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                <title>PDS - Samridh Jharkhand</title>
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                <title>बिहार में 33.25 लाख राशन कार्ड रद्द: PDS अपात्रों पर कार्रवाई शुरू, देखिए पूरी लिस्ट</title>
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                        <![CDATA[<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>पटना: </strong>बिहार में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मुफ्त राशन पाने वाले लाखों लोगों पर अब सरकार की सख्ती का असर दिखने लगा है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य भर में 33 लाख 25 हजार अपात्र राशन कार्डधारकों की पहचान कर ली है और इनके नाम चरणबद्ध तरीके से पोर्टल से हटाए जाने का ऐलान कर दिया है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से 4 लाख 70 हजार कार्डधारकों के नाम पहले ही काट दिए गए हैं, जबकि बाकी बचे नामों को जिलों को भेजी गई सूची के आधार पर जल्द ही रद्द किया जाएगा। इस</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/bihar/patna/3325-lakh-ration-cards-canceled-in-bihar-action-started-against/article-18182"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/red-minimalist-news-promotion-youtube-thumbnail.png" alt=""></a><br /><p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>पटना: </strong>बिहार में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मुफ्त राशन पाने वाले लाखों लोगों पर अब सरकार की सख्ती का असर दिखने लगा है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य भर में 33 लाख 25 हजार अपात्र राशन कार्डधारकों की पहचान कर ली है और इनके नाम चरणबद्ध तरीके से पोर्टल से हटाए जाने का ऐलान कर दिया है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से 4 लाख 70 हजार कार्डधारकों के नाम पहले ही काट दिए गए हैं, जबकि बाकी बचे नामों को जिलों को भेजी गई सूची के आधार पर जल्द ही रद्द किया जाएगा। इस कार्रवाई का मकसद पीडीएस को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है ताकि असली जरूरतमंदों तक सरकारी अनाज पहुंचे। खाद्य मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि आधार सत्यापन और अन्य जांचों में फर्जी या निष्क्रिय कार्ड पकड़े गए हैं, जिनमें राशन न उठाने वाले भी शामिल हैं।<span class="inline-flex">​</span></p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">सबसे ज्यादा प्रभावित जिले गया का है, जहां 1.92 लाख नाम कटने हैं। इसके बाद पटना में 1.83 लाख, सीवान में 1.82 लाख, पश्चिम चंपारण में 1.35 लाख, भागलपुर में 1.23 लाख और पूर्वी चंपारण में 1.19 लाख कार्डधारकों पर गाज गिरेगी। रोहतास, कटिहार, अररिया व मधुबनी जैसे 10 जिलों में भी एक लाख से ज्यादा नाम सूची में हैं। बाकी जिलों में भी 10 हजार से 90 हजार तक अपात्र लाभार्थी चिह्नित हो चुके हैं।</p>
<h5 class="mb-2 mt-4 [.has-inline-images_&amp;]:clear-end font-sans visRefresh2026AnswerSerif:font-editorial font-semimedium visRefresh2026Fonts:font-bold text-base visRefresh2026Fonts:text-lg first:mt-0 md:text-lg [hr+&amp;]:mt-4"><strong>जिला-वार कटौती की झलक</strong></h5>
<div class="group relative my-[1em]">
<div class="w-full overflow-auto rounded-lg md:max-w-[90vw] border-subtlest ring-subtlest divide-subtlest bg-raised dark:bg-offset">
<table class="my-0 w-full table-auto border-separate border-spacing-0 text-sm font-sans rounded-lg border-x border-t border-subtler [&amp;_tr:last-child_td:first-child]:rounded-bl-lg [&amp;_tr:last-child_td:last-child]:rounded-br-lg">
<thead>
<tr>
<th class="border-subtler p-sm break-normal border-b text-left align-bottom border-r last:border-r-0 font-bold bg-subtlest last:border-radius-tr-lg first:border-radius-tl-lg">जिला</th>
<th class="border-subtler p-sm break-normal border-b text-left align-bottom border-r last:border-r-0 font-bold bg-subtlest last:border-radius-tr-lg first:border-radius-tl-lg">कटने वाले नाम (लगभग)</th>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">गया</td>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">1.92 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">पटना</td>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">1.83 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">सीवान</td>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">1.82 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">पश्चिम चंपारण</td>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">1.35 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">भागलपुर</td>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">1.23 लाख</td>
</tr>
<tr>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">पूर्वी चंपारण</td>
<td class="px-sm border-subtler min-w-[48px] break-normal border-b border-r last:border-r-0">1.19 लाख</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
<div class="bg-base border-subtler shadow-subtle pointer-coarse:opacity-100 right-xs absolute bottom-xs flex rounded-md border opacity-0 transition-opacity group-hover:opacity-100 [&amp;&gt;*:not(:first-child)]:border-subtle [&amp;&gt;*:not(:first-child)]:border-l">
<div class="flex"> </div>
<div class="flex"> </div>
</div>
</div>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">यह कार्रवाई पिछले साल आधार लिंकिंग और सत्यापन अभियान से तेज हुई, जिसमें 5 करोड़ 92 लाख लाभार्थियों की जांच हुई। कुल 6.74 करोड़ पीडीएस लाभार्थियों में से करोड़ों फर्जी या निष्क्रिय पाए गए। प्रभावित लोग विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपनी स्थिति जांच सकते हैं और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>बिहार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पटना</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:36:40 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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                <title>Koderma News: संस्था समर्पण की ओर से किया गया क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन</title>
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                        <![CDATA[कार्यक्रम में ढाब, मधुबन, बेहराडीह एवं बंगाखलार से आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, सहिया, जलसहिया एवं शिक्षक आदि ने भाग लिया. कार्यशाला के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 और ग्राम पंचायत विकास निर्माण योजना को लेकर जानकारी दी गयी]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/koderma/capacity-building-workshop-organized-by-koderma-news-organization-samarpan/article-13351"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-12/whatsapp-image-2024-12-16-at-13.47.39_173724cb-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोडरमा:</strong> संस्था समर्पण की ओर से डोमचांच के मसनोडीह पंचायत भवन मे फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं एवं पंचायत कार्यकारिणी सदस्यों का क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में ढाब, मधुबन, बेहराडीह एवं बंगाखलार से आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, सहिया, जलसहिया एवं शिक्षक आदि ने भाग लिया. कार्यशाला के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 और ग्राम पंचायत विकास निर्माण योजना को लेकर जानकारी दी गयी. कार्यशाला की शुरुवात प्रेरणा गीत एवं संविधान के प्रस्तावना पाठ के साथ किया गया.</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षक पप्पू कुमार यादव ने खाद सुरक्षा के महत्व को समझाते हुए इस अधिनियम से निकली योजनाओं जैसे-आईसीडीएस, मिड डे मील, पीडीएस एवं मातृ वंदना योजना आदि की जानकारी दी. परियोजना प्रबंधक आलोक कुमार सिन्हा ने एक गतिविधि के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से चलने वाली योजनाओं का समस्याओं का आकलन किया, जिसमें मुख्य रूप से पानी, बिजली, सड़क, खेलकूद की सामग्री, शौचालय, भवन जर्जर स्थिति आदि को चिन्हित किया, उन्होंने ग्राम सभा के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान ग्राम सभा के माध्यम से किया जा सकता है. इसके लिए ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण किया जाना जरुरी है. अंत में आगे का कार्य योजना बनाते हुए ग्राम सभा करने, ग्राम पंचायत निर्माण योजना में सहभागी रूप से सहयोग करने एवं पंचायत कार्यकारिणी सदस्य की मासिक बैठक नियमित करने का संकल्प लिया.</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से पंचायत फैसिलिटेटर जितेंद्र कुमार सिंह, मनीषा कुमारी, नमिता कुमारी, सुनीता कुमारी, योगेश कुमार, पिंकी देवी एवं ग्राम साथी गुड्डी देवी, संगीता देवी आदि की भूमिका सराहनीय रही.</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>कोडरमा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/koderma/capacity-building-workshop-organized-by-koderma-news-organization-samarpan/article-13351</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 15:22:46 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Kumar Ramesham]]>
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            <item>
                <title>दुमका के बुढियारी गांव के ग्रामीणों ने पीडीएस दुकानदार के खिलाफ डीसी को लिखा पत्र, लगाये गंभीर आरोप</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>दुमका :</strong> दुमका जिले के दुमका प्रखंड की भुरकुंडा पंचायत के बुढियारी गांव के ग्रामीणों ने राशन डीलर चुनु हेंब्रम के खिलाफ जिले के उपायुक्त रविशंकर शुक्ल को एक पत्र लिख कर अनियमितता बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। यह पत्र समस्त ग्रामीणों ने आपसी सहमति से लिखा है और उपायुक्त से जनवितरण प्रणाली के डीलर पर कार्रवाई की मांग की गयी है।</p>
<p>पत्र में ग्रामीणों ने कहा है कि राशन डीलर अंत्योदय अन्न योजना के 35 किलो अनाज में पांच किलो अनाज की कटौती करता है और मात्र 30 किलो अनाज लाभुक को देता है। इसमें 24 किलो चावल</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/dumka/villagers-wrote-a-letter-to-dc-against-pds-shopkeeper-made-serious-allegations-in-dumka-district-of-jharkhand/article-10728"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2023-09/pds.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दुमका :</strong> दुमका जिले के दुमका प्रखंड की भुरकुंडा पंचायत के बुढियारी गांव के ग्रामीणों ने राशन डीलर चुनु हेंब्रम के खिलाफ जिले के उपायुक्त रविशंकर शुक्ल को एक पत्र लिख कर अनियमितता बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। यह पत्र समस्त ग्रामीणों ने आपसी सहमति से लिखा है और उपायुक्त से जनवितरण प्रणाली के डीलर पर कार्रवाई की मांग की गयी है।</p>
<p>पत्र में ग्रामीणों ने कहा है कि राशन डीलर अंत्योदय अन्न योजना के 35 किलो अनाज में पांच किलो अनाज की कटौती करता है और मात्र 30 किलो अनाज लाभुक को देता है। इसमें 24 किलो चावल होता है और छह किलो गेहूं होता है। साथ ही पीएच कार्ड से प्रति यूनिट एक किलोग्राम अनाज की कटौती कर कार्डधारी को उपलब्ध कराया जाता है। जबकि डीलर राशन कार्ड मे 35 किलोग्राम अनाज को दर्शाता है।</p>
<p>ग्रामीणों ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि डीलर राज्य सरकार द्वारा माप-तौल के लिए प्रदान किये गये डिजिटल मशीन में केवल ईंट-पत्थर चढा कर वजन कर रशीद निकालाता है और सप्ताह दिन बाद पुरानी विधि से कांटा के द्वारा तौल कर राशन का वितरण करता है। इससे ग्रामीणों को सही समय पर राशन नहीं मिल पाता है।</p>
<p>डीसी को लिखे गये पत्र में कहा गया है कि इसके संबंध में कार्डधारी रासमुनी मुर्मू, पति स्वर्गीय बगाल मरांडी ने ग्राम प्रधान अनिल मरांडी को सूचना दी। इसके बाद ग्राम प्रधान अनिल मरांडी ने बैठक बुलायी और उसमें डीलर चुनु हेंब्रम को भी बुलाया गया, उससे जब ग्रामसभा में सवाल-जवाब किया गया तो उसने अंसतोषजनक जवाब दिया और कहा कि उसे ब्लॉक से ही कम अनाज मिलता है और कुछ अनाज रास्ते में लाने के क्रम में गिर जाता है। इसलिए हम आपलोगों को 30 किलो ही अनाज दे पाएंगे, अगर आप इससे संतुष्ट नहीं हैं तो आगे शिकायत कर सकते हैं।</p>
<p>पत्र में कहा गया है कि इसके बाद हमलोगों ने आठ सितंबर को इस मामले की शिकायत दुमका के बीडीओ से की। बीडीओ ने 12 सितंबर को एक जांच दल का गठन कर उसे मौके का जायजा लेने भेजा। इसकी सूचना ग्रामसभा को दी गयी। इस दिन ग्रामसभा में डीलर चुनु हेंब्रम को बुलाया गया और जब कार्डधारियों द्वारा डीलर पर राय ली गयी तो डीलर पर लगे आरोपों को सही पाया गया। पर, जांच दल द्वारा ग्रामसभा में कार्डधारियों के समक्ष रिपोर्ट नहीं लिखा गया और बाद में रिपोर्ट बनाते समय उसमें से कुछ तथ्यों को छिपाया और बदल दिया गया।</p>
<p>ग्रामीणों ने डीसी को लिखे पत्र में कहा है कि हमलोगों को इसकी जानकारी तभी मिली, जब हमने बीडीओ से रिपोर्ट दिखाने की मांग की तो उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। पर, तब एक न्यूज एप और वेबसाइट पर खबर पढा तो यह पता चला कि रिपोर्ट में काफी बदलाव कर दिया गया है। खबर से यह भी पता चला कि दुमका के बीडीओ द्वारा झारखंड लक्षित जनवितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश के तहत डीलर चुनु हेंब्रम का लाइसेंस निलंबित रद्द करने की सिफारिश जिला आपूर्ति पदाधिकारी से की गयी है जो बिल्कुल सही है। पत्र में यह मांग की गयी है कि मामले की फिर जांच करा कर छोड़े गये और छिपाये गये तथ्यों को भी जोड़ा जाये और दोषी पाये जाने पर डीलर पर कड़ी कार्रवाई की जाये।</p>
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                                                            <category>दुमका</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Sep 2023 13:28:16 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जन वितरण प्रणाली के कर्मचारियों व अधिकारियों की रवैये से प्रभावित हो रहा है कल्याणकारी योजनाओं का काम</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>दुमका :</strong> शिकारीपाड़ा प्रखंड की जन वितरण प्रणाली कर्मचारी एवं पदाधिकारियों के मन वितरण प्रणाली में तब्दील हो गई है। उनके लिए झारखंड सरकार के आदेश निर्देश का कोई मायने नहीं रखता है। आपूर्ति विभाग में पदाधिकारी और कर्मचारी जैसे चाहें वैसे उसको तोड़-मरोड़ कर लागू कर देते हैं। जन वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से चावल, गेहूं, नमक केरोसिन तेल का वितरण लाभुकों के बीच ई पोस मशीन द्वारा किया जाता है। इतना ही नहीं सोना सोबरन योजना के तहत ₹10 का धोती साड़ी भी ई पोस मशीन के द्वारा ही लाभुकों के बीच वितरण किया जाता है।</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/dumka/work-of-welfare-schemes-is-being-affected-by-the-attitude-of-the-employees-and-officers-of-the-public-distribution-system/article-10364"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2022-12/samridh-512.png" alt=""></a><br /><p><strong>दुमका :</strong> शिकारीपाड़ा प्रखंड की जन वितरण प्रणाली कर्मचारी एवं पदाधिकारियों के मन वितरण प्रणाली में तब्दील हो गई है। उनके लिए झारखंड सरकार के आदेश निर्देश का कोई मायने नहीं रखता है। आपूर्ति विभाग में पदाधिकारी और कर्मचारी जैसे चाहें वैसे उसको तोड़-मरोड़ कर लागू कर देते हैं। जन वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से चावल, गेहूं, नमक केरोसिन तेल का वितरण लाभुकों के बीच ई पोस मशीन द्वारा किया जाता है। इतना ही नहीं सोना सोबरन योजना के तहत ₹10 का धोती साड़ी भी ई पोस मशीन के द्वारा ही लाभुकों के बीच वितरण किया जाता है। लेकिन, अभी हाल के ही दिन में अक्टूबर 2022 के अंतिम सप्ताह एवं नवंबर माह 2022 में चीनी का वितरण ई पोस मशीन से ना कर पूर्व की भाती मैनुअली वितरण पंजी ने दिखा दिया गया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। वितरित की गयी चीनी जनवरी, फरवरी, मार्च 2022 का है जो गोदाम में पड़ा हुआ था। अखबार में 19 अक्टूबर 2022 को एसआईओ के इंतजार में गल गई 126 क्विंटल चीनी की खबर प्रकाशित होने के बाद 19 अक्टूबर को ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार चौधरी एवं अंचलाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजू कमल द्वारा जांच किया गया और 20 अक्टूबर 2022 को खबर छपी की चीनी गलने के मामले में गोदाम प्रबंधक पर गिर सकती है। गाज डीएसओ के निर्देश पर वीडियो एवं सीओ ने किया जांच खबर छपी और इस खबर के छपने के बाद प्रबंधक आनंद मंडल जो मूल रूप से जनसेवक हैं ने एक पत्रकार के नाम पर रंगदारी मांगने एवं सरकारी कार्य में बाधा देने का मामला 19 अक्टूबर 2022 को दर्ज करा दिया। उसके बाद चीनी प्रकरण का पूरा मामला प्रशासनिक तौर पर रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया और आनन-फानन में बगैर ई पोस मशीन के चीनी का वितरण कर दिया गया, ताकि सारी गलतियां दफन हो जाए।..</p>
<p><strong>क्या कहते हैं पदाधिकारी?</strong><br />
चीनी वितरण के संबंध में जानकारी के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार चौधरी से संपर्क करने पर उन्होंने स्पष्ट तौर पर कुछ भी नहीं बताया, केवल इतना कहा कि बाद में बैठकर इस पर बात करेंगे। जबकि गोदाम प्रखंड विकास पदाधिकारी के ही अधीन है। अंचल अधिकारी सह प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजू कमल ने फोन रिसीव नहीं किया। यही स्थिति जिला आपूर्ति पदाधिकारी संजय कुमार दास की है। बार-बार प्रयास के बावजूद भी उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।</p>
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                                                            <category>दुमका</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Dec 2022 23:51:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोरोना काल में गरीबों के राशन पर डीलरों ने डाला डाका, दो के बदले एक ही बार किया जा रहा वितरण</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>जमुआ (गिरिडीह) :</strong> कोरोना के कारण गरीबों की हालत बदतर हो गयी है। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर महीने में दो बार खाद्यान दे रही हैं, ताकि गरीबों का पेट भर सके, लेकिन इस विषम परिस्थिति में भी सरकारी तंत्र राशन को गबन करने में जुटा है। बता दें कि कोरोना के कारण केंद्र सरकार निःशुल्क जबकि राज्य सरकार एक रुपये प्रति किलो में गरीबों को राशन मुहैया करा रही है। लेकिन, राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले राशन का बड़े पैमाने पर गबन किया जा रहा है।</p>
<p>डीलर कार्डधारियों को राशन आवंटन नहीं होने का हवाला देकर समय</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/during-the-corona-period-the-dealers-robbed-the-ration-of-the-poor-in-giridih-district/article-9577"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2022-01/pds.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जमुआ (गिरिडीह) :</strong> कोरोना के कारण गरीबों की हालत बदतर हो गयी है। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर महीने में दो बार खाद्यान दे रही हैं, ताकि गरीबों का पेट भर सके, लेकिन इस विषम परिस्थिति में भी सरकारी तंत्र राशन को गबन करने में जुटा है। बता दें कि कोरोना के कारण केंद्र सरकार निःशुल्क जबकि राज्य सरकार एक रुपये प्रति किलो में गरीबों को राशन मुहैया करा रही है। लेकिन, राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले राशन का बड़े पैमाने पर गबन किया जा रहा है।</p>
<p>डीलर कार्डधारियों को राशन आवंटन नहीं होने का हवाला देकर समय पर राशन वितरण न कर, एक महीने में दो बार राशन वितरण करने की जगह एक बार वितरण करते और एक बार के राशन को गबन कर लेते हैं। ऐसा ही मामला गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड क्षेत्र के करिहारी ग्राम के संजीवनी संघ गीता एसएचजी, संजीवनी संघ दुलारी, शिव आजीविका सखी मंडल जन वितरण प्रणाली में देखने को मिला, जहां विगत अक्टूबर व नवंबर माह में कार्डधारियों का दो राशन गबन कर लिया गया।</p>
<p>कार्डधारियों ने बताया कि जब भी उक्त तीनों डीलरों को पूछते हैं कि एक बार राशन दिए तो डीलर उन्हें राशन की आवंटन नहीं आने की बात कह कर टाल मटोल कर देते हैं। जानकारी के मुताबिक, लाभार्थियों को हर महीने दो बार राशन मिलना था, एक राज्य सरकार की तरफ से और दूसरा केंद्र सरकार की तरफ से। लेकिन, डीलरों द्वारा केंद्र सरकार की ओर से दिया जाने वाला राशन तो दूर, राज्‍य सरकार द्वारी हर महीने दिया जाने वाला राशन भी अधिकारियों की मिलीभगत से गबन कर लिया गया।</p>
<p>प्रत्येक माह कार्डधारी जब डीलर से एक माह में दो बार राशन देने की जब मांग करते हैं तो वे तीनों डीलर क्रमशः सतीष यादव, प्रमोद राणा तथा भुवनेश्वर राणा कहते हैे कि जो राशन दे रहे वह लेकर जाइये अन्यथा जो करना है, जहां जो शिकायत करनी है करो। कार्डधारी भी किसी पदाधिकारी को शिकायत इसलिए नहीं करते हैं कि डीलरों द्वारा राशन कार्ड रद्द करा देने की भी धमकी दी जाती है।</p>
<p>आखिरकार कार्डधारी चुप्पी साधे रहते हैं। हालांकि इस मामले का खुलासा तब हुआ जब कार्डधारकों की इस गम्भीर समस्या की बात मीडिया तक पहुंची और जनता की समस्या को सुनकर डीलरों से जब पूछा गया तो भ्रष्टाचार की पोल खुल गयी।</p>
<p>आश्चर्य की बात तो यह है कि डीलरों का मनोबल इतना बड़ा घोटाला कर लेने का कैसे हो रहा है। संदेह होता है कि कहीं न कहीं संबंधित पदाधिकारी की भी इसमें मिलीभगत है, तभी वे ऐसा कर पाते हैं। अगर नहीं तो पदाधिकारी द्वारा जांच पड़ताल क्यों नहीं की जाती है।</p>
<p>विदित हो कि करिहारी पंचायत में सात जनवितरण प्रणाली की दुकान है।कार्डधारियों के मुताबिक सभी डीलरों की यही रवैया है किसी ने सही से वितरण नही किया है।</p>
<p><strong>किसको कितना राशन मिलता है?</strong></p>
<p><strong>1. संजीवनी संघ गीता एसएचजी जनवितरण प्रणाली में एक माह के एक राशन में अंत्योदय, पीएच तथा हरा कार्ड के कार्डधारकों को राशन वितरण करने के लिए कुल 5745 किलोग्राम राशन आता है।</strong></p>
<p><strong>2. संजीवनी संघ दुलारी एसएचजी में कुल 4165 किलो ग्राम राशन आता है।</strong></p>
<p><strong>3. शिव आजीविका एसएचजी सुरही में कुल 5055 किलो ग्राम राशन वितरण के लिए आपूर्ति की जाती है।</strong></p>
<p><strong>आंकड़ों का विश्लेषण करें तो 29.93 टन अनाज में गड़बड़ी की गयी है।</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं डीएसओ?</strong></p>
<p>उक्त मामले में जिला आपूर्ति पदाधिकारी गौतम भगत से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अक्टूबर व नवम्बर माह के दोनों राशन का आवंटन किया गया है। अगर डीलरों द्वारा एक ही राशन वितरण किया गया है तो जांच पड़ताल कर दोषी पाए जाने डीलर पर कारवाई की जाएगी।</p>
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                                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Jan 2022 22:27:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बाबूलाल ने राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वालों को राशन उपलब्ध कराने की सीएम से की मांग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>पीरटांड़ प्रखंड के मामले का रखा उदाहरण</strong></p>
<p><strong>रांची :</strong> झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराने के मुद्दे पर फिर पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि मैंने 27 अप्रैल को आपको पत्र लिखकर आग्रह किया था कि गैर राशन कार्डधारकों की संख्या लगभग 6 लाख 97 हजार है उन्हें ऑनलाइन आवेदन केे पश्चात भी राशन कार्ड नहीं मिला है. सरकार ने इस संकट में उन सभी पीडीएस आवेदनकर्ताओं को भी राशन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है लेकिन उन सभी आवेदनकर्ताओं द्वारा स्थानीय पीडीएस दुकानदारों से संपर्क किए जाने पर</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/babulal-demands-cm-to-provide-ration-to-those-applying-online-for-ration-card/article-6366"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-04/babulal-marandi1jpg6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीरटांड़ प्रखंड के मामले का रखा उदाहरण</strong></p>
<p><strong>रांची :</strong> झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराने के मुद्दे पर फिर पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि मैंने 27 अप्रैल को आपको पत्र लिखकर आग्रह किया था कि गैर राशन कार्डधारकों की संख्या लगभग 6 लाख 97 हजार है उन्हें ऑनलाइन आवेदन केे पश्चात भी राशन कार्ड नहीं मिला है. सरकार ने इस संकट में उन सभी पीडीएस आवेदनकर्ताओं को भी राशन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है लेकिन उन सभी आवेदनकर्ताओं द्वारा स्थानीय पीडीएस दुकानदारों से संपर्क किए जाने पर टाल-मटोल की नीति अपनाते हुए सरकार द्वारा कोई दिशा-निर्देश नहीं मिलने की बात कही जाती है.</p>
<p>बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड का उल्लेख किया है, जहां के प्रमुख सिकंदर हेेंब्रम ने डीसी को आवेदन दिया है. इसमें उल्लेख है कि इस प्रखंड के 1668 परिवारों ने ऑनलाइन आवेदन किया उनका एकनालेजमेंट नंबर व राशन डीलर का नाम भी अंकित है, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें अनाज नहीं मिला है. उन्हें दीदी किचन से भी भोजन नहीं मिलता है और बिना भोजन किए निराश होकर वापस लौट जाते हैं. उन्होंने लिखा है कि दीदी किचन में 10-20 लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के बाद उसे बंद कर दिया जाता है.</p>
<p>बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि इसी तरह की स्थिति लगभग पूरे राज्य में है. विभाग में उपलबध पोर्टल पर आॅनलाइन आवेदनकर्ताओं का नाम, पता एवं डीलर का नाम भी अंकित है जिसे आप संबंधित विभाग से मंगाकर देख सकते हैं. राज्य के हरेक प्रखंड से फोन पर आवेदनकर्ता बता रहे हैं कि अनाज नहीं मिल रहा है.</p>
<p>बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेने को सुझाव दिया कि 1688 परिवारों को यथाशीघ्र राशन उपलब्ध कराने के लिए अविलंब गिरिडीह के उपायुक्त को निर्देश दिया जाए. उन्होंने राज्य के सभी जिलों में आॅनलाइन आवेदन करने वालों को राशन उपलब्ध कराने की मांग की है और इस कार्य की सफलता के लिए मानिटरिंग टीम के गठन का सुझाव दिया है.</p>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2020 17:36:10 +0530</pubDate>
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                <title>बाबूलाल मरांडी ने गरीबों को अनाज उपलब्ध करवाने के लिए सीएम हेमंत सोरेन को लिखा पत्र</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>रांची :</strong> विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर अपनी बात कही है. उन्होंने कहा है कि लाॅकडाउन में सरकार ने गरीबों को 10-10 किलो अनाज देने का एलान किया था, लेकिन एक महीना बाद भी हर जरूरतमंद को अनाज नहीं मिला है. राज्य में ऐसे लोगों की संख्या 06 लाख 97 हजार 443 बताई जा रही है, जिनका आवेदन देने के बाद भी कार्ड नहीं बन पाया है. भारत सरकार के द्वारा अनाज मुहैया कराने के बाद भी इन वंचितों तक अनाज अब तक नहीं पहुंचना दुखद है.</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/babulal-marandi-wrote-a-letter-to-cm-hemant-soren-to-provide-food-grains-to-the-poor/article-6348"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-04/babulal-marandi1jpg5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची :</strong> विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर अपनी बात कही है. उन्होंने कहा है कि लाॅकडाउन में सरकार ने गरीबों को 10-10 किलो अनाज देने का एलान किया था, लेकिन एक महीना बाद भी हर जरूरतमंद को अनाज नहीं मिला है. राज्य में ऐसे लोगों की संख्या 06 लाख 97 हजार 443 बताई जा रही है, जिनका आवेदन देने के बाद भी कार्ड नहीं बन पाया है. भारत सरकार के द्वारा अनाज मुहैया कराने के बाद भी इन वंचितों तक अनाज अब तक नहीं पहुंचना दुखद है.</p>
<p>बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कहा है कि इक्के-दुक्के स्थानों को छोड़कर लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. सरकार 01 लाख 87 हजार लोगों तक अनाज पहुंचाने की बात कह रही है, परंतु जमीनी आंकड़ा इससे कम ही प्रतीत हो रहा है. जैसी जानकारी मिल रही है और अखबारों में खबरें भी आ रही हैं कि अधिकांशतः स्थानों पर गैर.कार्डधारियों के लिए डीलरों तक न तो अनाज पहुंचा है और न ही इससे संबंधित कोई आधिकारिक आदेश है. लोग कई-कई किलोमीटर की दूरी तय कर डीलर के पास पहुंच रहे हैं और निराश होकर लौट रहे हैं.</p>
<p>आज भी राजधानी रांची के कई इलाके की इससे संबंधित अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित खबरें देखी जा सकती हैं. जब राजधानी का यह हाल है तो सुदूरवर्ती इलाकों की भयावहता खुद समझी जा सकती है. अभी कोई सामान्य वक्त नहीं है. जिस सरकार के लिए भोजन व राशन प्राथमिकता सूची में होनी चाहिए थी उसी सरकार के द्वारा ऐसी घोर लापरवाही अनुचित और असंवदेनशील है. झारखंड उच्च न्यायालय ने भी चार दिन पूर्व इस मामले पर सरकार को नसीहत देते हुए कहा था कि घोषणाओं व योजनाओं को सिर्फ कागज तक ही नहीं रखें, इसका लाभ भी जरूरतमंदों तक पहुंचनी चाहिए.</p>
<p>बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री से यही विनम्र आग्रह है कि इस दिशा में अविलंब कदम उठाएं. मेरा एक सुझाव यह भी है कि इन गरीबों की हालत समझते हुए उपायुक्तों और डीलरों के नाम सरकार को एक सार्वजनिक निर्देश जारी करनी चाहिए कि कार्ड के लिए अप्लाई किए गए आवेदन की छायाप्रति, सूची देखकर इन वंचितों को अनाज मुहैया कराए जाएं. कहीं परेशानी हो तो जनप्रतिनिधि, मुखिया, प्रमुख, पंचायत समिति, वार्ड सदस्य आदि की भूमिका तय कर अनाज वितरण सुनिश्चित हो. कोरोना संकट में लोगों के लिए एक.एक दिन भारी पड़ रहा है और लाॅकडाउन लगने की समय-सीमा महीने भर से अधिक हो चली है. ऐसे में जब लोग भूख से मर ही जाएंगे तब यह अनाज उनके किस काम का होगा.</p>
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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2020 17:53:17 +0530</pubDate>
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