Indigenous People
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Read More... विश्व आदिवासी दिवस विशेष: बदलते झारखंड में आदिवासी समाज, संस्कृति से विकास की नई राह तक
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By Mohit Sinha
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रस्तुत यह विशेष लेख झारखंड के आदिवासी समाज में तेजी से हो रहे सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक बदलावों का विश्लेषण करता है। लेख में शिक्षा, रोजगार, तकनीक, मातृभाषा, महिलाओं की भागीदारी, पलायन, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई है। भारत की पहली सभ्यता आदिवासी थी, “वनवासी” राजनीति से सरना अस्मिता पर खतरा
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By Mohit Sinha
वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय शंकर नायक ने अपने लेख में दावा किया है कि भारत की सबसे पहली सभ्यता आदिवासी सभ्यता थी और बाद में वैदिक आर्य संस्कृति एवं हिंदू धर्म का विकास हुआ। उन्होंने सरना धर्म को प्रकृति आधारित सबसे प्राचीन जीवन दर्शन बताते हुए “वनवासी” शब्द के प्रयोग को आदिवासी अस्मिता कमजोर करने की राजनीतिक कोशिश बताया। नेपाल से आए संताल आदिवासी प्रतिनिधिमंडल का पाथरा आश्रम में पारंपरिक स्वागत, सांस्कृतिक एकता का संदेश
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By Susmita Rani
नेपाल के झापा जिले से आए संताल आदिवासियों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पाथरा आश्रम पहुंचकर संताल परगना की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव स्थापित किया। यह भ्रमण सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। 




