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                <title>शिबू सोरेन - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>शिबू सोरेन RSS Feed</description>
                
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                <title>लोकगायक आशुतोष द्विवेदी ने शिबू सोरेन को दी संगीतमय श्रद्धांजलि, सीएम हेमंत सोरेन हुए भावुक</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>रामगढ़:</strong> झारखंड के लोकगायक आशुतोष द्विवेदी ने झारखंड के नायक वीर शिबू सोरेन जी की नव निर्मित गीत "वीर शिबू सोरेन जी का झारखंड दीवाना है" को आशुतोष द्विवेदी यूट्यूब पर लॉन्च कर उन्हें अपनी ओर से सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित किया। उन्होंने गीत गाकर नेमरा जाकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को पोस्टर सौंपकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<h4><strong>सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आशीर्वाद</strong></h4>
<p>ज्ञात हैं कि कुछ दिन पहले ही देशोम गुरु शिबू सोरेन जी का निधन हुआ था। झारखंड आंदोलन के प्रणेता और झारखंड के जननायक गुरु शिबू सोरेन जी को याद कर अपनी मधुर आवाज से</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ramgarh/folk-singer-ashutosh-dwivedi-paid-musical-tribute-to-shibu-soren/article-15429"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/jhn-mb.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामगढ़:</strong> झारखंड के लोकगायक आशुतोष द्विवेदी ने झारखंड के नायक वीर शिबू सोरेन जी की नव निर्मित गीत "वीर शिबू सोरेन जी का झारखंड दीवाना है" को आशुतोष द्विवेदी यूट्यूब पर लॉन्च कर उन्हें अपनी ओर से सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित किया। उन्होंने गीत गाकर नेमरा जाकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को पोस्टर सौंपकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<h4><strong>सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आशीर्वाद</strong></h4>
<p>ज्ञात हैं कि कुछ दिन पहले ही देशोम गुरु शिबू सोरेन जी का निधन हुआ था। झारखंड आंदोलन के प्रणेता और झारखंड के जननायक गुरु शिबू सोरेन जी को याद कर अपनी मधुर आवाज से लोकगायक आशुतोष द्विवेदी जी ने उनकी पूरी जीवनी को इस गीत के माध्यम से परिभाषित किया है। इस गीत में उन्होंने वीर शिबू सोरेन जी की गाथा का पूर्ण वर्णन किया है तथा उनके किए गए संघर्षों को भी दर्शाया है।</p>
<p>उनके जाने से झारखंड तो शून्य हो गया परन्तु उनके बताए हुए र।स्ते को जन जन तक पहुंचाने को लेकर आशुतोष ने यह कर्णप्रिय गीत बनाया है।</p>
<ul>
<li><strong>गीत का नाम</strong> - वीर शिबू सोरेन जी का झारखंड दीवाना है।</li>
<li><strong>प्रोड्यूसर</strong> - राजीव सिंह</li>
<li><strong>उप निर्माता</strong> - डॉ अनिल कुमार,</li>
<li><strong>म्यूजिक</strong> - हर्ष उपाध्याय</li>
</ul>
<p>इस अवसर पर मुख्य रूप से अवधेश ठाकुर, सतीश मिश्रा , अतिंद्र नाथ वैध समेत कई लोग उपस्थित थे।</p>
<p>ये गीत लोगों को काफ़ी पसंद आ रहा है।</p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/nIgkvEduL8U" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<p><br />आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि वीर शिबू सोरेन जी की झारखंड के पुरोधा थे, एसे सच्चे पुरुष को मैने गीत गाकर उन्हें अपनी ओर से सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। ऐसे महापुरुष को लोग सदियों सदियों तक याद रखेंगे।</p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रामगढ़</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 14:40:20 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेटे का फर्ज और राजधर्म: दुख की घड़ी में हेमंत सोरेन निभा रहें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong class="animating"><span class="citation-10">रामगढ़:</span></strong> दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद, मुख्यमंत्री <span class="citation-10">हेमंत सोरेन</span> अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं।<span class="animating"> एक ओर जहां वह अपने पिता के </span><span class="animating">श्राद्ध कर्म</span> में शामिल होकर पुत्र का फर्ज निभा रहे हैं,<span class="animating"> वहीं दूसरी ओर वह </span><span class="animating">राज्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों</span><span class="animating"> को भी पूरी लगन से निभा रहे हैं। सरकारी कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए वह अपने पैतृक निवास </span><span class="animating">नेमरा</span><span class="animating"> से ही अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं और जरूरी फाइलें निपटा रहे हैं।</span></p>
<p>यह स्थिति मुख्यमंत्री के समर्पण और कार्य के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाती है।</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ramgarh/hemant-soren-is-responsible-for-chief-minister/article-15372"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/resized-image---2025-08-08t152025.004.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong class="animating"><span class="citation-10">रामगढ़:</span></strong> दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद, मुख्यमंत्री <span class="citation-10">हेमंत सोरेन</span> अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं।<span class="animating"> एक ओर जहां वह अपने पिता के </span><span class="animating">श्राद्ध कर्म</span> में शामिल होकर पुत्र का फर्ज निभा रहे हैं,<span class="animating"> वहीं दूसरी ओर वह </span><span class="animating">राज्य के प्रति अपनी जिम्मेदारियों</span><span class="animating"> को भी पूरी लगन से निभा रहे हैं। सरकारी कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए वह अपने पैतृक निवास </span><span class="animating">नेमरा</span><span class="animating"> से ही अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं और जरूरी फाइलें निपटा रहे हैं।</span></p>
<p>यह स्थिति मुख्यमंत्री के समर्पण और कार्य के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाती है। व्यक्तिगत दुख और शोक की इस घड़ी में भी, उन्होंने राजधर्म को सर्वोपरि रखा है। वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि राज्य का विकास कार्य और प्रशासन का संचालन बिना किसी बाधा के चलता रहे। इस अवसर पर परिवार और समाज के लोग भी दिवंगत दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए मौजूद हैं, और पूरा माहौल आत्मीय श्रद्धा से भरा हुआ है।</p>
<h4><strong>दिगम्बर दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म का चौथा दिन:</strong></h4>
<p>यह श्राद्ध कर्म झारखंड की आदिवासी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का एक अभिन्न अंग है, जिसमें परिवार के सदस्य प्रतिदिन विधि-विधान से दिवंगत पूर्वज को अन्न समर्पित करते हैं। हेमंत सोरेन इन सभी रस्मों को पूरी श्रद्धा और आदर के साथ निभा रहे हैं, जो उनके पारिवारिक मूल्यों और अपनी जड़ों से जुड़ाव को भी दर्शाता है। उनका यह प्रयास दिखाता है कि वह एक संवेदनशील पुत्र होने के साथ-साथ एक जिम्मेदार मुख्यमंत्री भी हैं।</p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रामगढ़</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 15:25:47 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ramgarh news: शिबू सोरेन के &quot;तीन नहान, दस कर्म&quot; को लेकर हेमन्त सोरेन ने ग्रामीणों से की चर्चा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>रामगढ़:</strong> मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज अपने पैतृक आवास नेमरा में गांव वासियों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के अंत्येष्टि कार्यक्रम के उपरांत होने वाले अनुष्ठान को लेकर ग्रामीणों से विस्तृत चर्चा की।</p>
<p>इस मौके पर गांव वासियों ने तीन नहान, दस कर्म और श्राद्ध कर्म को लेकर मुख्यमंत्री के  साथ कई  स्थानीय परंपरा से संबंधित  अनुभवों को साझा किया एवं सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने भी दस कर्म दिवस की तैयारियों का जायजा लिया। मौके पर ग्रामीणों ने गुरूजी के अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें यादकर अपनी संवेदना जताई और दिवंगत आत्मा</p>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/ramgarh-news-hemant-soren-discusses-with-villagers-about-three-baths/article-15347"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/resized-image---2025-08-07t200158.624.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रामगढ़:</strong> मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज अपने पैतृक आवास नेमरा में गांव वासियों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के अंत्येष्टि कार्यक्रम के उपरांत होने वाले अनुष्ठान को लेकर ग्रामीणों से विस्तृत चर्चा की।</p>
<p>इस मौके पर गांव वासियों ने तीन नहान, दस कर्म और श्राद्ध कर्म को लेकर मुख्यमंत्री के  साथ कई  स्थानीय परंपरा से संबंधित  अनुभवों को साझा किया एवं सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने भी दस कर्म दिवस की तैयारियों का जायजा लिया। मौके पर ग्रामीणों ने गुरूजी के अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें यादकर अपनी संवेदना जताई और दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को दुःख की इस घड़ी में शक्ति प्रदान करने की कामना ईश्वर से की।</p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/ramgarh-news-hemant-soren-discusses-with-villagers-about-three-baths/article-15347</link>
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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 20:02:50 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Shibu Soren Funeral: पंचतत्व में विलीन हुए 'गुरुजी', सासु मां रूपी सोरेन को संभालते दिखीं कल्पना सोरेन, फूट-फूटकर रोए सीएम</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>रामगढ़:</strong> झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु के नाम से लोकप्रिय शिबू सोरेन का आज उनके पैतृक गांव रामगढ़ के नेमरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े बेटे और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां मौजूद हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।</p>
<p>81 वर्षीय शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को मंगलवार सुबह रांची स्थित उनके आवास से झारखंड विधानसभा ले जाया गया, जहां</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/kalpana-soren-was-seen-handling-soren-sasu-maa-rupi-soren/article-15260"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/resized-image-(94)1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रामगढ़:</strong> झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु के नाम से लोकप्रिय शिबू सोरेन का आज उनके पैतृक गांव रामगढ़ के नेमरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े बेटे और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां मौजूद हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।</p>
<p>81 वर्षीय शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को मंगलवार सुबह रांची स्थित उनके आवास से झारखंड विधानसभा ले जाया गया, जहां राज्यपाल, कई मंत्रियों, विधायकों और अन्य गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>विधानसभा से उनकी अंतिम यात्रा पैतृक गांव नेमरा के लिए निकली। सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोग अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए खड़े थे। "गुरुजी अमर रहें" के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।</p>
<p>नेमरा में अंतिम संस्कार के समय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और कई अन्य राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के नेता मौजूद थे। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए।</p>
<p>झारखंड सरकार ने शिबू सोरेन के सम्मान में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है। शिबू सोरेन को झारखंड के आदिवासियों और वंचितों के सबसे बड़े नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। उनके निधन को झारखंड की राजनीति के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है।</p>
<h4><strong>सासु मां रूपी सोरेन को संभालते दिखीं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन</strong></h4>
<p><strong><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2025-08/resized-image-(94)1.jpeg" alt="resized-image (94)" width="1200" height="720"></img></strong></p>
<p>शिबू सोरेन को जब घाट पर ले जाने की तैयारी चल रही थी उसले पहले पत्नी रूपी सोरेन फफक कर रो पड़ी. सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन उन्हें संभालते दिखाई पड़ी. इस दौरान वहां पर जितने लोग मौजूद थे सबकी आंखें नम हो गयी थी.</p>
<h4><strong>पिता को अंतिम विदाई देते हुए छलक पड़े आंसू, फूट-फूटकर रोए मुख्यमंत्री</strong></h4>
<p>यह एक बेहद भावुक क्षण था जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा के लिए घाट की ओर ले जाया जा रहा था। अपने पिता के पार्थिव शरीर को देखते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने सब्र का बांध खो बैठे और बच्चों की तरह फूट-फूटकर रो पड़े। पिता को खोने का दुख उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था। इस दौरान उनके भाई बसंत सोरेन समेत परिवार के अन्य सदस्य भी बेहद भावुक थे और उनकी आंखें नम थीं।</p>
<p><img src="https://samridhjharkhand.com/media/2025-08/resized-image-(94)1.jpeg" alt="resized-image (94)" width="1200" height="720"></img></p>
<h4>आज सुबह 10 बजे:</h4>
<p><strong>अंतिम यात्रा पर निकले शिबू सोरेन</strong></p>
<p>दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर को उनके मोरहाबादी स्थित आवास से अंतिम यात्रा के लिए निकाला गया. कुछ ही समय में उनका पार्थिव शरीर झारखंड विधानसभा पहुंचेगा, जहां विधायकों एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों के अंतिम दर्शन के लिए एक घंटे रखा जायेगा.</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/ANI/status/1952590686802288903">https://twitter.com/ANI/status/1952590686802288903</a></blockquote>
<p>

</p>
<p> </p>
<p>इस बेहद मार्मिक अवसर पर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद सोशल मीडिया पर अपने पिता के अंतिम संस्कार की कुछ तस्वीरें और एक वीडियो साझा किया। इन तस्वीरों में वे एक बेटे के तौर पर सभी रस्में निभाते हुए बेहद भावुक नजर आ रहे हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/JmmJharkhand/status/1952628414227075079">https://twitter.com/JmmJharkhand/status/1952628414227075079</a></blockquote>
<p>

</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/JmmJharkhand/status/1952644156989300963">https://twitter.com/JmmJharkhand/status/1952644156989300963</a></blockquote>
<p>

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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Aug 2025 20:13:47 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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            <item>
                <title>शिबू सोरेन निधन: एक शिक्षक के बेटे से 'दिशोम गुरु' और झारखंड के पितामह बनने का सफर समाप्त</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>भारतीय राजनीति के क्षितिज पर कुछ ही नेता ऐसे हुए हैं जिन्होंने सिर्फ चुनाव नहीं लड़े, बल्कि एक पूरे क्षेत्र की नियति को आकार दिया। 'गुरुजी' और 'दिशोम गुरु' (देश के गुरु) के नाम से विख्यात शिबू सोरेन एक ऐसा ही नाम हैं। वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक सामाजिक सुधारक, एक जन-आंदोलन के प्रणेता और झारखंड राज्य के निर्माता थे। उनका जीवन आदिवासियों, दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए अनवरत संघर्ष की एक गाथा है, जिसने उन्हें झारखंड के "पितामह" के रूप में स्थापित किया।</p>
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<h3><strong>प्रारंभिक जीवन और संघर्ष की चिंगारी</strong></h3>
<p>शिबू सोरेन का जन्म</p>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/shibu-soren-passed-away-from-a-teachers-son-to-become/article-15210"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/resized-image-(90)1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>भारतीय राजनीति के क्षितिज पर कुछ ही नेता ऐसे हुए हैं जिन्होंने सिर्फ चुनाव नहीं लड़े, बल्कि एक पूरे क्षेत्र की नियति को आकार दिया। 'गुरुजी' और 'दिशोम गुरु' (देश के गुरु) के नाम से विख्यात शिबू सोरेन एक ऐसा ही नाम हैं। वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक सामाजिक सुधारक, एक जन-आंदोलन के प्रणेता और झारखंड राज्य के निर्माता थे। उनका जीवन आदिवासियों, दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए अनवरत संघर्ष की एक गाथा है, जिसने उन्हें झारखंड के "पितामह" के रूप में स्थापित किया।</p>
<hr />
<h3><strong>प्रारंभिक जीवन और संघर्ष की चिंगारी</strong></h3>
<p>शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को तत्कालीन बिहार के हजारीबाग (अब रामगढ़) जिले के नेमरा गाँव में एक संथाल आदिवासी परिवार में हुआ था। उनके पिता, सोबरन सोरेन, एक सम्मानित शिक्षक थे, लेकिन उनकी हत्या साहूकारों और महाजनों ने कर दी क्योंकि वे आदिवासियों को उनकी शोषणकारी प्रथाओं के खिलाफ संगठित कर रहे थे। पिता की नृशंस हत्या ने युवा शिबू के मन पर गहरा आघात किया और यहीं से उनके भीतर अन्याय के खिलाफ विद्रोह की ज्वाला धधक उठी। इस घटना ने उन्हें औपचारिक शिक्षा छोड़ने और सामाजिक न्याय के पथ पर चलने के लिए विवश कर दिया।</p>
<hr />
<h3><strong>सामाजिक सुधारक के रूप में उदय</strong></h3>
<p>अपने राजनीतिक जीवन से पहले, शिबू सोरेन ने 1970 के दशक की शुरुआत में एक सामाजिक सुधारक के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने आदिवासियों के बीच व्याप्त सामाजिक कुरीतियों, विशेष रूप से शराबखोरी और महाजनी प्रथा के खिलाफ एक सशक्त अभियान चलाया।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>महाजनी प्रथा के विरुद्ध आंदोलन:</strong> उस समय महाजन (साहूकार) आदिवासियों की जमीनों को कर्ज के बदले हड़प लेते थे। शिबू सोरेन ने 'धनकटनी आंदोलन' चलाया, जिसके तहत आदिवासी एकजुट होकर अपनी उन फसलों को काटते थे जिन पर महाजनों ने कब्जा कर लिया था। इस आंदोलन ने आदिवासियों को उनकी जमीनें वापस दिलाईं और उन्हें आर्थिक शोषण से मुक्त कराया।</p>
</li>
<li>
<p><strong>नशामुक्ति अभियान:</strong> उन्होंने आदिवासी समाज में शराबखोरी की लत को एक बड़ी सामाजिक बुराई के रूप में पहचाना और इसके खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया।</p>
</li>
<li>
<p><strong>आदिवासी अस्मिता का संरक्षण:</strong> उन्होंने आदिवासी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संरक्षित करने और बढ़ावा देने पर जोर दिया, जिससे आदिवासी समाज में एक नई चेतना और आत्म-सम्मान का संचार हुआ।</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h3><strong>झारखंड आंदोलन के महानायक</strong></h3>
<p>शिबू सोरेन का सबसे महत्वपूर्ण योगदान अलग झारखंड राज्य के आंदोलन का नेतृत्व करना था। वे इस विचार के प्रबल समर्थक थे कि 'जल, जंगल और जमीन' पर स्थानीय आदिवासियों का अधिकार होना चाहिए और इस क्षेत्र के खनिज संसाधनों का लाभ यहाँ के मूल निवासियों को मिलना चाहिए।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना:</strong> इस सपने को साकार करने के लिए, उन्होंने 4 फरवरी 1972 को बिनोद बिहारी महतो और ए.के. रॉय जैसे नेताओं के साथ मिलकर <strong>झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)</strong> की स्थापना की। यह केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन था जिसका उद्देश्य दक्षिणी बिहार के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को मिलाकर एक अलग राज्य का निर्माण करना था।</p>
</li>
<li>
<p><strong>दशकों का संघर्ष:</strong> झामुमो के बैनर तले, सोरेन ने दशकों तक सड़क से लेकर संसद तक एक लंबा और अथक संघर्ष किया। उन्होंने रैलियाँ कीं, प्रदर्शन किए, और आदिवासी अधिकारों के लिए लगातार आवाज बुलंद की।</p>
</li>
<li>
<p><strong>राज्य का निर्माण:</strong> उनके दशकों के संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप, केंद्र सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार किया और <strong>15 नवंबर 2000</strong> को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर बिहार पुनर्गठन अधिनियम के माध्यम से <strong>झारखंड</strong> एक नए और स्वतंत्र राज्य के रूप में भारत के मानचित्र पर उभरा।</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h3><strong>राजनीतिक सफर और प्रमुख पद</strong></h3>
<p>शिबू सोरेन का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन उन्होंने झारखंड की राजनीति पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>संसद सदस्य:</strong> वे कई बार बिहार और बाद में झारखंड की दुमका लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। संसद में उन्होंने मजबूती से झारखंड के हितों की पैरवी की।</p>
</li>
<li>
<p><strong>केंद्रीय मंत्री:</strong> वे मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में कोयला मंत्री भी रहे।</p>
</li>
<li>
<p><strong>झारखंड के मुख्यमंत्री:</strong> शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हुए:</p>
<ul>
<li>
<p><strong>पहली बार:</strong> 2 मार्च 2005 - 12 मार्च 2005</p>
</li>
<li>
<p><strong>दूसरी बार:</strong> 27 अगस्त 2008 - 19 जनवरी 2009</p>
</li>
<li>
<p><strong>तीसरी बार:</strong> 30 दिसंबर 2009 - 1 जून 2010</p>
</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p>वे झारखंड से राज्यसभा के सांसद थे और पार्टी के अध्यक्ष के रूप में संगठन का मार्गदर्शन कर रहे थे।</p>
<hr />
<p><strong><span class="citation-19 citation-end-19">झारखंड की राजनीति के पितामह और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का सोमवार, 4 अगस्त, 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया।<sup class="superscript"></sup></span> <span class="citation-18 citation-end-18">वे 81 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे।<sup class="superscript"></sup></span> उनके निधन से झारखंड समेत पूरे देश में शोक की लहर है।</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 14:47:15 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्पीकर रवींद्रनाथ महतो का संबोधन: लोकतंत्र सिर्फ प्रणाली नहीं, जनआस्था का प्रतीक</title>
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                        <![CDATA[स्पीकर ने कहा कि इस सत्र में प्रस्तुत किया जाने वाला प्रथम अनुपूरक बजट राज्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ सामाजिक कल्याण, संरचनागत विकास और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों को नई गति देगा.]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/speaker-rabindranath-mahatos-address-democracy-is-not-just-a-system/article-15137"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/resized-image-(76).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने प्रारंभिक शोक प्रकाश और प्रारंभिक वक्तव्य के साथ शुरू हुआ. उन्होंने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि हम मर्यादित आचरण और जिम्मेदारी के साथ इस सदन की गरिमा को बनाए रखें. उन्होंने कहा कि हमारा दायित्व केवल कानून बनाना नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदों का सम्मान करते हुए रचनात्मक बहस का वातावरण तैयार करना भी है. स्पीकर ने महादेवी वर्माकी पंक्तियां अंधकार में जो दीप जलाए वही सच्चा मानव कहलाए... को याद करते हुए कहा कि हमे लोकतंत्र के उस दीपक को जलाए रखना है, जो जनता के विश्वास से प्रज्जवलित होता है. दुनिया भर की घटनाएं हमें यह सिखाती है कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणली नहीं, बल्कि जनआस्था का प्रतीक है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रथम अनुपूरक बजट और महत्वपूर्ण विधेयक</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">स्पीकर ने कहा कि इस सत्र में प्रस्तुत किया जाने वाला प्रथम अनुपूरक बजट राज्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ सामाजिक कल्याण, संरचनागत विकास और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों को नई गति देगा. उन्होंने विश्वास जताया कि इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर गंभीर और सार्थक बहस होगी. उन्होंने लोकतंत्र के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं, बल्कि अल्पमत की भी आवाज सुनने की एक पद्धति है."</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>गुरुजी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की गई</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">स्पीकर ने कहा कि सभी को जानकारी है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का स्वास्थ्य इन दिनों अच्छा नहीं है. इस राज्य में उनका योगदान के परिपेक्ष्य में उनकी भूमिका किसी से छिपा हुआ नहीं है. हम उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दिवंगत विभूतियों को दी गई श्रद्धांजलि</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सत्र की शुरुआत विगत सत्र से अब तक दिवंगत हुईं प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. इनमें पूर्व सांसद चंद्रशेखर दूबे, पूर्व विधायक युगल किशोर पांडेय, और झारखंड आंदोलनकारी कपूर कुमार टुडू जैसे कई नाम शामिल हैं. इसके अलावा, शोक प्रकाश में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पोप फ्रांसिस, अभिनेता मनोज कुमार, वैज्ञानिक डॉ. जयंत नार्लीकर, और पूर्व इसरो प्रमुख के. कस्तूरीरंगन सहित कई हस्तियों को भी याद किया गया. सदन ने दो मिनट का मौन रखकर इन सभी को श्रद्धांजलि दी. <br /> <br /><br /></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 09:42:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झारखंड: हेमंत सरकार का शक्ति प्रदर्शन, रांची में दिखे पति-पत्नी साथ और भाजपा पर साधा निशाना </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सीएम की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन ने कार्यक्रम में आई महिलाओं से नारा लगवाया, "जेल का ताला टूट गया, हेमंत सोरेन छूट गया।" कल्पना सोरेन ने कहा कि हमारी चुनावी तैयारी शुरू हो चुकी है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jharkhand-hemant-governments-show-of-strength-husband-and-wife-seen/article-11061"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/untitled-design-(5).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची: </strong>झारखंड में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले प्रदेश के हेमंत सोरेन सरकार ने बुधवार को रांची में एक बड़ा ‘शक्ति प्रदर्शन’ किया। यूं तो यह कार्यक्रम ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ की लाभार्थियों से संवाद के लिए आयोजित हुआ, लेकिन इसमें हेमंत सोरेन ने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा सियासी मुद्दों पर केंद्रित रखा। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि इस कार्यक्रम ने राज्य में पिछले सभी कार्यक्रमों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शहर के नामकुम खोजा टोली ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची लाभार्थियों के बैठने के लिए करीब तीन लाख वर्ग फीट एरिया का पंडाल बनाया गया था। तमाम कुर्सियां भरी थी, इस हिसाब से अनुमान लगाया गया है कि करीब दो लाख महिलाएं कार्यक्रम में शामिल हुईं।</p>
<p>दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पांच जिलों रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला और लोहरदगा से योजना की लाभार्थियों को लाने के लिए हजारों गाड़ियां गांव-गांव भेजी गई थी। अफसरों ने बाकायदा आदेश जारी सभी प्राइवेट-सरकारी स्कूलों की बसें मंगाई थी। अकेले रांची में करीब 2 हजार बड़ी बसें लगाई गई थी। इस कारण रांची के ज्यादातर स्कूल बुधवार को बंद रहे या फिर छात्रों के लिए बस सेवाएं उपलब्ध नहीं रही। पुलिस-प्रशासन तंत्र महिलाओं को कार्यक्रम स्थल तक लाने और चाक-चौबंद इंतजाम को लेकर चौकस दिखा।</p>
<img src="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/gwoq7njacaacd1k.jpg" alt="हेमंत सरकार का शक्ति प्रदर्शन, रांची में दिखे पति-पत्नी साथ और भाजपा को कोसते रहे" width="768" height="512"></img>
स्रोत: X@Hemnatsoren

<p><br />राज्य के डीजीपी सहित पुलिस-प्रशासन के कई आला अफसर कार्यक्रम के दौरान मंच और पंडाल में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सीएम सोरेन ने महिलाओं से लेकर छात्राओं, युवाओं से लेकर बुजुर्गों और मजदूरों से लेकर किसानों तक के लिए अपनी सरकार के काम गिनाए। वह लोकलुभावन वादों के जरिए हर तबके को साधने की कोशिश करते दिखे।</p>
<p>उन्होंने ऐलान किया कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में अब लाभार्थियों की न्यूनतम उम्र सीमा 21 से घटाकर 18 साल कर दी जाएगी। फिलहाल, इस योजना के तहत 21 से लेकर 49 साल तक की महिलाओं के बैंक खाते में एक-एक हजार रुपए भेजे जा रहे हैं। राज्य की 45 लाख से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते में यह रकम भेज दी गई है।</p>
<h3 class="MsoNormal"><strong>सीएम हेमंत ने किया फिर सरकार बनने पर महिलाओं को सलाना एक लाख रुपया देने का वादा</strong></h3>
<p>विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें झूठे मामले में जेल भेजा गया, अदालत में वह मामला टिक नहीं पाया। अब विपक्ष में एक साथ पांच-पांच पूर्व सीएम इकट्ठे हो गए हैं। ये लोग मिलकर हमारा शिकार करना चाहते हैं। लेकिन, उन्हें पता नहीं है कि इस बार उन्होंने कुछ किया तो सामने बैठी दीदियां उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगी। हेमंत सोरेन ने असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का नाम लिए बिना उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "असम के एक नेता ने हिंदू-मुस्लिम को बांटने और सांप्रदायिकता का जहर फैलाने में सबसे बड़ी डिग्री हासिल कर रखी है। उनसे अपना राज्य असम संभल नहीं रहा है। बांग्लादेशी घुसपैठिए उनके राज्य के रास्ते घुस रहे हैं। वे खुद यह बात कहते हैं, लेकिन उन्हें रोकने के बजाय वह हमारे उपर आरोप लगा रहे हैं।"</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">पूर्व की डबल इंजन सरकार ने राज्य का खजाना खाली कर राज्य को पिछड़ा बनाने का काम किया था। जब हम सरकार में आये तो देखा कि पूर्व की सरकार ने राज्य का पूरा खजाना खाली कर रखा है। ढूंढने पर पता चला कि केंद्र सरकार हमारा ₹1 लाख 36 हजार करोड़ बकाया लेकर बैठा है। हमने दिल्ली पहुंच कर… <a href="https://t.co/v61FGT7Soy">pic.twitter.com/v61FGT7Soy</a></p>
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) <a href="https://twitter.com/HemantSorenJMM/status/1831299506358333814?ref_src=twsrc%5Etfw">September 4, 2024</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>सीएम की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन ने कार्यक्रम में आई महिलाओं से नारा लगवाया, "जेल का ताला टूट गया, हेमंत सोरेन छूट गया।" कल्पना सोरेन ने कहा कि हमारी चुनावी तैयारी शुरू हो चुकी है। आज के कार्यक्रम से अंदाजा लगा लीजिए कि जब हमारा आगाज ऐसा है तो अंजाम कैसा होगा। कार्यक्रम में मंच पर हेमंत सरकार के मंत्रियों के अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय सहित गठबंधन के कई नेताओं की मौजूदगी रही।</p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>विधानसभा चुनाव 2024</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/jharkhand-hemant-governments-show-of-strength-husband-and-wife-seen/article-11061</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Sep 2024 21:37:01 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झारखंड राज्यसभा चुनाव : शिबू सोरेन व दीपक प्रकाश जीते, कांग्रेस उम्मीदवार को मिले 18 वोट</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>जानकारी के अनुसार, शिबू सोरेन को 30 विधायकों का, दीपक प्रकाश को 31 विधायकों का और कांग्रेस के शाहजादा अनवर को 18 विधायकों का समर्थन मिला. </strong></p>
<p><strong>रांची :</strong> झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में सत्ताधारी झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन व विपक्षी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश जीत गए हैं.  हालांकि चुनाव परिणाम की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और इसके लिए इंतजार करना होगा. दीपक प्रकाश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और विधानसभा चुनाव के बाद उनकी इस पद पर नियुक्ति हुई है. इस तरह कम समय में उन्हें संगठन और उच्च</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/jharkhand-rajya-sabha-elections-news-of-shibu-soren-and-deepak-prakash-winning-no-official-announcement/article-6755"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2020-06/shibu-soren-deepak-prakash.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जानकारी के अनुसार, शिबू सोरेन को 30 विधायकों का, दीपक प्रकाश को 31 विधायकों का और कांग्रेस के शाहजादा अनवर को 18 विधायकों का समर्थन मिला. </strong></p>
<p><strong>रांची :</strong> झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में सत्ताधारी झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन व विपक्षी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश जीत गए हैं.  हालांकि चुनाव परिणाम की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और इसके लिए इंतजार करना होगा. दीपक प्रकाश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और विधानसभा चुनाव के बाद उनकी इस पद पर नियुक्ति हुई है. इस तरह कम समय में उन्हें संगठन और उच्च सदन की दोहरी जिम्मेवारी मिल गयी है.</p>
<p>शाम पांच बजे तक सभी 79 विधायकों ने अपने मतदान का प्रयोग कर लिया था. 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में दो सीटें दुमका व बेरमो रिक्त हैं. दो सीटों से जीतने के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुमका सीट छोड़ दी थी, जबकि बेरमो के विधायक राजेंद्र सिंह का निधन हो गया.</p>
<p>कांग्रेस प्रत्याशी को दूसरी प्राथमिकता के वोटों से उम्मीद बंधी थी, लेकिन हेमंत सोरेन-सुदेश महतो की मुलाकात के बाद भाजपा सतर्क हो गयी और रणनीतिक रूप से मजबूत माने जाने वाले ओम माथुर ने खुद मोर्चा संभाला. भाजपा ने एनडीए की विस्तारित बैठक की जिसमें भाजपा, आजसू जैसे घटक दलों के अलावा निर्दलीय समर्थन देने वालों को भी बुलाया गया.</p>
<p>आज मतदान शुरू होने के बाद पहले कुछ घंटों में ही एनडीए के अधिकतर विधायकों ने वोट दे दिया था.</p>
<p>कांग्रेस प्रत्याशी को दूसरी प्राथमिकता के वोटों से उम्मीद बंधी थी, लेकिन हेमंत सोरेन-सुदेश महतो की मुलाकात के बाद भाजपा सतर्क हो गयी और रणनीतिक रूप से मजबूत माने जाने वाले ओम माथुर ने खुद मोर्चा संभाला. भाजपा ने एनडीए की विस्तारित बैठक की जिसमें भाजपा, आजसू जैसे घटक दलों के अलावा निर्दलीय समर्थन देने वालों को भी बुलाया गया.</p>
<p>आज मतदान शुरू होने के बाद पहले कुछ घंटों में ही एनडीए के अधिकतर विधायकों ने वोट दे दिया था.</p>
<p>चुनावी गणित के हिसाब से झारखंड विधानसभा में वर्तमान में भाजपा के 26, झामुमो के 29, कांग्रेस के पक्ष में 15 प्लस दो (प्रदीप यादव एवं बंधु तिर्की), आजसू के दो, राजद, एनसीपी व भाकपा माले के एक-एक विधायक हैं. इनके अलावा सरयू राय व अमित यादव दो निर्दलीय विधायक हैं.</p>
<p>एक सीट के लिए 27 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी, जबकि भाजपा के पास सीधे तौर पर 31 विधायकों का समर्थन हासिल था. हालांकि आज सुबह भाजपा नेता विरंची नारायण ने दावा किया था कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार को कुल 32 विधायकों का समर्थन हासिल है.</p>
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                                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2020 18:10:33 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
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                <title>दुमका में शिबू की हार, जेएमएम के अस्तित्व पर खतरा: आजसू</title>
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                        <![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>रांची: झारखंड में नकारात्मक राजनीति करनेवाले को जनता से इस बार जड़ से उखाड़ फेंका है और 2019 के लोस चुनाव में दुमका सीट से शिबू सोरेन की हार दर्शाता है, कि प्रदेश में जेएमएम अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। आजसू के प्रवक्ता डाॅ देवशरण भगत ने मीडिया से बातें करते हुये शनिवार को कहा, कि आनेवाले विधानसभा चुनाव में भी परिणाम एनडीए के पक्ष में ही आएगा, क्योंकि महागठबंधन का मूल उद्देश्य सिर्फ सत्ता प्राप्ति को छोड़ दूसरा कुछ नहीं था।[URIS id=8357]</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">डॉ देवशरण ने कहा कि देश की जनता सुरक्षा व विकास के मुद्दे पर गोलबंद हुई।</h5>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/shibus-defeat-in-dumka-danger-to-jmm-survival-ajsu/article-1779"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2019-05/pc-deo-da-1.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>रांची: झारखंड में नकारात्मक राजनीति करनेवाले को जनता से इस बार जड़ से उखाड़ फेंका है और 2019 के लोस चुनाव में दुमका सीट से शिबू सोरेन की हार दर्शाता है, कि प्रदेश में जेएमएम अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। आजसू के प्रवक्ता डाॅ देवशरण भगत ने मीडिया से बातें करते हुये शनिवार को कहा, कि आनेवाले विधानसभा चुनाव में भी परिणाम एनडीए के पक्ष में ही आएगा, क्योंकि महागठबंधन का मूल उद्देश्य सिर्फ सत्ता प्राप्ति को छोड़ दूसरा कुछ नहीं था।[URIS id=8357]</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">डॉ देवशरण ने कहा कि देश की जनता सुरक्षा व विकास के मुद्दे पर गोलबंद हुई। पहली बार ऐसा हुआ कि युवाओं से लेकर बुर्जुगों की आवाज में तालमेल दिखी और चुनाव परिणाम सुनामी की तरह आये। कहा कि आजसू अपने मुद्दे को संसद में मजबूती के साथ रखेगी। चाहे वह विशेष राज्य का मुद्दा हो या अन्य। मुद्दों के साथ कोई समझौता नहीं डाॅ भगत ने कहा कि इस चुनाव में जनादेश की बारिश से क्षेत्रवाद, जातिवाद, वंशवाद और संप्रदायवाद सहित तमाम बंधन टूट गये। देशवासियों ने एहसास कराया कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यह लोकतंत्र और पूरे देश की जनता की जीत है। उन्होंने जनता को इसके लिये आभार प्रकट किया। कहा कि चंद्रप्रकाश जी के संसद जाने से रामगढ़ में खाली पड़ी सीट को लेकर पार्टी जल्द ही फैसले लेगी।</h5>
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                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/politics/shibus-defeat-in-dumka-danger-to-jmm-survival-ajsu/article-1779</link>
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                <pubDate>Sat, 25 May 2019 18:42:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>संताल की धरती पर किसकी शह व किसकी मात !</title>
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                        <![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:#ff6600;">आलोक कुमार</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>संथाल में मुख्यमंत्री के ताबड़तोड़ प्रचार व पीएम नरेंद्र मोदी की देवघर में बुधवार को हुई जनसभा के बाद ये देखना दिलचस्प होगा, कि यहां पर बिछी राजनीतिक विसात में किसकी शह होगी और किसकी मात ? सीएम ने तो अपना डेरा यही जमा लिया है व वोटिंग तक इनके यहां से हिलने के आसार नही दिखते। कांग्रेस-झामुमो व जेवीएम की राजनीति भी यहीं शिफ्ट हैं। रघुवर दास बीजेपी के उम्मीदवारों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को लामबंद करने में जुटे हैं। श्री दास ने मानों यह जिद ठान ली है, कि संताल पर किसी भी कीमत पर वे जेएमएम</strong></h5>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/politics/whose-control-over-the-earth-and-whose-control/article-1692"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2019-05/114217-qqjjmerepr-1551352347.jpeg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong><span style="color:#ff6600;">आलोक कुमार</span></strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>संथाल में मुख्यमंत्री के ताबड़तोड़ प्रचार व पीएम नरेंद्र मोदी की देवघर में बुधवार को हुई जनसभा के बाद ये देखना दिलचस्प होगा, कि यहां पर बिछी राजनीतिक विसात में किसकी शह होगी और किसकी मात ? सीएम ने तो अपना डेरा यही जमा लिया है व वोटिंग तक इनके यहां से हिलने के आसार नही दिखते। कांग्रेस-झामुमो व जेवीएम की राजनीति भी यहीं शिफ्ट हैं। रघुवर दास बीजेपी के उम्मीदवारों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को लामबंद करने में जुटे हैं। श्री दास ने मानों यह जिद ठान ली है, कि संताल पर किसी भी कीमत पर वे जेएमएम को शिकस्त देंगे। पीएम मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की दृष्टि भी यहां की तीनों सीटों पर टिकी हैं। हालात बेहद दिलचस्प मोड़ पर हैं व मौके की नजाकत को भांपते हुये झामुमों के कार्यकर्ताओं ने भी गांवों- पहाड़ों में मोर्चाबंदी का आगाज कर दिया है। वे समय को नजरअंदाज करते हुये दिन-रात, जेएमएम का झंडा थामे आदिवासियों को एकजुट करने में लगे हैं।</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">सातवें व आखिरी चरण में 19 मई को संताल परगना की तीन सीट- दुमका, राजमहल और गोड्डा में वोट डाले जाएंगे। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों के लिये ये प्रतिष्ठा का सबब बना हुआ है। इस बार प्रदेश के तीन मंत्री लुइस मरांडी, रणधीर और राज पालिवार की भी अग्नि परीक्षा होगी। लोकसभा चुनाव के साथ ही रघुवर दास संताल परगना में बीजेपी के विधायकों और सरकार में तीन मंत्रियों की पैठ भी देखना चाहते हैं, साथ ही परखना चाहते हैं, कि आखिर साढ़े चार सालों में इनलोगों ने बीजेपी का झंडा कितना फैलाया है। इनके अलावा विधायक अनंत ओझा की संगठन में पैठ है तो चुनाव में वे कितने असरदार हैं ? यह देखना दिलचस्प है। इन तीनों मंत्रियों के सामने एंटी इनकंबैसी का खतरा भी मंडरा रहा है, जिसे सीएम संभालना चाह रहे हैं। दरअसल बीजेपी नेता जानते हैं, कि झामुमों को कमजोर करने से ही सत्ता, सियासत के उसके मकसद साकार हो सकता है, लिहाजा जेएमएम की घेराबंदी इनकी प्राथमिकता है। कोल्हान तथा संथाल का राजनीतिक नक्शा ये भी बताता है, कि सत्तर के दशक में जेएमएम के अस्तित्व में आने के बाद से झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए यहां की जमीन उर्वरा रही है। जेएमएम को हिलाया-डुलाया जा सकता है, लेकिन जमीन से उखाड़ने की हसरतें पूरी होती नहीं दिखती। [URIS id=8357]</h5>
<h5 style="text-align:justify;">2014 के लोस चुनाव में नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर में भी संथाल परगना की तीन में से दो लोकसभा सीट- दुमका व राजमहल में जेएमएम ने जीत का परचम लहराया था, बाकी राज्य की बारह सीटें बीजेपी जीतने में सफल रही। दुमका से जेएमएम के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन तथा राजमहल से विजय हांसदा चुनाव जीते थे। शिबू सोरेन दुमका से आठ बार चुनाव जीत चुके हैं व इस बार भी वे विपक्ष के साझा उम्मीदवार हैं। विजय हांसदा संथाल परगना में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे दिवंगत थॉमस हांसदा के पुत्र हैं। 2014 का चुनाव जीतने के बाद उन्होंने खुद को जेएमएम तथा संथाल की राजनीति में स्थापित किया है। इसके बाद 2017 में हुए लिट्टीपाड़ा उपचुनाव में रघुवर दास की सारी ताकत के बाद भी जेएमएम ने चुनाव जीत लिया था। ऐसे में भाजपा इसे अब तक पचा नहीं सकी है। गोड्डा में जेवीएम के प्रदीप यादव की सीधी टक्कर बीजेपी के निशिकांत दूबे से है। प्रदीप यादव भाजपा से सीट छीनना चाहते हैं, लेकिन इन्हें हराकर बाबूलाल मंराडी व विपक्ष को उनकी ताकत का एहसास कराना चाहती है। विपक्ष की एकता भाजपा की बेचैनी का कारण बनी हुई है।</h5>
<h5><span style="color:#0000ff;">यह भी पढ़ें:</span></h5>
<p>https://samridhjharkhand.com/viral-on-yellow-sari-and-blue-gown-on-internet</p>
<h5 style="text-align:justify;">तीन चरणों में जिन 11 सीटों पर चुनाव हुए हैं, उनमें भाजपा के कब्जे वाली कम से कम पांच सीटों पर विपक्षी का पलड़ा भारी दिखता है। जाहिर है, कि मुकाबला कांटे का है और परिणाम चौंकानेवाले भी हो सकते हैं। संताल में जेएमएम की मजबूती उनके नेता हैं। स्टीफन मरांडी, साइमन मरांडी, नलिन सोरेन, शशांक शेखर भोक्ता, हाजी हुसैन अंसारी, रवींद्र महतो सरीखे कद्दावर नेता इनकी ताकत हैं। इनमें स्टीफन, साइमन मरांडी, नलिन विगत 30 साल से अपने क्षेत्र का मोर्चा ताकत के साथ संभाले हुये हैं। आदिवासियों के बीच शिबू सोरेन एक सर्वमान्य नेता हैं और उनके पुत्र हेमंत सोरेन अब यहां के बड़े रणनीतिकार व प्रचार में बड़ा चेहरा बनकर उभर चुके हैं। बहरहाल इन तामाम आंकलनो के बावजूद संथाल में झामुमों की ताकत को नजर अंदाज नही किया जा सकता है, लेकिन भाजपा की इन क्षेत्र में की गई मेहनत का परिणाम भी देखना भी अहम होगा।</h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>विस पर फोकस</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">लोकसभा चुनाव में गठबंधन के साथ ही विपक्ष ने हेमंत सोरेन की अगुवाई में विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान कर रखा है। ऐसे में भाजपा संथाल परगना व कोल्हान पर खास फोकस कर रही है, ताकि विधानसभा में सत्ता के राह में कोई अड़चन न हो। आदिवासी बहुल इन दोनों इलाकों में विधानसभा की 32 सीटें हैं, लिहाजा संथाल परगना में लोकसभा चुनाव में बीजेपी जेएमएम के विजय रथ को रोकना चाहती है। इसी साल के आखिरी पड़ाव में विधानसभा का चुनाव भी होना तय है।</h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सीएम की रणनीति का हिस्सा</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री रघुवर दास झामुमों पर जोरदार हमला एक कुशल रणनीति के तहत कर रहे हैं। उन्होंने अपनी चुनावी जनसभा भी वैसी जगहों पर किया है, जहां तीर-धनुष लहराता रहा है। श्री दास संथाल को लेकर पिछले डेढ़ साल से निशाना साधे हुये हैं और मन में ये ठान चुके हैं, कि किसी प्रकार झामुमों को हराना है। जेएमएम सांसदों व विधायकों के क्षेत्र के दौरे भी ये गाहे-बजाहे करते रहे हैं। अबकी दफा जेएमएम के गढ़ में उन्होंने बेदाग बातें की हैं। वे सोरेन परिवार पर आदिवासियों के हक मारने से लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा को बाप- बेटे और बहू की पार्टी तक कह चुके हैं। इनदिनों झारखंड मुक्ति मोर्चा को झारखंड मुद्रा मोचन पार्टी तक कहते हैं व सोरेन परिवार के जमीन व संपत्ति खरीदने के मामले भी वे लगातार उछाल रहे हैं। दूसरी ओर वे केंद्र व राज्य सरकार के कार्यों की उपलब्धियों को जोरदार तरीके से गिनाने का काम कर रहे हैं।</h5>
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                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/politics/whose-control-over-the-earth-and-whose-control/article-1692</link>
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                <pubDate>Wed, 15 May 2019 19:10:06 +0530</pubDate>
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                <title>संताल के पिछड़ेपन हेतु झामुमो दोषी, ठग हैं शिबू-हेमंत: मुख्यमंत्री</title>
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                        <![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>स्टेट ब्यूरो: लोकसभा चुनाव- 2019 के अंतिम चरण के चुनाव संताल के तीन लोस क्षेत्रों में होना है और इसे लेकर एक-दूसरे पर तीखे प्रचार वार का आगाज हो चुका है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोमवार को झामुमों को आड़े हांथो लेते जोरदार हमला बोला, कहा झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन व उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने पिछले 40 साल ने भोले-भाले संताली आदिवासियों को ठगने का काम किया है।</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">राजमहल लोस के मिर्जा चौकी में भाजपा प्रत्याशी हेमलाल मुर्मू के समर्थन में वोट मांगने के क्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि शिबू सोरेन को दिशोम</h5>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/jmm-guilty-for-trafficking-shibu-hemant-chief-minister/article-1667"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2019-05/whatsapp-image-2019-05-13-at-6.19.32-pm1.jpeg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>स्टेट ब्यूरो: लोकसभा चुनाव- 2019 के अंतिम चरण के चुनाव संताल के तीन लोस क्षेत्रों में होना है और इसे लेकर एक-दूसरे पर तीखे प्रचार वार का आगाज हो चुका है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोमवार को झामुमों को आड़े हांथो लेते जोरदार हमला बोला, कहा झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन व उनके पुत्र हेमंत सोरेन ने पिछले 40 साल ने भोले-भाले संताली आदिवासियों को ठगने का काम किया है।</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">राजमहल लोस के मिर्जा चौकी में भाजपा प्रत्याशी हेमलाल मुर्मू के समर्थन में वोट मांगने के क्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि शिबू सोरेन को दिशोम गुरु बना दिया गया व सीधे-साधे आदिवासी समाज के लोग झामुमो व शिबू सोरेन की वोट पेटी भरते रहे। इधर झामुमो आदिवासियों को तनव्रम ठगने का कार्यक्रम जारी रखा। अन्यथा वो कौन सी वजह थी, कि संताल का विकास नहीं हो सका। झामुमो ने संताल के गांव, गरीब, आदिवासियों, दलितों, शोषितों की समृद्धि के लिए विकास पर ध्यान नहीं दिया। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद को आदिवासियों के हिमायती कहते हैं। बरहेट का विधायक बन कर कौन-कौन से विकास कार्य किए बताएं ? उन्होंने शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन पर सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर आदिवासियों की जमीन अपने नाम करने का आरोप लगाया। कहा कि दस वर्ष तक जेएमएम केंद्र सरकार का हिस्सा रह चुका है। शिबू व हेमंत झारखंड सरकार का नेतृत्व भी कर चुके हैं। बावजूद विकास के घोटाले पर ध्यान केंद्रित किया। [URIS id=8357]</h5>
<h5 style="text-align:justify;">रघुवर ने कहा कि वे बांटने की राजनीति पर विश्वास नहीं करते हैं। कहा कि भाजपा प्रदेश व देश के हर वर्ग के विकास को लेकर अपना राजनीतिक कार्य आगे बढ़ाती है। संताल परगना की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए माघी पूर्णिमा और लुंगुबुरु को राजकीय मेला का दर्जा दिया गया है। संताल की ओल चिकि भाषा को कक्षा 1 से 5 तक लागू किया गया। क्यों नहीं खुद को आदिवासियों के हिमायती बताने वालों ने यह पहल की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार संताल व यहां के लोगों का पूर्ण विकास चाहती है व इसी दिशा में अपना कार्य आगे बढ़ा रही है।</h5>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बरहेट में बोले रघुवर,</strong></h4>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कंबल ओढ़कर घी पी रहे जेएमएम नेता</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">सीएम रघुवर दास अपने चुनावी सभा के दौरान आज बरहेट में कहा कि खुद आदिवासियों के जमीन छीननेवाले जेएमएम नेता कह रहे हैं, कि भाजपा जमीन लेगी। कहा कि झामुमो चाहती है, कि उसकी दुकानदारी चलती रहे, लेकिन प्रदेष में सजगता आये व अपके बच्चे पढ़े, ऐसा नही चाहती।</h5>
<h5 style="text-align:justify;">श्री दास ने लोगों से आहवान किया कि खुद को आदिवासी हितैषी कहने वाले जेएमएम के चरित्र को आप समझें। चुनाव से ठीक पहले अदृश्य शक्ति और विपक्ष के लोग भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार करते हैं, कि भाजपा की सरकार आएगी तो आपकी जमीन छीन लेगी। लेकिन साढ़े 4 साल में ऐसा नहीं हुआ। यही कर जेएमएम, कांग्रेस और अदृश्य शक्ति के लोग संताल परगना के विकास को रोककर रखा है। संताल परगना में बीते साढ़े 4 साल में जो कार्य हुए हैं। वो पहले भी हो सकते थे। लेकिन जिन्हें राज्य के विकास से सरोकार नहीं वो भला क्यों करें विकास। उन्होंने इस दौरान भाजपा प्रत्याशी के लिये वोट मांगे।</h5>
<hr />
<h5 style="text-align:justify;"></h5>
]]>
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                <pubDate>Mon, 13 May 2019 18:44:45 +0530</pubDate>
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                <title>जनता शिबू सोरेन के चरित्र को जानती है: समीर</title>
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                        <![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>रांची: लोकसभा चुनाव को लेकर इनदिनो आरोप- प्रत्यारोप पूरे उफान पर है और इस बाबत भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य समीर उरांव का कहना है कि शिबू सोरेन मुंगेरीलाल का हसीन सपना देख रहे हैं। दुमका की जनता इनके चरित्र को पहचान गई है व चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाने का ठान चुकी है। उंराव ने कहा कि देश की तर्ज पर ही दुमका में भी मोदी लहर चल रही है।</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">
श्री उंराव ने कहा कि दुमका के साथ- साथ देश और विश्व के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के</h5>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/shibu-knows-the-character-of-soren-samir/article-1151"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2019-04/samir-oraon.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>रांची: लोकसभा चुनाव को लेकर इनदिनो आरोप- प्रत्यारोप पूरे उफान पर है और इस बाबत भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य समीर उरांव का कहना है कि शिबू सोरेन मुंगेरीलाल का हसीन सपना देख रहे हैं। दुमका की जनता इनके चरित्र को पहचान गई है व चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाने का ठान चुकी है। उंराव ने कहा कि देश की तर्ज पर ही दुमका में भी मोदी लहर चल रही है।</strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;">
श्री उंराव ने कहा कि दुमका के साथ- साथ देश और विश्व के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के काम से भाजपा लोगों के दिलों में बस गई है। कहा कि बीते 40 साल से शिबू सोरेन दुमका का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संसद में कोई सवाल तक नहीं उठाया। इसके बाद भी क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है। जनता की समस्याओं से उनका कोई लेना- देना नहीं है। चुनाव जीतने के बाद वे क्षेत्र में रहते भी नहीं हैं।</h5>
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                                                            <category>रांची</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Apr 2019 21:18:18 +0530</pubDate>
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