Environment

वैश्विक स्‍तर पर, पिछले सात वर्ष अब तक के सबसे गर्म सात साल के तौर पर हुए दर्ज, कार्बन डाई ऑक्‍साइड और मीथेन के कंसंट्रेशन में बढ़त जारी

दुनिया की सबसे महंगी चरम मौसम की घटनाओं में से दस की लागत $ 1.5 बिलियन से अधिक है। इस सूची में अमेरिका में अगस्त में आया तूफ़ान इडा सबसे ऊपर है, जिसकी अनुमानित लागत $65 बिलियन है। वहीँ जुलाई में यूरोप में आयी बाढ़ में 43 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।

विश्लेषण में खुलासा लगातार तीन साल से खराब बनी हुई है वाराणसी की वायु गुणवत्ता उत्तरप्रदेश में 20 साल तक पुराने वाहनों के परिचालन की है अनुमति वायु प्रदूषण नीति निगरानी मंच, NCAP ट्रैकर के एक विश्लेषण से पता चला है कि वाराणसी में PM2.5 और NOx दोनों का स्तर पिछले तीन वर्षों से लगातार

ग्लोबल वार्मिंग की हर अतिरिक्त डिग्री घातीय तेज़ी से नुकसानों का कारण बनेगी। जैसे-जैसे दुनिया गर्म होती है गर्म स्थिति में काम करने के प्रति एडाप्टेशन कम प्रभावी हो जाएगा। ये एक पेपर के प्रमुख निष्कर्ष हैं जो नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में आज प्रकाशित हुआ है।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) पूर्वी क्षेत्र ने झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दो अधिकारियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यह मामला सीसीएल पिपरवार से जुड़ा है। एनजीटी ने प्रदूषण बोर्ड द्वारा सीसीएल के पिपरवार के एक मामले में सही एक्शन टेकेन रिपोर्ट नहीं देने नहीं देने की वजह से यह कार्रवाई की है।

औद्योगिक और आर्थिंक रूप से देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य महाराष्‍ट्र के 18 नॉन अटेनमेंट शहरों के लिये प्रदूषण से निपटने के उद्देश्‍य से बनायी गयी कार्ययोजनाओं से सम्‍बन्धित विभिन्‍न जानकारियों को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने के मकसद से क्‍लाइमेट ट्रेंड्स और रेस्‍पाइरर लिविंग साइंसेज द्वारा बनाये गये एक डैशबोर्ड की आज शुरुआत की गयी।

जब देश की राजधानी में एक बार फिर सांस फूलने लगी है, तब द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) के अज जारी अध्ययन से कुछ उम्मीद बंधती है। इस अध्ययन में PM2.5 की सांद्रता को कम करने के तरीकों के साथ भविष्य के विभिन्न परिदृश्यों को प्रस्तुत किया गया है। 'दिल्ली में वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए हस्तक्षेपों की लागत-प्रभावशीलता' के शीर्षक से आज जारी और ब्लूमबर्ग फिलान्थ्रोपीज़ द्वारा समर्थित यह अध्ययन कई हस्तक्षेपों की लागत प्रभावशीलता की भी जांच करता हैं और PM2.5 सांद्रता में कमी ला सकने में इनकी प्रासंगिकता का भी आकलन करता है।

प्रधानमंत्री मोदी के ग्लासगो में भारत के साल 2070 तक नेट ज़ीरो होने की घोषणा के बाद से नेट ज़ीरो ख़ासा चर्चित शब्द बन गया है। इतना कि गूगल पर “नेट ज़ीरो क्या होता है” लिखते ही 0.74 सेकंड में 3,78,00,00,000 नतीजे सामने आ गए।

नागरिक संगठन के प्रतिनिधि दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों के साथ करेंगे समन्वय वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में तेज़ी लाने के लिए, देश की राजधानी में 2500 से अधिक निवासी कल्याण संघों (RWAs) के एक संघ, यूनाइटेड रेजिडेंट्स जॉइंट एक्शन (URJA) ने शुक्रवार को एक नागरिक संचालित मॉनिटरिंग अभियान शुरू किया। दिल्ली के 13

सेंटर फॉर एनवायरमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट(सीड), रांची नगर निगम, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और रांची स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वाधान में आज शहर के अल्बर्ट एक्का चौक के समीप अनूठे जागरूकता अभियान के तहत एक विशाल कृत्रिम मानव फेफड़े का बिलबोर्ड (लंग्स बिलबोर्ड डिस्प्ले) स्थापित किया गया, जो प्रतीकात्मक रूप से वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभाव को बेहद आकर्षक और प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करता है।