Koderma Mica Mine Industrial Frameworks
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Read More... झारखंड एग्रीकल्चर एंड ट्रेड हिस्ट्री: जानिए 1936 से 1940 के दशक में कैसे लंदन पहुंचता था कोडरमा का कटहल
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By Kumar Ramesham
कोडरमा जिला और इसके सरहदी इलाकों (सरिया व हजारीबाग रोड) में उत्पादित होने वाला कटहल अपने बेहतरीन स्वाद और कोलेस्ट्रॉल-मुक्त गुणों के कारण आज भी बेहद लोकप्रिय है। इस कटहल का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा है, जब अभ्रक व्यापार के सिलसिले में कोडरमा में रहने वाले अंग्रेज परिवार इसे कोडरमा-हजारीबाग रेल मार्ग और कोलकाता पोर्ट के जरिए लंदन भेजा करते थे। हालांकि, वर्तमान में पेड़ों की अवैध कटाई और सरकारी स्तर पर किसी प्रोसेसिंग यूनिट या रोजगारपरक नीति के न होने से इस क्षेत्र के कटहल उत्पादकों को इसका उचित व्यावसायिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। 