Breaking News

Mathematics Guru

क्या सच में लंबे बालों में छिपा है सफलता का राज या इन सभी प्रतिभाओं के टैलेंट ने दिलाया इनको प्रसिद्धि, आज हम बात करने जा रहे उन सभी युवा टैलेंट के बारे में जो गरीब परिवार से निकलकर आज विश्व में पहचान बना चुके हैं। अपने मेहनत लगन के बल पर प्रसिद्धि पा चुके हैं। ये सभी प्रतिभा अलग अलग फ़ील्ड से है पर एक बात कॉमन है।

कुछ लोग ऐसा काम कर जाते हैं कि वो सिर्फ अपना नाम नहीं करते बल्कि परिवार समाज के साथ देश और राज्य का नाम भी ऊंचा करते हैं । ऐसे ही बिहार के 5 होनहार हैं जो बिहार की कोख से पलकर बेहतर कार्यो से बन चुके है लाखों युवायों के रोल मॉडल

अयांश सिंह जो की मात्र 10 महीना का है वो एक दुर्लभ बिमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA)Type-1 से जुझ रहा है। इस बिमारी में शरीर का अंग धीरे- धीरे काम करना बंद कर देता है।

डेस्क: हर साल अगस्त के पहले रविवार को भारत समेत दुनिया के कई देशों में मित्रता दिवस मनाया जाता है। दोस्ती के इस खास दिन पर लोग अपने दोस्तों के साथ बाहर जाते हैं, घूमते हैं, पार्टी करते हैं। इस बार ये दिवस 1 अगस्त को मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं इस दिन

पटना: वर्तमान समय में बिहार के कई ऐसे जिले हैं जो बाढ़ प्रभावित हैं जिसके वजह से काफी लोग घर से बेघर हो गए तो किसी के पास खाने के रोटी तक नहीं है। ठीक उसी तरह अगर हम मुजफ्फरपुर जिला के आथर और आस पास के गांव की बात करें तो पूरी तरह जलमय

डेस्क: बिहार का नाम देश विदेश में अपने प्रतिभा से रौशन करने वाले दीपक ठाकुर का फ़ोन बिहार के प्रसिद्ध मैथेमैटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव के पास आया। दीपक ठाकुर ने अपने गाँव और वहाँ समीप में आये बाढ़ से अवगत कराया। सैकड़ों से अधिक घर बाढ़ के कारण बेघर हो गये हैं। दीपक ने कहा

पटना डेस्क: देश के Real Heroes जो संवार रहे देश का भविष्य, आईये जानते हैं इनके बारे में ये कौन हैं, वैसे ये सभी शिक्षक किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। आये दिन पत्र- पत्रिकाओं, अखबारो, पोर्टल पर इनके शैक्षणिक कार्यशैली की खबरे छपते रहते हैं। दोनो बिहारी ने सैकड़ों गरीब स्टूडेंट्स का जीवन बदला,

पटना: बिहार राज्य के रोहतास जिले के बिक्रमगंज के रुपेश, निकेश, मुकेश की स्टोरी है प्रेरणा दायक। आप भी पढ़े कैसे  हिन्दी मीडियम के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला गरीब किसान के तीनों बेटे बने ऑफिसर। उनके पिता का नाम जितेंद्र बहादुर स्वरुप है जिनका गाँव क्वाथ के पास मझौली है। पैसे के आभाव में

पटना: अब तक युवाओं ने राजनीति के क्षेत्र में ख़ास दिलचस्पी नहीं दिखाई और उसे एक करियर के तौर पर नहीं चुना, चाहे कारण सामाजिक सुरक्षा हो, राजनीति का अपराधीकरण हो, सामाजिक दबाव हो या फिर आरामदेह ज़िंदगी को त्याग कर संघर्षपूर्ण जीवन अपनाने की अनिच्छा, ऐसे में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में ‘आ

पटना: अच्छा लगता है जब बीज नन्हा सा पौथा का रूप धारण करता है और जब हम बड़े जतन से उसमें खाद पानी डालते हैं, कीटनाशक छिड़क कर उसे बचाते हैं। और वह अहसास तो सच में कमाल का होता है जब हमारे सामने मीठे फलों से लदा हुआ वृक्ष होता है। ऐसा ही अहसास