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राहुल सिंह जब हम झारखंड की राजधानी रांची से खूबसूरत पतरातू घाटी को पार करते हुए उससे नीचे उतरते हैं तो पॉवर प्लांट की चिमनियां किसी औद्योगिक कस्बे में होने का अहसास कराती हैं। यहां पतरातू थर्मल पॉवर स्टेशन है और उसकी एक दूसरी इकाई में भारत के सबसे बड़े थर्मल पॉवर प्लांट में एक

रांची : वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने इसी महीने जारी अपने एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स 2022 में कहा है कि उद्योग के बिना 2050 तक नेट जीरो इकोनॉमी यानी शून्य उत्सर्जन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उद्योगों का मानव जनित उत्सर्जन में 30 प्रतिशत का

राहुल सिंह खनन, ऊर्जा व औद्योगिक इकइायों से घिरा बलकुदरा रांची-भुरकुंडा रोड पर स्थित भारत के लाखों अन्य गांवों की तरह एक सामान्य गांव नहीं है। यह गांव रांची से तकरीबन 50 किमी और रामगढ से 22 किमी की दूरी पर है। यह संसाधनों और संभावनाओं से भरा-पूरा भूभाग रहा है और इसलिए इसका दोहन

नयी दिल्ली : भारत इस वक्‍त ग्‍लोबल वार्मिंग की जबरदश्त मार सहने को मजबूर है। भीषण गर्मी के कारण तापमान बढ़ने से बिजली की खपत में वृद्धि के फलस्‍वरूप देश के विभिन्‍न राज्‍यों में बिजली संकट भी उत्‍पन्‍न हो गया है। इसे कोयले की कमी से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना

ऐसे गांव की कहानियां अक्सर छपती हैं जो कोयला खनन से प्रभावित हैं। पर, ऐसे गांव जो भविष्य में कोयला खनन से प्रभावित हो सकते हैं, वहां के लोगों की भविष्य को लेकर क्या कल्पना और सोच है, उसे जानना भी दिलचस्प है। यह जानना तब और जरूरी हो जाता है जब धरती के बढते तापमान को नियंत्रित करने के लिए "अब और नया कोयला खदान नहीं" का संकल्प व्यक्त किया जाता है। पढें झारखंड के गोड्डा जिले से यह रिपोर्ट...

भारत के पास दिसंबर 2022 तक 175 GW क्षमता के स्वच्छ ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य है। फिलहाल अप्रेल का महीना ख़त्म हो रहा है और मार्च 2022 तक कुल 110 GW रिन्युब्ल एनेर्जी क्षमता स्थापित हुई है, जो कि 175 GW लक्ष्य का 63% है। ग्लोबल थिंक टैंक एम्बर की एक नई रिपोर्ट

रांची : देश का 17 प्रतिशत कोयला उत्पादन करने वाला झारखंड अभूतपूर्व बिजली संकट से जूझ रहा है। इस बिजली संकट ने इस प्रचंड गर्मी और हिट वेव के दौर में आम लोगों के साथ कारोबारी जगत को भी परेशान कर दिया है। बिजली का सीधा संबंध औद्योगिकत उत्पादकता से है और अगर इसकी आपूर्ति

एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया भर में कोयला आधारित ऊर्जा के लिए उदासीनता बढ़ रही है। स्थापित किए जा रहे कोयला पावर प्लांट्स में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। यह तथ्य ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर की वार्षिक 'बूम एंड बस्ट' रिपोर्ट में सामने आए हैं। इस वार्षिक रिपोर्ट में वैश्विक स्तर पर चल रहे कोयला बिजली प्लांट्स के बेड़े में वार्षिक वृद्धि या कमी को देखा जाता है।

जलवायु परिवर्तन के मौजूदा और भविष्‍य में उत्‍पन्‍न होने वाले डरावने नतीजों को रोकने के लिए फौरन सार्थक कदम उठाने में भारत के खासकर हिंदी हृदयस्‍थल कहे जाने वाले क्षेत्र में स्थित राज्‍यों की प्रगति काफी असमानता भरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अक्षय ऊर्जा में रूपांतरण के मामले में खासकर उत्‍तर भारत के

रांची : एक नयी स्टडी के अनुसार भारत की कोल कैपिटल कहा जाने वाला धनबाद के लोग वायु प्रदूषण की वजह से अपने जीवन का 7.3 साल गंवा देते हैं। लीगल इनिटिऐटिव फॉर फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट, लाइफ के द्वारा तैयार नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत तैयार रिपोर्ट के अनुसार, इस रिपोर्ट में केंद्रीय प्रदूषण