Heritage Tourism
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Read More... 1921 में बनी 33,750 गैलन की रेलवे टंकी बनी बरहरवा की पहचान, हेरिटेज घोषित करने की मांग
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By Susmita Rani
साहेबगंज के बरहरवा रेलवे स्टेशन के पास स्थित 1921 में बनी 33,750 गैलन क्षमता वाली ऐतिहासिक रेलवे वाटर टंकी आज भी रेलवे के गौरवशाली इतिहास की गवाह बनी हुई है। ईस्ट इंडियन रेलवे द्वारा निर्मित यह टंकी भाप इंजन के दौर में ट्रेनों को पानी उपलब्ध कराने का प्रमुख केंद्र थी। उपेक्षा का शिकार हो रही साहिबगंज की 16वीं सदी की धरोहर, लोगों ने सरकार से मांगा तुरंत संरक्षण
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By Susmita Rani
झारखंड के साहिबगंज स्थित ऐतिहासिक तेलियागढ़ी किला, जिसे कभी 'गेटवे ऑफ बंगाल' के नाम से जाना जाता था, आज उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। सदियों पुरानी इस धरोहर की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं और चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। 