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                <title>Indian National Congress - Samridh Jharkhand</title>
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                <title>झारखण्ड का बजट: अंतिम पायदान पर खड़े समाज के विकास का सच्चा आईना बने</title>
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                        <![CDATA[झारखण्ड का बजट तभी ऐतिहासिक होगा जब वह अंतिम पायदान पर खड़े दलित, आदिवासी, मूलवासी और गरीब समाज के विकास का वास्तविक प्रतिबिंब बने। शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि अधिकार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित बजट ही राज्य को सामाजिक न्याय का मॉडल बना सकता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/opinion/jharkhands-budget-should-become-a-national-model-of-social-justice/article-18249"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/c136e8c6-8a8c-45a8-9bf2-8712d983adce_samridh_1200x720-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p>झारखण्ड की इस पावन धरती पर खनिजों की अनमोल चमक है — कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, यूरेनियम। लेकिन इसी माटी में सदियों से शोषण, विस्थापन और अधिकार-वंचना का खून बहता रहा है। 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की लगभग 26.21% आबादी अनुसूचित जनजाति और लगभग 12% अनुसूचित जाति से है। यानी हर तीन में से एक झारखण्डवासी उस समुदाय से है, जिसे इतिहास ने विकास की दौड़ में सबसे पीछे धकेल दिया।</p>
<p>आज जब राज्य का वार्षिक बजट लाखों करोड़ की योजनाओं का खाका खींचता है, तो सबसे बड़ा सवाल यह है — क्या बजट की पहली पंक्ति में वे लोग हैं, जो सदियों से अंतिम पायदान पर खड़े हैं?</p>
<p>झारखण्ड देश के खनिज उत्पादन में अग्रणी है, लेकिन मानव विकास सूचकांक में देश के पिछड़े राज्यों में शुमार है। यह विडंबना तभी खत्म होगी, जब बजट की प्राथमिकता खनिज नहीं, मनुष्य होगी; लाभ नहीं, अधिकार होगा; और विकास का मतलब विस्थापन नहीं, बल्कि सशक्तिकरण होगा।</p>
<p>यदि शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि-अधिकार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित, डेटा-आधारित, पारदर्शी और समुदाय-संचालित बजट बने, तो झारखण्ड न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा, बल्कि पूरे देश के लिए सामाजिक न्याय का जीवंत मॉडल भी बनेगा। ऐसा बजट ही दलित-आदिवासी-मूलवासी एवं अन्य कमजोर वर्गों के अंतिम पायदान पर बैठे नागरिकों तथा उच्च जाति के सबसे गरीब परिवारों के सर्वांगीन, चहुमुखी और समग्र विकास का वास्तविक मार्ग प्रशस्त करेगा।</p>
<p><strong>विकास बनाम वंचना: एक कठोर सच</strong></p>
<p>झारखण्ड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में अग्रणी है, लेकिन जिन जिलों से ये खनिज निकलते हैं — पश्चिम सिंहभूम, गुमला, पाकुड़, लातेहार — वहीं गरीबी, कुपोषण, अशिक्षा और पलायन की दर सबसे ऊँची है। विकास की गाड़ी तेज़ चली, लेकिन अंतिम डिब्बा छूट गया। यह विरोधाभास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि नैतिक संकट है। अब समय आ गया है कि बजट इस नैतिक संकट का समाधान बने।</p>
<p><strong>1. शिक्षा: अधिकार, दान नहीं</strong></p>
<p>आदिवासी-दलित बहुल क्षेत्रों में माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 25-35% तक पहुँच चुकी है। बालिका शिक्षा की स्थिति और भी दर्दनाक है। यदि बजट में शिक्षा पर 30% से कम आवंटन होता है, तो यह सामाजिक न्याय की अधूरी प्रतिबद्धता होगी।</p>
<p>बजट में हर आदिवासी प्रखंड में आवासीय विद्यालय अनिवार्य हों। प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा — संथाली, मुंडारी, हो, कुरुख — में हो, ताकि बच्चे की सीखने की क्षमता बढ़े और सांस्कृतिक पहचान बरकरार रहे। उच्च शिक्षा में दलित-आदिवासी विद्यार्थियों के लिए 100% छात्रवृत्ति, कोचिंग सहायता और तकनीकी संस्थानों में आरक्षित सीटों का सख्त क्रियान्वयन हो।</p>
<p>“दलित-आदिवासी कौशल मिशन” के तहत ₹1000-2000 करोड़ का वार्षिक प्रावधान कर आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्किल सेंटरों को उद्योगों से जोड़ा जाए, ताकि प्रशिक्षण के साथ रोजगार भी सुनिश्चित हो। शिक्षा केवल साक्षरता नहीं — यह सामाजिक गतिशीलता का सबसे मजबूत पुल है। यही वह सीढ़ी है, जिस पर चढ़कर अंतिम पायदान का बच्चा भी शिखर छू सकता है।</p>
<p><strong>2. भूमि और वनाधिकार: सम्मान का प्रश्न</strong></p>
<p>सदियों से जंगल-जमीन से जुड़ा समाज आज भी अपने ही संसाधनों पर अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। वनाधिकार कानून (FRA) के तहत हजारों दावे अभी भी लंबित हैं। जब तक सामुदायिक और व्यक्तिगत पट्टे नहीं बाँटे जाते, विकास अधूरा रहेगा।</p>
<p>बजट में “FRA मिशन फंड” के तहत कम से कम ₹500 करोड़ का विशेष प्रावधान हो। लघु वनोपज — तसर, महुआ, साल बीज, लाख — के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और स्थानीय प्रोसेसिंग इकाइयाँ स्थापित हों। खनिज रॉयल्टी और DMF फंड का कम से कम 40% स्थानीय समुदायों के विकास पर खर्च हो।</p>
<p>सिंचाई, सौर पंप, सूक्ष्म जलाशयों में निवेश बढ़े। महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज ऋण और विपणन सहायता दी जाए। विकास का मॉडल विस्थापन का नहीं, स्थानीय संसाधनों पर स्थानीय समुदाय के अधिकार का हो। तभी न्यायपूर्ण विकास संभव होगा।</p>
<p><strong>3. स्वास्थ्य: जीवन का अधिकार</strong></p>
<p>दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएँ आज भी नाममात्र की हैं। मातृ मृत्यु दर और कुपोषण गंभीर समस्या बने हुए हैं। स्वास्थ्य बजट में 25% वृद्धि हो। हर 20,000 आबादी पर एक पूर्ण सुसज्जित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बने, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर, दवाइयाँ और एम्बुलेंस अनिवार्य हों।</p>
<p>“पोषण सुरक्षा मिशन” के लिए ₹1000 करोड़ का वार्षिक प्रावधान हो। मोबाइल मेडिकल यूनिट, मातृ-शिशु स्वास्थ्य मिशन और मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हों। स्वास्थ्य कोई दया नहीं, संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन का अधिकार है। बजट में यह भावना साफ झलकनी चाहिए।</p>
<p><strong>4. रोजगार और पलायन: मजबूरी नहीं, विकल्प</strong></p>
<p>झारखण्ड से लाखों युवा रोजगार की तलाश में बाहर जाते हैं। यह सिर्फ आर्थिक नहीं, सामाजिक विखंडन की त्रासदी है। “दलित-आदिवासी उद्यमिता कोष” के लिए ₹2000 करोड़ का प्रावधान हो। खनिज आधारित उद्योगों में 75% स्थानीय रोजगार अनिवार्य किया जाए।</p>
<p>मनरेगा को जल संरक्षण और उत्पादक परिसंपत्तियों से जोड़ा जाए। हस्तशिल्प, बांस, तसर और कृषि आधारित लघु उद्योगों के लिए विशेष स्टार्टअप कोष बने। रोजगार ऐसा हो, जो पलायन रोके, आत्मसम्मान बढ़ाए और युवाओं को अपनी मिट्टी से जोड़े।</p>
<p><strong>5. सामाजिक न्याय और सुरक्षा</strong></p>
<p>अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण कानून के बावजूद न्याय प्रक्रिया लंबी और जटिल है। कानूनी सहायता और फास्ट-ट्रैक अदालतों के लिए विशेष कोष हो। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन में 50% वृद्धि हो। सभी छात्रवृत्ति और सामाजिक योजनाओं का 100% समयबद्ध DBT सुनिश्चित हो। न्याय कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर दिखना चाहिए।</p>
<p><strong>आवास, सड़क और बुनियादी ढाँचा</strong></p>
<p>सुरक्षित पक्का घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क और डिजिटल कनेक्टिविटी — ये सुविधाएँ नहीं, गरिमापूर्ण जीवन के अनिवार्य तत्व हैं। आदिवासी-दलित बस्तियों में पक्के घरों का निर्माण, हर घर जल योजना का पूर्ण विस्तार, हर टोला को सड़क से जोड़ना और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी बजट की प्राथमिकता बने।</p>
<p><strong>पारदर्शिता और जनभागीदारी</strong></p>
<p>बजट बनाना पर्याप्त नहीं, उसका सही उपयोग ज़रूरी है। इसलिए ग्राम सभा आधारित पार्टिसिपेटरी बजटिंग लागू हो। सभी योजनाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग, वार्षिक सामाजिक लेखा परीक्षा और जिला स्तर पर स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकन अनिवार्य हों।</p>
<p><strong>अंतिम शब्द: बजट एक नैतिक दस्तावेज़ है</strong></p>
<p>झारखण्ड का बजट मात्र आय-व्यय का ब्यौरा नहीं, यह तय करता है कि राज्य किसके साथ खड़ा है। यदि अंतिम पायदान पर खड़े दलित, आदिवासी, मूलवासी और गरीब समाज को केंद्र में रखकर बजट नहीं बना, तो विकास की चमक सिर्फ शहरों तक सिमट जाएगी।</p>
<p>आज ज़रूरत है ऐसे बजट की — जहाँ प्राथमिकता खनिज नहीं, मनुष्य हो; लाभ नहीं, अधिकार हो; विकास का अर्थ विस्थापन नहीं, सशक्तिकरण हो। तभी झारखण्ड की आत्मा पूरी होगी। तभी बजट ऐतिहासिक कहलाएगा।</p>
<p>दलित, आदिवासी और मूलवासी समाज के बिना झारखण्ड अधूरा है। बजट की हर पंक्ति में यह संदेश साफ दिखे — राज्य की प्राथमिकता खनिज नहीं, मनुष्य है; मुनाफा नहीं, गरिमा है; और विकास विस्थापन नहीं, सशक्तिकरण है। ऐसा बजट ही झारखण्ड को न सिर्फ आर्थिक रूप से समृद्ध, बल्कि सामाजिक न्याय का राष्ट्रीय मॉडल बनाएगा।</p>
<p><strong>लेखक: विजय शंकर नायक</strong></p>]]>
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                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                            <category>आर्टिकल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 14:31:35 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Susmita Rani]]>
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                <title>राष्ट्रपिता महात्मा गांधी महात्मा के साक्षात रूप थे : निसार खान</title>
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                        <![CDATA[हजारीबाग स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि शहादत दिवस के रूप में मनाई गई। कांग्रेस नेताओं ने गांधी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके सत्य, अहिंसा और प्रेम के आदर्शों को याद किया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/hazaribagh/nisar-khan-was-the-embodiment-of-the-father-of-the/article-17706"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-01/2e219b6c-571a-4916-8346-6b004d84e72d_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हजारीबाग :</strong> जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78 वीं पुण्यतिथि " शहादत दिवस " के रूप में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित व माल्यार्पण कर मनाई गई । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला उपाध्यक्ष सह कांग्रेस के जिला मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी महात्मा के सक्षात रूप थे  । सत्य अहिंसा और प्रेम का आधार लेकर अंग्रेजी सत्ता से जूझनेवाले अंग्रेजी सत्ता भी कांपती थी ।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश महासचिव बिनोद कुशवाह ने कहा कि जनता के बीच रहकर सादा जीवन, उच्च विचार कायम किया । प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह ने कहा कि मराठी में एक कथन है ' मरावे परी कीर्ति रूपी उरावें ' इसका अर्थ है मृत्यु के बाद भी अपनी कीर्ति के बल पर वे आज भी अमर हैं । मौके पर प्रदेश सचिव अवधेश कुमार सिंह, बिनोद सिंह  वरिष्ठ कांग्रेसी लाल बिहारी सिंह, सुनिल सिंह राठौर, मकसूद आलम, कजरू साव, इकबाल रजा नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, सुनिल कुमार ओझा, सदरूल होदा, नौशाद आलम, ओमप्रकाश गोप, आरिफ अंसारी, भैया असीम कुमार, अनिल कुमार भुईंया, पंचम पासवान, सैयद अशरफ अली, जुबैर खान सेवादल अध्यक्ष गुड्डू सिंह, दिलीप कुमार रवि, उपेन्द्र कुमार राय, अजित कुमार सिंह, अमृतेष रंजन, कैलाश पति देव के अतिरिक्त कई कांग्रेसी उपस्थित थे ।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 15:52:03 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anshika Ambasta]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
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                <title>संयुक्त बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कृष्ण बल्लभ सहाय की 128वीं जयंती 31 दिसंबर को</title>
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                        <![CDATA[कांग्रेस द्वारा 31 दिसंबर को हजारीबाग में कृष्ण बल्लभ सहाय की जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/hazaribagh/128th-birth-anniversary-of-former-chief-minister-of-united-bihar/article-17604"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-12/bda7df80-e56d-44a9-aea2-ee8bddc70055_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हजारीबाग : </strong>जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में 31 दिसम्बर को अपराह्न के एक बजे स्वतंत्रता सेनानी सह सयुंक्त बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कृष्ण बल्लभ सहाय की 128 वीं जयंती मनाई जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री दिपीका पाण्डेय के अतिरिक्त पूर्व मंत्री सह जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल प्रदेश कांग्रेस द्वारा बनाए गए कार्यक्रम के प्रभारी विनय सिन्हा दिपू प्रदेश उपाध्यक्ष भीम कुमार प्रदेश सचिव मनोज सहाय पिंकू मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। उक्त कार्यक्रम की जानकारी जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान नें दी।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 13:34:08 +0530</pubDate>
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                <title>झारखंड कांग्रेस को मिला नया संबल, सामाजिक न्याय के योद्धा विजय शंकर नायक ने थामा कांग्रेस का हाथ</title>
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                        <![CDATA[विजय शंकर नायक के कांग्रेस में शामिल होने से झारखंड में सामाजिक न्याय और आदिवासी-मूलवासी आंदोलन को नया बल मिला।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jharkhand-congress-gets-new-strength-social-justice-warrior-vijay-shankar/article-17603"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-12/5f3b003f-137b-40a3-be0f-06813352d83d_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची : </strong>झारखंड कांग्रेस को मिला मजबूती का नया संबल: समाजिक न्याय के प्रखर योद्धा विजय शंकर नायक ने थामा कांग्रेस का हाथ झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी को आज एक बड़ी मजबूती मिली। आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं पुराने समाजवादी, सामाजिक न्याय के प्रति संघर्षरत योद्धा विजय शंकर नायक ने आज कांग्रेस भवन, रांची में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय की गरिमामयी उपस्थिति में  के. राजू ने विजय शंकर नायक को माला पहनाकर एवं पार्टी का पटका ओढ़ाकर कांग्रेस परिवार में स्वागत किया तथा प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कराई।</p>
<p>विजय शंकर नायक लंबे समय से आदिवासी-मूलवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय एवं झारखंड की अस्मिता के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। उनका कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है तथा झारखंड में कांग्रेस को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने नायक का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी के आदिवासी-मूलवासी एवं सामाजिक न्याय के एजेंडे को और बल मिलेगा। नायक ने कांग्रेस में शामिल होने पर खुशी जताते हुए कहा कि वे कांग्रेस के सिद्धांतों एवं न्याय की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।  झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस स्वागत योग्य घटना से उत्साहित है तथा आने वाले समय में पार्टी और मजबूत होकर उभरेगी।<br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
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                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 13:26:44 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anshika Ambasta]]>
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                <title>पीवी नरसिम्हा राव को उनकी जयंती पर कांग्रेसियों ने किया नमन  </title>
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                        <![CDATA[राव कि राजनीतिक यात्रा भारत की आजादी के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य के रूप में शुरू हुई. उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार में विभिन्न मंत्रालय पर काम किया]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/hazaribagh/congressmen-saluted-pv-narasimha-rao-on-his-birth-anniversary/article-14670"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-06/resized-image-(37).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हजारीबाग: </strong>पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की 104 वीं जयंती पर जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर मनाई गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि राव कि राजनीतिक यात्रा भारत की आजादी के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य के रूप में शुरू हुई. उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार में विभिन्न मंत्रालय पर काम किया. राव के राजनीतिक कौशल और व्यावसायिक कौशल के कारण उन्हें 1971 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया, जंहा उन्होंने महत्वपूर्ण भूमी सुधार लागू किया और राजनीतिक रूप से मौलिक अधिकार गारंटी दी. संसद विपक्ष के सदस्य के रूप में अपने पद पर उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी दोंनो के सदनों में गृह, रक्षा, और विदेश मामलों सहित कई महत्वपूर्ण मंत्री पद पर कार्यरत रहे. </p>
<p style="text-align:justify;">राव अपने प्रधानमंत्रित्व काल 1991 से 1996 तक भारत में गहन आर्थिक और वैचारिक सुधारों की अवधि को दर्शाया. 1991 में अंशिक आर्थिक संकट का सामना करते हुए उनकी सरकार ने प्रतिबंधात्मक लाईसेंस राज को समाप्त करने और भारत की अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेश के उद्देश्य से व्यापक उदारीकरण कार्यक्रमों की शुरूआत की. कार्यक्रम में प्रदेश सचिव बिनोद सिंह जिला मीडिया अध्यक्ष निसार खान युवा कांग्रेस के जेडआरओ आरिफ नवाज, राजू चौरसिया, कृष्णदेव प्रसाद सिंह, लाल बिहारी सिंह, दिलीप कुमार रवि, पूर्व युवा अध्यक्ष प्रकाश यादव सेवादल के अध्यक्ष गुड्डु सिंह, कृष्णा कुमार यादव, नरेश गुप्ता, शिव नंदन साहू, मिथिलेश दुबे परवेज अहमद, मनोहर यादव, विजय कुमार सिंह, रिंकू कुमार, अनिल कुमार भुईंया, ओमप्रकाश, बाबर खान, तसलीम अंसारी, विनय कुमार, ईश्वर राम, दानिश वशीम, मुस्ताक अंसारी, मो. जावीर, मो. शाहनवाज, मो. माशूक, मिन्हाज अंसारी, कैफ रजी, शाहनवाज अख्तर, मुगेश्वर प्रसाद चौधरी, अकाश भरती के अतिरिक्त कई कांग्रेसी उपस्थित थे.</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हजारीबाग</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 17:03:23 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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                <title>कांग्रेस की दुर्गति के लिए जिम्मेदार कौन, गौर कीजिए बड़े नेताओं के बोल पर </title>
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                        <![CDATA[यह सीधे-सीधे धार्मिक आस्था पर चोट है. करोड़ों लोग हरदिन कुंभ में स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं. भगदड़ व प्रयागराज तक पहुंचने में हो रही तमाम तरह की कठिनाइयों के बावजूद लोगों का सैलाब उमड़ रहा है]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/who-should-consider-the-lyrics-of-big-lpeaders%C2%A0/article-14056"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-02/whatsapp-image-2025-02-02-at-2.00.12-pm-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> पिछले कुछ दिनों के अंदर मैने कांग्रेस आलाकमान के बड़े नेताओं का गर्व के साथ दिया गया बयान सुना. इस पर गौर किया. चिंतन-मंथन किया. फिर सोचा कांग्रेस की ऐसी दुर्गति क्यों हो रही है. कांग्रेसी कुछ समझने को तैयार क्यों नहीं हैं. जब टाप लीडर इस तरह के बयान देंगे तो फिर नीचे के नेताओं के बीच क्या संदेश जाएगा. पहले चर्चा कांग्रेस के लाडले राहुल गांधी की. राहुल गांधी ने बिहार में हुई जाति जनगणना पर सवाल खड़े किए. आंकड़े को फर्जी बताया. कहा, बिहार जैसी फर्जी जाति जनणनना नहीं चाहिए. अब राहुल गांधी को कौन समझाए. किस कांग्रेसी की हिम्मत है बोलने की.</p>
<p>बिहार में जब जातीय जनगणना हुई थी तो नीतीश कुमार के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन की सरकार थी. कांग्रेस भी सरकार में शामिल थी. तब राहुल गांधी व राजद के राजकुमार तेजस्वी यादव जातीय जनगणना पर पूरे देश में वाहवाही लूट रहे थे. कह रहे थे कि देश को बिहार ने रास्ता दिखा दिया. जो काम किसी प्रदेश में नहीं हुआ, उसे बिहार ने कर दिखाया. अब जब बिहार में एनडीए की सरकार चल रही है तो राहुल गांधी जातीय जनगणना के आंकड़े को फर्जी बता रहे हैं. यानि अपनी सरकार के कामकाज पर सवाल खड़ा करना. इसलिए तो राहुल को लोग कहते हैं...?</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाकुंभ पर टिप्पणी की. कहा, गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर नहीं होगी. यह सीधे-सीधे धार्मिक आस्था पर चोट है. करोड़ों लोग हरदिन कुंभ में स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं. भगदड़ व प्रयागराज तक पहुंचने में हो रही तमाम तरह की कठिनाइयों के बावजूद लोगों का सैलाब उमड़ रहा है. ऐसे में खड़गे की टिप्पणी से उनकी सोच सामने आती है. आजादी के बाद साठ सालों तक कांग्रेस सत्ता में रही. कांग्रेस ने गरीबी हटाओ का नारा दिया. फिर भी गरीबी नहीं हटी. बल्कि कांग्रेस ही सत्ता से हट गई. अब गंगा स्नान को गरीबी से जोड़कर देख रहे हैं. वाह रे कांग्रेसी सोच. </p>
<p>अब सोनिया गांधी को लीजिए. उन्होंने देश में पहली बार आदिवासी समुदाय से राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू पर आपत्तिजनक टिप्पणी की. उन्हें बेचारी कहा. इसके पूर्व भी कांग्रेसी कई तरह की टिप्पणी राष्ट्रपति पर कर चुके हैं. बेहतर होता सोनिया गांधी राष्ट्रपति पर टिप्पणी करने के बदले मोदी सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करतीं. क्योंकि संसद या विधानसभाओं में राष्ट्रपति व राज्यपाल वहीं भाषण पढ़ते हैं जो सरकार उपलब्ध कराती है. यह संवैधानिक परंपरा है. भाषण के लिए राष्ट्रपति व राज्यपालों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है. </p>
<p>इसी दौरान झारखंड कांग्रेस से जुड़ा हुआ एक मामला भी सामने आया. विधानसभा चुनाव के दौरान जब बरही से कांग्रेस विधायक उमा शंकर अकेला का टिकट कटा तो उन्होंने दो करोड़ में टिकट बेचने का आरोप लगाया. कांग्रेस प्रभारी गुलाम मीर पर सीधा आरोप लगाया. कहा, उनसे दो करोड़ की मांग की गई थी, नहीं दिया तो टिकट कट गया. अकेला बागी होकर चुनाव लड़े. बरही से कांग्रेस हार गई. अब देखिए दो महीने के अंदर ही अकेला की कांग्रेस में वापसी हो गई. आरोपों के सारे पाप धुल गए. लोग कह रहे हैं यही कांग्रेस है भइया. इसके खेल निराले हैं. इसलिए दुर्गति पर चर्चा बेमानी है.</p>]]>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Feb 2025 14:07:05 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sunil Singh]]>
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                <title>महात्मा गांधी को राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के 100 वर्ष पूरा होने पर किया गया कार्यक्रम का आयोजन </title>
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                        <![CDATA[आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला उपाध्यक्ष कृष्णदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को आज के ही दिन 26 दिसम्बर 1924 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था और यह सत्र कर्नाटक के बेलगाम में हुआ था]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/hazaribagh/a-program-was-organized-to-mark-100-years-of-mahatma/article-13594"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-12/whatsapp-image-2024-12-26-at-16.22.28_b8f9dc84-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हजारीबाग:</strong> झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में चुने जाने का 100 वर्ष पूरा होने पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला उपाध्यक्ष कृष्णदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को आज के ही दिन 26 दिसम्बर 1924 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था और यह सत्र कर्नाटक के बेलगाम में हुआ था. यह पहली और एकमात्र बार था जब वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वे अध्यक्ष बने. इस सत्र ने अंहिसा और असहयोग के उद्धव को अंग्रेजों से राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के साधन के रूप में देखा गया, </p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव बिनोद कुशवाहा प्रदेश सचिव बिनोद सिंह पूर्व जिला अध्यक्ष विजय यादव वरिष्ठ कांग्रेसी शशिकांत ओझा महानगर अध्यक्ष मनोज नारायण भगत उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता निसार खान, संजय तिवारी, साजिद हुसैन, राजू चौरसिया, सुनिल सिंह राठौर, नरेश गुप्ता, अर्जुन सिंह, परवेज अहमद, गुड्डु सिंह, जावेद इकबाल, अनिल भुईंया, ओमप्रकाश गोप, राशिद खान, अजित सिंह, सैयद अशरफ अली, अमर सिंह यादव, मुस्ताक अंसारी, राजीव कुमार मेहता, सदरूल होदा के अतिरिक्त कई कांग्रेसी उपस्थित थे.</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हजारीबाग</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Dec 2024 16:36:44 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
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