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Dhanbad

महुदा (धनबाद) : काली पूजा के अवसर पर पावर स्टार क्लब पावर हाउस महुदा पंचायत द्वारा डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाटडीह थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार ने कहा कि आज बहुत से ऐसे प्लेटफार्म हैं, जहां अपने हुनर को दिखा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और बच्चियों को इस

झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट की मुहिम का व्यापक असर महुदा (धनबाद) : झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट, धनबाद के तत्वावधान में पंचायत सचिवालय, महुदा बस्ती में बाल विवाह उन्मूलन पर रंगोली एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें नई मंजिल किशोरी समूह महुदा बस्ती की किशोरियों ने बाल विवाह के दुष्परिणामों को निबंध लेखन

ज्यादातर कोयला खनन क्षेत्र में कोयला के बाद रोजगार के वैकल्पिक प्रबंध नहीं हो सके हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आजीविका के संकट का सामना करना पड़ता है और यह स्थिति लोगों को पलायन के लिए मजबूर करती है। धनबाद जिले के महुदा इलाके में सभी कोलयरी और वाशरियां अभी बंद हैं।

धनबाद : लिंडसे क्लब में 18 सितंबर को झारखंड, बंगाल व त्रिपुरा में लोकप्रिय पत्रिका शिल्पे अनन्या के 60वें अंक का विमोचन बांग्ला के जाने-माने लेखक एवं बुद्धिजीवियों के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ कृष्णनाथ बंद्योपाध्याय, विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ अमलेंदु सिन्हा, डॉ शैलेंद्र सिन्हा, डॉ

रांची : झारखंड में सीबीआइ की एक विशेष अदालत ने धनबाद के जज उत्तम आनंद मर्डर केस मामाले में दो आरोपियों राहुल कुमार वर्मा एवं लखन कुमार वर्मा को दोषी ठहराया है। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 एवं 34 के तहत दोषी पाया है। इस मामले में सजा पर सुनवाई

झरिया : बबन कुमार झरिया के डिगवाडीह में स्टेडियम के पास बीसीसीएल के एक पुराने क्वार्टर में रहते हैं। उनके घर में परित्यक्त कोयला खदानों के पानी की आपूर्ति की जाती है, जो नहाने-धोने के काम में आता है। वे अपने घर से रोज रात में एक किमी दूर साइकिल से पानी लाने जाते हैं।

रांची : एक नयी स्टडी के अनुसार भारत की कोल कैपिटल कहा जाने वाला धनबाद के लोग वायु प्रदूषण की वजह से अपने जीवन का 7.3 साल गंवा देते हैं। लीगल इनिटिऐटिव फॉर फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट, लाइफ के द्वारा तैयार नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत तैयार रिपोर्ट के अनुसार, इस रिपोर्ट में केंद्रीय प्रदूषण

धनबाद : आशा उसी जगह हर दिन सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था के नल के पास अपने पानी से जुड़े दैनिक कामकाज को निबटाती हैं, जिससे बामुश्किल 10-12 फीट की दूरी पर आग लगी हुई कोयला खदान है। आशा आग की लपटों व भू धंसान क्षेत्र के पास अपने कामकाज को लेकर इतनी अभ्यस्त हो चुकी हैं

आइफॉरेस्ट की हाल में कोरबा जिले के संदर्भ में जस्ट ट्रांजिशन अध्ययन रिपोर्ट आयी है। आइफॉरेस्ट ने इससे पहले रामगढ जिले को लेकर ऐसा अध्ययन रिपोर्ट पेश किया था। इन अध्ययन रिपोर्ट को कोयला अर्थव्यवस्था पर अत्यधिक रूप से निर्भर धनबाद जिले के संदर्भ में देखना-समझना जरूरी है...

धनबाद जिले के निरसा में इस महीने की पहली तारीख को एक साथ तीन कोयला खदानों में हुए हादसे में मृतकों की संख्या काफी अधिक हो जाने से यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। हालांकि अत्यधिक माइनिंग वाले प्रदेश झारखंड में ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं। निरसा में इन हादसों की वजह को टटोलती पढिए यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट...