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                <title>Indian Railway - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>Indian Railway RSS Feed</description>
                
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                <title>रेलवे अपडेट 2026: इस ऐप से ही मिलेगा जनरल टिकट, 1 मार्च से नया नियम लागू </title>
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                        <![CDATA[<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव लाने का ऐलान किया है। 1 मार्च 2026 से पुराना UTS ऐप पूरी तरह बंद हो जाएगा, और अब सभी अनारक्षित टिकट बुकिंग व अन्य सेवाओं के लिए RailOne सुपर ऐप का इस्तेमाल करना होगा। यह कदम यात्रियों को एक ही जगह सारी सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि अलग-अलग ऐप्स की भटकन खत्म हो जाए।<span class="inline-flex">​</span></p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">UTS ऐप, जो सालों से जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और सीजन टिकट बुकिंग के लिए इस्तेमाल होता आया है, अब धीरे-धीरे फेज आउट हो रहा है। CRIS (सेंटर फॉर</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/railway-update-2026-general-tickets-will-be-available-through-this/article-18102"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/1_05v9spsdctciuejhijpkhq.png" alt=""></a><br /><p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव लाने का ऐलान किया है। 1 मार्च 2026 से पुराना UTS ऐप पूरी तरह बंद हो जाएगा, और अब सभी अनारक्षित टिकट बुकिंग व अन्य सेवाओं के लिए RailOne सुपर ऐप का इस्तेमाल करना होगा। यह कदम यात्रियों को एक ही जगह सारी सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि अलग-अलग ऐप्स की भटकन खत्म हो जाए।<span class="inline-flex">​</span></p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">UTS ऐप, जो सालों से जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और सीजन टिकट बुकिंग के लिए इस्तेमाल होता आया है, अब धीरे-धीरे फेज आउट हो रहा है। CRIS (सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स) द्वारा विकसित RailOne ऐप को पिछले साल जुलाई में लॉन्च किया गया था, और अब यह रेलवे की सभी पब्लिक फेसिंग सर्विसेज का सेंट्रल हब बनेगा। इसमें IRCTC रेल कनेक्ट, NTES, रेल मद्द, फूड ऑन ट्रैक जैसी सेवाएं इंटीग्रेटेड हैं, साथ ही लाइव ट्रेन स्टेटस, कोच पोजिशन, PNR चेकिंग और प्लेटफॉर्म लोकेशन जैसी जानकारी भी तुरंत मिलेगी।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">यात्रियों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि UTS के R-Wallet में जमा बैलेंस बर्बाद नहीं होगा। वही लॉगिन आईडी और पासवर्ड इस्तेमाल करके RailOne में साइन इन करें, तो आपका पूरा वॉलेट बैलेंस ऑटोमैटिक ट्रांसफर हो जाएगा। नए सीजन टिकट बुकिंग, रिन्यूअल, रजिस्ट्रेशन और R-Wallet रिचार्ज पहले ही UTS पर बंद हो चुके हैं, लेकिन प्लेटफॉर्म टिकट की सर्विस थोड़े समय और चलेगी। पेमेंट के लिए UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग सब ऑप्शन बरकरार रहेंगे।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">रेलवे RailOne को प्रमोट करने के लिए जनरल टिकट पर 3 फीसदी डिस्काउंट दे रही है, वो भी डिजिटल पेमेंट पर। यह ऑफर 14 जुलाई 2026 तक चलेगा। ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों पर फ्री उपलब्ध है, और मल्टीलिंगुअल सपोर्ट के साथ सिंगल साइन-ऑन फीचर इसे यूजर-फ्रेंडली बनाता है। दक्षिण रेलवे समेत कई जोन ने पहले ही यात्रियों को स्विच करने की सलाह दे दी है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">रेलवे ने साफ तौर पर कहा है कि यात्री अभी से RailOne डाउनलोड कर लें, प्रोफाइल सेटअप करें और MPIN बनाएं। 1 मार्च के बाद UTS पर कोई नई सर्विस नहीं चलेगी, इसलिए जल्दी तैयारी कर लें ताकि सफर में कोई रुकावट न आए। यह बदलाव रेल यात्रा को और आसान बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 14:47:32 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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                <title>कोडरमा: गया से हावड़ा सहित 10 वंदे भारत एक्सप्रेस को पीएम मोदी 15 सितंबर को दिखाएंगे हरी झंडी </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[टाटा- पटना वंदे भारत एक्सप्रेस को ही ट्रेन नंबर, रूट और टाइम टेबल आदि जारी किया गया है. टाटा पटना वंदे भारत एक्सप्रेस का ट्रायल रन 10 सितंबर को होने जा रहा है. टाटानगर स्टेशन पर इसे लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही है.]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/pm-modi-will-flag-off-10-vande-bharat-express-including/article-11183"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/whatsapp-image-2024-09-09-at-17.23.34_2bdf4cc8-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोडरमा:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को टाटानगर स्टेशन से देश को 10 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात देने जा रहे हैं. जिसमे कोडरमा के रास्ते टाटा पटना एवं गया-हावड़ा वंदे भारत ट्रेन भी शामिल है. 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और अपने जन्मदिन के दो दिन पहले उनका देश के लिए यह बड़ा तोहफा होगा. इन 10 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में टाटा- पटना, टाटा- बरहमपुर, बनारस- देवघर, बनारस- आगरा, राउरकेला- हावड़ा, गया- हावड़ा, दुर्ग-रायपुर विशाखापट्टनम, नागपुर- सिकंदराबाद, हुबली - कोल्हापुर तथा हुबली- पुणे वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल है.</p>
<p>अब तक यह खबर आ रही थी कि दुमका रांची वंदे भारत एक्सप्रेस को भी प्रधानमंत्री 15 सितंबर को ही हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे मगर अब यह खबर है कि उस दिन इस ट्रेन का शुभारंभ नहीं होगा. इसकी तिथि बाद में आएगी. खास बात यह है कि गया और हावड़ा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलेगी. इस रूट पर चलने वाली यह पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन होगी और धनबाद को इसके जरिए पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मिलने जा रहा है. अभी टाटा- पटना वंदे भारत एक्सप्रेस को ही ट्रेन नंबर, रूट और टाइम टेबल आदि जारी किया गया है. टाटा पटना वंदे भारत एक्सप्रेस का ट्रायल रन 10 सितंबर को होने जा रहा है. टाटानगर स्टेशन पर इसे लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही है.</p>
<h3><strong>कोडरमा को चौथी वंदे भारत की सौगात</strong></h3>
<p>बताते चलें कि कोडरमा ने देश के मानचित्र में एक अलग पहचान बनाई है. अभी 20887 रांची से कोडरमा होकर बनारस और 22350 रांची से ही हजारीबाग व कोडरमा पटना के लिए वंदे भारत का परिचालन हो रहा है. अब टाटानगर से कोडरमा होकर बनारस और गया जंक्शन से कोडरमा होकर हावड़ा के लिए वंदे भारत मिलने से कोडरमा जिले के अलावा हजारीबाग, बरही, चौपारण, बरकट्ठा, इटखोरी तथा गिरिडीह और बिहार के रजौली, नवादा के यात्रियों के लिए भी सीधी ट्रेन सेवा मिल सकेगी.</p>
<h3><strong>गया हावड़ा वंदे भारत की समय सारिणी</strong></h3>
<p>हावड़ा से सुबह 6.50 बजे, दुर्गापुर 8.25, आसनसोल 8.54, धनबाद 9.55, पारसनाथ 10.25, कोडरमा 11.13 और गया 13.20 बजे पहुंचेगी. वापसी में गया से 14.25 में खुलेगा जो कोडरमा 15.32, पारसनाथ 16.15, धनबाद 17.15, आसनसोल 18.10, दुर्गापुर 18.35 और हावड़ा 20.50 बजे पहुंचेगी.</p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>कोडरमा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 17:56:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Kumar Ramesham]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने राजगीर-तिलैया एवं बंधुआ-प्रधान खांटा रेलखंड का किया विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>कोडरमा: </strong>महाप्रबंधक  छत्रसाल सिंह ने  दानापुर मंडल के पटना-राजगीर तथा धनबाद मंडल के बंधुआ-प्रधान खांटा रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशनों, रेल पुलों, रेलवे ट्रैक, ओचई, सिगनलिंग सिस्टम सहित यात्री सुविधाओं और संरक्षा से जुड़े पहलुओं का गहन मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने संरक्षा पर विशेष बल देते हुए, इसके प्रति हमेशा चौकसी बरतने का निर्देश दिया।<br />महाप्रबंधक ने राजगीर स्टेशन का निरीक्षण कर स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफार्म की साफ-सफाई और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही समस्त सुविधाओं का जायजा लिया।</p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/whatsapp-image-2024-09-04-at-19.26.39_2da647e9-(1).jpg" alt="WhatsApp Image 2024-09-04 at 19.26.39_2da647e9 (1)" width="490" height="294" />
विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण करते महाप्रबंधक

<p><br />इसके अलावा, उन्होंने राजगीर-तिलैया रेलखंड पर</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/general-manager-chhatrasal-singh-did-window-trailing-inspection-of-rajgir-tilaiya/article-11056"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/whatsapp-image-2024-09-04-at-19.27.10_b3cf3938-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोडरमा: </strong>महाप्रबंधक  छत्रसाल सिंह ने  दानापुर मंडल के पटना-राजगीर तथा धनबाद मंडल के बंधुआ-प्रधान खांटा रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशनों, रेल पुलों, रेलवे ट्रैक, ओचई, सिगनलिंग सिस्टम सहित यात्री सुविधाओं और संरक्षा से जुड़े पहलुओं का गहन मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने संरक्षा पर विशेष बल देते हुए, इसके प्रति हमेशा चौकसी बरतने का निर्देश दिया।<br />महाप्रबंधक ने राजगीर स्टेशन का निरीक्षण कर स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफार्म की साफ-सफाई और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही समस्त सुविधाओं का जायजा लिया।</p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/whatsapp-image-2024-09-04-at-19.26.39_2da647e9-(1).jpg" alt="WhatsApp Image 2024-09-04 at 19.26.39_2da647e9 (1)" width="490" height="294"></img>
विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण करते महाप्रबंधक

<p><br />इसके अलावा, उन्होंने राजगीर-तिलैया रेलखंड पर स्थित वृहत रेल पुल संख्या 47 का निरीक्षण कर संरक्षा के प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच की। राजगीर में महाप्रबंधक ने अधिकारियों के साथ राजगीर स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पुनर्विकास कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। पुनर्विकसित स्टेशन भवन, आकर्षक डिजाइन और अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त होगा।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने धनबाद स्टेशन का भी निरीक्षण किया। इसके पश्चात्, महाप्रबंधक द्वारा झाझा से पटना तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक  जयंत कुमार चौधरी और धनबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक  कमल किशोर सिन्हा भी महाप्रबंधक के साथ उपस्थित थे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>कोडरमा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 20:03:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Kumar Ramesham]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय रेल नेट जीरो लक्ष्य की ओर किस तरह आगे बढ रही है?</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>31 अगस्त 2022 तक भारतीय रेलवे ने 245.38 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता इंस्टॉल कर लिया। इसमें सौर ऊर्जा का हिस्सा 141.98 मेगावाट और पवन ऊर्जा का हिस्सा 103.4 मेगावाट है।</strong></p>
<p><strong>रांची :</strong> भारत में परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए यह जरूरी है कि भारतीय रेल नेट जीरो लक्ष्यों की ओर बढे और उसे प्रभावी ढंग से हासिल करे। भारत के पास 67, 956 किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क है, जो लोगों के आवागमन व माल वहन दोनों के लिए उपयोग होता है। नेशनल ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कमेटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में भारत में वर्ष</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/article/energy/indian-railways-progressing-towards-the-net-zero-goal/article-10635"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2023-05/coal-train.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>31 अगस्त 2022 तक भारतीय रेलवे ने 245.38 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता इंस्टॉल कर लिया। इसमें सौर ऊर्जा का हिस्सा 141.98 मेगावाट और पवन ऊर्जा का हिस्सा 103.4 मेगावाट है।</strong></p>
<p><strong>रांची :</strong> भारत में परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए यह जरूरी है कि भारतीय रेल नेट जीरो लक्ष्यों की ओर बढे और उसे प्रभावी ढंग से हासिल करे। भारत के पास 67, 956 किलोमीटर लंबा रेल नेटवर्क है, जो लोगों के आवागमन व माल वहन दोनों के लिए उपयोग होता है। नेशनल ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कमेटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में भारत में वर्ष 2005 की तुलना की में मालवहन दोगुणा होकर 2,250 बिलियन टन तक पहुंच गया। मालवहन में ट्रकों की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत हैै।</p>
<p> </p>
<p>भारतीय रेलवे की मालवहन क्षमता में कुछ थोक वस्तुओं के परिवहन की अहम हिस्सेदारी है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण कोयला परिवहन है, जिसकी कुल हिस्सेदारी 45 प्रतिशत है।</p>
<p><strong>कोल फेज आउट के दौर में रेलवे की चुनौतियां</strong></p>
<p>भारतीय रेल भारत का एक प्रमुख पब्लिक सेक्टर यूनिट है। <a href="https://www.iisd.org/system/files/2022-09/india-state-owned-energy-enterprises.pdf">इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवपलमेंट</a> के हाल के एक अध्ययन में कहा गया है कि भारत के नेट जीरो लक्ष्य में भारतीय रेलवे महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। यह दो स्तरों पर होगा – पहला 1. खुद रेलवे अपने परिचालन के लिए किस हद तक ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी स्थापित करता है। 2. रेलवे कोयला ढुलाई आधारित अपने प्रमुख राजस्व स्रोत का विकल्प कैसे ढूंढता है वर्ष 2020 के आंकड़े के अनुसार कोयला ढुलाई का हिस्सा उसके सकल राजस्व में 34 प्रतिशत है। वर्तमान में माल ढुलाई का योगदान उसके सकल राजस्व में 12 प्रतिशत है। नेट जीरो के लक्ष्य के लिए वह रोड से रेलवे पर माल ढुलाई को किस मात्रा में स्थानांतरित कर पाता है, यह पक्ष भी महत्वपूर्ण है। भारतीय रेल के रोड ट्रांसपोर्ट की तुलना में माल ढुलाई 12 गुणा तक सस्ती पड़ती है, जबकि पैसेंजर का आवागमन तीन गुणा तक सस्ता होता है। इससे कार्बन इमीशन भी कम होता है।</p>
<p>इंटरनेशन एनर्जी एजेंसी ने अनुमान व्यक्त किया है कि अगले दशक के मध्य तक भारत में कोयले की खपत घटने लगेगी और इसका सीधा असर भारतीय रेलवे के राजस्व पर पड़ेगा। यानी कोल फेज आउट के दौर के लिए रेलवे को अपने राजस्व की वैकल्पिक तैयारी करनी होगी।</p>
<p><strong>रेलवे की स्वच्छ ऊर्जा में सौर व पवन का योगदान</strong></p>
<p>इस संवाददाता द्वारा स्वच्छ उर्जा उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में रेलवे की स्थिति जानने के लिए सूचना का अधिकार आवेदन दायर किया। इसके जवाब में भारतीय रेलवे ने 29 सितंबर 2022 को दिए जवाब में कहा, 31 अगस्त 2022 तक भारतीय रेलवे ने 245.38 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता इंस्टॉल कर लिया। इसमें सौर उर्जा का हिस्सा 141.98 मेगावाट और पवन उर्जा का हिस्सा 103.4 मेगावाट है।</p>
<p>इस सवाल के जवाब में कि रेलवे कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए क्या उपाय कर रहा है, भारतीय रेल ने बताया – 2030 तक नेट जीरो लक्ष्य के लिए रेलवे के विद्युतीकरण का मिशन संचालित किया जा रहा है। लोकोमेटिवस, इीएमयू व मेमू के लिए में रिजेनरेटिव ब्रेकिंग के लिए थ्री फेज टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जा रहा है। हेड जेनरेशन टेक्नोलॉजी कोअपनाया जा रहा है, नवीनीकृत ऊर्जा स्रोत को स्थापित किया जा रहा है, एलइडी लाइट के लिए प्रावधान किए जा रहे हैं, वनीकरण के माध्यम से अतिरिक्त कार्बन सिंक तैयार किया जा रहा है।</p>
<p>यहां यह उल्लेखनीय है कि भारतीय रेल ने नेट जीरो लक्ष्यों के अनुरूप दिसंबर 2023 तक 100 प्रतिशत ब्राडगेज रेल लाइन का विद्युतीकरण करने का लक्ष्य रखा है।</p>
<p>रेलवे ने अपने आरटीआइ जवाब में बताया, वित्त वर्ष 2021-22 में लैंड बेस्ड सोलर प्रोजेक्ट के जरिए कुल 8.57 मिलियन यूनिट बिजली तैयार की गयी।</p>
<p>भारतीय रेलवे सोलर एनर्जी पर अपनी निर्भरता बढाने के लिए कई तरह के उपाय कर रहा है। इसके तहत वह रूफटॉप सोलर, लैंड बेस्ड सोलर प्रोजेक्ट, विंड पॉवर प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। उसने 3456.7 मेगावाट क्षमता का लैंड बेस्ड सोलर प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। भारतीय रेलवे के पास 20 गीगावाट सोलर विद्युत उत्पादन की क्षमता है।</p>
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                                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>आर्टिकल</category>
                                            <category>ऊर्जा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 May 2023 11:06:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ओडिशा में मालगाड़ी दुर्घटना में दो की मौत, स्टेशन भवन भी क्षतिग्रस्त</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>भुवनेश्वर :</strong> ओडिशा के कोरई रेलवे स्टेशन पर सोमवार की सुबह एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी जिसमें दो लोगों की मौत हो गयी। इस हादसे में स्टेशन भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया और रेल यातायात बाधित हो गया।</p>
<p>ईस्ट कोस्ट रेलवे ने अपने बयान में कहा है कि ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत आने वाले कोरई स्टेशन पर आज सुबह एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने से 2 लोगों की मृत्यु हो गयी। मालगाड़ी के पटरी से उतरने से रेल लाइनें अवरुद्ध और स्टेशन भवन क्षतिग्रस्त हो गया। राहत दल ने मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य शुरू किया। रेलवे</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/two-killed-in-goods-train-accident-in-odisha-station-building-also-damaged/article-10293"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2022-11/train.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भुवनेश्वर :</strong> ओडिशा के कोरई रेलवे स्टेशन पर सोमवार की सुबह एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी जिसमें दो लोगों की मौत हो गयी। इस हादसे में स्टेशन भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया और रेल यातायात बाधित हो गया।</p>
<p>ईस्ट कोस्ट रेलवे ने अपने बयान में कहा है कि ईस्ट कोस्ट रेलवे के अंतर्गत आने वाले कोरई स्टेशन पर आज सुबह एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने से 2 लोगों की मृत्यु हो गयी। मालगाड़ी के पटरी से उतरने से रेल लाइनें अवरुद्ध और स्टेशन भवन क्षतिग्रस्त हो गया। राहत दल ने मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य शुरू किया। रेलवे के वरीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन हादसे में यात्रियों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों के लिए 1-1 लाख रुपए और मामूली रूप से घायलों के लिए 25 हज़ार की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है: रेल मंत्रालय <a href="https://t.co/qCRS4pgyOK">https://t.co/qCRS4pgyOK</a></p>
<p>— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1594575478912057344?ref_src=twsrc%5Etfw">November 21, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
<p>रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन हादसे में यात्रियों की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों के लिए 1-1 लाख रुपए और मामूली रूप से घायलों के लिए 25 हज़ार की मुआवजे की घोषणा की गयी है।</p>
<p>ओडिशा के मुख्यमत्रंी नवीन पटनायक ने कोराई में मालगाड़ी के पटरी से उतरने और 2 लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और पीड़ितों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">कोराई में मालगाड़ी के पटरी से उतरने और 2 लोगों की मृत्यु पर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और पीड़ितों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की: ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय <a href="https://t.co/TSbQK6pEoP">pic.twitter.com/TSbQK6pEoP</a></p>
<p>— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1594559584685133825?ref_src=twsrc%5Etfw">November 21, 2022</a></p></blockquote>
<p><br />
मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रशासन को बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों के लिए पर्याप्त उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग मंत्री प्रमिला मलिक को घटनास्थल का दौरा करने और स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा है।</p>
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                                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Nov 2022 14:38:13 +0530</pubDate>
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                <title>भारत सरकार के तीन पीएसयू स्वच्छ ऊर्जा व जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने में हो सकते हैं मददगार</title>
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                        <![CDATA[<p>भारत के केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले तीन सबसे बड़े उद्यम या पीएसयू – कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), एनटीपीसी, और भारतीय रेलवे- मिल कर स्वच्छ ऊर्जा बाजार का एक बड़ा हासिल कर सकते हैं और साथ ही देश को अपने जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने में भी मदद कर सकते हैं।</p>
<p>इस बात की जानकारी मिलती है इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) की एक नई रिपोर्ट में जिसके अनुसार, साल 2050 तक यह तीनों उद्यम न सिर्फ इस क्षेत्र के अनुमानित 22% – 28% कैश फ्लो गैप को भर सकते हैं बल्कि भारत का नेट ज़ीरो की ओर का मार्ग</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/article/environment/three-psus-of-the-government-of-india-can-be-helpful-in-reaching-clean-energy-and-climate-goals/article-10066"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2022-09/ntpc-kahalgoan.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत के केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले तीन सबसे बड़े उद्यम या पीएसयू – कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), एनटीपीसी, और भारतीय रेलवे- मिल कर स्वच्छ ऊर्जा बाजार का एक बड़ा हासिल कर सकते हैं और साथ ही देश को अपने जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने में भी मदद कर सकते हैं।</p>
<p>इस बात की जानकारी मिलती है इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) की एक नई रिपोर्ट में जिसके अनुसार, साल 2050 तक यह तीनों उद्यम न सिर्फ इस क्षेत्र के अनुमानित 22% – 28% कैश फ्लो गैप को भर सकते हैं बल्कि भारत का नेट ज़ीरो की ओर का मार्ग भी प्रशस्त कर सकते हैं।</p>
<p>इस अध्ययन का शीर्षक है भारत के राज्य के स्वामित्व वाले ऊर्जा उद्यम, 2020-2050: साक्ष्य-आधारित विविधीकरण रणनीतियों की पहचान। यह अध्ययन कोयला क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) का उपयोग यह दिखाने के लिए करता है कि ऊर्जा व्यवसाय अपनी भविष्य की अनिश्चितताओं की पहचान कैसे कर सकते हैं, साथ ही बदलती ऊर्जा व्यवस्था में अवसरों की पहचान भी कर सकते हैं।</p>
<p>आईआईएसडी के नीति सलाहकार, और रिपोर्ट के सह-लेखक बालासुब्रमण्यम विश्वनाथन कहते हैं, “सरकार के लिए राजस्व लाने, नौकरियां पैदा करने और स्थानीय समुदायों का समर्थन करते हुए राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियां भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का हिस्सा हो सकती हैं और हमारा साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण वह मार्ग दिखाता है जिससे यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।”</p>
<p>इस अध्ययन में पाया गया है कि 2020 और 2050 के बीच, नेट-जीरो-अलाइन्ड पाथवे के तहत, सीआईएल और भारतीय रेलवे को नकदी प्रवाह में क्रमशः 415 बिलियन रुपये (28%) और 2,112 बिलियन रुपये (22%) की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जबकि एनटीपीसी के व्यापार-सामान्य परिदृश्य की तुलना में नकदी प्रवाह INR 404 बिलियन (22%) गिर सकता है।</p>
<p>लेकिन रिपोर्ट के लेखकों का तर्क है कि अगले कुछ वर्षों में अपने व्यवसायों में विविधता लाने के लिए कुछ ठोस उपाय करने से इन फर्मों और भारत में इसी तरह के अन्य सार्वजनिक उपक्रमों को भविष्य की अनिश्चितता को कम करने और राजस्व अंतराल से बचने की संभावना बन सकती है।</p>
<p><strong>शुरुआती विविधीकरण</strong></p>
<p>उदाहरण के लिए, अध्ययन में पाया गया है कि सार्वजनिक उपक्रमों के लिए अंतरिम लक्ष्यों के साथ नेट-ज़ीरो रोडमैप बनाना महत्वपूर्ण है। ऐसा करना भविष्य के निर्णयों के लिए एक मार्गदर्शक बन सकता है और बदलते ऊर्जा परिदृश्य के वित्तीय प्रभाव पर आंतरिक अनुमान विकसित कर सकता है।</p>
<p>सार्वजनिक उपक्रम विविधीकरण रणनीतियों की पहचान करने और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को जल्दी अपनाने वाले बनने के लिए अनुकूल दरों पर पूंजी जुटाने की अपनी क्षमता का भी उपयोग कर सकते हैं । विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसा करने के लिए, फर्मों को वित्तीय प्रभावों के संभावित पैमाने और गति के अनुपात में स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, और समय-समय पर इन लक्ष्यों की महत्वाकांक्षा को बढ़ाना चाहिए।</p>
<p>इसके अलावा, विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने और अनुसंधान और विकास में निवेश करने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों के बीच रणनीतिक साझेदारी बनाने से सार्वजनिक उपक्रमों को नई और उभरती स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में आंतरिक क्षमता का निर्माण करने में मदद मिल सकती है। अंत में, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को सार्वजनिक करने की अपनी महत्वाकांक्षाओं को सार्वजनिक करने से बाजार के सकारात्मक संकेत समाप्त हो सकते हैं जो पहले बताए गए उपायों को और मजबूत कर सकते हैं।</p>
<p>विश्वनाथन कहते हैं, “पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में प्रमुख नियोक्ता के रूप में, पीएसयू भारत के जलवायु और ऊर्जा लक्ष्यों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अन्य संबंधित हितधारकों को शामिल करना चाहिए।”</p>
<p>रिपोर्ट के लेखक सभी राज्य के स्वामित्व वाले ऊर्जा उद्यमों को अपने स्वयं के विस्तृत आंतरिक मूल्यांकन और स्वच्छ ऊर्जा व्यवसाय में संक्रमण के लिए एक साक्ष्य-आधारित रणनीति तैयार करने के लिए इस दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।</p>
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                                                            <category>आर्टिकल</category>
                                            <category>पर्यावरण</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Sep 2022 07:47:57 +0530</pubDate>
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                <title>मध्यप्रदेश के मुरैना में धू-धू कर जली उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस की दो बोगियां</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>मुरैना :</strong> मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की दो बोगियां ए1 व ए2 में आग लग गयी जिससे वे बुरी तरह जल गयीं। यह घटना ट्रेन के हेतमपुर रेलवे स्टेशन से निकलने घटी है। नार्थ सेंट्रल रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी डॉ शिवम शर्मा ने कहा कि अज्ञात कारणों से आग लगने की सूचना मिली है और ट्रेन से यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Morena, Madhya Pradesh | Udhampur-Durg Express’s A1 &amp; A2 coaches reported fire due to unknown reasons after leaving the Hetampur Railway Station; no casualties were reported &amp; passengers have been</p></blockquote>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/udhampur-durg-express-a1-a2-coaches-reported-fire-due-to-unknown-reasons-in-morena-madhya-pradesh/article-9475"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2021-11/udhampur-express.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरैना :</strong> मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में उधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन की दो बोगियां ए1 व ए2 में आग लग गयी जिससे वे बुरी तरह जल गयीं। यह घटना ट्रेन के हेतमपुर रेलवे स्टेशन से निकलने घटी है। नार्थ सेंट्रल रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी डॉ शिवम शर्मा ने कहा कि अज्ञात कारणों से आग लगने की सूचना मिली है और ट्रेन से यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Morena, Madhya Pradesh | Udhampur-Durg Express’s A1 &amp; A2 coaches reported fire due to unknown reasons after leaving the Hetampur Railway Station; no casualties were reported &amp; passengers have been evacuated: Dr Shivam Sharma, CPRO/NCR</p>
<p>(Video Courtesy: Unverified Source) <a href="https://t.co/xzRnk7Xja2">pic.twitter.com/xzRnk7Xja2</a></p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1464197125479165953?ref_src=twsrc%5Etfw">November 26, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p>बाद में रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर आग में जल चुकीं दोनों बोगियों को अलग कर ट्रेन को ग्वालियर की तरफ रवाना कर दिया गया है। ट्रेन जम्मू कश्मीर के उधमपुर से छत्तीसगढ के दुर्ग जा रही थी। इसमें वैष्णव देवी का दर्शन कर लौट रहे यात्री सवार थे।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों ने कहा कि ए1 कोच में लगी आग ने दूसरी बोगियों को भी कुछ मिनटों में अपनी चपेट में ले लिया। इस कारण ए2 बोगी भी बुरी तरह जल गयी। खैरियत यह रही कि रेलवे को इसकी त्वरित जानकारी मिल गयी जिससे राहत-बचाव कार्य किया जा सका और जानमाल की क्षति को टालना संभव हुआ।</p>
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                                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/national/udhampur-durg-express-a1-a2-coaches-reported-fire-due-to-unknown-reasons-in-morena-madhya-pradesh/article-9475</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Nov 2021 18:27:25 +0530</pubDate>
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                <title>माओवादियों का आज भारत बंद, झारखंड के चाईबासा में नक्सलियों ने रेल ट्रैक उड़ाया</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>रांची :</strong> भाकपा माओवादी के सर्वोच्च नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा और उनकी पत्नी व पोलित ब्यूरो सदस्य शीला मरांडी की गिरफ्तारी के खिलाफ शनिवार, 20 नवंबर को माओवादियों का भारत बंद है। इस दौरान शनिवार को नक्सली संगठनों से सिंहभूम इलाके के चाईबासा में लोटा और सोनुआ के बीच एक रेल ट्रैक को उड़ा दिया। यह इलाका चाईबासा के सोनुआ पुलिस थाना क्षेत्र में पड़ता है।</p>
<p>चाईबासा पुलिस ने इस संबंध में कहा है कि रेल लाइन का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। रेल लाइन को क्षतिग्रस्त किए जाने से कई ट्रेनों का रूट बदला</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/chaibasa/cpi-maoist-bharat-bandh-today-naxalites-bomb-blast-rail-track-in-chaibasa-jharkhand/article-9455"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2021-11/rail-line.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची :</strong> भाकपा माओवादी के सर्वोच्च नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा और उनकी पत्नी व पोलित ब्यूरो सदस्य शीला मरांडी की गिरफ्तारी के खिलाफ शनिवार, 20 नवंबर को माओवादियों का भारत बंद है। इस दौरान शनिवार को नक्सली संगठनों से सिंहभूम इलाके के चाईबासा में लोटा और सोनुआ के बीच एक रेल ट्रैक को उड़ा दिया। यह इलाका चाईबासा के सोनुआ पुलिस थाना क्षेत्र में पड़ता है।</p>
<p>चाईबासा पुलिस ने इस संबंध में कहा है कि रेल लाइन का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। रेल लाइन को क्षतिग्रस्त किए जाने से कई ट्रेनों का रूट बदला गया जबकि कुछ को रद्द भी किया गया है। मालूम हो कि प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के खिलाफ 15 नवंबर से ही नक्सल प्रतिरोध सप्ताह मना रहे हैं और आज बंद के आह्वान के साथ उसकी आखिरी तारीख है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A5%80?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#रांची</a>: भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के शीर्ष नेता प्रशांत बोस &amp; उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों का 24 घंटे का भारत बंद आधी रात से शुरू हो गया। रात लगभग 12:45 बजे नक्सलियों ने धनबाद रेल मंडल के टोरी &amp; लातेहार रेलखंड के बीच रेल पटरियों को बम ब्लास्ट कर उड़ा दिया। <a href="https://t.co/GBIUXTQPFA">pic.twitter.com/GBIUXTQPFA</a></p>
<p>— IANS Hindi (@IANSKhabar) <a href="https://twitter.com/IANSKhabar/status/1461917682421231625?ref_src=twsrc%5Etfw">November 20, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p>बीती रात 12.50 बजे धनबाद रेल मंडल के टोरी-लातेहार रेलखंड पर रिचुघुटा डेम स्टेशन के निकट भी अप और डाउन लाइन को माओवादियों ने बम ब्लास्ट कर क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस कारण भी कई ट्रेनों का रूट बदलना पड़ा, जबकि कुछ को रद्द करना पड़ा।</p>
<p>शुक्रवार की देर रात भाकपा माओवादियों ने भारत बंद के दौरान देर रात चक्रधरपुर रेल मंडल के लोटापहाड़ स्टेशन के पास रात दो बजे डाउन लाइन पोल संख्या 323 के पास डाउन लाइन में दो आइइडी विस्फोट कर पटरी को उड़ा दिया।</p>
<p>राज्य में कुछ जगहों पर माओवादियों ने पोस्टर भी चिपकाया है और प्रशांत बोस की गिरफ्तारी का विरोध जताया है।</p>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>चाईबासा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Nov 2021 12:53:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत में चार में से एक ट्रेन सौर पैनलों की डायरेक्ट सप्लाई से दौड़ सकती है, 7 मिलियन टन कार्बन की होगी बचत</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>भारत के 2 अरब यात्री उत्सर्जन मुक्त/सौर ऊर्जा से चलने वाली ट्रेनों में यात्रा कर सकते हैं</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में घोषणा की है कि भारत में रेलवे का विद्युतीकरण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और भारतीय रेलवे के लिए लक्ष्य 2030 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जक बनना है। विद्युतीकरण, ऊर्जा दक्षता और रिन्यूएबल ऊर्जा की तरफ़ स्विच का एक मिश्रण इस लक्ष्य को सक्षम करने के लिए आवश्यक है।</p>
<p>भारत के रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय रेलवे को कंपनी की नेट ज़ीरो प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में सौर विकास के लिए अनुत्पादक भूमि के विशाल</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/article/environment/one-in-four-trains-in-india-can-run-on-direct-supply-of-solar-panels-saving-7-million-tonnes-of-carbon/article-8987"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2021-09/solar-powered-train.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भारत के 2 अरब यात्री उत्सर्जन मुक्त/सौर ऊर्जा से चलने वाली ट्रेनों में यात्रा कर सकते हैं</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में घोषणा की है कि भारत में रेलवे का विद्युतीकरण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और भारतीय रेलवे के लिए लक्ष्य 2030 तक नेट-ज़ीरो कार्बन उत्सर्जक बनना है। विद्युतीकरण, ऊर्जा दक्षता और रिन्यूएबल ऊर्जा की तरफ़ स्विच का एक मिश्रण इस लक्ष्य को सक्षम करने के लिए आवश्यक है।</p>
<p>भारत के रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय रेलवे को कंपनी की नेट ज़ीरो प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में सौर विकास के लिए अनुत्पादक भूमि के विशाल क्षेत्रों को चिह्नित करने का निर्देश जारी किया है। ट्रेनों को चलाने के लिए ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 20GW सौर उत्पादन प्रदान करने की योजना पहले से ही चल रही है।</p>
<p>इस बीच भारत से क्लाइमेट ट्रेंड्स और यूके स्थित ग्रीन टेक स्टार्ट-अप, राइडिंग सनबीम्स, के एक नए अध्ययन में पाया गया है कि भारतीय रेलवे लाइनों को सौर ऊर्जा की सीधी आपूर्ति से, रेलवे के राष्ट्रीय नेटवर्क में चार में से कम से कम एक ट्रेन को चलाने के साथ-साथ सालाना लगभग 7 मिलियन टन कार्बन की बचत होगी। भारतीय रेलवे 2019/2020 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उस अवधि में 8 बिलियन से अधिक का यात्री यातायात था, जिसका मतलब यह होगा कि 2 बिलियन यात्री सीधे सौर ऊर्जा द्वारा संचालित ट्रेनों में यात्रा कर सकते हैं।</p>
<p>नए विश्लेषण में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि इस नई सौर क्षमता का लगभग एक चौथाई – 5,272 मेगावाट तक – बिजली नेटवर्क पर खरीदे जाने के बजाय सीधे रेलवे की ओवरहेड लाइनों में फीड किया जा सकता है, जिससे ऊर्जा के नुकसान कम होंगे और रेल ऑपरेटर के पैसे बचेंगे।</p>
<p>शोधकर्ताओं ने पाया कि कोयला-प्रधान ग्रिड से आपूर्ति की गई ऊर्जा के बजाय सौर से निजी-तार की आपूर्ति भी हर साल 6.8 मिलियन टन CO2 तक उत्सर्जन में तेज़ी से कटौती कर सकती है – जो भारतीय शहर कानपुर के पूरे वार्षिक उत्सर्जन जितना है।</p>
<p>रिपोर्ट के सह-लेखक, राइडिंग सनबीम्स के संस्थापक और नवाचार के निदेशक लियो मरे ने कहा, “अभी भारत दो महत्वपूर्ण जलवायु सीमाओं – रेल विद्युतीकरण और सौर ऊर्जा परिनियोजन – पर दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय रेलवे में इन दो कीस्टोन लो-कार्बन प्रौद्योगिकियों को एक साथ जोड़ने से भारत को कोविड महामारी से आर्थिक सुधार और जलवायु संकट से निपटने के लिए जीवाश्म ईंधन को बंद करने के प्रयासों दोनों को बढ़ावा मिल सकता है।”</p>
<p>रिपोर्ट की सह-लेखक और क्लाइमेट ट्रेंड्स की निदेशक आरती खोसला ने कहा, “भारतीय रेलवे प्रत्येक भारतीय के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह न केवल परिवहन का सबसे अमली साधन है, बल्कि यह देश में सबसे प्रसिद्ध और सबसे बड़ा नियोक्ता भी है। सरकार रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए बड़ी मात्रा में धन खर्च करती है, जो बदले में, राष्ट्र की नेट-ज़ीरो दृष्टि में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। यह विश्लेषण किया गया है कि सभी डीज़ल इंजनों को इलेक्ट्रिक में परिवर्तित करने से वास्तव में अल्पावधि में उत्सर्जन में वृद्धि होगी, हालांकि, यह रिपोर्ट लोकोमोटिव सिस्टम का सौर पीवी इंस्टालेशनों से सीधा कनेक्शन बनाकर, जो कुल मांग का एक चौथाई से अधिक पूरा करे, इसे पहली बार में ठीक से करने का जबरदस्त अवसर दिखाती है।”</p>
<p>हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह चेतावनी भी दी कि 2023 तक सभी मार्गों के पूर्ण विद्युतीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के साथ-साथ अल्पावधि में CO2 उत्सर्जन में वृद्धि हो सकती है क्योंकि वर्तमान में बिजली उत्पादन के लिए भारत कोयले पर निर्भर है।</p>
<p>टीम ने भारत के प्रत्येक रेलवे ज़ोन पर ट्रैक्शन एनर्जी डिमांड (कर्षण ऊर्जा की मांग) का विश्लेषण किया और प्रत्येक क्षेत्र में संभावित सौर संसाधन के साथ इसका मिलान करके सौर ऊर्जा की कुल मात्रा का एक आंकड़ा तैयार किया, जिसे रेलगाड़ियों को चलाने के लिए सीधे रेलवे से जोड़ा जा सकता है। सबसे बड़ी सौर-से-रेल क्षमता वाले शीर्ष पांच क्षेत्र हैं :</p>
<p><strong>● दक्षिण मध्य रेलवे (394-625MW): [तमिलनाडु, केरल, (कर्नाटका और पांडिचेरी में भी कार्य करता है)]</strong><br />
<strong>● मध्य रेलवे (299-475MW) [महाराष्ट्र]</strong><br />
<strong>● उत्तर रेलवे (290-459MW) [पंजाब, हरियाणा, यूपी, दिल्ली]</strong><br />
<strong>● पश्चिम रेलवे (280-443MW) [महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश]</strong><br />
<strong>● पश्चिम मध्य रेलवे (278-440MW) [मध्य प्रदेश, राजस्थान और कुछ उत्तर प्रदेश में]</strong></p>
<p>गणना करने में माना गया है कि सौर द्वारा उत्पन्न सभी ऊर्जा रेलवे द्वारा उपयोग की जाती है, और इसमें बैटरी भंडारण एकीकरण की क्षमता शामिल नहीं है। कम उपयोग दरों और भंडारण को शामिल करने से भारतीय रेलवे की ट्रैक्शन एनर्जी डिमांड की सौर-से-रेल क्षमता को 40% से अधिक का बढ़ावा मिल सकता है।</p>
<p>अध्ययन में यह पता लगाया गया है कि समर्पित माल गलियारों और नए उच्च गति मार्गों में रणनीतिक निवेश कैसे यात्रियों और माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे का समर्थन कर सकता है, और यह भारत की राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन प्रतिबद्धताओं को प्राप्त करने में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट में भारतीय रेलवे की कोयले पर निर्भरता की समस्या पर भी प्रकाश डाला गया है, दोनों ऊर्जा स्रोत के रूप में और इसकी प्रमुख माल ढुलाई वस्तु के रूप में, जो 2018-19 में IR के राजस्व का लगभग एक तिहाई हिस्सेदार रहा। शोधकर्ताओं का सुझाव है कि कोल् पावर्ड ट्रैक्शन (कोयले से चलने वाले कर्षण) की जगह सौर को प्रतिस्थापित करने के साथ-साथ, IR को अपनी नेट ज़ीरो प्रतिबद्धता के हिस्से के रूप में अपने व्यापार मॉडल को कोयला भाड़े से दूर करना चाहिए।</p>
<p>डॉ अजय माथुर, महानिदेशक, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भारत के ऊर्जा और परिवहन क्षेत्रों ने 2014 में भारत के कुल उत्सर्जन में 65% से अधिक का योगदान दिया, और भारत के महत्वाकांक्षी रिन्यूएबल ऊर्जा लक्ष्यों ने बिजली क्षेत्र को डीकार्बोनाइज़ेशन मार्ग पर डाला दिया है। भारतीय रेलवे का 2030 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य उसके बाद हर साल उत्सर्जन मुक्त 8 बिलियन से अधिक यात्रियों को यात्रा करते हुए देख सकता है। नए अध्ययन क्लाइमेट ट्रेंड्स और राइडिंग सनबीम से पता चलता है कि भारतीय रेलवे सूर्य की शक्ति दोहन (का उपयोग) कर सकता है और डीकार्बोनाइजेशन की राह पर ले जा सकता है। भारतीय रेलवे का स्वच्छ संक्रमण भारत और दुनिया के लिए प्रेरणा का एक प्रमुख स्रोत हो सकता है। ”</p>
<p>आगे, अरुणाभा घोष, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEEW) कहते हैं, “मैं भारतीय रेलवे के डीकार्बोनाइजिंग पर इस रिपोर्ट को प्रकाशित करने के लिए क्लाइमेट ट्रेंड्स और राइडिंग सनबीम्स की टीमों को बधाई देती हूं, एक महत्वपूर्ण मुद्दा जिसे CEEW भी आधे दशक से अधिक समय से हाईलाइट करता रहा है। रेलवे के 100% विद्युतीकरण के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर निर्माण करते हुए, हमारे रेलवे के 2030 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन तक पहुंचने के लिए सौर और पवन को अपनाना और बढ़ाना तार्किक होगा। तत्काल रूप में, रेलवे अपने विद्युतीकरण प्रणाली और सबस्टेशनों की ग्रीनिंग (को हरित करने) पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। स्टेशन भवनों और कार्यशालाओं पर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने से भी लागत में महत्वपूर्ण बचत हो सकती है। लंबी अवधि में, ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेनों को बिजली देने का एक और आशाजनक विकल्प है।”</p>
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                                                            <category>पर्यावरण</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Sep 2021 12:15:05 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
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                <title>गाजियाबाद में शताब्दी ट्रेन की जेनरेटर कार में लगी आग, कोई हताहत नहीं</title>
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                        <![CDATA[<p>नयी दिल्ली : उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में शताब्दी ट्रेन के जेनरेटर कार व लगेज कंपार्टमेंट में शनिवार की सुबह आग लग गयी। आग लगने से प्लेटफार्म पर अफरा-तफरी मच गयी, हालांकि इससे जानमाल की कोई क्षति नहीं हुई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://twitter.com/hashtag/UPDATE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UPDATE</a> नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस में सुबह 6:45 बजे आग लगी थी। प्रभावित कोच को अलग कर दिया गया। सभी यात्री सुरक्षित हैं: रेलवे <a href="https://t.co/vjgawbQJAq">https://t.co/vjgawbQJAq</a></p>
<p>— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1373115891630493697?ref_src=twsrc%5Etfw">March 20, 2021</a></p></blockquote>
<p><br />
न्यूज एजेंसी एएनआइ के अनुसार, आग शुक्रवार, 20 मार्च 2021 को सुबह पौने सात बजे लगी। आग लगने के बाद शताब्दी एक्सप्रेस की उस बोगी को अलग किया गया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">सुबह लगभग</p></blockquote>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/fire-had-broken-out-in-new-delhi-lucknow-shatabdi-express-at-ghaziabad-station/article-8380"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2021-03/shatabdi-train-fire.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली : उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में शताब्दी ट्रेन के जेनरेटर कार व लगेज कंपार्टमेंट में शनिवार की सुबह आग लग गयी। आग लगने से प्लेटफार्म पर अफरा-तफरी मच गयी, हालांकि इससे जानमाल की कोई क्षति नहीं हुई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi"><a href="https://twitter.com/hashtag/UPDATE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UPDATE</a> नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस में सुबह 6:45 बजे आग लगी थी। प्रभावित कोच को अलग कर दिया गया। सभी यात्री सुरक्षित हैं: रेलवे <a href="https://t.co/vjgawbQJAq">https://t.co/vjgawbQJAq</a></p>
<p>— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1373115891630493697?ref_src=twsrc%5Etfw">March 20, 2021</a></p></blockquote>
<p><br />
न्यूज एजेंसी एएनआइ के अनुसार, आग शुक्रवार, 20 मार्च 2021 को सुबह पौने सात बजे लगी। आग लगने के बाद शताब्दी एक्सप्रेस की उस बोगी को अलग किया गया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">सुबह लगभग 7 बजे सूचना मिली कि शताब्दी एक्सप्रेस के डिब्बे में आग लगी है। तुरंत मौके पर दमकल की 4 गाड़ियां भेजी गई। आग शताब्दी एक्सप्रेस के जनरेटर और सामान के डिब्बे में लगी थी। तुरंत उस डिब्बे को ट्रेन से अलग किया गया तथा डिब्बे का दरवाजा तोड़कर आग बुझाई गई:सुशील कुमार,फायर ऑफिसर <a href="https://t.co/fvTptaOXcD">pic.twitter.com/fvTptaOXcD</a></p>
<p>— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1373134389215825924?ref_src=twsrc%5Etfw">March 20, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p>मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि चार दमकल गाड़ियों ने खिड़की को तोड कर आग बुझायी। इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। अग्निशमन अधिकारी सुशील कुमार के अनुसार, आग किस वजह से लगी, इसकी जांच चल रही है।</p>
<p>बाद में रेलवे ने इस हादसे के बारे में बयान जारी किया। रेलवे ने कहा कि नयी दिल्ली.लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस में सुबह 6.45 बजे आग लगी थी। प्रभावित कोच को अलग कर दिया गया है। सभी यात्री सुरक्षित हैं।</p>
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                                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/national/fire-had-broken-out-in-new-delhi-lucknow-shatabdi-express-at-ghaziabad-station/article-8380</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Mar 2021 10:59:30 +0530</pubDate>
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                <title>हवाई जहाज जैसी सुविधा वाली प्राइवेट ट्रेन के लिए अभी कीजिए इंतजार, जानिए रेलवे बोर्ड ने क्या कहा</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>नयी दिल्ली :</strong> रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने गुरुवार को कहा कि निजी ट्रेनों का परिचालन अप्रैल 2023 तक संभव हो सकेगा. उन्होंने कहा कि प्राइवेट ट्रेनों के संचालन के परफारमेंस की निगरानी के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत 95 प्रतिशत ट्रेनें भारतीय रेल चलाएगी और पांच प्रतिशत ट्रेन निजी आपरेटर चलाएंगे.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">5% is being offered to private operators under Public-Private Partnership (PPP), 95% trains will be run by Indian Railways. Majority of trains will be manufactured in India. Private train operators will fix fare keeping in mind fares of</p></blockquote>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/private-train-start-running-by-april-2023-says-railway-board-chairman-vk-yadav/article-6878"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-07/railway-board-chairman.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली :</strong> रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने गुरुवार को कहा कि निजी ट्रेनों का परिचालन अप्रैल 2023 तक संभव हो सकेगा. उन्होंने कहा कि प्राइवेट ट्रेनों के संचालन के परफारमेंस की निगरानी के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत 95 प्रतिशत ट्रेनें भारतीय रेल चलाएगी और पांच प्रतिशत ट्रेन निजी आपरेटर चलाएंगे.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">5% is being offered to private operators under Public-Private Partnership (PPP), 95% trains will be run by Indian Railways. Majority of trains will be manufactured in India. Private train operators will fix fare keeping in mind fares of airlines &amp; AC buses: Railway Board Chairman <a href="https://t.co/faSdN2kDkS">pic.twitter.com/faSdN2kDkS</a></p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1278660543650451456?ref_src=twsrc%5Etfw">July 2, 2020</a></p></blockquote>
<p><br />
मालूम हो कि बुधवार को भारतीय रेलवे ने 109 रूट पर 151 निजी ट्रेनें चलाने का फैसला लिया. ये ट्रेनें उच्च गुणवत्ता व तकनीक से युक्त होंगी और हवाई जहाज के स्तर की सेवाएं देंगी. ट्रेनों का परिचालन 160 किमी प्रति घंटा की स्पीड से हो सकेगा और गंतव्य तक समय से पहुंचना अहम लक्ष्य होगा.</p>
<p>इसमें ट्रेनों को रेलवे के ड्राइवर व गार्ड चलाएंगे लेकिन उनका किराया तय करने का अधिकार निजी पार्टी के पास होगा.</p>
<p>रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने आज कहा कि प्राइवेट ट्रेन आपरेटर एयरलाइंस व एसी बसों को ध्यान में रखते हुए ट्रेन का किराया तय करेंगे.</p>
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                                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2020 18:42:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रांची के अखबार : नियमित ट्रेनों का 12 तक नहीं होगा परिचालन, झामुमो ने अब इन कारोबारों में की छूट देने की मांग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><span style="color:#ff0000;"><strong>प्रभात खबर</strong></span> की लीड खबर है कि सीबीएसइ व आइसीएसइ ने दसवीं व बारहवीं की बची परीक्षाएं रद्द की. परिणाम अगस्त में आएगा. एक से 15 जुलाई तक होने वाली परीक्षाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. झारखंड सरकार का स्कूल को निर्देश है कि विद्यालय खुलने तक सिर्फ ट्यूशन फीस लिया जाए और फीस नहीं देने वालें बच्चों का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकेगा. सरकार का आदेश नहीं मानने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी.</p>
<p>झारखंड में कोरोना के 45 नए मरीज मिले हैं और 30 ठीक भी हुए हैं. केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा है</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/badi-khabar/ranchi-newspapers-regular-trains-will-not-be-operational-till-august-12-other-news/article-6817"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-06/train99.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="color:#ff0000;"><strong>प्रभात खबर</strong></span> की लीड खबर है कि सीबीएसइ व आइसीएसइ ने दसवीं व बारहवीं की बची परीक्षाएं रद्द की. परिणाम अगस्त में आएगा. एक से 15 जुलाई तक होने वाली परीक्षाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. झारखंड सरकार का स्कूल को निर्देश है कि विद्यालय खुलने तक सिर्फ ट्यूशन फीस लिया जाए और फीस नहीं देने वालें बच्चों का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकेगा. सरकार का आदेश नहीं मानने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी.</p>
<p>झारखंड में कोरोना के 45 नए मरीज मिले हैं और 30 ठीक भी हुए हैं. केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि उपभोक्ता के खाते में ही बिजली की सब्सिडी जाएगी.</p>
<p>रेलवे ने सभी नियमित ट्रेनों का परिचालन 12 अगस्त तक रद्द कर दिया है. दरअसल सरकार का इस संबंध में पहले का जो निर्णय है, उसे विस्तारित किया गया है. अब एक जुलाई से 12 अगस्त तक नियमित ट्रेनें नहीं चलेंगी और यात्री का टिकट शुल्क उन्हें वापस कर दिया जाएगा. पूर्व से विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा रेलवे ने कर रखी है, वे चलती रहेंगी.</p>
<p>यह खबर है कि यूपी में झारखंड एकेडमिक काउंसिल की फर्जी वेबसाइट चलायी जा रही है. जैक ने इस मामले में कार्रवाई के लिए साइबर एसपी व भारत सरकार को पत्र लिखा है. झारखंड सरकार ने राज्य में आॅनलाइन शापिंग, मार्निंग वाॅक व खुले में व्यायाम की छूट दे दी है. वहीं, सत्ताधारी पार्टी झामुमो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि होटल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सैलून व टेलरिंग शाॅप भी जल्द खोले जाएं.</p>
<p>एक खबर है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के तीन अफसरों पर विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की गयी है. वहीं, झारखंड सरकार 22 करोड़ की लागत से होटल अशोक को खरीदेगी. फिलहाल इस होटल पर इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट काॅरपोरेशन बिहार व झारखंड सरकार का संयुक्त स्वामित्व है. यह ढाई साल से बंद भी है. इसे खरीदने के लिए सरकार इटीडीसी व बिहार सरकार को उनके शेयर के अनुपात में राशि देगी. को आॅपरेटिव बैंक घोटाले में संयज डालमिया सहित आठ पर प्रवर्तन निदेशालय ने प्राथमिकी दर्ज की है. यह खबर है बिहार में ठनका गिरने से 101 लोगों की मौत हो गयी है.</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>हिंदुस्तान</strong> </span>में पहले पन्ने पर वही खबरें हैं जो प्रभात खबर ने दी है. आनलाइन शाॅपिंग की राज्य सरकार से छूट, स्कूलों को राज्य सरकार से केवल ट्यूशन फीस लेने का आदेश, सीबीएसई द्वारा परीक्षाएं रद्द करना, बिहार में ठनका गिरने से बड़ी संख्या में मौतें, नियमित ट्रेनों के परिचालन पर 12 अगस्त तक रोक और जैक की फर्जी वेबसाइट का यूपी में निर्माण.</p>
<p>अब हम <span style="color:#ff0000;"><strong>दैनिक जागरण</strong> </span>के पहले पन्ने की उन खबरों की चर्चा करते हैं जो इन दो अखबारों से अलग हैं. इस अखबार ने दिल्ली से एक खबर दी है कि चीन नहीं माना हो हालात बिगड़ेंगे. भारत ने कहा है कि सीमा पर सैनिकों व हथियारों का चीन जमावड़ा कर रहा है.</p>
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                                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2020 08:24:41 +0530</pubDate>
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