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                <title>स्थानीय युवकों को रोजगार का नारा हेमंत सरकार का एक छलावा: बाबूलाल मरांडी</title>
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                        <![CDATA[भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार पर फिर एकबार बड़ा निशाना साधा। मरांडी आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार माफियाओं ,बिचौलियों,दलालों के इशारे पर काम कर रही। ऐसा लगता है नियम माफिया, दलाल, बिचौलिए बना रहे और राज्य के मंत्री और वरीय पदाधिकारी उस पर आंख मूंद कर हस्ताक्षर कर रहे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/the-slogan-of-employment-to-local-youths-a-cheating-of/article-16191"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-09/resized-image---2025-09-12t185901.783.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong> भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार पर फिर एकबार बड़ा निशाना साधा। मरांडी आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। मरांडी ने राज्य के 500 से अधिक बालू घाटों की नीलामी के संबंध में राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमावली पर सरकार को घेरा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि राज्य सरकार माफियाओं ,बिचौलियों,दलालों के इशारे पर काम कर रही। ऐसा लगता है नियम माफिया, दलाल, बिचौलिए बना रहे और राज्य के मंत्री और वरीय पदाधिकारी उस पर आंख मूंद कर हस्ताक्षर कर रहे। कहा कि ऐसा अगर नहीं होता तो फिर राज्य सरकार जो स्थानीय युवकों ,बेरोजगारों को निजी संस्थानों में 75% नौकरी दिलाने , 25 लाख तक के  ठेका पट्टा स्थानीय युवकों,बेरोजगारों को देने की बात करती है वही सरकार बालू घाटों की नीलामी,बंदोबस्ती केलिए ऐसी नियम बनाती है जिसमें गरीब, बेरोजगार, आदिवासी, दलित पिछड़े वर्ग के लोग भाग ही नहीं ले सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज भले ही उच्च न्यायालय ने पेसा कानून नहीं लागू किए जाने के कारण बालू घाटों की नीलामी पर रोक लगाई है लेकिन हेमंत सरकार की मंशा स्पष्ट हो गई कि यह सरकार ग्राम सभा को अधिकार नहीं देना चाहती। और माफिया, दलालों के माध्यम से राज्य के खनिज संसाधनों को लूटना और लुटवाना चाहती है। हेमंत की बालू घाट नीलामी नियमावली पर चर्चा करते हुए कहा कि यह सरकार अब लूट का नया तरीका अपना रही।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके तहत राज्य सरकार ने बालू घाटों को जिला स्तर पर समूह में बांटा है। जैसे गोड्डा जिला में 16घाट ए समूह में हैं, जामताड़ा में 15घाट ए में और 5घाट बी समूह में, दुमका जिला में 14 घाट ए,12 बी और 5 सी में, सरायकेला के 4ए 7बी, पूर्वी सिंहभूम के 3 ए और 2 बी, उसी प्रकार गिरिडीह जिला में 3 घाट ए, 2 घाट बी, 3घाट सी, 6घाट डी और 2घाट ई समूह में शामिल हैं। कहा कि इसमें भी लूट का बड़ा खेल रचा गया है। पहले तो नीलामी की निविदा में आवेदन केलिए 15 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष के टर्न ओवर का शर्त लगाया गया। ठीक उसी प्रकार जैसे कि शराब ठेका के लिए 25 लाख रुपए के नॉन रिफंडेबल शुल्क निर्धारित किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह सरकार ऐसे शर्त इसीलिए लगाती है ताकि इसमें आदिवासी,गरीब,बेरोजगार युवक शामिल नहीं हो सकें। सिर्फ वही शामिल हो सकेगा जिसकी सेटिंग और डील पहले ही हो जाती है। इसीलिए सरकार को पहले ही पत्र लिखकर चेताया था लेकिन बात नहीं मानने का परिणाम है कि राज्य के एक वरीय आईएएस अधिकारी,सचिव जेल में हैं।और आगे भी अगर सरकार नहीं सुधरी तो फिर सचिव जेल जाएंगे। वर्तमान लागू नियम के आधार पर राज्य सरकार अवैध बालू उत्खनन को वैध बनाने की कोशिश कर रही।</p>
<p style="text-align:justify;">समूह के एक घाट को भी अगर पर्यावरण की अनुमति मिल जाती है तो पूरे समूह के घाटों से बालू को उठाने का उपाय किया गया है। पूरे बालू घाट को माफियाओं के हवाले करने की साजिश है। सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की बात कही और मांग किया कि हेमंत सरकार ग्राम सभा को बालू घाट का अधिकार दे। प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा उपस्थित रहे।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Sep 2025 19:01:49 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
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                <title>Hazaribagh News: अंचल कार्यालय बना भूमाफियाओं का अड्डा, अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता से आम लोग परेशान</title>
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                        <![CDATA[ग्रामीणों ने मांग की है कि अंचल कार्यालय में दलालों की सक्रियता और भूमाफियाओं के प्रभाव की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/hazaribagh/hazaribagh-news-common-people-upset-due-to-the-involvement-of/article-15676"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/resized-image-(39)1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हजारीबाग</strong>/कटकमसांडी: अंचल कार्यालय में इन दिनों जमीन संबंधी कार्यों के लिए आने वाले आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दाखिला-खारिज, एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र), मालगुजारी रसीद जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए ग्रामीणों को महीनों चक्कर काटने पड़ते हैं। लेकिन यह काम दलालों के जरिए कराने पर चुटकियों में हो जाता है।</p>
<p>स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अंचल कार्यालय दलालों और भूमाफियाओं का अड्डा बन चुका है। यहां कार्यरत कुछ राजस्व कर्मचारी और अधिकारी सीधे तौर पर इन गतिविधियों में संलिप्त हैं। आम जनता को कार्य के नाम पर बार-बार टाल दिया जाता है, जबकि भूमाफियाओं के लिए नियमों को ताक पर रखकर त्वरित कार्रवाई की जाती है।</p>
<h4>दलालों का बोलबाला, गरीबों को झूठा आश्वासन</h4>
<p>प्रखंड क्षेत्र के कई गरीब और अशिक्षित ग्रामीण जब अपने पुश्तैनी जमीन के कागजात बनवाने या दाखिला-खारिज कराने के लिए कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें कभी सर्वे की कमी तो कभी दस्तावेज की त्रुटियों का हवाला देकर वापस भेज दिया जाता है। दूसरी ओर, दलालों के माध्यम से आने वाले मामलों को प्राथमिकता दी जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक वे दलालों को "चढ़ावा" नहीं देते, उनका काम नहीं होता।</p>
<h4>गैरमजरुआ जमीन पर भूमाफियाओं की नजर</h4>
<p>कटकमसांडी प्रखंड के विभिन्न हिस्सों में मौजूद गैरमजरुआ जमीनें भूमाफियाओं की नजर में हैं। अंचल स्तर पर मिलीभगत के कारण ये जमीनें धीरे-धीरे कब्जे में ली जा रही हैं। कुछ मामलों में तो दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन को निजी बताया गया है। इसके पीछे अंचल के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>
<h4>जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से जांच की मांग</h4>
<p>इस पूरे मामले को लेकर अब स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि अंचल कार्यालय में दलालों की सक्रियता और भूमाफियाओं के प्रभाव की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
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                <pubDate>Wed, 20 Aug 2025 22:21:34 +0530</pubDate>
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