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                <title>अपराध नियंत्रण - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>अपराध नियंत्रण RSS Feed</description>
                
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                <title>Sahebganj News :  पुलिस को मिली 14 बोलेरो और 26 नई बाइक</title>
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                        <![CDATA[साहिबगंज पुलिस को 14 नई बोलेरो और 26 बाइक प्राप्त हुई हैं, जिन्हें गश्ती और अपराध नियंत्रण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। नई वाहनों से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी और शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी और प्रभावी होगी।]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/sahibganj/sahebganj--news-police-found-14-bolero-and-26-new-bikes/article-18897"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-03/9e4f6ace-1366-4cff-88b7-1d73a596b261_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>साहिबगंज :</strong> जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए साहिबगंज पुलिस को बड़ी सौगात मिली है। साथ ही पुलिस को आधुनिक और उच्च गति के वाहनों से लैस करने की तैयारी है। हाल ही में रांची में आयोजित कार्यक्रम में साहिबगंज पुलिस को 14 नई बोलेरो गाड़ियां सौंपी गई। इसके साथ ही जिले को 26 नई बाइक भी मिली हैं, जिन्हें 'रक्षक राइडर' नाम दिया गया। ये बाइक शहर के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों में गश्त के लिए उपयोग की जाएंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बढ़ेगी पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता</h4>
<p style="text-align:justify;">नए वाहनों के मिलने पर जिला पुलिस को गश्ती व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन वाहनों का उपयोग कंपोजिट कंट्रोल रूम के साथ-साथ उन थानों में किया जाएगा जहां वाहनों की कमी है। कई थानों में लंबे समय से पुराने और जर्जर वाहन चल रहे थे, जिससे गश्ती और त्वरित कार्रवाई में परेशानी होती थी। अब नए वाहनों के आने से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और तेज होने की उम्मीद है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि इन बाईकों का उपयोग नियमित पेट्रोलिंग के साथ साथ विशेष अवसरों पर भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन नए वाहनों के मिलने से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी और अपराधियों पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">प्राथमिकता के आधार पर मिलेंगे नए वाहन</h4>
<p style="text-align:justify;">जिला पुलिस मुख्यालय की ओर से थानों में उपलब्ध वाहनों की स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी गई है। जिन थानों में वाहनों की कमी है या पुराने वाहन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर नए वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे गश्ती व्यवस्था के साथ-साथ अपराध नियंत्रण में भी पुलिस को मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि नई बोलेरो गाड़ियों और बाईकों को चरणबद्ध तरीके से जिले के विभिन्न थानों और पुलिस इकाइयों को दिया जाएगा। नई बाइक मिलने के बाद ग्रामीण और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की निगरानी और अधिक तेज हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की पहल के तहत झारखंड पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है, ताकि पुलिसिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>साहिबगंज</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 15:35:39 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anshika Ambasta]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>चैनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लोडेड कट्टा के साथ एक युवक गिरफ्तार</title>
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                        <![CDATA[चैनपुर पुलिस ने मध्य विद्यालय के पास संदिग्ध हालत में घूम रहे युवक को पकड़कर उसकी तलाशी ली, जिसमें कमर से लोडेड देशी कट्टा बरामद हुआ। वैध कागजात नहीं होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/palamu/big-action-by-chainpur-police-a-young-man-arrested-with/article-17892"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/fd138aa5-2afc-43b9-9b48-48495913fc72_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पलामू : </strong>पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि पकड़ा गया युवक कमर में लोडेड कट्टा छिपाकर किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम काराकाट स्थित मध्य विद्यालय खोहरी के पास एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियार के साथ घूम रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर चैनपुर थाना की गश्ती टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस टीम को देखते ही विद्यालय के पास मौजूद युवक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन जवानों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान मुख्तार आलम उर्फ मोकतार आलम (22 वर्ष), पिता करमुद्दीन मियां, निवासी ग्राम बंदुआ के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसकी कमर से एक देशी निर्मित कट्टा बरामद हुआ। जांच करने पर कट्टे के चैम्बर में एक जिंदा कारतूस लोडेड पाया गया। हथियार के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">चैनपुर पुलिस ने बरामद कट्टा और कारतूस को विधिवत जप्ती सूची बनाकर जप्त कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध चैनपुर थाना कांड संख्या 16/26 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1-B)a/26 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पलामू</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 18:26:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Anshika Ambasta]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Giridih News : गावां में चोरी-डकैती से दहशत, एक ही रात 6 घरों से लाखों की संपत्ति उड़ा ले गए चोर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[गिरिडीह के गावां प्रखंड में चोरी-डकैती की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। गदर पंचायत के ग्राम गदर में बीती रात चोरों ने छह घरों को निशाना बनाकर लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/panic-due-to-theft-and-robbery-in-the-village-thieves/article-17538"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-12/whatsapp-image-2025-12-20-at-17.20.59_62374c46_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>गिरिडीह : </strong>शुभम कुमार गिरिडीह गावां प्रखंड में एक बार फिर चोरी और डकैती की घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है। बीती रात गदर पंचायत अंतर्गत ग्राम गदर में चोरों ने एक के बाद एक छह घरों को निशाना बनाया। चोरों ने जागेश यादव, अशोक यादव, जहांगीर आलम, मकसूद आलम समेत कुल छह घरों से नकदी, सोना-चांदी, बर्तन आदि की चोरी कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही भाकपा माले प्रखंड सचिव सकलदेव यादव मौके पर पहुंचे और चोरी की मुआयना किया। उन्होंने तुरंत स्थानीय प्रशासन को फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस ने जल्द मामले के उद्भेदन का आश्वासन दिया।</p>
<p>इस दौरान सकलदेव यादव ने कहा कि पिछले एक साल में गावां प्रखंड में 123 घरों में चोरी-डकैती और 46 डीजल पंप सेट की चोरी हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। उन्होंने गिरिडीह पुलिस अधीक्षक से अपराध पर रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर कई ग्रामीण उपस्थित थे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>गिरिडीह</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 17:37:43 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Susmita Rani]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>दृष्टिकोण: अपराध और समाज व्यवस्था, क्या अपराधी समाज की उपज है या उसकी विफलता?</title>
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                        <![CDATA[<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>अपराध मानव समाज की सबसे पुरानी और पेचीदा समस्याओं में से एक है। समाज में अपराध के विभिन्न रूप देखने को मिलते हैं चोरी, हत्या, धोखाधड़ी, बलात्कार, और अन्य अपराध। प्रश्न उठता है कि क्या अपराधी वास्तव में समाज की उत्पत्ति हैं या ये समाज की कोई विफलता हैं? इस विषय पर विचार करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि अपराध और समाज के बीच का यह रिश्ता हमारे समाज की संरचना, न्याय प्रणाली और सुधारात्मक उपायों को समझने में मदद करता है।</p>
<h5 class="mb-2 mt-4 text-base font-[475] first:mt-0 dark:font-[450]"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>अपराध: क्या है उसकी जड़?</strong></span></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">अपराध को सामान्यतः वे क्रियाएं माना जाता है जो कानून द्वारा निषिद्ध</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/article/society/view-crime-and-social-system-is-the-product-of-criminal/article-15704"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/tyg.jpg" alt=""></a><br /><p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>अपराध मानव समाज की सबसे पुरानी और पेचीदा समस्याओं में से एक है। समाज में अपराध के विभिन्न रूप देखने को मिलते हैं चोरी, हत्या, धोखाधड़ी, बलात्कार, और अन्य अपराध। प्रश्न उठता है कि क्या अपराधी वास्तव में समाज की उत्पत्ति हैं या ये समाज की कोई विफलता हैं? इस विषय पर विचार करना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि अपराध और समाज के बीच का यह रिश्ता हमारे समाज की संरचना, न्याय प्रणाली और सुधारात्मक उपायों को समझने में मदद करता है।</p>
<h5 class="mb-2 mt-4 text-base font-[475] first:mt-0 dark:font-[450]"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>अपराध: क्या है उसकी जड़?</strong></span></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">अपराध को सामान्यतः वे क्रियाएं माना जाता है जो कानून द्वारा निषिद्ध हैं और जिनका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अपराध सिर्फ एक व्यक्ति का कृत्य नहीं होता, बल्कि विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक कारणों से उत्पन्न होता है। इसके पीछे कई सिद्धांत सामने आए हैं—जैसे कि सामाजिक संरचना की असमानताएं, गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा की कमी, और पारिवारिक टूट-फूट।</p>
<h5 class="mb-2 mt-4 text-base font-[475] first:mt-0 dark:font-[450]"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>अपराधी समाज की उपज है?</strong></span></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">इसे समझने के लिए हमें 'समाज की उपज' का अर्थ स्पष्ट करना होगा। समाज की उपज होने का आशय है कि अपराधी का निर्माण उसी समाज की परिस्थितियों और वातावरण से होता है। उदाहरण के लिए, गरीबी और बेरोजगारी उन कारकों में से हैं जो लोगों को अपराध करने के लिए प्रेरित करते हैं। वे जिन्हें उनके मूलभूत अधिकार और आवश्यकताएं प्राप्त नहीं होतीं, वे अपने जीवन यापन के लिए अपराधी मार्ग अपना लेते हैं।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">शिक्षा की कमी भी एक बड़ा कारण है। अनेक शोध बताते हैं कि शिक्षा से वंचित व्यक्ति अपराधिक प्रवृत्ति की ओर बढ़ सकते हैं। जब व्यक्ति को सही मार्गदर्शन और अवसर नहीं मिलते, तो वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो जाता है। परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। यदि परिवार में सही संस्कार और सहयोग न मिले, तो व्यक्ति अपराध की ओर झुकाव रख सकता है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">इस संदर्भ में, कई समाजशास्त्री यह भी मानते हैं कि समाज का वह हिस्सा जिसमें लोगों के लिए समान अवसर नहीं होते, वह अपराधिक प्रवृत्तियों का गढ़ बनता है। यानी, समाज की आर्थिक और सामाजिक असमानताएं अपराधियों को जन्म देती हैं। यही कारण है कि अधिकतर अपराध कम विकसित या पिछड़े इलाकों से होते हैं।</p>
<h5 class="mb-2 mt-4 text-base font-[475] first:mt-0 dark:font-[450]"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>अपराध समाज की विफलता भी है</strong></span></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">दूसरी ओर, अपराध को समाज की विफलता के रूप में भी देखा जाता है। जब समाज के विधान, न्याय व्यवस्था, और प्रशासनिक तंत्र अपराध को रोकने में असफल होते हैं, तब यह समाज की विफलता है। इसका मतलब है कि समाज के नियम और नैतिकता को स्थापित कर उसका पालन कराना ही समाज का काम है, जो यदि सही ढंग से न हो तो अपराध बढ़ता है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">बहुतेरे अपराध यह दर्शाते हैं कि समाज अपने कमजोर वर्गों की संभाल ठीक से नहीं कर पा रहा है। न्याय पाने का असमान अवसर, पुलिस व्यवस्था में भ्रष्टाचार, एवं कानूनी प्रक्रिया में देरी जैसी समस्याएं भी अपराध बढ़ने का कारण हैं। यह स्थिति समाज की उस विफलता को उजागर करती है जो अपराध को जन्म देती है और उसे बढ़ावा देती है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">सामाजिक नियमन और सुधार के अभाव में अपराधी प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है। यदि समाज में समानता, न्याय, और सुरक्षा की भावना नहीं होगी तो अपराध के खिलाफ प्रभावी लड़ाई संभव नहीं है। इसके अलावा, समाज का मनोवैज्ञानिक और नैतिक पतन भी अपराध की एक बड़ी वजह है। जब समाज में अस्तव्यस्तता, असहिष्णुता, और नैतिक मूल्यों का पतन होता है तो इससे अपराध की जड़ें और गहरी होती हैं।</p>
<h5 class="mb-2 mt-4 text-base font-[475] first:mt-0 dark:font-[450]"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दोनों ही दृष्टिकोणों में सत्य</strong></span></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">अपराध को सिर्फ समाज की उपज मानना या केवल समाज की विफलता ठहराना दोनों ही दृष्टिकोण आंशिक सत्य हैं। वास्तविकता में अपराध का कारण दोनों का संयोजन है। एक ओर, समाज की आर्थिक और सामाजिक समस्याओं से व्यक्ति अपराध की ओर प्रवृत्त होता है, और दूसरी ओर समाज की अपर्याप्त व्यवस्था उसे रोकने में असफल रहती है।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">अपराध रोकने के लिए जरूरी है कि समाज के अंतर्निहित कारणों को समझा जाए। गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा की कमी, और परिवारिक तनाव जैसे कारणों को दूर करते हुए समान अवसर प्रदान करना होगा। साथ ही न्याय व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना होगा ताकि अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।</p>
<h5 class="mb-2 mt-4 text-base font-[475] first:mt-0 dark:font-[450]"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>निष्कर्ष</strong></span></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">अपराध और समाज व्यवस्था के बीच गहरा जुड़ाव है। अपराधी समाज की उपज हैं, जो अपने सामाजिक-आर्थिक परिवेश के कारण अपराध की ओर बढ़ते हैं। इसके साथ ही, अपराध समाज की उस विफलता का भी परिणाम हैं जहां न्याय, सुरक्षा, और समानता की सही व्यवस्था नहीं होती। इसलिए, अपराध की समस्या को हल करने के लिए समाज की संरचना सुधारनी होगी, न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करना होगा, और समान अवसर प्रदान करना होगा। तभी हम अपराध को कम कर एक स्वस्थ, सुरक्षित और न्यायसंगत समाज का निर्माण कर सकते हैं।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">इस प्रकार, अपराध न सिर्फ व्यक्ति का दोष है, बल्कि वह समाज के उन तमाम असमंजसों का प्रतिबिंब भी है जो समय रहते नियंत्रित एवं सुधारित नहीं किए गए। समाज और कानून की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे अपराध और उसके कारणों की जड़ तक पहुंच कर एक समृद्ध और सुरक्षित समाज के लिए ठोस कदम उठाएं।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>नोट: परंतु इसका अर्थ यह नहीं कि अपराधियों को दंड न मिले। कानून का सिद्धांत है कि अपराध पर दंड अनिवार्य है ताकि न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।</strong></p>]]>
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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 19:28:17 +0530</pubDate>
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