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इस ग्लासगो समझौते ने की पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए सड़क के अंत की शुरुआत दुनिया के चौथे सबसे बड़ा ऑटो बाज़ार भारत ने रवांडा, केन्या के साथ संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP26) में, अपने बाजारों में शून्य उत्सर्जन वाहनों (ZEV) के ट्रांजिशन में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाते हुए एक समझौते

ग्लासगो में 31 अक्टूबर से चल रहे वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन को पृथ्वी के बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ऐसा सम्मेलन है जहाँ, उम्मीद है, विश्व के नेता अतीत के अपने अधूरे वादों को भविष्य के लिए ठोस कार्यों में बदल देंगे।

चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक अमेरिका है जिसकी 14 प्रतिशत हिस्सेदारी है और यूरोपीय यूनियन व भारत का इसमें सात-सात प्रतिशत योगदान है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी अमेरिका यात्रा के क्रम में विभिन्न वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा, आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस से विभिन्न मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से भी मुलाकात होनी है।

भारत के लो-कार्बन ट्रांजिशन के बड़े पैमाने को अग्रिम पूंजी निवेश की आवश्यकता होगी। इस तरह समर्पित फंडिंग का उपयोग नई ग्रीन ऊर्जा, उद्योग और शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण और कार्बन-गहन परियोजनाओं में लॉक-इन से बचने के लिए किया जा सकता है। इन नई फंडिंग पहलों को उत्सर्जन को कम करने और आजीविका का समर्थन करने की बड़ी क्षमता रखने वाले लेकिन वित्त तक पहुंचने की कम क्षमता रखने वाले विकेन्द्रीकृत ग्रामीण ऊर्जा और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) में निवेश को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।

भारत की अफगानिस्तान में आए बदलाव पर अन्य लोकतांत्रिक देशों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। भारत तालिबान के हाथों में आए अमेरिकी अथियार व सैन्य हथियारों को लेकर भी गंभीर है...

दक्षिण एशिया में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के अवसरों पर बातचीत के लिए इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) और क्लाइमेट ट्रेंड्स ने एक वेबिनार का आयोजन किया। इसमें विशेषज्ञों ने दक्षिण एशिया में विकराल रूप लेती वायु प्रदूषण की समस्‍या और उसके स्‍वास्‍थ्‍य सम्‍बन्‍धी पहलू की भयावहता को सामने रखा बल्कि उन कारणों को भी जाहिर किया जिनके चलते ये हालात पैदा हुए।

नयी दिल्ली : पिछले ढाई महीने से जारी किसान आंदोलन पर पहली बार संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने बयान दिया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने किसान आंदोलन को लेकर प्रशासन व प्रदर्शनकारियों दोनों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।   संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने ट्वीट कर कहा है कि शांतिपूर्वक तरीके से इकट्ठा होने

रामगढ़: रामगढ़ जिला के भुरकुंडा क्षेत्र में पानी लेकर समस्या उत्पन्न हो गया है. इस बात लेकर बीजेपी के नेता जय प्रकाश पांडेय एक पत्र भारत के केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी को लिखा है. जिसमें उन्होंने बताया कि सीसीएल के बरक-सयाल एरिया में पानी की सप्लाई आकाशदीप कालोनी रिभर साईड से किया जाता था.

भारत के नए और आक्रामक तेवर को भी देख रहा चीन। उसे अब अच्छी तरह से समझ आ रहा है कि अब भारत भी उसकी गर्दन में हाथ डालकर जमीन में गिराने का जज्बा और शक्ति रखता है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस की राजधानी मॉस्को में विगत चार सितंबर को चीन के रक्षा