर सुरक्षित लौट आए। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर ट्यूनीशिया में फंसे झारखण्ड के 48 कामगारों की झारखण्ड में सुरक्षित वापसी हो गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रम अधिकारियों ने कामगारों से मिलकर उनकी समस्याओं से अवगत हुए। कैमरून में फंसे झारखंड के 19 मजदूर, सोशल मीडिया पर लगाई वतन वापसी की गुहार
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By Mohit Sinha
झारखंड के हजारीबाग और बोकारो जिलों के 19 प्रवासी मजदूर अफ्रीकी देश कैमरून में फंसे हुए हैं. मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई है. 11 मजदूरों का चार महीने और 8 मजदूरों का दो महीने से कंपनी द्वारा मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने खाने-पीने और अन्य जरूरतों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. 