<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://samridhjharkhand.com/foreign-investment/tag-7053" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Samridh Jharkhand RSS Feed Generator</generator>
                <title>Foreign Investment - Samridh Jharkhand</title>
                <link>https://samridhjharkhand.com/tag/7053/rss</link>
                <description>Foreign Investment RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आम बजट 2026: शराब-बीड़ी सस्ती, छोटे करदाताओं को बड़ी राहत</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[आम बजट 2026 में सरकार ने कर व्यवस्था को सरल बनाने और आम जनता को राहत देने के कई फैसले लिए हैं। शराब, बीड़ी, दवाएं और सीएनजी सस्ती करने के साथ छोटे करदाताओं के लिए स्वचालित टैक्स प्रक्रिया लागू की जाएगी।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/delhi/general-budget-2026-liquor-and-beedis-cheaper-big-relief-to/article-17749"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/633de4b0c14ca52ea2432a3c8a5c4c31_364583058_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह मौजूदा वित्त वर्ष में 4.8 प्रतिशत रहा है, जिसे संशोधित अनुमान के अनुसार हासिल किया गया।</p>
<p>वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि शराब और बीड़ी सस्ती होंगी। इसके अलावा जूते, कपड़ा निर्यात और बैटरी भी सस्ती होंगी। कैंसर से जुड़ी 17 दवाएं सस्ती होंगी, वहीं सात दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी सस्ती होंगी। दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों पर सीमा शुल्क घटाने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा सीएनजी और बायोगैस को भी सस्ता करने की घोषणा की गई है, जिससे सीएनजी से चलने वाले वाहनों के मालिकों को राहत मिलेगी।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि इनकम टैक्स रिटर्न में गड़बड़ी पर अब सजा नहीं होगी। सरकार ने जुर्माने का प्रावधान किया है। जो अपनी आय छिपाएगा, उससे 30 प्रतिशत कर लिया जाएगा, लेकिन उसे जेल या सजा नहीं होगी।</p>
<p>सीतारमण ने विदेशियों को राहत देते हुए कहा कि भारत में पाँच साल तक रहने वाले विदेशी नागरिकों को उनकी गैर-भारत आय पर कर से छूट मिलेगी। साथ ही, भारत में डेटा सेंटरों का उपयोग करने वाली विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स अवकाश दिया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि छोटे करदाताओं के लिए नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके जरिए कम या शून्य टीडीएस कटौती प्रमाणपत्र बिना असेसिंग अधिकारी को आवेदन दिए प्राप्त किया जा सकेगा। जिन निवेशकों के पास कई कंपनियों की प्रतिभूतियाँ हैं, उनके लिए डिपॉजिटरी को अनुमति दी जाएगी कि वे निवेशकों से फॉर्म 15G या 15H स्वीकार कर सीधे संबंधित कंपनियों को भेज सकें।</p>
<p>वित्त मंत्री ने बताया कि संपत्ति बेचने वाले अनिवासी भारतीयों पर टीडीएस नियम भी बदले गए हैं। अब कटौती निवासी खरीदार करेगा और इसके लिए टैक्स अकाउंट नंबर की आवश्यकता नहीं होगी।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/delhi/general-budget-2026-liquor-and-beedis-cheaper-big-relief-to/article-17749</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/delhi/general-budget-2026-liquor-and-beedis-cheaper-big-relief-to/article-17749</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 15:27:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-02/633de4b0c14ca52ea2432a3c8a5c4c31_364583058_samridh_1200x720.jpeg"                         length="50840"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरके सिन्हा का विदेशी निवेश पर यह विशेष आलेख पढें : भारत आने तो दो जापान, दक्षिण कोरिया के निवेशकों को</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>एक तरफ जब देश-दुनिया को कोविड-19 संक्रमण के कारण सिर्फ अशुभ समाचार ही मिल रहे हैं, तब उसी समय विभिन्न देशों के हजारों पेशेवर भारत में आकर काम-धंधा शुरू करना चाह रहे हैं। वे भारत आने को बेताब हैं। ये जापान, साउथ कोरिया, अमेरिका और चीन से भी हैं। पर ये भारत क्यों नहीं आ पा रहे हैं।</p>
<p>दरअसल भारत सरकार ने विगत 13 मार्च से संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों से जुड़े अफसरों और विदेशी राजनयिकों के अलावा अन्य सभी विदेशियों के भारत आने पर रोक लगा दी है। सरकार ने यह कदम तो इसलिए उठाया था, ताकि कोविड-19</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/article/success-story/corona-crisis-foreign-investment-by-rk-sinha/article-6703"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-06/rk-sinha.jpg" alt=""></a><br /><p>एक तरफ जब देश-दुनिया को कोविड-19 संक्रमण के कारण सिर्फ अशुभ समाचार ही मिल रहे हैं, तब उसी समय विभिन्न देशों के हजारों पेशेवर भारत में आकर काम-धंधा शुरू करना चाह रहे हैं। वे भारत आने को बेताब हैं। ये जापान, साउथ कोरिया, अमेरिका और चीन से भी हैं। पर ये भारत क्यों नहीं आ पा रहे हैं।</p>
<p>दरअसल भारत सरकार ने विगत 13 मार्च से संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों से जुड़े अफसरों और विदेशी राजनयिकों के अलावा अन्य सभी विदेशियों के भारत आने पर रोक लगा दी है। सरकार ने यह कदम तो इसलिए उठाया था, ताकि कोविड-19 के असर को बढ़ने से रोका जा सके। सरकार के फैसले के बाद भारत आने वाली सभी विदेशी उड़ाने स्थगित कर दी गई थी। अब इस कड़वी सच्चाई को स्वीकार कर लेने में ही भलाई है कि सारी दुनिया के साथ हमें-आपको सबको ही कोविड-19 के साथ रहना होगा, जब तक इस वैश्विक महामारी की कोई वैक्सीन नहीं ईजाद होती। जब तक वैक्सीन नहीं आती तब तक तो इस संक्रमण से अपने को बचाना होगा। कैसे हम इससे बच सकते हैं, अब यह सब को पता है। शारीरिक दूरी कम से कम दो गज की।</p>
<p>कोविड-19 के कारण सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर हो रहा है। ये तब तक तो जारी ही रहेगा जब तक कोविड-19 पर विजय हासिल नहीं कर ली जाती। जब इस तरह की स्थिति हमारे सामने है, तब हम कब तक भारत में विदेशी पेशेवरों-निवेशकों की एंट्री को रोक सकते हैं?</p>
<p>देश को इस समय विदेशी पूंजी के निवेश की सख्त दरकार है। इसी तरह से देश को इस वक्त अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे। नौकरियां तो चली ही जा रही है। बेरोजगारों के लिए अवसर तो तब ही बनेंगे जब हम विदेशियों को अपने यहां पर आकर काम करने की अनुमति फिर से देंगे। आखिर सरकार कब तक विदेशी नागरिकों की भारत में एंट्री पर रोक लगा सकती है। उसे अब इस लिहाज से विचार तो करना ही होगा। सरकार के शीर्ष स्तर पर इस बिन्दु पर विचार-विमर्श तो जरूर ही चल भी रहा होगा।</p>
<blockquote><p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://samridhjharkhand.com/big-news/bihar-diary-in-corona-virus-era-corona-has-been-dissolves-in-life-now-what-to-fear-by-rahul-singh">बिहार से ग्राउंड रिपोर्ट : कोरोना तो जीवन में ‘घुल’ रहा है, अब डरना क्या?</a></strong></p>
<p><strong><a href="https://samridhjharkhand.com/news/the-opportunity-has-not-been-seen-till-date-as-a-teacher-of-online-organization-students">अवसर ऑनलाइन संस्था के शिक्षक जैसा पढाने वाला आज तक नहीं देखा: छात्र</a></strong></p></blockquote>
<p>एक मोटे अनुमान के मुताबिक, करीब दस हजार विदेशी पेशेवर, निवेशक, कोरपोरेट एक्जीक्यूटिव, इंजीनियर और उद्यमी भारत आने के लिए बेताब हैं। ये भारत में पहले से काम कर भी रहे थे। इनके दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, मुंबई, बेंगलुरु, बावल आदि शहरों में अपने दफ्तर और औद्धोगिक इकाइयां भी चल रही थीं। वे सब बंद हैं। इस कारण से इनका भारी नुकसान भी हो रहा है। इनके भारतीय कर्मियों की क्या हालत होगी, ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है। निश्चित रूप से जब सरकार इन्हें देश में आने की हरी झंडी देगी तो कई स्तरों पर इसका लाभ भी होगा। इनके दफ्तरों और इकाइयों में काम भी चालू हो जाएगा। इस तरह से लोगों को रोजगार मिलेगा, पगार भी मिलेगी। यानी जिंदगी पटरी पर वापस लौटेगी। अभी इस बात की ही तो सबसे अधिक जरूरत है। आपको स्मरण होगा कि भारत सरकार ने पिछली 5 फरवरी को चीन से आने वाली सभी उड़ानों पर रोक लगा दी थी। सरकार ने तब तो कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए ही उपर्युक्त कदम उठाया था।</p>
<p>इससे भारत में काम करने वाल हजारों चीनी नागरिक जो चीनी नव वर्ष मनाने गए थे वे अपने देश में ही फंस गए थे। अकेले दिल्ली-गुरुग्राम में तीन हजार से अधिक चीनी नागरिक अलीबाबा, हुआवेई, ओप्पो मोबाइल, मित्तु, बेडु जैसी कंपनियों में काम कर रहे हैं। हुआवेई में शायद सबसे ज्यादा चीनी पेशेवर हैं। इन सबकी इधर मोटी इनवेस्टमेंट भी है। इनके सामने तो वास्तव में दो तरफा संकट आ गया है। एक तो इन्हें कोविड-19 ने बर्बाद कर ही दिया और रही–सही कसर इनके अपने देश के धूर्त विस्तारवादी नीति ने पूरी कर दी। अभी चीन के नागरिकों को लेकर तो शायद ही भारत सरकार का रवैया नरम पड़े पर सरकार को जापान, साउथ कोऱिया और अन्य देशों के नागरिको को भारत में आने की इजाजत देने के संबंध में सोचना होगा। ये सब के सब भारत के मित्र राष्ट्र हैं।</p>
<p>यह सर्वविदित है कि भारत-जापान संबंधों का गौरवशाली इतिहास रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे में घनिष्ठ संबंध भी हैं। इसके चलते भी भारत को लाभ भी हो रहा है। नरेन्द्र मोदी अपने जापानी समकक्ष को धर्मनगरी बनारस ले जा चुके हैं। दोनों ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में भाग भी लिया था। जापान भगवान गौतम बौद्ध के चलते अपने को भावनात्मक स्तर पर भारत के करीब पाता है। अब जापान भारत में बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट को लेकर आ रहा है। कहना न होगा कि बुलेट ट्रेन परियोजना भारत के लिए बेहद खास है।</p>
<p>इस परियोजना के लिए जापान की तरफ से भारत को आसान शर्तों पर ऋण भी मिल रहा है। भारत-जापान संबंधों की तरह से भारत के दक्षिण कोरिया से भी करीबी संबंध हैं। दक्षिण कोरिया भी भारत में भारी निवेश कर रहा है। अब राजधानी दिल्ली में एक कोरियन वार मेमोरियल भी बन रहा है। दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच 50 के दशक में हुए युद्ध में भारत समेत 22 देशों ने दक्षिण कोरिया का साथ दिया था। पर इस तरह का कोरियाई युद्ध स्मारक सिर्फ भारत में ही नहीं था। अब यह कमी भी पूरी होने जा रही है।</p>
<p>लेकिन, भारत सरकार को जापान और दक्षिण कोरिया के नागरिकों को भारत में काम करने के लिए तुरंत वीजा देना होगा। भारत को अपने मित्र राष्ट्रों को पहचानना होगा। उन्हें हम चीन या पाकिस्तान जैसे देशों की श्रेणी में खड़ा नहीं कर सकते। इसके साथ ही, यदि हम चाहते हैं कि कोविड 19 के बाद चीन से बाहर जाने वाली कंपनियां हमारे यहां आए और निवेश करें, तो हमें भी तो कुछ ठोस कदम उठाने होंगे। बातों से बात नहीं बनेगी। फिलहाल दक्षिण कोरिया की कंपनियां चीन से निकलकर वियतनाम की ओर रुख करना ही अधिक पसंद कर रही हैं। भारत में विगत मार्च महीने तक 15 हजार दक्षिण कोरिया के नागरिक थे। अभी मात्र 2500 हजार के आसपास हैं। ये लॉकडाउन से पहले अपने देश गए थे, पर वापस नहीं आ पाए। अब ये तुरंत वापस आकर कामकाज चालू करना चाहते हैं। सरकार को इनकी मदद करने में देरी नहीं करनी चाहिए। सरकार की नीयत में कोई शक भी नहीं है । पर आलसी और लापरवाह नौकरशाहों को तो कसना ही होगा ।</p>
<p><strong>(लेखक वरिष्ठ संपादक, स्तंभकार और पूर्व सांसद हैं।)</strong></p>
]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>सक्सेस स्टोरी</category>
                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/article/success-story/corona-crisis-foreign-investment-by-rk-sinha/article-6703</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/article/success-story/corona-crisis-foreign-investment-by-rk-sinha/article-6703</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Jun 2020 11:08:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2020-06/rk-sinha.jpg"                         length="47991"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        