emotional poem
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Read More... आपसी मनमुटाव ठीक नहीं
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By Mohit Sinha
‘आपसी मनमुटाव ठीक नहीं’ कविता रिश्तों में बढ़ती दूरियों, खामोशी और संवादहीनता की पीड़ा को व्यक्त करती है। कवि चुन्नू साहा ने जीवन की नश्वरता और अपनों के महत्व को रेखांकित करते हुए संदेश दिया है कि मनमुटाव को लंबे समय तक नहीं पालना चाहिए। “बेटी की पुकार – एक भावपूर्ण कविता”
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By Mohit Sinha
यह कविता एक बेटी की भावनाओं को व्यक्त करती है, जो पढ़-लिखकर सम्मानजनक जीवन जीना चाहती है। मजदूरी और मजबूरी के जीवन से दूर, वह शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का सपना देखती है। 