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भारत के लो-कार्बन ट्रांजिशन के बड़े पैमाने को अग्रिम पूंजी निवेश की आवश्यकता होगी। इस तरह समर्पित फंडिंग का उपयोग नई ग्रीन ऊर्जा, उद्योग और शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण और कार्बन-गहन परियोजनाओं में लॉक-इन से बचने के लिए किया जा सकता है। इन नई फंडिंग पहलों को उत्सर्जन को कम करने और आजीविका का समर्थन करने की बड़ी क्षमता रखने वाले लेकिन वित्त तक पहुंचने की कम क्षमता रखने वाले विकेन्द्रीकृत ग्रामीण ऊर्जा और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) में निवेश को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।

वैश्विक महामारी कोरोना से पराजित होती दुनिया के सामने अचानक से एक उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है। ब्रिटेन की विश्व विख्यात ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी और रूप से वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की वैक्सीन विकसित करने का लगभग एक ही साथ दावा किया है। इन दावों के बाद मानो पूरी दुनिया की जान में जान

दरअसल, कोरोना के कारण अमेरिका में भी ज्यादातर कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं ही ली जा रही हैं। अमेरिका के इन विदेशी विद्यार्थियों में लाखों भारतीय विद्यार्थी भी है। ट्रंप प्रशासन का फैसला अभी अपने आप में अंतिम तो नहीं है, पर इसके चलते लाखों भारतीयों की नींद तो उड़ ही गई हैं। मसला यह है कि हमारे देश के अन्दर शिक्षा का स्तर आखिर क्यों इतना स्तरीय नहीं हो पा रहा है कि हर साल लाखों बच्चे अच्छी शिक्षा के लिए देश से बाहर चल जाते हैं? 

लंदन : कोरोना वायरस से पूरी दुनिया परेशान है. आज के समय में इस महामारी से यूरोपीय देश व अमेरिका सबसे अधिक परेशान हैं. जिस तरह से यह बीमारी फैली है, उसमें इस थ्योरी पर कई लोगों को संदेह है कि यह सीधे तौर पर चीन के वुहान के मांस बाजार से फैला. ऐसे में

राहुल सिंह कोरोना महामारी से पूरी दुनिया लाचार-बेबस नजर आ रही है. दुनिया का सबसे संपन्न व वैज्ञानिक सोच वाला राष्ट्र अमेरिका इस बीमारी से लाचार बेबस नजर आ रहा है. वहां पर कोरोना पीड़ितों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गयी. आलोचनाओं के बाद ट्रंप को कहना पड़ा है कि सरकार और अधिक