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                <title>Jharkhand Public Service Commission - Samridh Jharkhand</title>
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                <title>हेमंत सरकार 10 लाख नौकरियों का वादा भी पूरा नहीं कर पाई: प्रतुल शाह देव</title>
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                        <![CDATA[भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने हेमंत सोरेन सरकार पर रोजगार के वादे पर बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि नौ महीने में सिर्फ 1556 नियुक्ति पत्र ही दिए गए, जो “10 लाख नौकरियों” के वादे के मुकाबले बेहद कम हैं। सरकार युवाओं को सिर्फ जुमले और खोखली घोषणाएं दे रही है, जबकि भाजपा इस मुद्दे पर दबाव बनाकर हेमंत सरकार को जवाबदेह बनाएगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/hemant-government-could-not-fulfill-the-promise-of-10-lakh/article-16422"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-09/resized-image---2025-09-23t160624.502.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong> भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने हेमंत सोरेन सरकार पर  रोजगार के मुद्दे पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि रोजगार के मुद्दे पर हेमंत सरकार पार्ट टू पूरी तरह विफल साबित हुई है। चुनाव के समय झामुमो-कांग्रेस- राजद गठबंधन ने जनता से वादा किया था कि 5 वर्षों में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। घोषणा पत्र में स्पष्ट लिखा था कि पहले 6 महीने में नियुक्तियों का रोड मैप भी जारी हो जाएगा। लेकिन आज स्थिति यह है कि यह वादा केवल कागज़ों और घोषणाओं तक सिमट कर रह गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतुल ने कहा कि हेमंत सोरेन पार्ट टू में अब तक सरकार ने महज़ 1556 नियुक्ति पत्र ही बाँटे हैं। इसमें भी अधिकांश नियुक्तियां शिक्षा विभाग (सहायक अध्यापक, लैब असिस्टेंट एवं नगर सेवा संवर्ग ) आदि पदों पर हुई हैं। यानी नौ महीने बीत जाने के बावजूद कुल मिलाकर केवल लगभग 1556 नियुक्ति पत्र ही युवाओं को दिए गए हैं। प्रतिशत के आंकड़ों में यह आधा प्रतिशत भी नहीं होता है और सिर्फ 0.15% का आंकड़ा नौ महीने में पूरा होता दिख रहा है। यह आँकड़ा हेमंत सरकार के “10 लाख नौकरी” के वादे की तुलना में बेहद शर्मनाक और निराशाजनक है। यही नहीं, पिछले कार्यकाल में भी हेमंत सोरेन ने 25 लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन आज तक उस वादे का कोई ठोस हिसाब-किताब जनता को नहीं मिला। झारखंड लोक सेवा आयोग ने भी कई वर्षों की परीक्षाएं एक साथ ली थी। 342 अभ्यर्थियों को सफल भी घोषित किया गया। लेकिन किसी को भी नियुक्ति पत्र अभी तक नहीं मिला है। इसका स्पष्ट कारण सरकार भी नहीं बता रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">झारखंड के लाखों युवा रोज़गार की आस में सरकार की ओर देख रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ़ जुमले और खोखली घोषणाएँ ही मिल रही हैं। यह सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। भाजपा स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए हेमंत सोरेन सरकार का “10 लाख नौकरियाँ” देने का वादा कभी पूरा नहीं हो पाएगा। प्रतुल ने कहा कि भाजपा युवाओं की आवाज़ उठाती रहेगी और हेमंत सरकार को उसके हर वादे पर जवाबदेह बनाएगी।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 16:07:26 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Hazaribagh News: JPSC में 165वीं रैंक हासिल कर प्रेमचंद ने बढ़ाया ओरिया का मान, गांव में मिला 'हीरो' जैसा सम्मान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ओरिया निवासी रमेश्वर साव के सुपुत्र प्रेमचंद कुमार गुरुवार की देर संध्या दिल्ली से हजारीबाग घर पहुंचे. ग्रामीणों ने शिवमंदिर प्रांगण में सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन कर उनका सहृदय सामुहिक रूप से सम्मानित कर बहुत- बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी.]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/hazaribagh/hazaribagh-news-premchand-enhances-the-honor-like-hero-in-the/article-15134"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-08/resized-image-(72).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हजारीबाग:</strong> झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर जब ओरिया निवासी रमेश्वर साव के सुपुत्र प्रेमचंद कुमार गुरुवार की देर संध्या दिल्ली से हजारीबाग घर पहुंचे. ग्रामीणों ने शिवमंदिर प्रांगण में सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन कर उनका सहृदय सामुहिक रूप से सम्मानित कर बहुत- बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी. साथ ही स्मृति चिन्ह्, शाल, पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र के साथ सम्मानित कर विशेष सम्मान दिया. इस दौरान प्रेमचंद कुमार ने सामुहिक रूप से सम्मानित से भावनात्मक सम्मान से काफी अभिभूत होकर समस्त ग्रामीणों का आभार एवं कृतज्ञ व्यक्त किया. उनके पिता रमेश्वर साव एवं उनकी मां को भी सम्मानित किया गया. </p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञात हो कि प्रेमचंद कुमार दिल्ली पुलिस में प्रशासनिक दायित्व का निर्वहन कर रहे है. कर्तव्यनिष्ठा एवं निष्ठापूर्ण दायित्व का निर्वहन कर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) 165वीं रैंक प्राप्त कर सफलता प्राप्त किया है. अब झारखंड में शिक्षा पदाधिकारी के रूप में अपना योगदान देंगे. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं संस्थान को देते हुए कहा कि कठिन मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन ही सफलता की असली कुंजी है. अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती. </p>
<p style="text-align:justify;">युवाओं के लिए यह उपलब्धि प्रेरणास्त्रोत बन गई है. प्रेमचंद की सफलता से ओरिया गांव में खुशी और गर्व का वातावरण है. सफलतापूर्वक कार्यक्रम को संपन्न कराने में अभय शंकर पासवान, मोहन कुमार, महेंद्र यादव, बबलू यादव, सर्प रक्षक हरीश गुप्ता, विजय यादव एवं बजरंगदल जिला सहसंयोजक गोविन्द यादव ने काफी सरहानीय योगदान दिया. </p>
<p style="text-align:justify;">मौके पर मुख्य रूप से ओरिया पंचायत समिति सदस्य जीतु यादव, सतीश सिन्हा, मोहन साव, कृष्णा साव, केदार मंडल, कुंजलाल गोप, प्रमोद कुमार पासवान, बासुदेव साव, राजेन्द्र शर्मा, निरंजन यादव, हरेंद्र गुप्ता उर्फ राहुल एवं अंकित कुमार सहित कई प्रमुख ग्रामीण उपस्थित रहे.</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>हजारीबाग</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 20:47:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Purushottam Upadhyay]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>JPSC क्या है? झारखंड में सरकारी नौकरी के लिए JPSC की भूमिका समझें</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>समृद्ध डेस्क:</strong> अगर आप झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास करने का सपना देख रहे हैं, तो एक सुनियोजित रणनीति और अनुशासित दिनचर्या ही आपकी सफलता की कुंजी है। JPSC परीक्षा झारखंड की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है, और इसे पास करने के लिए गहन अध्ययन और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। यह लेख आपको JPSC की तैयारी के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण, दैनिक दिनचर्या और पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा।</p>
<h4><strong>JPSC क्या है?</strong></h4>
<p>JPSC का पूरा नाम झारखंड लोक सेवा आयोग (Jharkhand Public Service Commission) है। यह झारखंड राज्य की</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/education/what-is-jpsc-understand-the-role-of-jpsc-for-government/article-15109"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-07/tfsgdv.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>समृद्ध डेस्क:</strong> अगर आप झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास करने का सपना देख रहे हैं, तो एक सुनियोजित रणनीति और अनुशासित दिनचर्या ही आपकी सफलता की कुंजी है। JPSC परीक्षा झारखंड की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है, और इसे पास करने के लिए गहन अध्ययन और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। यह लेख आपको JPSC की तैयारी के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण, दैनिक दिनचर्या और पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा।</p>
<h4><strong>JPSC क्या है?</strong></h4>
<p>JPSC का पूरा नाम झारखंड लोक सेवा आयोग (Jharkhand Public Service Commission) है। यह झारखंड राज्य की एक सरकारी एजेंसी है जिसका मुख्य कार्य राज्य सरकार के अधीन विभिन्न राजपत्रित (Group A) और अराजपत्रित (Group B) पदों पर भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कारों का आयोजन करना है। ( <span style="background-color:rgb(194,224,244);">JPSC का गठन 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य के निर्माण के बाद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के प्रावधानों के तहत किया गया था।</span> )</p>
<h4><strong>पात्रता मानदंड:</strong></h4>
<p>JPSC परीक्षा के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवारों को कुछ बुनियादी पात्रता मानदंडों को पूरा करना होता है, जिनमें राष्ट्रीयता, शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा शामिल हैं।</p>
<p><strong>मुख्य पात्रता मानदंड:</strong></p>
<ul>
<li>राष्ट्रीयता: उम्मीदवार को अनिवार्य रूप से भारतीय नागरिक होना चाहिए।</li>
<li>शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री या इसके समकक्ष योग्यता धारक होना आवश्यक है।</li>
</ul>
<p><strong>आयु सीमा:</strong></p>
<ul>
<li>न्यूनतम आयु पद के अनुसार 20 या 21 वर्ष होती है।</li>
<li>अनारक्षित वर्ग के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष है।</li>
<li>विभिन्न श्रेणियों के लिए छूट प्रदान की जाती है (जैसे BC-I/BC-II के लिए 37 वर्ष, SC/ST के लिए 40 वर्ष)। </li>
</ul>
<h4><strong>परीक्षा पैटर्न: JPSC परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है। </strong></h4>
<p>प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)</p>
<p>यह केवल एक स्क्रीनिंग टेस्ट है जिसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रकार के (बहुविकल्पीय) पेपर होते हैं। इस परीक्षा में गलत उत्तरों के लिए कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता है।</p>
<p><strong>प्रारंभिक परीक्षा के पेपर:</strong></p>
<ul>
<li>पेपर-I: सामान्य अध्ययन (General Studies)</li>
<li>पेपर-II: झारखंड-विशिष्ट सामान्य अध्ययन (Jharkhand Specific General Studies)</li>
</ul>
<h4><strong>विस्तृत पाठ्यक्रम</strong></h4>
<p><strong>JPSC का पाठ्यक्रम व्यापक है और इसमें राष्ट्रीय के साथ-साथ झारखंड-विशिष्ट विषय भी शामिल हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।</strong></p>
<ol>
<li><strong>प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Syllabus)</strong></li>
</ol>
<ul>
<li>पेपर-I (सामान्य अध्ययन): इसमें भारतीय इतिहास, भारत का भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था और शासन, आर्थिक और सतत विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स, और विविध सामान्य प्रश्न (मानवाधिकार, पर्यावरण संरक्षण, शहरीकरण, खेल आदि) शामिल हैं।</li>
<li>पेपर-II (झारखंड-विशिष्ट प्रश्न): यह पेपर पूरी तरह से झारखंड के इतिहास, झारखंड आंदोलन, झारखंड की विशिष्टता, झारखंड की संस्कृति, झारखंड साहित्य और साहित्यकार, झारखंड के प्रमुख शिक्षण संस्थान, झारखंड के खेल, झारखंड के भूमि कानून (CNT, SPT), 1947 के बाद झारखंड में आर्थिक विकास का इतिहास और झारखंड का भूगोल, औद्योगिक नीति, विस्थापन और पुनर्वास नीति, प्रमुख उद्योग, प्रमुख योजनाएं, वन प्रबंधन, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन, और झारखंड से संबंधित विविध तथ्य और करेंट अफेयर्स पर केंद्रित है।</li>
</ul>
<p>झारखंड-विशिष्ट ज्ञान पर अत्यधिक जोर JPSC को अन्य सिविल सेवा परीक्षाओं से अलग करता है। उम्मीदवारों को झारखंड के अद्वितीय इतिहास, भूगोल, संस्कृति और नीतियों में महारत हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण, केंद्रित प्रयास समर्पित करने चाहिए।</p>
<p><strong>मुख्य परीक्षा (Mains)</strong></p>
<p>प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाता है। इसमें कुल 6 अनिवार्य वर्णनात्मक पेपर होते हैं, और कोई वैकल्पिक विषय नहीं होता है।</p>
<p><strong>मुख्य परीक्षा के पेपर और अंक:</strong></p>
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<div class="table-block-component">
<div class="table-block has-export-button">
<div class="table-content not-end-of-paragraph">
<table>
<thead>
<tr>
<td>पेपर</td>
<td>विषय</td>
<td>कुल अंक</td>
<td>टिप्पणी</td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>पेपर-I</td>
<td>सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी</td>
<td>100</td>
<td>केवल अर्हकारी (न्यूनतम 30 अंक आवश्यक)</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-II</td>
<td>भाषा और साहित्य</td>
<td>150</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-III</td>
<td>इतिहास और भूगोल</td>
<td>200</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-IV</td>
<td>भारतीय संविधान, लोक प्रशासन और सुशासन</td>
<td>200</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-V</td>
<td>भारतीय अर्थव्यवस्था, वैश्वीकरण और सतत विकास</td>
<td>200</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-VI</td>
<td>सामान्य विज्ञान, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी विकास</td>
<td>200</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>कुल</strong></td>
<td> </td>
<td><strong>1050</strong></td>
<td>(साक्षात्कार के अंकों के अतिरिक्त)</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>मुख्य परीक्षा का पेपर-I केवल अर्हकारी है और उसके अंक अंतिम मेरिट सूची में नहीं जुड़ते, जिससे उम्मीदवारों को अपनी तैयारी का समय उन पेपर्स पर अधिक केंद्रित करने की अनुमति मिलती है जो वास्तव में मेरिट का निर्धारण करते हैं।</p>
<p><strong>साक्षात्कार (Interview): </strong>मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है, जो चयन प्रक्रिया का अंतिम चरण है।</p>
<h4><strong> दैनिक दिनचर्या और तैयारी की रणनीति:</strong></h4>
<p>JPSC परीक्षा में सफलता के लिए एक सुनियोजित दैनिक दिनचर्या और प्रभावी रणनीति आवश्यक है।</p>
<ul>
<li><strong>पाठ्यक्रम को समझना: </strong>तैयारी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न को गहराई से समझना है।</li>
<li><strong>मानक पुस्तकें: </strong>सामान्य अध्ययन के विषयों के लिए NCERT पुस्तकें (कक्षा 6-12) आधारभूत ज्ञान प्रदान करती हैं। एम. लक्ष्मीकांत (भारतीय राजव्यवस्था) और महेश कुमार बर्णवाल (भारत का भूगोल) जैसी मानक संदर्भ पुस्तकें आवश्यक हैं।</li>
<li><strong>करेंट अफेयर्स:</strong> राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय, विशेषकर झारखंड से संबंधित करेंट अफेयर्स पर दैनिक ध्यान देना महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से समाचार पत्र (जैसे द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस) और मासिक पत्रिकाएँ पढ़नी चाहिए।</li>
<li><strong>पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र (PYQs):</strong> पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों को हल करने से परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों के प्रकार, कठिनाई स्तर और समय प्रबंधन का स्पष्ट अंदाजा मिलता है।</li>
<li><strong>मॉक टेस्ट:</strong> नियमित रूप से मॉक टेस्ट देना समय प्रबंधन, सटीकता में सुधार, कमजोरियों की पहचान और परीक्षा के माहौल से परिचित होने के लिए महत्वपूर्ण है।</li>
<li><strong>उत्तर लेखन अभ्यास (Mains): </strong>मुख्य परीक्षा के लिए नियमित रूप से उत्तर लेखन का अभ्यास करें। स्पष्ट, संरचित और संक्षिप्त उत्तर लिखने पर ध्यान दें। करेंट अफेयर्स, प्रासंगिक उदाहरणों, डेटा और सरकारी नीतियों को उत्तरों में शामिल करने से उत्तरों की गुणवत्ता बढ़ती है।</li>
<li><strong>समय प्रबंधन और पुनरीक्षण: </strong>एक सुव्यवस्थित अध्ययन योजना बनाएं और अध्ययन घंटों को कुशलता से वितरित करें। नियमित पुनरीक्षण (revision) और मॉक टेस्ट के परिणामों का विश्लेषण करना आवश्यक है।</li>
</ul>
<h4><strong>निष्कर्ष:</strong></h4>
<p>JPSC परीक्षा एक चुनौतीपूर्ण लेकिन पार करने योग्य बाधा है। एक स्पष्ट रणनीति, अनुशासित दैनिक दिनचर्या, सही और लक्षित संसाधनों का उपयोग, और निरंतर अभ्यास आपको सफलता की ओर ले जाएगा। अपनी तैयारी में झारखंड-विशिष्ट ज्ञान पर विशेष ध्यान देना सुनिश्चित करें, क्योंकि यह परीक्षा में एक निर्णायक कारक है। आत्मविश्वास बनाए रखें और अपनी कड़ी मेहनत पर विश्वास रखें।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>]]>
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                                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 21:12:15 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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            <item>
                <title>हजारीबाग की शोभा ने रचा इतिहास, JPSC में 263वीं रैंक लाकर बनीं प्रेरणा की मिसाल</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हजारीबाग:</strong> की रहने वाली शोभा कुमारी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में 263वीं रैंक प्राप्त कर एक बड़ी सफलता हासिल की है. खास बात यह है कि उन्होंने यह परीक्षा कोटा सिस्टम के तहत लैंग्वेज पेपर से पास की है. उनकी यह कहानी हर उस युवा को प्रेरणा दे सकती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते.</p>
<h4><strong>संघर्षों से भरा जीवन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">शोभा कुमारी के पिता दीपक राम एक निजी अस्पताल में डे-नाइट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे. अपने सीमित वेतन (सिर्फ ₹7000 प्रति माह) में ही वे पूरे परिवार का पालन-पोषण करते थे. दुर्भाग्यवश,</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/hazaribagh/hazaribaghs-shobha-created-history-by-bringing-263rd-rank-in-jpsc/article-14990"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-07/resized-image-(51)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हजारीबाग:</strong> की रहने वाली शोभा कुमारी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में 263वीं रैंक प्राप्त कर एक बड़ी सफलता हासिल की है. खास बात यह है कि उन्होंने यह परीक्षा कोटा सिस्टम के तहत लैंग्वेज पेपर से पास की है. उनकी यह कहानी हर उस युवा को प्रेरणा दे सकती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते.</p>
<h4><strong>संघर्षों से भरा जीवन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">शोभा कुमारी के पिता दीपक राम एक निजी अस्पताल में डे-नाइट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे. अपने सीमित वेतन (सिर्फ ₹7000 प्रति माह) में ही वे पूरे परिवार का पालन-पोषण करते थे. दुर्भाग्यवश, कुछ साल पहले उन्हें पैरालिसिस हो गया, जिससे वे काम करने में असमर्थ हो गए. इसके बाद उनका एक गंभीर दुर्घटना भी हुआ, जिससे वे काफी घायल हो गए. हालांकि, बेहतर इलाज मिलने के कारण अब उनकी हालत में सुधार है.</p>
<h4><strong>कम उम्र में जिम्मेदारियों का बोझ</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">शोभा कुमारी ने मात्र 18 वर्ष की उम्र में ही डाक सहायक (Postal Assistant) के पद पर काम करना शुरू कर दिया. वे हजारीबाग डाक विभाग में पदमा प्रखंड के दाढ़ीघगर में तैनात थीं. इसके बाद उन्होंने विभागीय परीक्षा पास कर एमटीएस (Multi Tasking Staff) की नौकरी प्राप्त की और हजारीबाग में ही अपनी पोस्टिंग ली.</p>
<h4><strong>शिक्षा में कभी समझौता नहीं किया</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">शोभा की प्रारंभिक शिक्षा हजारीबाग में ही हुई. आर्थिक तंगी के बावजूद उनके माता-पिता ने उन्हें निजी विद्यालयों में पढ़ाया. जब स्कूल में री-एडमिशन करवाने की बारी आती, तो उनकी मां महिला स्वयं सहायता समूह से ₹35,000 का लोन लेकर उनका दाखिला करवाती थीं और पूरे साल मेहनत कर उस लोन को चुकाती थीं.</p>
<h4><strong>सपने हुए साकार</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आज शोभा कुमारी की मेहनत रंग लाई है. उन्हें झारखंड सरकार में District Sales and Tax Officer (डिस्ट्रिक्ट सेल्स एंड टैक्स ऑफिसर) के पद पर नियुक्त किया जाएगा. उनका JSSC CGL में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी हो चुका है.</p>
<h4><strong>पिता का सपना पूरा किया</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">शोभा बताती हैं कि उनके पिता का सपना था कि वे एक गैजेटेड ऑफिसर बनें. आज उन्होंने न केवल अपने पिता का सपना पूरा किया है, बल्कि अपने पूरे परिवार का भी मान बढ़ाया है. फिलहाल शोभा कुमारी के घर में खुशी का माहौल है.</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हजारीबाग</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 21:58:19 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
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            <item>
                <title>गांव की पहली बेटी बनीं अफसर, पिता बोले– बेटी ने गर्व से ऊंचा किया सिर</title>
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                        <![CDATA[दीपिका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इचाक प्रखंड स्थित विवेकानंद स्कूल से प्राप्त की. शुरू से ही पढ़ाई में रुचि रखने वाली दीपिका ने पहली ही बार में JPSC परीक्षा पास कर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/hazaribagh/hazaribagh-news-deepika-became-labor-superintendent-jpsc-exams-222nd-rank/article-14984"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-07/resized-image-(46).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हज़ारीबाग़: </strong>हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड स्थित भूषवा गांव की दीपिका कुमारी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है. दीपिका ने इस परीक्षा में 222वीं रैंक हासिल की है और उन्हें लेबर सुपरिटेंडेंट पद के लिए चयनित किया गया है. यह उपलब्धि इसलिए भी खास बन जाती है क्योंकि दीपिका अपने गांव की पहली ऐसी बेटी हैं, जिन्होंने JPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है. दीपिका की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रारंभिक शिक्षा से ही रही होशियार</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दीपिका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इचाक प्रखंड स्थित विवेकानंद स्कूल से प्राप्त की. शुरू से ही पढ़ाई में रुचि रखने वाली दीपिका ने पहली ही बार में JPSC परीक्षा पास कर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. उनका कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग केवल पढ़ाई और परीक्षा से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए किया. वे distractions से दूर रहीं और पढ़ाई को ही प्राथमिकता दी.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भावुक हुए पिता</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दीपिका के पिता देवेंद्र यादव, जो एक साधारण किसान हैं, अपनी बेटी की इस सफलता से भावुक हो उठे. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा,"मेरे लिए यह बेहद भावुक क्षण है कि मेरी बेटी अफसर बनेगी. वह बचपन से ही मेहनती रही है. आज उसकी मेहनत रंग लाई है."</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>समाज और छात्रों को दिया संदेश</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">दीपिका ने कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगी. उनका सपना है कि वे समाज के लिए कुछ सकारात्मक कर सकें और जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंचे. उनका कहना है,"मेरे लिए यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का अवसर है. मैं पूरी ईमानदारी से समाज के हित में कार्य करूंगी. "वहीं उन्होंने उन छात्रों को भी संदेश दिया जो इस बार JPSC परीक्षा में सफल नहीं हो सके –"निराश न हों. मेहनत करते रहें, एक दिन जरूर सफलता मिलेगी. "दीपिका की यह सफलता खास तौर पर ग्रामीण और साधनहीन क्षेत्रों की लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत है. यह साबित करता है कि अगर दृढ़ निश्चय और सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं.</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हजारीबाग</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 20:17:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेपीएससी 11वीं की परीक्षा में 140 के करीब सफल छात्रों में DSP की पाठशाला </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong> 11वीं झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) परीक्षा का परिणाम घोषित हो चुका है और एक बार फिर से डीएसपी की पाठशाला ने सफलता की नई कहानी लिख दी है, टॉप 10 में से 4 अभ्यर्थी इसी संस्थान से निकले हैं, वहीं राज्य पुलिस में डीएसपी पद के लिए चयनित कुल 34 में से 19 अभ्यर्थी डीएसपी की पाठशाला से हैं, यह उपलब्धि न सिर्फ संस्थान बल्कि पूरे झारखंड राज्य के लिए गौरव का विषय बन गई है.</p>
<p style="text-align:justify;">डीएसपी की पाठशाला की सफलता के केंद्र में हैं झारखंड पुलिस में कार्यरत सीनियर डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव, जो खुद इस संस्थान</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/dsp-school-among-about-140-successful-students-in-jpsc-11th/article-14953"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-07/resized-image-(29).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong> 11वीं झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) परीक्षा का परिणाम घोषित हो चुका है और एक बार फिर से डीएसपी की पाठशाला ने सफलता की नई कहानी लिख दी है, टॉप 10 में से 4 अभ्यर्थी इसी संस्थान से निकले हैं, वहीं राज्य पुलिस में डीएसपी पद के लिए चयनित कुल 34 में से 19 अभ्यर्थी डीएसपी की पाठशाला से हैं, यह उपलब्धि न सिर्फ संस्थान बल्कि पूरे झारखंड राज्य के लिए गौरव का विषय बन गई है.</p>
<p style="text-align:justify;">डीएसपी की पाठशाला की सफलता के केंद्र में हैं झारखंड पुलिस में कार्यरत सीनियर डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव, जो खुद इस संस्थान के मार्गदर्शक हैं, उन्होंने वर्षों की सेवा अनुभव को छात्रों को प्रशिक्षित करने में झोंक दिया, पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने इस सफलता का श्रेय छात्रों की लगन, अनुशासन और कड़ी मेहनत को दिया, उन्होंने कहा कि, "यह सिर्फ एक कोचिंग क्लास नहीं, बल्कि एक मिशन है, जो झारखंड के युवाओं को सेवा भाव और नेतृत्व के लिए तैयार करता है."</p>
<p style="text-align:justify;">पाठशाला का संचालन बेहद अनुशासित और रणनीतिक तरीके से किया जाता है, छात्रों को लिखित परीक्षा के साथ- साथ इंटरव्यू और शारीरिक दक्षता की तैयारी भी कराई जाती है, विशेष तौर पर पुलिस सेवा में आने की इच्छुक युवा प्रतिभाओं के लिए यह संस्थान एक मजबूत प्लेटफॉर्म बन चुका है.</p>
<p style="text-align:justify;">डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव का मानना है कि अगर युवाओं को सही मार्गदर्शन और समय पर सही दिशा मिले, तो वे किसी भी परीक्षा को पार कर सकते हैं, उन्होंने कहा कि “मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है जब मेरे छात्र समाज के लिए जिम्मेदार अफसर बनते हैं, उनकी सफलता ही मेरी तपस्या का फल है.”</p>
<p style="text-align:justify;">इस संस्थान ने केवल परीक्षा पास कराने का सपना नहीं दिखाया, बल्कि सेवा भावना, नेतृत्व और निष्ठा के गुण भी छात्रों में विकसित किए, इस बार की जेपीएससी परीक्षा में मिले अभूतपूर्व परिणाम ने एक बार फिर से डीएसपी की पाठशाला को राज्य का सबसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म साबित कर दिया है.</p>
<p style="text-align:justify;">झारखंड की नई पीढ़ी के लिए विकास चंद्र श्रीवास्तव और उनकी टीम प्रेरणास्त्रोत बन चुके हैं, और उनका सपना है— हर प्रखंड से एक पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी जो इसी पाठशाला से निकले हैं.</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/dsp-school-among-about-140-successful-students-in-jpsc-11th/article-14953</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 22:02:40 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
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                <title>Ranchi News: जेपीएसी द्वारा आयोजित झारखण्ड वन क्षेत्र पदाधिकारी प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर निषेधाज्ञा</title>
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                        <![CDATA[रविवार को जिला के विभिन्न 50 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई है परीक्षा प्रातः 07:00 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक निषेधाज्ञा प्रभावी]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/prohibition-for-jharkhand-forest-officer-preliminary-competition-examination-conducted-by/article-14633"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-06/resized-image-(8).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong> झारखण्ड लोक सेवा आयोग, रांची द्वारा आयोजित झारखण्ड वन क्षेत्र पदाधिकारी प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा रांची जिला के विभिन्न 50 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गयी है. परीक्षा के संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारण हेतु उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक-सह-पुलिस उपमहानिरीक्षक, राँची के संयुक्तादेश पर पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है. असामाजिक तत्व परीक्षा केन्द्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं, इस आशंका को देखते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बी०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागु की गयी है, यह निषेधाज्ञा दिनांक 29.06.2025 के प्रातः 07ः00 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक प्रभावी रहेगा.</p>
<h3 style="text-align:justify;">निषेधाज्ञा में क्या न करें </h3>
<p style="text-align:justify;">1- पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर). 2- किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना. 3- किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे बंदूक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर). 4- किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे-लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोडकर). 5- किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना.</p>
<h3 style="text-align:justify;">परीक्षा केन्दों के नाम:- </h3>
<p style="text-align:justify;">1. केराली स्कूल, सेक्टर-2, एच०ई०सी० टॉउनशिप, धुर्वा, राँची<br />2. मारवाड़ी कॉलेज (ब्वॉयज), लेक रोड, हिन्दपीढ़ी, राँची<br />3. फिरायालाल पब्लिक स्कूल, 5, मेन रोड, नियर रेलवे ओवरब्रिज, राँची<br />4. बिशप स्कूल, ओल्ड एच.बी. रोड, बहुबाजार, राँची<br />5. निर्मला कॉलेज, डोरण्डा, नियर संत जेवियर स्कूल, डोरण्डा, राँची <br />6. संत पॉल कॉलेज, चर्च रोड, राँची<br />7. जे.एम.जे. हाई स्कूल, नार्थ ऑफिस पाड़ा, डोरण्डा, राँची<br />8. संत कुलदीप हाई स्कूल, हरमू हाउसिंग कॉलोनी, राँची<br />9. विशप वेस्टकॉट गर्ल्स स्कूल, नेपाल हाउस रोड, डोरण्डा, राँची<br />10. छोटानागपुर पब्लिक स्कूल, पी.एच.ई.डी. ऑफिस के पीछे, बुटी रोड, राँची<br />11. हॉली क्रॉस गर्ल्स हाई स्कूल, पीस रोड, लालपुर, राँची<br />12. विवेकानन्द विद्या मंदिर, सेक्टर-2, धुर्वा, राँची (सब सेन्टर-ए)<br />13. विवेकानन्द विद्या मंदिर, सेक्टर-2, धुर्वा, राँची (सब सेन्टर बी)<br />14. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, जे.पी. मार्केट के पीछे, धुर्वा, राँची (सब सेन्टर-ए)<br />15. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, जे.पी. मार्केट के पीछे, धुर्वा, राँची (सब सेन्टर-बी)<br />16. डी०ए०वी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-3, धुर्वा, राँची<br />17. उर्सुलाईन इंटर कॉलेज, डा० कामिल बुल्के पथ, राँची<br />18. ए.एस.टी.वी.एस. डिस्ट्रिक, सी.एम. स्कूल ऑफ एक्सीलेंसी, शहीद चौक, राँची<br />19. सी.एम. स्कूल ऑफ एक्सीलेंसी, गर्ल्स बरियातु, एच.डी.एफ.सी. बैंक के पीछे, राँची<br />20. डी०ए०वी० नन्दराज पब्लिक स्कूल, बुटी रोड, बरियातू, राँची <br />21. डी०ए०वी० आलोक पब्लिक स्कूल, अरगोड़ा, नयासराय रोड, पुन्दाग, राँची<br />22. संत अलोईस हाई स्कूल, डा० कामिल बुल्के पथ, पुरुलिया रोड, राँची <br />23. संत अन्ना गर्ल्स हाई स्कूल, डा० कामिल बुल्के पथ, पुरुलिया रोड, राँची <br />24. संत अन्ना इंटरमिडिएट कॉलेज, डा० कामिल बुल्के पथ, पुरुलिया रोड, राँची<br />25. विद्या विकास पब्लिक स्कूल, मोरहाबादी, बोड़ेया रोड, राँची<br />26. एस्कॉट इंटरनेशनल स्कूल, भारत माता चौक, हरमू रोड, राँची <br />27. मनन विद्या, डुमरदगा, बुटी, राँची <br />28. क्लूनी कॉन्वेंट स्कूल, 8, हजारीबाग रोड, नियर सुरेन्द्रनाथ स्कूल, कोकर, राँची<br />29. डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, मेन बिल्डिंग, ईटकी रोड, हेहल, राँची<br />30. डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, एम.सी.एम. ब्लॉक, ईटकी रोड, हेहल, राँची <br />31. डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, कांके रोड, गांधीनगर, राँची (सब सेन्टर-ए)<br />32. डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, कांके रोड, गांधीनगर, राँची (सब सेन्टर बी) <br />33. मारवाड़ी +2 हाई स्कूल, अपर बाजार, शहीद चौक, राँची <br />34. इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, नियर जोड़ा पुल, कांके रोड, राँची<br />35. गर्वनमेंट $2 हाई स्कूल, कांके, सिमरटोली, नियर सी.आई.पी. कांके, राँची <br />36. अनिता गर्ल्स हाई स्कूल, कांके, राँची <br />37. बिरसा इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (ट्रस्ट) देवी दर्शन रोड, गेतलातु, नेवरी विकास, राँची <br />38. जे.डी.एम. इंटर कॉलेज, चौरी बस्ती, नियर हॉट लिप्स, कांके, राँची<br />39. आर.टी.सी. बीएड कॉलेज, पी.एच.ई.डी., बुटी, सदर, राँची <br />40. बिरसा हाई स्कूल, हथिया गोंदा, कांके रोड, राँची <br />41. रामटहल चौधरी हाई स्कूल, हिन्दी मिडियम, पी.एच.ई.डी., बुटी, राँची <br />42. निरजा सहाय डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, गोशाला कॉम्प्लेक्स नियर बिरसा एगीक्लचर यूनिवर्सिटी, कांके, राँची <br />43. एच.एम. पब्लिक स्कूल, नियर शिव मंदिर, लोअर चुटिया, राँची <br />44. उर्सुलाईन कान्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल, डा० कामिल बुल्के पथ, राँची <br />45. संत जोसेफ गर्ल्स स्कूल, सामलोंग, बेलबागान, राँची <br />46. कार्मेल गर्ल्स हाई स्कूल, सामलोंग, राँची <br />47. वाई.बी.एन. यूनिवर्सिटी, राजाउलातु, नामकुम, राँची <br />48. डॉन बास्को हाई स्कूल, हेसाग, हटिया, राँची <br />49. संत पॉल हाई स्कूल, चर्च रोड, राँची <br />50. संत मारग्रेट गर्ल्स हाई स्कूल, चर्च रोड, राँची.</p>]]>
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                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Jun 2025 17:23:27 +0530</pubDate>
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