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Environment

निशान्त जब ग्लासगो में प्रधानमंत्री मोदी ने COP 26 के दौरान जलवायु परिवर्तन के खिलाफ़ वैश्विक जंग के संदर्भ में अंग्रेज़ी के शब्द LIFE के अक्षरों में छिपे एक मंत्र ‘लाइफ़स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ का उल्लेख किया था, तब वो महज़ उनके चिर-परिचित अंदाज़ वाला शब्दों का खेल नहीं था। सोचने बैठिए तो पता चलेगा कि

पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, विशेष रूप से वैश्विक तापमान में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए, पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के डीकार्बोनाइजेशन में बहुत तेज प्रगति की आवश्यकता है। आज जारी ब्रेकथ्रू अजेंडा रिपोर्ट में साफ किया गया है कि अगर अंतरराष्ट्रीय सहयोग में कमी हुई तो

नयी दिल्ली : भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने थर्मल पॉवर प्लांट के उत्सर्जन मानदंडों में नया संशोधन किया है। इस संशोधन के बाद पर्यावरणविद सुनीता नारायण की अगुवाई वाली संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट ने इसकी कड़ी आलोचना की है। उत्सर्जन मानदंडों में यह संशोधन 2015 में जारी अधिसूचना में किया

नई दिल्ली: गूगल (Google) ने पूरे यूरोप के 40 देशों में गूगल मैप्स पर पर्यावरण (Environment) के अनुकूल रूटिंग के लिए अपने फीचर का विस्तार किया है। पर्यावरण के अनुकूल रूटिंग के साथ, उपयोगकर्ता कम ईंधन खपत के लिए अनुकूलित मार्ग चुन सकते हैं, जो उन्हें ईंधन पर पैसे बचाने और कार्बन उत्सर्जन को कम

आज का दिन खास है। आज, सितंबर सात, को हर साल साफ हवा और नीले आसमान को समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। मगर इस साल साफ हवा और नीले आसमान को मिलेंगे बोल और धुन। दरअसल आज संयुक्त राष्ट्र-समर्थित वैश्विक वकालत समूह, AirQualityAsia ने धरती के सबसे प्रदूषित हॉटस्पॉट्स में से

‘महापर्बत’ में अमिताभ घोष एक ऐसी कहानी पेश करते हैं जिसमें मानवता निषिद्ध चोटियों तक पहुँचने की तलाश में पर्यावरणीय कयामत की ओर बढ़ रही है।

वायनाड, मीनांगडी पंचायत के किसान अपने गांवों को जीरो कार्बन उत्सर्जन की तरफ ले जाने वाले एक ऐसे अनोखे अभियान से जुड़े हैं, जो जलवायु संकट से निपटने के उनके प्रयासों के बदले उनकी आर्थिक मदद करता है।

हर पांच में से एक व्‍यक्ति अपनी आमदनी और भोजन के लिए वन्‍यजीव प्रजातियों पर है निर्भर। इंसान के भोजन के लिए 10 हजार वन्‍यजीव प्रजातियों का होता है दोहन अक्‍सर ‘जैव-विविधता के लिए आईपीसीसी’ के तौर पर वर्णित की जाने वाली अंतरराष्ट्रीय शोध एवं नीति इकाई आईपीबीईएस ने एक नयी रिपोर्ट जारी की है,

आदिवासी समाज में चेतना व जागरूकता लाने के मुद्दे पर दुमका में राष्ट्रीय कैंप दुमका : आईकप एवं आदिवासी युवा चेतना मंच मंच का चार दिवसीय राष्ट्रीय कैंप, जोहार मानव संसाधन विकास केंद्र, दुमका के सभागार में 7 जुलाई 2022 संध्या छह बजे आरंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में देश के विभिन राज्यों के आईकप स्टेट

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों पर नज़र डालें पता चलता है कि दुनिया भर में करीब 100 करोड़ बच्चों पर जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के बढ़ते प्रभावों का खतरा है। इस आंकड़ें में भारत की भी योगदान है और भारत समेत 33 देशों के बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा पर यह जलवायु संकट मंडरा रहा