Chunnu Saha
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Read More... गुरु-पदावली: गुरु महिमा पर चुन्नू साहा की भावपूर्ण कविता
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By Mohit Sinha
'गुरु-पदावली' कवि चुन्नू साहा की एक प्रेरणादायक कविता है, जिसमें गुरु की महिमा, उनके महत्व और जीवन में उनकी भूमिका का सुंदर वर्णन किया गया है। कविता बताती है कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन का सही मार्ग दिखाने वाला प्रकाश है। आपसी मनमुटाव ठीक नहीं
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By Mohit Sinha
‘आपसी मनमुटाव ठीक नहीं’ कविता रिश्तों में बढ़ती दूरियों, खामोशी और संवादहीनता की पीड़ा को व्यक्त करती है। कवि चुन्नू साहा ने जीवन की नश्वरता और अपनों के महत्व को रेखांकित करते हुए संदेश दिया है कि मनमुटाव को लंबे समय तक नहीं पालना चाहिए। 