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दुमका : दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत सुसनियाँ पंचायत के बाराटांड़ गांव में वज्रपात से पाँच मवेशियों की मौके पर मौत हो गई। शुक्रवार को करीब 1 बजे अपराहन तेज बारिश होने के कारण चार गाय और एक बैल चोडरा पेड़ के नीचे तेज बारिश से बचने के लिए खड़े थे। अचानक जोर से

दुमका : रविवार को आए आंधी-तूफान में हिजला मेला परिसर में स्थित संतालों का पूज्य स्थल दिसोम मरांग बुरु थान पूरी तरह से गिर गया। इससे ग्रामीण काफी दुखी और नाराज हैं। ज्ञात हो यहां राजकीय मेला के समय हर वर्ष सरकार के द्वारा इसका मरम्मत करवायी जाती है। दो वर्ष से कोरोना संक्रमण के

रांची : कोयला मंत्रालय ने बुधवार (आठ जून 2022) को नए आंकड़े पेश करते हुए बताया है कि मई 2022 में पिछले साल की इस अवधि की तुलना में देश में कोयला उत्पादन और बिजली उत्पादन दोनों बढा है। कोयला मंत्रालय ने यह दावा ऐसे हालात के बीच किया है, जब प्रमुख कोयला उत्पादक राज्य

ग्रामीण बोले मांगें नहीं माने जाने पर सड़क पर उतर कर करेंगे आंदोलन दुमका : दुमका के मसलिया प्रखंड की सुग्गापहाड़ी पंचायत के अंतर्गत पहाड़ के ऊपर स्थित पहाड़िया और संताल आदिवासी बहुल आमगाछी पहाड़ गांव में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। इस गांव में पांच से अधिक टोला हैं, जो दूर-दूर स्थित हैैं।

एक चापानल पूरी तरह खराब, एक से किसी तरह होता है काम, पर निकलता है दूषित पानी दुमका : गोपीकांदर प्रखंड के टांयजोड़ पंचायत के अंतर्गत पहाड़िया आदिवासी बहुल सिदपहाड़ी गांव के प्रधान टोला और स्कूल टोला में क्रमशः 27 और 20 घर हैं। ये दोनों टोला पहाड़ के उपर स्थित होने के बावजूद सड़क

दुमका : गोपीकांदर प्रखंड के खरौनी बाजार पंचायत के अंतर्गत आदिवासी बहुल अमलादही गांव के बंडीयह टोला में लभगग तीस घर हैं। इस टोला में पीने का पानी का बहुत समस्या है। ग्रामीण महिला-पुरुष इस गर्मी में और सभी मौसम में पीने का पानी व्यवस्था करने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित एक जर्जर

राहुल सिंह जब हम झारखंड की राजधानी रांची से खूबसूरत पतरातू घाटी को पार करते हुए उससे नीचे उतरते हैं तो पॉवर प्लांट की चिमनियां किसी औद्योगिक कस्बे में होने का अहसास कराती हैं। यहां पतरातू थर्मल पॉवर स्टेशन है और उसकी एक दूसरी इकाई में भारत के सबसे बड़े थर्मल पॉवर प्लांट में एक

दुमका : दुमका जिले के मसलिया प्रखंड के कठलिया पंचायत के अंतर्गत पहाड़ के नीचे और नदी के बगल बसा 25 आदिवासी परिवारों का एक गांव चापुड़िया स्थित है। यह गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। आजादी के इतने वर्षो बाद भी यह गांव सड़क से अभी तक नहीं जुड़ पाया है। हालांकि एक महीने

राहुल सिंह खनन, ऊर्जा व औद्योगिक इकइायों से घिरा बलकुदरा रांची-भुरकुंडा रोड पर स्थित भारत के लाखों अन्य गांवों की तरह एक सामान्य गांव नहीं है। यह गांव रांची से तकरीबन 50 किमी और रामगढ से 22 किमी की दूरी पर है। यह संसाधनों और संभावनाओं से भरा-पूरा भूभाग रहा है और इसलिए इसका दोहन

दुमका : गोगो माह या मदर डे के पावन अवसर पर सामाजसेवी सच्चिदानंद सोरेन ने जरूरतमंद बुजुर्ग महिलाओं के बीच साड़ी और चावल का वितरण किया। ज्ञात हो 8 मई को को पूरे विश्व मे मदर डे मनाया जाता है। समाज सेवी सच्चिदानंद ने अपनी स्वर्गीय माता रुक्मणी हेम्ब्रम की स्मृति में जरूरतमंदों के बीच