Jharkhand

झारखंड में कोल इंडिया की सहायक कंपनियों द्वारा अधिग्रहित बड़ी जमीन है। इनमें ऐसी भी जमीन है जिसे दशकों से खनन के लिए अधिग्रहित कर रखा गया है लेकिन वहां माइनिंग आरंभ नहीं हो सका है। वहीं, राज्य में दर्जनों ऐसे गांव हैं, जहां नौकरी एवं बेहतर पुनर्वास के लिए रैयत संघर्षरत हैं।

72 साल के सेवानिवृत्त शिक्षक चिंतामणि साह जैविक खेती करते हैं, आश्रम चलाते हैं और गांधीवादी तरीके से जीवन यापन करने पर यकीन करते हैं। उनकी आवश्यकताएं न्यूनतम हैं और प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण पर उनका जोर अधिक। चिंतामणि झारखंड के गोड्डा शहर से करीब आठ-दस किमी की दूरी पर स्थित मोतिया गांव में अपनी उस पुस्तैनी जमीन पर कृषि, सोलर इनर्जी एवं सतत विकास को लेकर इस उम्र में भी अनूठे प्रयोग कर रहे है, जिसके ठीक सामने अदानी पॉवर का 1600 मेगावाटर का विशाल अल्ट्रा थर्मल पॉवर प्लांट बन रहा है। यह थर्मल पॉवर प्लांट उर्जा क्षेत्र के अध्याताओं के लिए वर्तमान में प्रमुख विषयों में एक है।

इनिशिएटिव फॉर सस्टेनेबल एनर्जी पॉलिसी द्वारा दो चरणों मे किए गए अध्ययन पर आधारित रिपोर्ट में सामने आए कई अहम तथ्य बिजली की बिलिंग उपभोग को प्रभावित करने वाला अहम कारक, सौभाग्य के तहत कनेक्शन में भी गिरावट रांची : इनिशिएटिव फॉर सस्टेनेबल एनर्जी पॉलिसी – आइएसइपी की ग्रामीण झारखंड के बिजली उपभोग रिपोर्ट में

रांची : झारखंड सरकार के महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने राज्य के नौ जिलों में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार ने बोकारो, चतरा, देवघर, गुमला, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़ व पलामू की बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की है।

जमुआ (गिरिडीह) : कोरोना के कारण गरीबों की हालत बदतर हो गयी है। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर महीने में दो बार खाद्यान दे रही हैं, ताकि गरीबों का पेट भर सके, लेकिन इस विषम परिस्थिति में भी सरकारी तंत्र राशन को गबन करने में जुटा है। बता दें कि कोरोना के कारण केंद्र सरकार

रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कांके रोड स्थित सरकारी आवास पर 16 कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इनमें चपरासी, ड्राइवर, क्लर्क, कैंटीन का स्टाफ आदि शामिल हैं। रांची के सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सभी संक्रमितों में हल्के लक्षण हैं, इसलिए वे

दुमका : आदिवासी युवक के उत्पीड़न मामले में दुमका सदर प्रखंड के बीडीओ राजेश सिन्हा के खिलाफ दुमका के एससी-एसटी थाने में रविवार शाम को मामला दर्ज किया गया। यह प्राथमिकी आदिवासी युवक विल्सन मरांडी की शिकायत पर दर्ज की गयी है। विल्सन ने एससी-एसटी थाने में शिकायत देकर कहा था कि 29 दिसंबर को

दुमका : दुमका के सिदो मुर्मू एवं कान्हू मुर्मू पोखरा चौक में आदिवासी युवाओं ने एक जनवरी को इकट्ठा होकर खारसांवा गोलीकांड में शहीद हुए आदिवासियों को याद किया तथा पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। युवाओं ने आज के दिन की खरसांवा की घटना को आदिवासियों का काला दिवस के रूप में मनाया। उपस्थित

दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड की सीमानीजोड़ा पंचायत के कर्माचुआ गांव में पेयजल की भारी किल्लत है। गांव में एक भी सरकारी चापानल व सोलर वाटर टंकी ठीक नहीं है। पिछले दिनों इस खबर को समृद्ध झारखंड ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था और सोशल मीडिया पर भी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद दुमका के विधायक बसंत सोरेन ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए दुमका के डीसी से ग्रामीणों की मदद करने को कहा है।

भारत में नगरनार, नेतरहाट, नियामगिरी और नगरौला से विकास और समृद्धि के नाम पर खदेड दिये गये लाखों ‘आदिवासियों’ और अमरीका में मिसिसिपी के तटों से उखाडे गये ‘इंडियन’ के मध्य सबसे बड़ी समानता यही है कि – उनमें से कोई भी फिर कभी ‘अपनी मूल-आदिवासी अस्मिता’ अर्थात आदिवासियत को वापस नहीं पा सका।