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संसद का मानसून सत्र आज से शुरू, विपक्षी हंगामे पर मोदी का कटाक्ष, कोरोना पर चर्चा को तैयार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- मैंने अपने 24 सालों की संसदीय जिम्मेदारी में पहली बार देखा है कि प्रधानमंत्री की ओर से नए मंत्रियों का परिचय कराने के दौरान विपक्ष की तरफ से इस तरह का हंगामा हो रहा हो।

विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

नयी दिल्ली : संसद के दोनों सदनों लोकसभा व राज्यसभा का मानसून सत्र सोमवार, 19 जुलाई 2021 को शुरू हो गया। इस सत्र में सत्तापक्ष ने कई अहम विधेयकों को पारित कराने का लक्ष्य रखा है, वहीं विपक्ष ने कृषि कानून, राष्ट्रीय सुरक्षा, पेट्रोलियम की बढती कीमतों, महंगाई, कोरोना महामारी सहित अन्य मुद्दों पर विपक्ष को घेरने की रणनीति बनायी है।

प्रधानमंत्री ने आज विपक्षी हंगामे के बाद लोकसभा में कहा: मैं सोच रहा था कि आज सदन में उत्साह का वातावरण होगा क्योंकि बहुत बड़ी संख्या में हमारी महिला सांसद, दलित भाई, ​आदिवासी, किसान परिवार से सांसदों को मंत्री परिषद में मौका मिला। उनका परिचय करने का आनंद होता। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को दलितों, महिलाओं व किसानों के पुत्र का मंत्री बनना रास नहीं आ रहा है, इसलिए उनका परिचय तक नहीं होने देते। प्रधानमंत्री ने मंत्री परिषद का लोकसभा में परिचय करवाने के दौरान विपक्षी हंगामे पर यह बात कही।

इससे पहले लोकसभा में नए सांसदों ने पद की शपथ ली।

विपक्षी तृणमूल कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल व सीएनजी की बढती कीमतों का विरोध जताने के लिए साइकिल यात्रा का रास्ता चुना। तृणमूल कांग्रेस के सांसद आज साइकिल से संसद परिसर पहुंचे।

सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पहले पीएम मोदी ने क्या कहा था?

परंपरा के अनुसार, नए सत्र की शुरुआत व उसमें हिस्सा लेने के लिए जाने से पूर्व संसद परिसर में प्रधानमंत्री ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह सदन परिणामकारी, सार्थक चर्चा के लिए समर्पित हो, देश की जनता जो जवाब चाहती है वो जवाब देने की सरकार की पूरी तैयारी है। मैं सभी सांसदों और राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि वो तीखे तीखे सवाल पूछें लेकिन सरकार को शांत वातावरण में जवाब देने का मौका भी दें।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस महामारी ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में लिया हुआ है इसलिए हम चाहते हैं कि संसद में भी इस महामारी के संबंध में सार्थक चर्चा हो। सभी व्यावहारिक सुझाव सभी सांसदों से मिलें ताकि महामारी के खिलाफ लड़ाई में नयापन आ सके और कमियों को भी ठीक किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा: मैंने सदन के सभी नेताओं से आग्रह किया है कि अगर कल शाम को वो समय निकालें तो मैं महामारी के संबंध में सारी विस्तृत जानकारी उनको देना चाहता हूं। हम सदन के अंदर और सदन के बाहर भी चर्चा चाहते हैं।

 

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