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                <title>Jharkhand Budget - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>Jharkhand Budget RSS Feed</description>
                
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                <title>झारखण्ड का बजट: अंतिम पायदान पर खड़े समाज के विकास का सच्चा आईना बने</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[झारखण्ड का बजट तभी ऐतिहासिक होगा जब वह अंतिम पायदान पर खड़े दलित, आदिवासी, मूलवासी और गरीब समाज के विकास का वास्तविक प्रतिबिंब बने। शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि अधिकार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित बजट ही राज्य को सामाजिक न्याय का मॉडल बना सकता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/opinion/jharkhands-budget-should-become-a-national-model-of-social-justice/article-18249"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/c136e8c6-8a8c-45a8-9bf2-8712d983adce_samridh_1200x720-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p>झारखण्ड की इस पावन धरती पर खनिजों की अनमोल चमक है — कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, यूरेनियम। लेकिन इसी माटी में सदियों से शोषण, विस्थापन और अधिकार-वंचना का खून बहता रहा है। 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की लगभग 26.21% आबादी अनुसूचित जनजाति और लगभग 12% अनुसूचित जाति से है। यानी हर तीन में से एक झारखण्डवासी उस समुदाय से है, जिसे इतिहास ने विकास की दौड़ में सबसे पीछे धकेल दिया।</p>
<p>आज जब राज्य का वार्षिक बजट लाखों करोड़ की योजनाओं का खाका खींचता है, तो सबसे बड़ा सवाल यह है — क्या बजट की पहली पंक्ति में वे लोग हैं, जो सदियों से अंतिम पायदान पर खड़े हैं?</p>
<p>झारखण्ड देश के खनिज उत्पादन में अग्रणी है, लेकिन मानव विकास सूचकांक में देश के पिछड़े राज्यों में शुमार है। यह विडंबना तभी खत्म होगी, जब बजट की प्राथमिकता खनिज नहीं, मनुष्य होगी; लाभ नहीं, अधिकार होगा; और विकास का मतलब विस्थापन नहीं, बल्कि सशक्तिकरण होगा।</p>
<p>यदि शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि-अधिकार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित, डेटा-आधारित, पारदर्शी और समुदाय-संचालित बजट बने, तो झारखण्ड न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा, बल्कि पूरे देश के लिए सामाजिक न्याय का जीवंत मॉडल भी बनेगा। ऐसा बजट ही दलित-आदिवासी-मूलवासी एवं अन्य कमजोर वर्गों के अंतिम पायदान पर बैठे नागरिकों तथा उच्च जाति के सबसे गरीब परिवारों के सर्वांगीन, चहुमुखी और समग्र विकास का वास्तविक मार्ग प्रशस्त करेगा।</p>
<p><strong>विकास बनाम वंचना: एक कठोर सच</strong></p>
<p>झारखण्ड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में अग्रणी है, लेकिन जिन जिलों से ये खनिज निकलते हैं — पश्चिम सिंहभूम, गुमला, पाकुड़, लातेहार — वहीं गरीबी, कुपोषण, अशिक्षा और पलायन की दर सबसे ऊँची है। विकास की गाड़ी तेज़ चली, लेकिन अंतिम डिब्बा छूट गया। यह विरोधाभास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक संकट है। अब समय आ गया है कि बजट इस नैतिक संकट का समाधान बने।</p>
<p><strong>1. शिक्षा: अधिकार, दान नहीं</strong></p>
<p>आदिवासी-दलित बहुल क्षेत्रों में माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 25-35% तक पहुँच चुकी है। बालिका शिक्षा की स्थिति और भी दर्दनाक है। यदि बजट में शिक्षा पर 30% से कम आवंटन होता है, तो यह सामाजिक न्याय की अधूरी प्रतिबद्धता होगी।</p>
<p>बजट में हर आदिवासी प्रखंड में आवासीय विद्यालय अनिवार्य हों। प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा — संथाली, मुंडारी, हो, कुरुख — में हो, ताकि बच्चे की सीखने की क्षमता बढ़े और सांस्कृतिक पहचान बरकरार रहे। उच्च शिक्षा में दलित-आदिवासी विद्यार्थियों के लिए 100% छात्रवृत्ति, कोचिंग सहायता और तकनीकी संस्थानों में आरक्षित सीटों का सख्त क्रियान्वयन हो।</p>
<p>“दलित-आदिवासी कौशल मिशन” के तहत ₹1000-2000 करोड़ का वार्षिक प्रावधान कर आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल सेंटरों को उद्योगों से जोड़ा जाए, ताकि प्रशिक्षण के साथ रोजगार भी सुनिश्चित हो। शिक्षा केवल साक्षरता नहीं — यह सामाजिक गतिशीलता का सबसे मजबूत पुल है। यही वह सीढ़ी है, जिस पर चढ़कर अंतिम पायदान का बच्चा भी शिखर छू सकता है।</p>
<p><strong>2. भूमि और वनाधिकार: सम्मान का प्रश्न</strong></p>
<p>सदियों से जंगल-जमीन से जुड़ा समाज आज भी अपने ही संसाधनों पर अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। वनाधिकार कानून (FRA) के तहत हजारों दावे अभी भी लंबित हैं। जब तक सामुदायिक और व्यक्तिगत पट्टे नहीं बाँटे जाते, विकास अधूरा रहेगा।</p>
<p>बजट में “FRA मिशन फंड” के तहत कम से कम ₹500 करोड़ का विशेष प्रावधान हो। लघु वनोपज — तसर, महुआ, साल बीज, लाख — के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और स्थानीय प्रोसेसिंग इकाइयाँ स्थापित हों। खनिज रॉयल्टी और DMF फंड का कम से कम 40% स्थानीय समुदायों के विकास पर खर्च हो।</p>
<p>सिंचाई, सौर पंप, सूक्ष्म जलाशयों में निवेश बढ़े। महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज ऋण और विपणन सहायता दी जाए। विकास का मॉडल विस्थापन का नहीं, स्थानीय संसाधनों पर स्थानीय समुदाय के अधिकार का हो। तभी न्यायपूर्ण विकास संभव होगा।</p>
<p><strong>3. स्वास्थ्य: जीवन का अधिकार</strong></p>
<p>दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएँ आज भी नाममात्र की हैं। मातृ मृत्यु दर और कुपोषण गंभीर समस्या बने हुए हैं। स्वास्थ्य बजट में 25% वृद्धि हो। हर 20,000 आबादी पर एक पूर्ण सुसज्जित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बने, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर, दवाइयाँ और एम्बुलेंस अनिवार्य हों।</p>
<p>“पोषण सुरक्षा मिशन” के लिए ₹1000 करोड़ का वार्षिक प्रावधान हो। मोबाइल मेडिकल यूनिट, मातृ-शिशु स्वास्थ्य मिशन और मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हों। स्वास्थ्य कोई दया नहीं, संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन का अधिकार है। बजट में यह भावना साफ झलकनी चाहिए।</p>
<p><strong>4. रोजगार और पलायन: मजबूरी नहीं, विकल्प</strong></p>
<p>झारखण्ड से लाखों युवा रोजगार की तलाश में बाहर जाते हैं। यह सिर्फ आर्थिक नहीं, सामाजिक विखंडन की त्रासदी है। “दलित-आदिवासी उद्यमिता कोष” के लिए ₹2000 करोड़ का प्रावधान हो। खनिज आधारित उद्योगों में 75% स्थानीय रोजगार अनिवार्य किया जाए।</p>
<p>मनरेगा को जल संरक्षण और उत्पादक परिसंपत्तियों से जोड़ा जाए। हस्तशिल्प, बांस, तसर और कृषि आधारित लघु उद्योगों के लिए विशेष स्टार्टअप कोष बने। रोजगार ऐसा हो, जो पलायन रोके, आत्मसम्मान बढ़ाए और युवाओं को अपनी मिट्टी से जोड़े।</p>
<p><strong>5. सामाजिक न्याय और सुरक्षा</strong></p>
<p>अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण कानून के बावजूद न्याय प्रक्रिया लंबी और जटिल है। कानूनी सहायता और फास्ट-ट्रैक अदालतों के लिए विशेष कोष हो। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन में 50% वृद्धि हो। सभी छात्रवृत्ति और सामाजिक योजनाओं का 100% समयबद्ध DBT सुनिश्चित हो। न्याय कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर दिखना चाहिए।</p>
<p><strong>आवास, सड़क और बुनियादी ढाँचा</strong></p>
<p>सुरक्षित पक्का घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क और डिजिटल कनेक्टिविटी — ये सुविधाएँ नहीं, गरिमापूर्ण जीवन के अनिवार्य तत्व हैं। आदिवासी-दलित बस्तियों में पक्के घरों का निर्माण, हर घर जल योजना का पूर्ण विस्तार, हर टोला को सड़क से जोड़ना और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बजट की प्राथमिकता बने।</p>
<p><strong>पारदर्शिता और जनभागीदारी</strong></p>
<p>बजट बनाना पर्याप्त नहीं, उसका सही उपयोग ज़रूरी है। इसलिए ग्राम सभा आधारित पार्टिसिपेटरी बजटिंग लागू हो। सभी योजनाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग, वार्षिक सामाजिक लेखा परीक्षा और जिला स्तर पर स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकन अनिवार्य हों।</p>
<p><strong>अंतिम शब्द: बजट एक नैतिक दस्तावेज़ है</strong></p>
<p>झारखण्ड का बजट मात्र आय-व्यय का ब्यौरा नहीं, यह तय करता है कि राज्य किसके साथ खड़ा है। यदि अंतिम पायदान पर खड़े दलित, आदिवासी, मूलवासी और गरीब समाज को केंद्र में रखकर बजट नहीं बना, तो विकास की चमक सिर्फ शहरों तक सिमट जाएगी।</p>
<p>आज ज़रूरत है ऐसे बजट की — जहाँ प्राथमिकता खनिज नहीं, मनुष्य हो; लाभ नहीं, अधिकार हो; विकास का अर्थ विस्थापन नहीं, सशक्तिकरण हो। तभी झारखण्ड की आत्मा पूरी होगी। तभी बजट ऐतिहासिक कहलाएगा।</p>
<p>दलित, आदिवासी और मूलवासी समाज के बिना झारखण्ड अधूरा है। बजट की हर पंक्ति में यह संदेश साफ दिखे — राज्य की प्राथमिकता खनिज नहीं, मनुष्य है; मुनाफा नहीं, गरिमा है; और विकास विस्थापन नहीं, सशक्तिकरण है। ऐसा बजट ही झारखण्ड को न सिर्फ आर्थिक रूप से समृद्ध, बल्कि सामाजिक न्याय का राष्ट्रीय मॉडल बनाएगा।</p>
<p><strong>लेखक: विजय शंकर नायक</strong></p>]]>
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                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                            <category>आर्टिकल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 14:31:35 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Susmita Rani]]>
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            <item>
                <title>झारखंड बदल रहा है, वैश्विक मंच पर पहुंचाने का काम किया : हेमन्त सोरेन</title>
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                        <![CDATA[कोडरमा में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने केंद्र सरकार पर झारखंड की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड अब बदल रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। इस अवसर पर शालिनी गुप्ता समेत कई लोगों ने झामुमो की सदस्यता ग्रहण की।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/koderma/jharkhand-is-changing-hemant-soren-did-the-work-of-taking/article-17876"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/8572596c-6735-489b-b2f9-1ca6d84eadc0_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:left;"><strong>कोडरमा :</strong> राज्य के मुख्यमंत्री और झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने गुरुवार को कोडरमा के लोकाई में कहा कि इस बार के केंद्रीय बजट में झारखंड को ठेंगा दिखा दिया, अगर हमने ठेंगा दिखा दिया तो देश पीछे चला जायेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र से भारतीय जनता पार्टी की सरकार को उखाड़ फेंकना है, नहीं तो आदिवासी मूलवासी कोई नहीं बचेगा।</p>
<p style="text-align:left;">सोरेन ने झामुमो में शामिल हुए लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि कोडरमा जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने राजनीतिक कार्यक्रमों को आगे बढाते हुए एक और कड़ी जोड़ रही है। एक लंबे समय के बाद अलग अपना राज्य बना। 25वां साल का यह झारखंड प्रदेश बिहार के एक कोने में बसता था, नतीजा झारखंड प्रदेश कई मायनो में पिछड़ा रहता था।</p>
<p style="text-align:left;">आजादी के लिए भारत देश को कितना संघर्ष करना पड़ा, वो आप सबको पता है। कितने लोग जेल गए, ना जाने कितने लोग देश के लिए कुरबान हो गए। ठीक उसी प्रकार जब ये भारत देश आज़ादी का सपना भी नहीं देखा था उससे कई वर्षों आगे से झारखंड में यहां के आदिवासी मूलवासी अंग्रेजों से लोहा लेते रहे। हजारीबाग जेल से लेकर झारखंड के हर कोने के जेल झारखंड के आंदोलनकारियों से भरा पड़ा था, तब ये राज्य मिला।</p>
<p style="text-align:left;">यह ऐसा राज्य है जिसने सदियों से सिर्फ देने का काम किया। उन्होंने कहा कि कोयला, लोहा, अबरख सारा कुछ हम लोग दिया। हमारे खनिज संपदा से दिल्ली, मुंबई, गुजरात चमकता रहा। हम लोग अंधकार में गरीबी में रहने को मजबूर हुए और योजनाबद्ध तरीके से झारखंड को गरीब राज्य बनाने का काम किया गया। देश के आजाद होने के बाद कारखाने उद्योग लगे लेकिन दुर्भाग्य उसका लाभ हमारे झारखंड के भाइयों को नहीं मिला। झारखंड गरीब है वो इसलिए गरीब है कि और राज्यों को आगे बढ़ाना है।</p>
<p style="text-align:left;">दिल्ली, मुंबई, गुजरात तो आगे बढ़ाना है तो वाहन चलाएगा कौन, सड़क, बिल्डिंग बनाएगा कौन, फैक्ट्री चलेगा तो उसको चलाएगा कौन। उसके लिए तो मजदूर चाहिए इसीलिए झरखंड बिहार को लोगों ने मजदूर बनाके छोड़ दिया। लेकिन अब झारखंड बदल रहा है, झारखंड को वैश्विक मंच पर पहुंचाने का काम किया, विदेश में यहां के नौजवान पढ़ाई कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:left;">सोरेन ने यह भी कहा कि शालिनी गुप्ता के नेतृत्व में मजबूती मिलेगी। अब दो आंख और होगी और हम और अच्छे तरीके से कोडरमा को देख सकेंगे। इस दौरान राज्य के मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू, पार्टी नेता प्रणव वर्मा, पूर्व विधायक केदार हाजरा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी यादव के साथ पार्टी के अन्य नेता मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष बिरेन्द्र पांडेय जबकि संचालन जिला सचिव पवन माइकल कुजूर ने किया।</p>
<p style="text-align:left;">राज्य के नगर विकास मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने कहा कि साल 2019 में विधानसभा के चुनाव में झारखंड की जनता ने हेमन्त सोरेन  के साथ चलने का निर्णय किया। चाहे वाह सर्वजन पेंशन योजना हो, चाहे वह सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना हो, चाहे वो मैया सम्मान हो। जब 2024 का चुनाव आया तो झारखंड के बड़े भूभाग में और झारखंड के ज्यादा इलाके से लोगों ने हेमन्त सोरेन के पीछे चलने का संकल्प लिया ।</p>
<p style="text-align:left;">कार्यक्रम के दौरान शालिनी गुप्ता ने अपने संबोधन में जेएमएम नेतृत्व के प्रति अपनी आस्था जतायी और लोगों के समर्थन के लिए आभार जताया ।  भीम साहू, बिरेन्द्र साहू, सूर्यदेव मोदी, प्रवीण चंद्रवंशी, दुर्गा शाही, आईडी राम, कल्याणी सिंह, शमशुल खान, बृजनंदन यादव, विकास कुमार, कुलबीर सलूजा, मंजूर आलम, सुभाष राना, सुखदेव तुरी, बिरेन्द्र राय, नरेंद्र सिन्हा, अब्दुल रउफ, त्रिलोकी प्रसाद, विनीत मोदी, राजेन्द्र दास, रीतेश साहू ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>कोडरमा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 19:08:34 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Kumar Ramesham]]>
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                <title>Ranchi news: होली के छुट्टी के बाद आज से विधानसभा बजट सत्र शुरू </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>रांची: </strong>होली के छुट्टी के बाद मंगलवार से झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की बाकी बची कार्रवाई शुरू होने जा रही है। बजट सत्र के दौरान फिर एक बार सत्ता पक्ष व विपक्ष आमने-सामने होंगे। क्योंकि होली की छुट्टी अवधि के दौरान राज्य में हुई कुछ घटनाओं को लेकर मुख्य विपक्षी दल भाजपा आक्रामक नजर आ रही है। उधर, सत्ता पक्ष भी भाजपा का जवाब देने की पूरी तैयारी कर रखी है। ऐसे में मंगलवार से शुरू हो रही बजट की कार्रवाई हंगामेदार होने के आसार हैं। भाजपा होली के दिन गिरिडीह के घोड़थांबा में हुई हिंसा को लेकर सरकार</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-news-assembly-budget-session-starts-from-today-after-holi/article-14409"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-03/resized-image-(25).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>होली के छुट्टी के बाद मंगलवार से झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की बाकी बची कार्रवाई शुरू होने जा रही है। बजट सत्र के दौरान फिर एक बार सत्ता पक्ष व विपक्ष आमने-सामने होंगे। क्योंकि होली की छुट्टी अवधि के दौरान राज्य में हुई कुछ घटनाओं को लेकर मुख्य विपक्षी दल भाजपा आक्रामक नजर आ रही है। उधर, सत्ता पक्ष भी भाजपा का जवाब देने की पूरी तैयारी कर रखी है। ऐसे में मंगलवार से शुरू हो रही बजट की कार्रवाई हंगामेदार होने के आसार हैं। भाजपा होली के दिन गिरिडीह के घोड़थांबा में हुई हिंसा को लेकर सरकार के जवाब मांगेगी। साथ ही इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी भी तेज होगी</p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 12:10:43 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
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                <title>Ranchi news: प्रोजेक्ट भवन में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया बजट पूर्व संगोष्ठी (25-26)</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[बजट पूर्व गोष्ठी का उद्देश्य राज्य के हर तबके के लोगों , झारखंड के जंगलों ,दूर दराज़ में रहने वाले ग़रीब लोगों, किसानों के चेहरे पर खुशहाली लाने वाले सुझावों को प्राप्त करना]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-news-pre-budget-seminar-organized-under-the-chairmanship-of-finance/article-13894"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-01/gdafgdfg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आगामी 2025-26 के बजट को अबुआ बजट का नाम दिया है, इस बजट में झारखंड के जंगलों ,दूर दराज़ में रहने वाले ग़रीब लोगों, किसानों, राज्य के हर तबके, जाति, धर्म के लोगों के हितों को ध्यान में रख कर योजनाएँ शामिल की जाएगी। लोगों की चेहरे में खुशहाली ला सके, ऐसा बजट हम तैयार करेंगे। इसलिए आम लोगों से रायशुमारी ली जा रही है। इसी संदर्भ में आज कृषि, सिंचाई, वन-पर्यावरण, ग्रामीण विकास, आजीविका मिशन, नगर विकास, पर्यटन, उद्योग, ख़ान एवं भूतत्व, श्रम एवं कौशल विकास के क्षेत्र में एक्सपर्ट लोगों के सुझाव एवं विचार आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आपके कई बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए हैं उन बहुमूल्य सुझावों को आगामी 2025-26 के बजट में शामिल करने का प्रयास रहेगा। वह गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित अबुआ बजट कार्यशाला (बजट पूर्व संगोष्ठी 2025-26) को संबोधित कर रहे थे। </p>
<p>मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि हमारा बजट राज्य की संस्कृति, भौगोलिक व्यवस्था, यहाँ रहने वाले लोगों की परंपराओं को ध्यान में रख कर तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह इस राज्य का 25वाँ बजट होगा जहाँ राज्य की कई चुनौतियाँ हमारे समक्ष है। हम उन दृष्टिकोण को ध्यान में रख कर बजट तैयार करेंगे जिससे झारखंड का आर्थिक, सामाजिक एवं भौगोलिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि बजट की मॉनिटरिंग भी होनी जरूरी है ताकि बजट में जो योजनाएं शामिल की गई उसकी धरातल पर क्या स्थिति है उसका पता चल सके। उन्होंने राजस्व बढ़ाने पर भी जोर दिया। </p>
<p>मंत्री किशोर ने सतही जल को बचाने पर जोर देते हुए कहा कि झारखंड में वर्षा जल के संचयन पर हमें ध्यान देने की ज़रूरत है ताकि बारिश का जो जल नदी, नालों के जरिये बह जाता है उसे बचाया जा सके ताकि उससे सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो और भूगर्भीय जल में भी सुधार आए। झारखंड में सुखांत की स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए भी यह जरूरी है। इसका भी ध्यान इस बजट में रखा जाएगा। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर कहा कि कृषि के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है, इसलिए कृषि विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग को आगामी अबुआ बजट में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाएगा। उन्होंने हॉर्टिकल्चर के माध्यम से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बल दिया । </p>
<p>राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि जंगल में रहने वालों को तो वनपट्टा मिल जाता है परंतु कनेक्टिविटी की कमी के कारण उस क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाती है । प्रयास करें वहां तक पहुंचने के लिए सड़कें हों । उन्हें ग्राम सभा के माध्यम से बेसिक नीड्स उपलब्ध कराने पर जोर दें साथ ही महुआ आधारित शराब बनाने पर जोर दे ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले ।</p>
<h4><strong>आगामी बजट झारखंड को विकास के पथ पर लेकर जाएगा आगे</strong></h4>
<p>ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि आगामी बजट में झारखंड की महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया जाएगा। जेएसएलपीएस से करीब 32 लाख महिलायें जुड़ी हुई है। महिलाओं को मइयां सम्मान योजना के माध्यम से दी जा रही आर्थिक सहायता को इकोनॉमिक एंगेज्ड कर उन्हें कैसे मदद दी जाए ताकि वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़े इस पर विभाग का फोकस है आगामी बजट में महिलाओं को फाइनेंशियली ट्रेंड कर उन्हें कैसे रोजगार से जोड़ा जाए इसे ध्यान में रखा जा रहा है। ग्रामीण महिलाओं को अर्बन मार्केट से कनेक्ट करने का प्रयास किया जाएगा साथ ही ग्रामीण इलाकों में रूरल ड्रिंकिंग वाटर के छोटे छोटे प्रोजेक्ट को भी शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में सोलर एनर्जी को भी बढ़वा दिया जाएगा । </p>
<h4><strong>आगामी बजट में किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने पर दिया जाएगा जोर</strong></h4>
<p>कृषि मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की ने कहा कि हमारे राज्य के किसानों को ध्यान में रख कर आगामी बजट में उन्हें शामिल किया जाएगा। आगामी बजट में किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जाएगा। हमारे किसान पारंपरिक तौर पर एकल खेती पर निर्भर है, हमारा प्रयास होगा कि उन्हें पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराते हुए बहुकृषि करने पर जोर दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के तहत बिरसा पाठशाला प्रोग्राम चलाया जा रहा है जिसे आगामी बजट में बृहत् पैमाने पर चलाया जाएगा, जहाँ हम किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करायेंगे, उनकी कैपेसिटी बिल्डिंग करेंगे ताकि वे अपने जमीन पर बेहतर तरीके से खेती कर सकें। उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाओं जिसमे मुख्यमंत्री पशुधन योजना, झारखंड मिल्क फेडरेशन को और मजबूत करने की जरूरत है साथ ही मत्स्य पालन में भी हमलोग बेहतर कर रहे हैं। उन्होंने किसानों द्वारा की जा रही रबी फसलों की खेती को सिंचाई के साथ साथ पर्याप्त साधन उपलब्ध करने पर आगामी बजट में शामिल करने पर जोर दिया। </p>
<h4><strong>प्राप्त सुझावों पर प्रस्ताव किया जाएगा तैयार</strong></h4>
<p>जल संसाधन विभाग सह वित्त विभाग के प्रधान सचिव प्रशांत कुमार ने बताया कि सिंचाई के क्षेत्र में झारखंड के किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने हेतु कई सुझाव प्राप्त किए गए। पुराने सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, वाटर बॉडीज़ को मजबूत करने के साथ साथ गाँव में नए तालाब बनाने पर जोर दिया जाएगा। सोलर बेस्ड इरिगेशन, माइनर इरिगेशन को ध्यान में रख कर आगामी बजट में प्रावधान किया जाएगा। सिंचाई के लिए मुख्यता तीन विभाग कार्य करते है जिसमे ग्रामीण विभाग से सिंचाई कूप के लिए बिरसा सिंचाई कूप की योजना ली गई है जो की काफी सफल रही है जिसमे किसानों को इसके ज़रिए काफ़ी लाभ पहुँचा है। साथ ही वाटर शेड स्कीम की कई योजनाओं को लिया गया है। कृषि विभाग भी किसानों को सिंचाई की सुविधा के लिए सोलर पम्प, माइक्रो इरिगेशन सिस्टम उपलब्ध कराता है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन की कई योजनाओं पर काम चल रहा है साथ ही आगामी बजट में 50 से अधिक छोटी बड़ी योजनाओं को शामिल किया जाएगा। पर्यटन के क्षेत्र से प्राप्त सुझावों पर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टूरिज्म के क्षेत्र से झारखंड इकॉनमी को गति मिलेगी साथ ही रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। खनन के क्षेत्र से राजस्व प्राप्ति को बढ़ाने पर जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि 34 कोल ब्लॉक का आवंटन हो गया है इसकी उच्च स्तर पर समीक्षा की जायेगी । </p>
<h4><strong>बजट पूर्व संगोष्ठी (2025-26) में आयें एक्सपर्ट के सुझाव</strong></h4>
<p>प्रेम शंकर ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना पर जोर दिया जाए। नेचुरल फार्मिंग करने की जरूरत है। झारखंड मिलेट्स को बजट में शामिल किया जाए। लाह की खेती पर जोर दिया जाए जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। आने वाले 25 वर्षों के बाद 2050 में झारखंड कैसा होगा इस पर एक विज़न डाक्यूमेंट्री बनाने की जरूरत बताई ।सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए ।</p>
<p>प्रोफेसर देवनाथन ने कहा कि ग्राम सभा को बजट में ध्यान रखा जाए। इसमें जंगल मित्र का प्रावधान किया जाए ताकि जंगल का प्रबंधन हो सके और एक जिला एक प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जाए और उसकी ब्रांडिंग की जाए ताकि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो। धीरज दानियाल होरो ने रूरल इकॉनमी पर जोर देते हुए प्रोडक्ट की वैल्यू एडिशन और फ़ूड प्रोसेसिंग की जरूरत बताई। शैलेंद्र कुमार ने कहा कि राज्य के ग्रामीण युवाओं के लिए स्किल प्रोग्राम को इस बजट में शामिल किया जाए। गाँव में जाकर युवाओं को ट्रेनिंग दी जाए साथ ही महिलाओं के लिए भी विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण देने की जरूरत बताई। </p>
<p>नगर विकास की प्रॉपर प्लानिंग की जरूरत बताई गई जिसमे यातायात की व्यवस्था, पार्किंग की व्यवस्था, आदि के बारे में विस्तृत बातें बतायी गई। खनन के क्षेत्र के विकास पर जोर दिया जाए । जिससे राजस्व की प्राप्ति हो सके। बंद पड़े कोल ब्लॉक का जल्द से जल्द आवंटन हो, इस पर जोर दें। उद्योग के क्षेत्र इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाने की बात कही गई। सोलर पावर पर जोर दिया गया, अमिताभ गोष ने एक्सपीरियंस टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात कही। जूडको द्वारा राज्य के शहरों में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला गया। शहरों में वाटर सप्लाई, सैनिटेशन, ट्रांसपोर्टेशन, आदि पर चर्चा की गई। </p>
<p>योजना एवम् विकास विभाग के सचिव मस्त राम मीना ने भी अपने विचार रखे। कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीक़ी ने कहा कि आगामी बजट में रूरल इकॉनमी जेनरेट करने का प्रयास रहेगा। सॉइल कांजेर्वेशन, तालाब का प्रावधान इस बजट में किया जाए। अंडा उत्पादन में हम आत्मनिर्भर हो इस बजट में इसका प्रयास रहेगा। सचिव ग्रामीण विकास विभाग के श्रीनिवासन ने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में काम हो रहा है। स्वयं सहायता समूह द्वारा उन्हें क्रेडिट लिंकेज दिया जा रहा है। बिरसा हरित ग्राम योजना से उन्हें मजबूत किया जा रहा है। </p>
<p>इस अवसर पर सभी संबंधित विभागों के अधिकारी, संबंधित क्षेत्र से आए विशेषज्ञ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।</p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 20:02:28 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>आज पेश होगा झारखंड का बजट, आर्थिक सर्वे में मिली राज्य की खराब आर्थिक हालत की झलक</title>
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                        <![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>रांची :</strong> झारखंड का बजट तीन मार्च 2021, दिन बुधवार विधानसभा में पेश किया जाएगा। राज्य के वित्तमंत्री डाॅ रामेश्वर उरांव का यह दूसरा बजट होगा। झारखंड का वर्ष 2021-22 का बजट करीब 90 हजार करोड़ रुपये का रहने का अनुमान है। बजट पेश किए जाने से एक दिन पूर्व मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि इस बार का बजट बहुत मेहनत से तैयार किया गया है और इसमें हर तबके का ध्यान रखा गया है।</p>
<p>बजट में अगले वित्तीय वर्ष में किसानों का कर्ज माफ करने के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/business/jharkhand-budget-2021-22-will-be-presented-today-in-assembly-poor-economic-condition-of-the-state-according-economic-survey/article-8317"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2021-03/rameswar-oeaon-2.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>रांची :</strong> झारखंड का बजट तीन मार्च 2021, दिन बुधवार विधानसभा में पेश किया जाएगा। राज्य के वित्तमंत्री डाॅ रामेश्वर उरांव का यह दूसरा बजट होगा। झारखंड का वर्ष 2021-22 का बजट करीब 90 हजार करोड़ रुपये का रहने का अनुमान है। बजट पेश किए जाने से एक दिन पूर्व मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि इस बार का बजट बहुत मेहनत से तैयार किया गया है और इसमें हर तबके का ध्यान रखा गया है।</p>
<p>बजट में अगले वित्तीय वर्ष में किसानों का कर्ज माफ करने के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की संभावना है। इसके साथ कुछ पुरानी योजनाओं को समाप्त कर कुछ नयी योजनाएं शुरू करने का ऐलान किया जा सकता है। बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कोरोना के बाद पेश किए जाने वाले इस पहले बजट पर उसक प्रभाव भी दिखेगा और महामारी से उत्पन्न आर्थिक व रोजगार संकट से निबटने के उपाय सरकार इसमें करती दिख सकती है।</p>
<p><strong>राज्य की आर्थिक हालत बेहद खराब</strong></p>
<p>बजट पेश किए जाने से पहले मंगलवार को विधानसभा में वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने राज्य का आर्थिक सर्वे पेश किया, जिसमें खराब आर्थिक सेहत का खुलासा हुआ। आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि राज्य का भौगोलिक क्षेत्र देश के भौगोलिक क्षेत्र का 2.4 प्रतिशत है और आबादी देश की आबादी के 2.5 प्रतिशत है, लेकिन देश के सकल घरेलू उत्पादन में राज्य का योगदान मात्र 1.6 प्रतिशत है। साल 2014-15 से 2018-19 के बीच राज्य की औसत वार्षिक विकास दर देश की औसत आर्थिक विकास दर से कम हो गयी है। जारी वित्त वर्ष में कोविड19 के कारण राज्य की विकास दर पर बुरा प्रभाव पड़ा है। इस दौरान स्थिर मूल्य पर राज्य की विकास दर में 6.9 प्रतिशत और प्रचलित मूल्य पर 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है।</p>
<p>आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि नया कृषि कानून राज्य के हित में नहीं है। चालू वित्त वर्ष में राज्य का कर्ज एक लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। बढते राजकोषीय घाटे से राज्य पर कर्ज बढता जा रहा है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में झारखंड देश में 27वें स्थान पर है।</p>
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                                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Mar 2021 08:33:46 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
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                            </item>
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                <title>बजट पर वित्तमंत्री ने कहा, सरकार का फोकस सोशल सेक्टर पर</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>रांची: </strong>राज्य के वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने बजट सत्र के दौरान कहा कि सरकार खर्च बढ़ाने के साथ-साथ उसके परिणामों पर भी ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि झारखंड की स्थापना के लिए जयपाल सिंह मुंडा से लेकर दिशोम गुरु ने लड़ाई लड़ी। लेकिन, झारखंड बनने के कई वर्षों बाद भी कई लोग भूखे, नंगे और प्यासे हैं। इन्हीं मसलों को राज्य में जड़ से हटाने पर सरकार का ध्यान है। <span style="text-transform:initial;">सरकार का फोकस सोशल सेक्टर पर है। भूखों की समस्या दूर करने के लिए 10 लाख लोगों का राशन कार्ड बनेगा, जिसे अगले वर्ष तक वितरित कर दिया जाएगा। </span></p>
<p>इसके</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/finance-minister-said-on-the-budget-the-governments-focus-is-on-the-social-sector/article-5788"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-03/26_08_2019-rameshwar-oraon1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>राज्य के वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने बजट सत्र के दौरान कहा कि सरकार खर्च बढ़ाने के साथ-साथ उसके परिणामों पर भी ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि झारखंड की स्थापना के लिए जयपाल सिंह मुंडा से लेकर दिशोम गुरु ने लड़ाई लड़ी। लेकिन, झारखंड बनने के कई वर्षों बाद भी कई लोग भूखे, नंगे और प्यासे हैं। इन्हीं मसलों को राज्य में जड़ से हटाने पर सरकार का ध्यान है। <span style="text-transform:initial;">सरकार का फोकस सोशल सेक्टर पर है। भूखों की समस्या दूर करने के लिए 10 लाख लोगों का राशन कार्ड बनेगा, जिसे अगले वर्ष तक वितरित कर दिया जाएगा। </span></p>
<p>इसके अलावा वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार गरीबों के बीच दस रूपए में धोती-साड़ी-लूंगी का वितरण करेगी। वहीं, पीएम आवास योजना के तहत लाभुकों को राज्य सरकार की तरफ से अतिरिक्त पचास हजार रूपए दिए जायेंगे। इसके अलावे आजसू प्रमुख सुदेश महतो के सवालों के जवाब देते हुए उरांव ने कहा कि <span style="text-transform:initial;">विपक्ष की आलोचना को राज्य सरकार सुझाव के रूप में लेगी। सरकार के प्रॉमिस और परफॉरमेंस के बीच कोई गैप नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना बंद करने का तर्क देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इसका लाभ वैसे लोगों को मिल रहा था, जो खेती करते ही नहीं हैं, वे सिर्फ जमीन के मालिक हैं। दूसरों की जमीन पर खेती करने वाले छोटे-छोटे किसान इससे वंचित थे। </span></p>
<p>इससे पहले सुदेश महतो ने सरकार पर स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बजट पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणापत्र में दावे कुछ और हैं, जबकि बजट में कुछ और ही कहा गया है। सरकार अगर सोशल सेक्टर पर ध्यान केन्द्रित करना चाहती है, तब तो और चिंता की बात है क्योंकि बजट में अस्पताल, डॉक्टर, स्कूल, शिक्षक आदि की संख्या बढ़ाने का कोई भी जिक्र नहीं किया गया। मानव इंडैक्स पर सरकार को काम करने की जरूरत है। यहां सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है कि हो जाएगा, पर बजट में इसके लिए कोई उपबंध है ही नहीं। सरकार को गरीबों पर फोकस करते हुए बजट पर फिर से आकलन करना चाहिए।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2020 12:44:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>किसानों पर हेमंत सरकार की दया दृष्टि, अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना की हुई शुरुआत</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>रांची: </strong>झारखंड विधानसभा में पेश बजट में किसानों को कर्ज के बोझ से निकालने के लिए दो हजार करोड़ रुपयों का प्रावधान हेमंत सरकार ने किया है। इसके लिए सरकार ने अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना की शुरुआत करने का फैसला लिया है।</p>
<p><strong>जानिए किसानों के लिए और क्या है ख़ास इस बजट में?</strong></p>
<ul>
<li>हेमंत सरकार द्वारा नई योजना धान उत्पादन एवं बाजार सुलभता की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के लिए सरकार ने बजट में 200 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया है।</li>
<li>कृषि उत्पादों के बेहतर रख-रखाव के लिए हर जिले में दो-दो कोल्ड स्टोरेज बनाये जायेंगे, जिसके लिए</li></ul>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/hemant-governments-compassion-on-farmers-short-term-agricultural-debt-relief-scheme-started/article-5747"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-03/farmingindia_660_081117025209_031518034058.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>झारखंड विधानसभा में पेश बजट में किसानों को कर्ज के बोझ से निकालने के लिए दो हजार करोड़ रुपयों का प्रावधान हेमंत सरकार ने किया है। इसके लिए सरकार ने अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना की शुरुआत करने का फैसला लिया है।</p>
<p><strong>जानिए किसानों के लिए और क्या है ख़ास इस बजट में?</strong></p>
<ul>
<li>हेमंत सरकार द्वारा नई योजना धान उत्पादन एवं बाजार सुलभता की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के लिए सरकार ने बजट में 200 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया है।</li>
<li>कृषि उत्पादों के बेहतर रख-रखाव के लिए हर जिले में दो-दो कोल्ड स्टोरेज बनाये जायेंगे, जिसके लिए 30 करोड़ रूपए खर्च किये जायेंगे।</li>
<li>किसानों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि उपकरण खरीदने के लिए बजट में पचास करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सिंचाई में उपयोग होने वाले पंप सेट, एचडीपीई पाइप सहित अन्य उपकरणों को उपलब्ध कराया जाएगा।</li>
<li>झारखंड में पीएम किसान फसल बीमा योजना के स्वरुप को बदलकर झारखंड राज्य किसान राहत कोष बनाया जाएगा, जिसके लिए 100 करोड़ रूपए का बजट प्रस्तावित है।</li>
<li>वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2.35 लाख मीट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए नई हैचरियों का निर्माण एवं मछली पालन से जुड़े लोगों को ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव।</li>
<li>पशुओं के लिए एम्बुलेंस सुविधा, उन्नत डायग्नोस्टिक, परिक्षण लैब तथा मोबाइल पशु चिकित्सा क्लिनिक शुरु करने का प्रस्ताव।</li>
<li>महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए दुधारू गाय वितरण योजना से एपीएल परिवारों को जोड़ा जाएगा। इस योजना के तहत 90 फीसदी सब्सिडी दिया जाएगा।</li>
</ul>
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                                                            <category>रांची</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/hemant-governments-compassion-on-farmers-short-term-agricultural-debt-relief-scheme-started/article-5747</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2020 18:41:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सौ यूनिट तक मुफ्त बिजली काफी बड़ा फैसला: एनएसयूआई</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>रांची: </strong>झारखंड विधानसभा में पेश हुए बजट को बदलाव का बजट बताया जा रहा है<span style="text-transform:initial;">। </span>कांग्रेस छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने सरकार को बधाई देते हुए कहा कि सरकार द्वारा ऐसे बजट को पेश करने से हर वर्ग में ख़ुशी का माहौल है<span style="text-transform:initial;">। </span>बजट में शिक्षा, कृषि एवं रोजगार का विशेष ध्यान रखा गया<span style="text-transform:initial;">।</span></p>
<p>उन्होंने कहा कि अब आम जनता को 100 यूनिट तक की बिजली मुफ्त मिलेगी, जो कि बहुत बड़ी बात है<span style="text-transform:initial;">। </span>इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया, चाहे वो छात्रवृति हो या फिर डिजिटल शिक्षा</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/free-power-up-to-100-units-is-a-big-decision-nsui/article-5739"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-03/whatsapp-image-2020-03-03-at-4.09.39-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>झारखंड विधानसभा में पेश हुए बजट को बदलाव का बजट बताया जा रहा है<span style="text-transform:initial;">। </span>कांग्रेस छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने सरकार को बधाई देते हुए कहा कि सरकार द्वारा ऐसे बजट को पेश करने से हर वर्ग में ख़ुशी का माहौल है<span style="text-transform:initial;">। </span>बजट में शिक्षा, कृषि एवं रोजगार का विशेष ध्यान रखा गया<span style="text-transform:initial;">।</span></p>
<p>उन्होंने कहा कि अब आम जनता को 100 यूनिट तक की बिजली मुफ्त मिलेगी, जो कि बहुत बड़ी बात है<span style="text-transform:initial;">। </span>इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया, चाहे वो छात्रवृति हो या फिर डिजिटल शिक्षा<span style="text-transform:initial;">। </span>साथ ही सरकार ने ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोलने की भी महत्वपूर्ण घोषणा की है<span style="text-transform:initial;">।</span></p>
<p>इसके अलावा इंदरजीत ने कहा कि <span style="text-transform:initial;">रोजगार के बेहतर अवसर के लिए सेंट्रल प्लेसमेंट सेल का गठन होगा गर्व की बात है। वहीं स्वास्थय के क्षेत्र में भी सबका ख्याल रखा गया है। हर वर्ग को साथ लेकर सरकार ने बजट बनाया है।</span></p>
<p> </p>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/politics/free-power-up-to-100-units-is-a-big-decision-nsui/article-5739</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2020 16:34:20 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अब आठ लाख तक के आय वालों के इलाज में सुविधा मुहैया कराएगी राज्य सरकार</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>रांची: </strong>झारखंड विधान सभा में आज वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने हेल्थ सेक्टर के लिए कई बड़ी घोषणाएं की। इस बजट में आठ लाख रूपए तक के वार्षिक आय वाले परिवारों को गंभीर रोगों के इलाज में सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इसके अलावा लोहरदगा, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, बोकारो, खूँटी, गोड्डा, और रामगढ़ में नर्सिंग स्कूल खोले जाने की घोषणा की गयी।</p>
<p><strong>जानिए सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए क्या घोषणा की ?</strong></p>
<ul>
<li>आठ लाख या उससे नीचे के आय वर्ग के परिवारों के देश के प्रमुख</li></ul>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/now-the-state-government-will-provide-treatment-in-the-income-of-up-to-eight-lakh/article-5738"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-03/health-as-a-poll-issue.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>झारखंड विधान सभा में आज वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने हेल्थ सेक्टर के लिए कई बड़ी घोषणाएं की। इस बजट में आठ लाख रूपए तक के वार्षिक आय वाले परिवारों को गंभीर रोगों के इलाज में सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इसके अलावा लोहरदगा, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, बोकारो, खूँटी, गोड्डा, और रामगढ़ में नर्सिंग स्कूल खोले जाने की घोषणा की गयी।</p>
<p><strong>जानिए सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए क्या घोषणा की ?</strong></p>
<ul>
<li>आठ लाख या उससे नीचे के आय वर्ग के परिवारों के देश के प्रमुख अस्पतालों में कैंसर, किडनी एवं गंभीर लीवर की बीमारियों के इलाज में आने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार करेगी।</li>
<li>रांची स्थित रिनपास परिसर कांके में 300 बेड वाले कैंसर हॉस्पिटल खोला जाएगा एवं 100 बेड वाले अस्पताल का अगले वर्ष से संचालन किया जाएगा।</li>
<li>झारखंड में आगामी वित्तीय वर्ष में एक हजार 92 स्वास्थ्य उप केंद्रों को हेल्थ एवं वेलनेस केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल सके।</li>
</ul>
<p> </p>
<ul>
<li>आदिवासी बहुल इलाकों में कार्यरत डॉक्टरों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ देने की योजना है। विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रतिमाह 40 हजार रुपए व अन्य डॉक्टरों को प्रतिमाह 25 हजार रुपए दिया जाएगा।</li>
<li>शहरी क्षेत्रों में सौ मोहल्ला क्लिनिक फ़िलहाल ऑपरेशनल हैं, जिनकी संख्या में और वृद्धि की जायेगी।</li>
</ul>
<p> </p>
<ul>
<li>मोबाइल क्लिनिक से आदिवासी बहुल इलाकों के बाज़ार-हाट में घूम-घूमकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।</li>
<li>राज्य के 14 जिलों में डायलेसिस केंद्र खोलने की भी योजना प्रस्तावित है। साथ ही कुशल नर्सिंग बल उपलब्ध कराने के लिए निजी संस्थानों को नर्सिंग विद्यालय खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।</li>
</ul>
<p> </p>
<p> </p>
]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2020 16:18:56 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>झारखंड बजट : लोक-लुभावन बजट पेश, जानिए बजट में किसके लिए क्या है ख़ास?</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>रांची:</strong> झारखंड विधानसभा में मंगलवार को राज्य के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया। इस बार राज्य सरकार ने 86 हजार करोड़ रूपए का बजट पेश किया।</p>
<p>इस बार के बजट के केंद्र में <span style="text-transform:initial;">कृषि, स्वास्थय, शिक्षा और रोजगार </span>रहा। स्वास्थय के क्षेत्र में वित्त मंत्री बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के 92 फीसदी नागरिकों का स्वास्थ्य बीमा कराया जायेगा। इसके अलावा घोषणा में यह बताया गया कि राज्य में एंबुलेंस सेवा का विस्तार किया जायेगा। वहीं, पहले से संचालित हो रहे सौ मोहल्ला क्लीनिकों की संख्या को बढ़ाई जायेगी। इसके</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/govenment-has-presented-2020-21-financial-year-budget-know-whats-special/article-5735"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-03/whatsapp-image-2020-03-03-at-2.55.52-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> झारखंड विधानसभा में मंगलवार को राज्य के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया। इस बार राज्य सरकार ने 86 हजार करोड़ रूपए का बजट पेश किया।</p>
<p>इस बार के बजट के केंद्र में <span style="text-transform:initial;">कृषि, स्वास्थय, शिक्षा और रोजगार </span>रहा। स्वास्थय के क्षेत्र में वित्त मंत्री बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के 92 फीसदी नागरिकों का स्वास्थ्य बीमा कराया जायेगा। इसके अलावा घोषणा में यह बताया गया कि राज्य में एंबुलेंस सेवा का विस्तार किया जायेगा। वहीं, पहले से संचालित हो रहे सौ मोहल्ला क्लीनिकों की संख्या को बढ़ाई जायेगी। इसके अलावा कांके स्थित <span style="text-transform:initial;">रिनपास परिसर में 300 बेड का कैंसर हॉस्पिटल खोला जायेगा, साथ ही सौ बेड वाले अस्पताल का अगले वर्ष से संचालन शुरू हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर सरकार ने लोहरदगा, गढ़वा, खूंटी, रामगढ़, लातेहार, गोड्‌डा व बोकारो में नर्सिंग कॉलेज खोलने की भी घोषणा की।  </span></p>
<p>अगर कृषि क्षेत्र की बात करें तो किसानों की कर्ज माफ़ी के लिए दो हजार करोड़ रुपयों को खर्च किया जाएगा। साथ प्रधानमंत्री किसान फसल योजना में बदलाव कर झारखंड राज्य किसान राहत कोष बनाने की घोषणा की गयी। वहीं, राज्यभर में सिंचाई के लिए तीन सौ चेक डैम का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही मोबाइल पशु चिकित्सा क्लिनिक की शुरुआत की जायेगी। इसके अलावा 50 जिलों में सीएफटी योजना की शुरुआत होगी. हर जिले में दो-दो कोल्ड स्टोरेज बनाने का भी बजट में प्रावधान किया गया है।</p>
<p>राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना बनाई गयी है। वहीं, गरीब छात्रों के लिए मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की जायेगी। डिजिटल शिक्षा के लिए 100 करोड़ रुपयों का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वित्त मंत्री डॉ उरांव ने राज्य में ट्राइबल यूनिवर्सिटी और आवासीय विद्यालय बनाने की घोषणा की।</p>
<p>राज्य में आवास निर्माण को लेकर सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत सृजित किये जाने वाले आवास के लिए झारखंड सरकार के तरफ से 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा झारखंड में नई बाबा साहब भीमराव आंबेडकर आवास योजना के तहत पांच हजार मकान बनाएं जायेंगे।</p>
<p>अगर रोजगार की बात करें तो रोजगार के बेहतर अवसर के लिए सेंट्रल प्लेसमेंट सेल का गठन किया जायेगा। साथ ही पर्यटन क्षेत्र में आगामी वित्त वर्ष में 50 हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा रसोइया सह सहायिका के मानदेय में 2,000 रुपये की वृद्धि जायेगी। जबकि पचास हजार परिवारों को आजीविका से जोड़ा जाएगा।</p>
<p>इन घोषणाओं के अलावे वित्तमंत्री ने 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने की घोषणा की।साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए एक लाख रूपए सब्सिडी देने का प्रस्ताव भी लाया गया।</p>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2020 15:11:33 +0530</pubDate>
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                <title>#JharkhandBudget वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने 86,370 करोड़ का बजट पेश किया, 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि 50 हजार परिवारों को आजीविका से जोड़ा जाएगा.</strong></p>
<p><strong>पीएम किसान फसल योजना में बदलाव, झारखंड राज्य किसान राहत कोष बनाया जाएगा.</strong></p>
<p><strong>50 जिलों में सीएफटी योजना की शुरुआत होगी.</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृति योजना की शुरुआत की जाएगी.</strong></p>
<p><strong>पीएम आवास योजना के तहत सृजित किए जाने वाले आवास के लिए 50 हजार रुपए अतिरिक्त राशि दिए जाने का प्रस्ताव है.</strong></p>
<p><strong>बाबा साहेब आंबेडकर आवास योजना के तहत पांच हजार आवास बनाए जाएंगे.</strong></p>
<p><strong>प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर बढ़ावा देने की योजना है.</strong></p>
<p><strong>100 मुहल्ला क्लिनिक चल रहा है, जिसे</strong></p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/badi-khabar/jharkhandbudget-jharkhand-budget-2020-21/article-5731"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-03/26_08_2019-rameshwar-oraon.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि 50 हजार परिवारों को आजीविका से जोड़ा जाएगा.</strong></p>
<p><strong>पीएम किसान फसल योजना में बदलाव, झारखंड राज्य किसान राहत कोष बनाया जाएगा.</strong></p>
<p><strong>50 जिलों में सीएफटी योजना की शुरुआत होगी.</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृति योजना की शुरुआत की जाएगी.</strong></p>
<p><strong>पीएम आवास योजना के तहत सृजित किए जाने वाले आवास के लिए 50 हजार रुपए अतिरिक्त राशि दिए जाने का प्रस्ताव है.</strong></p>
<p><strong>बाबा साहेब आंबेडकर आवास योजना के तहत पांच हजार आवास बनाए जाएंगे.</strong></p>
<p><strong>प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर बढ़ावा देने की योजना है.</strong></p>
<p><strong>100 मुहल्ला क्लिनिक चल रहा है, जिसे और बढ़ाया जाएगा.</strong></p>
<p><strong>लोहरदगा, गढ़वा, खूंटी, रामगढ़, लातेहार, गोड्‌डा व बोकारो में नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे.</strong></p>
<p><strong>डिजिटल शिक्षा के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान.</strong></p>
<p><strong>रोजगार के बेहतर अवसर के लिए सेंट्रल प्लेसमेंट सेल का गठन किया जाएगा.</strong></p>
<p>पर्यटन क्षेत्र में आगामी वित्तीय वर्ष में 50 हजार रोजगार का लक्ष्य रखा गया है.</p>
<p>रिनपास परिसर कांके में 300 बेड वाले कैंसर हॉस्पिटल खोला जाएगा. 100 बेड वाले अस्पताल का अगले वर्ष से संचालन होगा.</p>
<p>रसोइया, सह सहायिका के मानदेय में दो हजार रुपए की बढ़ोतरी होगी.</p>
<p>कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए एक-एक लाख रुपए सब्सिडी देने का प्रस्ताव है.</p>
<p>लोगों को 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिलेगी.</p>
<p><strong>पशुओं के लिए एंबुलेंस सेवा आरंभ की जाएगी. पशुओं को होने वाली बीमारी की जांच के लिए एडवांस्ड डायग्नोस्टिक व अन्य प्रकार की प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी.</strong></p>
<p><strong>सूबे के अलग-अलग जिलों में कोल्ड स्टोरेज के लिए सरकार 30 करोड़ रुपेय का कोष मुहैया कराएगी. हर जिले में दो-दो कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे.</strong></p>
<p><strong>सुदूरवर्ती आदिवासी गांवों में जाकर चिकित्सा सेवा देने वाले डाॅक्टरों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा. स्पेशलिस्ट डाॅक्टरों को 40 हजार रुपये व अन्य डाॅक्टरों को 25 हजार रुपये अतिरिक्त वित्तीय लाभ दिया जाएगा.</strong></p>
<p>राजकोषीय घाटा जीडीपी के 2.15 प्रतिशत रहने का अनुमान है. प्रति व्यक्ति आय में 10.17 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान.</p>
<p><strong>कर्जदार किसानों को कर्जमुक्त करने के लिए बजट में अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योनजा शुरू करने का एलान किया गया. इसके लिए राज्य सरकार ने दो हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है.</strong></p>
<p><strong>300 चेकडैम का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा.</strong></p>
<p><strong>देवघर में बाबा मंदिर के आसपास कई तरह के विकास कार्य होंगे.</strong></p>
<p><strong>राजस्व व्यय के लिए 73 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना की शुरू की जाएगी.</strong></p>
<p><strong>छात्रों की तकनीकी शिक्षा पर जोर.</strong></p>
<p><strong>पूंजी निवेश हेतु सिंगल विंडो सिस्टम के तहत त्वरित कार्यवाही.</strong></p>
<p><strong>छात्राओं को तकनीकी सहायता के लिए सहयोग किया जाएगा.</strong></p>
<p><strong>50 प्रखंडों में कलस्टर योजना की शुरुआत की जाएगी.</strong></p>
<p><strong>राज्य में जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी.</strong></p>
<p>रांची : झारखंड का वर्ष 2020-21 का बजट आज राज्य के वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव झारखंड विधानसभा में पेश कर रहे हैं. वित्तमंत्री विपक्ष के भारी के हंगामे के बीच अपना बजट भाषण पढ रहे हैं. वित्तमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य की विकास दर आठ प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है. वित्तमंत्री ने 86 हजार 370 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. उन्होंने राज्य में झारखंड खुला विश्वविद्यालय खोलने का एलान किया. योजना व्यय के लिए 13 हजार करोड़ का प्रावधान है. राजस्व व्यय के लिए 73 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वित्तमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में 75 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं.</p>
<p>विपक्षी विधायक आज वेल में धरने पर बैठ गए.</p>
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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2020 12:21:16 +0530</pubDate>
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