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                <title>रूस - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>रूस RSS Feed</description>
                
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                <title> ईरान-रूस-चीन का होर्मुज में जोरदार नौसेना अभ्यास: ट्रंप को कड़ा संदेश, तनाव चरम पर!</title>
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                        <![CDATA[रूस, चीन और ईरान की नौसेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य में 'मैरीटाइम सिक्योरिटी बेल्ट 2026' ड्रिल]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/iran-russia-chinas-vigorous-naval-exercise-in-hormuz-strong-message-to-trump/article-18205"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/gemini_generated_image_reigsbreigsbreig.jpg" alt=""></a><br /><p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>नेशनल डेस्क: </strong>ईरान, रूस और चीन की नौसेनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में 'मैरीटाइम सिक्योरिटी बेल्ट 2026' नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। यह अभ्यास अमेरिका को सीधा संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है, खासकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'मैक्सिमम प्रेशर' नीति के बीच। रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी निकोलाई पेत्रशेव ने बताया कि उनके देश के युद्धपोत ईरान की ओर रवाना हो चुके हैं, जबकि चीन और ईरान भी अपने जहाजों के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं।<span class="inline-flex">​</span><span class="inline-flex">​</span></p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">यह त्रिपक्षीय ड्रिल समुद्री सुरक्षा मजबूत करने, डकैती रोकने, आतंकवाद से निपटने और संयुक्त बचाव अभियानों पर केंद्रित है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के 20 फीसदी तेल का रास्ता है, को सुरक्षित रखना इसका मुख्य मकसद बताया जा रहा है। ईरान ने 2019 में इसकी शुरुआत की थी और हर साल रूस-चीन के साथ दोहरा रहा है; यह आठवां संस्करण है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">अमेरिका ने ईरान के आसपास यूएसएस अब्राहम लिंकन जैसे विमानवाहक युद्धपोत तैनात कर रखे हैं, जिसके जवाब में ईरान सहयोगियों के साथ ताकत दिखा रहा है। ब्रिक्स सदस्य इन तीनों देशों ने जनवरी में दक्षिण अफ्रीका के तट पर भी 'विल फॉर पीस 2026' अभ्यास किया था, हालांकि भारत शामिल नहीं हुआ। अब होर्मुज में तालमेल, टैक्टिकल तैयारी और तेज प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण होगा।<span class="inline-flex">​</span><span class="inline-flex">​</span></p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">ट्रंप प्रशासन की ईरान पर सख्ती के बीच यह अभ्यास क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला लगता है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इसमें लाइव-फायर, सर्च एंड रेस्क्यू और एंटी-पाइरेसी सिमुलेशन शामिल हैं। वैश्विक व्यापार मार्गों की रक्षा का दावा है, लेकिन पश्चिमी देश इसे अमेरिका-विरोधी गठबंधन मान रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 17:09:33 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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            <item>
                <title>भारत-रूस रक्षा सौदा: अमेरिका की चेतावनी के बीच डोभाल का मॉस्को दौरा, S-400 और Su-57 पर अहम बातचीत</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल रूस के दौरे पर हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका द्वारा रूस के साथ भारत के तेल और रक्षा सौदों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी जा रही है।</p>
<h4><strong>ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की अहम भूमिका</strong></h4>
<p>एनएसए (NSA) डोभाल का रूस दौरा एक ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में चलाए गए सैन्य अभियान <strong>'ऑपरेशन सिंदूर'</strong> ने भारत की सैन्य ताकत को पूरी दुनिया के सामने साबित किया है। इस</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/important-conversation-on-dovals-moscow-tour-s-400-and-su-57-amid/article-15334"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/resized-image---2025-08-07t161933.187.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली:</strong> भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल रूस के दौरे पर हैं। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका द्वारा रूस के साथ भारत के तेल और रक्षा सौदों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी जा रही है।</p>
<h4><strong>ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की अहम भूमिका</strong></h4>
<p>एनएसए (NSA) डोभाल का रूस दौरा एक ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में चलाए गए सैन्य अभियान <strong>'ऑपरेशन सिंदूर'</strong> ने भारत की सैन्य ताकत को पूरी दुनिया के सामने साबित किया है। इस ऑपरेशन के दौरान, पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए।</p>
<p>इन हमलों में <strong>S-400 मिसाइल सिस्टम</strong> की अहम भूमिका रही। इस रूसी-निर्मित सिस्टम ने हमले को सफल बनाने में महत्वपूर्ण मदद की। इसके अलावा, भारत और रूस के संयुक्त प्रोजेक्ट से बनी <strong>ब्रह्मोस मिसाइल</strong> ने भी अपनी ताकत दिखाते हुए पाकिस्तानी सेना में हड़कंप मचा दिया।</p>
<p>यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए उस आतंकी हमले के जवाब में किया गया था जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इस सफल सैन्य कार्रवाई ने भारत-रूस के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने का आधार तैयार किया है।</p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2025-08/resized-image---2025-08-07t161933.187.jpeg" alt="resized-image - 2025-08-07T161933.187" width="1200" height="720"></img>
S-400 मिसाइल डिफेंस सीस्टम (तस्वीर)

<h4><strong><br />रक्षा सौदों पर अहम बातचीत:</strong></h4>
<ul>
<li>
<p><strong>S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम:</strong> रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोभाल की यात्रा में भारत द्वारा अतिरिक्त S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने की संभावना पर चर्चा हो सकती है। यह प्रणाली भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसे पाकिस्तान के खिलाफ "ऑपरेशन सिंदूर" जैसे सैन्य अभियानों में प्रभावी साबित माना गया है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>Su-57 फाइटर जेट:</strong> भारत पांचवीं पीढ़ी के Su-57 लड़ाकू विमानों की खरीद पर भी विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि यह विमान अमेरिका के F-35 फाइटर जेट का एक प्रभावी विकल्प हो सकता है, जिसकी खरीद में भारत को तकनीकी सीमाओं का सामना करना पड़ सकता है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>रक्षा उपकरणों का रखरखाव (MRO):</strong> बातचीत में S-400 मिसाइल सिस्टम के लिए भारत में ही रखरखाव (MRO) की सुविधा स्थापित करने की योजना भी शामिल है।</p>
</li>
</ul>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2025-08/resized-image---2025-08-07t162153.018.jpeg" alt="resized-image - 2025-08-07T162153.018" width="1200" height="720"></img>
Su-57 फाइटर जेट (तस्वीर)

<hr />
<h4><strong>अमेरिका की धमकियां और भारत का रुख:</strong></h4>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने और सैन्य सौदे करने पर भारत पर 25% और फिर अतिरिक्त 25% तक टैरिफ लगाया है। इसके बावजूद, भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है और रूस के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है।</p>
<p><strong>पुतिन से मुलाकात की संभावना:</strong> डोभाल की इस यात्रा में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात हो सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों की अहमियत का पता चलता है। यह यात्रा भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतों को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>]]>
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                                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 16:35:10 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
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