<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://samridhjharkhand.com/sahebganj/tag-15844" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Samridh Jharkhand RSS Feed Generator</generator>
                <title>Sahebganj - Samridh Jharkhand</title>
                <link>https://samridhjharkhand.com/tag/15844/rss</link>
                <description>Sahebganj RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Sahebganj News: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: एक एथलीट और दो कोच का चयन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>साहिबगंज: </strong>जिले के लिए गर्व का क्षण है। प्रथम खेलो इंडिया जनजातीय गेम्स में जिले से एक एथलीट और दो कोच का चयन हुआ है। आवासीय बालक एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्र के एमानुएल किस्कू ने 110 मीटर हर्डल्स और 4×100 मीटर रिले में झारखंड टीम में जगह बनाई है। वे 25 मार्च से 03 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">कोच योगेश यादव एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए नेशनल टेक्निकल ऑफिशियल नियुक्त हुए हैं, जबकि प्रकाश सिंह बादल कुश्ती टीम के कोच बनाए गए हैं। उपायुक्त हेमन्त सती, उपविकास आयुक्त सतीश चंद्रा, आईटीडीए निदेशक</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/sahibganj/sahebganj-news-khelo-india-tribal-games-one-athlete-and-two/article-19532"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-03/a0746acd-53e5-4890-b4ac-eeab1fd152b1_samridh_1200x720-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>साहिबगंज: </strong>जिले के लिए गर्व का क्षण है। प्रथम खेलो इंडिया जनजातीय गेम्स में जिले से एक एथलीट और दो कोच का चयन हुआ है। आवासीय बालक एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्र के एमानुएल किस्कू ने 110 मीटर हर्डल्स और 4×100 मीटर रिले में झारखंड टीम में जगह बनाई है। वे 25 मार्च से 03 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ के रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">कोच योगेश यादव एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए नेशनल टेक्निकल ऑफिशियल नियुक्त हुए हैं, जबकि प्रकाश सिंह बादल कुश्ती टीम के कोच बनाए गए हैं। उपायुक्त हेमन्त सती, उपविकास आयुक्त सतीश चंद्रा, आईटीडीए निदेशक संजय कुमार, और अन्य अधिकारियों ने बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जिले के लिए यह उपलब्धि प्रेरणादायक है और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>साहिबगंज</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/sahibganj/sahebganj-news-khelo-india-tribal-games-one-athlete-and-two/article-19532</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/sahibganj/sahebganj-news-khelo-india-tribal-games-one-athlete-and-two/article-19532</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 09:56:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-03/a0746acd-53e5-4890-b4ac-eeab1fd152b1_samridh_1200x720-%281%29.jpeg"                         length="50550"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Anjali Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साहिबगंज में गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस ग्रैंड रिहर्सल संपन्न, एसपी व डीसी ने लिया तैयारियों का जायजा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियों के तहत साहिबगंज के सिद्धो-कान्हू स्टेडियम में फुल ड्रेस ग्रैंड रिहर्सल का आयोजन किया गया, जहां पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह और उपायुक्त हेमन्त सती ने परेड की तैयारियों का निरीक्षण किया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/sahibganj/full-dress-grand-rehearsal-of-republic-day-parade-completed-in/article-17657"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-01/61673ca9-aadf-45e4-bc10-86a057ed1156_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>साहिबगंज :</strong> जिला पुलिस ने 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियों के तहत सिद्धो-कान्हू स्टेडियम स्थित परेड ग्राउंड में फुल ड्रेस ग्रैंड रिहर्सल का अंतिम पूर्वाभ्यास सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस महत्वपूर्ण रिहर्सल का जायजा लेने के लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह व उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी हेमन्त सती स्वयं मौजूद रहे। आरक्षी अधीक्षक ने झंडा फहराया और परेड की सम्पूर्ण तैयारियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस जवानों, चौकीदारों, एनसीसी कैडेट्स एवं विभिन्न टुकड़ियों की ड्रिल, अनुशासन, वर्दी-वेशभूषा और आपसी तालमेल को बारीकी से अवलोकन किया।</p>
<p>रिहर्सल के दौरान सभी उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्र सेवा, कर्तव्यनिष्ठा तथा भारतीय संविधान के प्रति अटूट निष्ठा की शपथ भी दिलाई गई। आरक्षी अधीक्षक ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए जोर दिया कि गणतंत्र दिवस का यह राष्ट्रीय पर्व पूर्ण गरिमा, सख्त अनुशासन और जोश-उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए, ताकि यह समारोह भव्यता और गौरव के साथ संपन्न हो। पुलिस प्रशासन की इन तैयारियों से स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि 26 जनवरी 2026 की परेड में अनुशासन, एकता और गहन देशभक्ति की अद्भुत मिसाल पेश की जाएगी।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>साहिबगंज</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/sahibganj/full-dress-grand-rehearsal-of-republic-day-parade-completed-in/article-17657</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/sahibganj/full-dress-grand-rehearsal-of-republic-day-parade-completed-in/article-17657</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 12:15:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2026-01/61673ca9-aadf-45e4-bc10-86a057ed1156_samridh_1200x720.jpeg"                         length="49701"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Susmita Rani]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन को लिखा पत्र, पत्थर माफिया सत्यनाथ पर अवैध कार्रवाई करने की मांग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर बोरियो अंचल (साहेबगंज) के अवैध पत्थर खनन मामले में पत्थर माफिया सत्यनाथ साह पर कार्रवाई करने की मांग की है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/babulal-marandi-wrote-a-letter-to-hemant-soren-demanding-illegal/article-16772"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-10/resized-image-(44).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong> झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर बोरियो अंचल (साहेबगंज) के अवैध पत्थर खनन मामले में पत्थर माफिया सत्यनाथ साह पर कार्रवाई करने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कहा है कि सत्यनाथ साह को पत्थर खनन के लिए चार एकड़ जमीन का खनन पट्टा दिया गया था, लेकिन उन्होंने लगभग 20 एकड़ जमीन पर अवैध पत्थर खनन किया है। इस मामले में साहेबगंज के उपायुक्त के निर्देश पर दो सदस्यीय टीम ने जांच की और अवैध खनन की पुष्टि की है।</p>
<p style="text-align:justify;">मरांडी ने अपने पत्र में यह आरोप भी लगाया है कि सत्यनाथ साह ने 20 एकड़ जमीन पर अवैध पत्थर खनन कर झारखंड सरकार को लगभग 200 करोड़ रुपये राजस्व की क्षति पहुंचाया है, लिहाजा, अवैध पत्थर खनन मामले में सत्यनाथ साह पर कड़ी कार्रवाई की जाए और राजस्व नुकसान की वसूली की जाए। उन्होंने अवैध खनन को तुरंत रोकने और सूचक को जान-माल की क्षति से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग भी मुख्यमंत्री से की है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/babulal-marandi-wrote-a-letter-to-hemant-soren-demanding-illegal/article-16772</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/babulal-marandi-wrote-a-letter-to-hemant-soren-demanding-illegal/article-16772</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 21:07:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2025-10/resized-image-%2844%29.jpeg"                         length="44331"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Dumka News: 22 दिसम्बर को मनाया जायेगा संथाल परगना स्थापना दिवस</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[इस अद्भुत विरासत को संजोये रखने और शहीदों के अतुलनीय बलिदानों को सम्मानित करने का यह अवसर है. यह न्याय, स्वतंत्रता, और सम्मान के लिए किए गए उनके संघर्ष का उत्सव है]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/dumka/dumka-news-santhal-pargana-foundation-day-will-be-celebrated-on/article-13328"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-12/whatsapp-image-2024-12-15-at-14.57.42.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दुमका:</strong> संथाल परगना स्थापना दिवस को लेकर रानेश्वर प्रखंड के लकडबिंधा गांव में संथाल हुल अखड़ा के बैनर तले तामड़ बास्की के अध्यक्षता में ग्रामीणों ने कुल्ही दुरुह/बैठक किया. सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 22 दिसम्बर को संथाल परगना स्थापना दिवस बहुत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ रानेश्वर प्रखंड के संथाल हुल के ऐतिहासिक स्थल संथाल काटा पोखर, दिगुली में मनाया जायेगा. अखड़ा एवं ग्रामीणों ने झारखंड सरकार से मांग किया कि संथाल परगना स्थापना दिवस 22 दिसम्बर को सरकार राजकीय अवकाश घोषित करें और संथाल काटा पोखर का सुंदरीकरण करे.<br />अखड़ा के सचिव सिमल हांसदा ने कहा रानेश्वर प्रखंड के अलावे दुमका जिला के विभिन्य प्रखंडो से लोगों के आने की संभवना है.</p>
<h3 style="text-align:left;">क्यों मनाया जाता है संथाल परगना स्थापना दिवस?</h3>
<p style="text-align:justify;">संथाल परगना स्थापना दिवस 22 दिसंबर को मनाया जाता है, ऐतिहासिक संथाल हुल (क्रांति) के प्रतिफल 22 दिसम्बर 1855 को बिटिश हुकूमत के रहते हुए संथाल परगना को भू भाग प्राप्त हुआ. उस समय पूरा संथाल परगना एक जिला था. इसमें बिहार, झारखंड और बंगाल के कुछ हिस्सों को शामिल किया गया. हालांकि अब इसे छह जिलों में विभाजित कर दिया गया है, फिर भी संथाल परगना डिवीजन बना हुआ है. जिसमें छह जिला है गोड्डा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहेबगंज एवं पाकुड़ जो इस क्षेत्र और शहीदों की विरासत को संरक्षित करता है. इसी संथाल हुल के प्रतिफल गरीबों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम लागू किया गया, जिसने यहाँ के समुदाय को विशेष संरक्षण प्रदान किया.</p>
<p style="text-align:justify;">इस अद्भुत विरासत को संजोये रखने और शहीदों के अतुलनीय बलिदानों को सम्मानित करने का यह अवसर है. यह न्याय, स्वतंत्रता, और सम्मान के लिए किए गए उनके संघर्ष का उत्सव है, जिसका नेतृत्व महान स्वतंत्रता सेनानी सिदो मुर्मू, कान्हू मुर्मू, चांद मुर्मू, भैरो मुर्मू, फूलो मुर्मू, झानो मुर्मू ने किया था.<br />इस मौके में सिमल हांसदा, तामल बास्की, सोकोल मरांडी, राजा किस्कु, राजकिशोर मरांडी, साजिद मुर्मू, सुशील मरांडी, अनूप हेम्ब्रम, बबलू हांसदा, मीरु हांसदा, मिता सोरेन, चुड़की सोरेन, सुमि सोरेन, मेरी हेम्ब्रम, बिलु गुडू, होपनी हांसदा आदि उपस्थित थे.</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दुमका</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/dumka/dumka-news-santhal-pargana-foundation-day-will-be-celebrated-on/article-13328</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/dumka/dumka-news-santhal-pargana-foundation-day-will-be-celebrated-on/article-13328</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Dec 2024 16:15:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2024-12/whatsapp-image-2024-12-15-at-14.57.42.jpg"                         length="41294"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमारी सरकार धर्म, समुदाय, जाति के आधार पर कार्य नहीं करती: हेमंत सोरेन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने साहेबगंज जिला के बरहेट प्रखंड स्थित भोगनाडीह में आयोजित ‘आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार’ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया.]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/our-government-does-not-work-on-the-basis-of-religion/article-11515"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/whatsapp-image-2024-09-25-at-16.34.30_e0a112d7-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रांची:</strong> मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए साहेबगंज जिला के बरहेट प्रखंड स्थित भोगनाडीह में आयोजित "आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार" कार्यक्रम को संबोधित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य जीवन में रोटी, कपड़ा और मकान की व्यवस्था आवश्यक है. हमारी सरकार राज्य में सभी को रोटी, कपड़ा और मकान उपलब्ध करा रही है. पिछले 4 वर्षों में हमारी सरकार ने जन-जन और घर-घर तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का कार्य कर दिखाया है. पूर्व की सरकार ने 11 लाख हरा राशन कार्ड डिलीट करने का काम किया था परंतु हमारी सरकार ने 20 लाख अतिरिक्त राशन कार्ड निर्गत कर लोगों के घरों तक राशन पहुंचाने का काम किया है. </p>
<h3><strong>सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड पहला राज्य</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड पहला राज्य है. वर्तमान समय में सामाजिक सुरक्षा के तहत एक भी पात्र व्यक्ति पेंशन योजना से वंचित नही है. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि "आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार" कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2021 में उलिहातू की धरती से हुई थी और आज इस अभियान का चौथा चरण भोगनाडीह की भूमि से संपन्न हो रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक नई सुविधा के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हमसभी लोग जुड़ रहे हैं. भारी बारिश और खराब मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाने का मुझे काफी अफसोस है, परंतु इस आधुनिक युग में तकनीक के माध्यम से हम आपसभी के बीच आज रू-ब-रू हो रहे हैं और अपनी बातों को आप तक पहुंचा रहे हैं.</p>
<h3><strong>झारखंड वीरों की भूमि, आपसी प्रेम, सौहार्द एवं सद्भाव जीवन का है आधार</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आप सभी लोग आने वाले दिनों में भी मजबूती के साथ राज्य सरकार के साथ खड़े रहें. हमारी सरकार धर्म, समुदाय, जाति के आधार पर कार्य नहीं करती है. सभी धर्म, वर्ग-समुदाय तथा सभी जातियों का सम्मान करते हुए उनके हितों की रक्षा करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सदैव यह प्रयास किया है कि यहां के आदिवासी-मूलवासियों को सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने झारखंड विधानसभा से सरना धर्मकोड का विधायक पारित कर केंद्र को भेजने का काम किया परंतु दुर्भाग्य है कि केंद्र सरकार ने हमारे इस महत्वपूर्ण विधेयक पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया. </p>
<h3><strong>धार्मिक मुद्दों पर एकजुटता को तोड़ने का प्रयास</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ और तत्वों द्वारा राज्य के भीतर धार्मिक मुद्दों पर अफवाहें फैलाकर हमारी एकजुटता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं इन तत्वों से हम सभी को बचने की आवश्यकता है. झारखंड वीरों की भूमि रही है. किसी के बहकावे में आकर हम लोग कोई गलत कदम नहीं उठाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ तत्वों द्वारा राज्य के भीतर डेमोग्राफी चेंज होने की बात कही जा रही है लेकिन सच्चाई यह है कि हमारे राज्य के किसी भी क्षेत्र में डेमोग्राफी चेंज की कोई तस्वीर नही दिखी है और ना ही डेमोग्राफी चेंज से संबंधित कोई तथ्यात्मक आंकड़ा उपलब्ध है. झारखंड के सभी लोग आपसी प्रेम, सौहार्द और सद्भाव के साथ रहते है और अपने हक-अधिकार की लड़ाई लड़ते हैं.</p>
<h3><strong>महिला सशक्तिकरण रही प्राथमिकता</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने यह संकल्प लिया है कि राज्य की आधी आबादी विभिन्न योजनाओं से जोड़कर सशक्त  की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कड़ी में झारखंड "मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" की शुरुआत की गई है. इस योजना के तहत राज्य की लगभग 50 लाख बहन-माताओं को जोड़ा गया है जिन्हें साल में 12 हजार सम्मान राशि दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि "मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" की दूसरी किस्त भी लाभुक महिलाओं के खातों पर डाला जा चुका है. मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में महिला स्वयं सहायता समूह को मात्र 600 करोड़ रुपए का फंड दिया गया था, हमारी सरकार ने पिछले 4 वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपए की राशि का फंड महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास हेतु उपलब्ध कराए गए हैं.</p>
<h3><strong>नियुक्तियों का सिलसिला निरंतर जारी</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि रोजगार और नौकरी उपलब्ध कराने की दिशा में भी हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत रही है. राज्य सरकार ने अपने प्रयास से डेढ़ से दो लाख लोगों को निजी क्षेत्र में नियुक्त करने का काम किया है, वहीं हजारों की संख्या में अलग-अलग चरणों में सरकारी नियुक्तियां भी की गई हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 40 से 50 हजार नियुक्तियों का सिलसिला जारी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत युवा वर्ग को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे वह विभिन्न स्वरोजगार के साधन से जुड़ रहे हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार "आपकी योजना-आपकी-सरकार आपके द्वार" अभियान चलाकर गांव-गांव, टोला-टोला और घर-घर तक राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का काम किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी हमारे राज्य में ऐसे गांव हैं जहां के लोग प्रखंड कार्यालय तथा बी.डी.ओ.- सी.ओ. रैंक के पदाधिकारी को भी ठीक से नहीं जानते हैं. वैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी राज्य सरकार के निर्देश पर पदाधिकारी विभिन्न माध्यमों से पहुंचकर लोगों तक सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पहुंचा रहे हैं.</p>
<h3><strong>झारखंडवासियों को यहां की खनिज संपदाओं का नहीं मिला लाभ</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने आम लोगों के साथ-साथ सरकार के कर्मियों के समस्याओं को सुलझाने का काम किया है. विभिन्न विभागों में वर्षों से चली आ रही लंबित मांगों को तथा सरकारी कर्मियों के हक-अधिकारों को राज्य सरकार ने सहानुभूति पूर्वक देने का काम किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि शुरुआती दिनों से ही झारखंड की खनिज संपदाओं पर दूसरे प्रदेश के व्यापारी वर्गों की नजर रही है. यहां की खनिज संपदाओं का पूरा लाभ राज्य के आदिवासी-मूलवासी सहित किसी भी वर्ग-समुदाय या विस्थापितों को आज तक नहीं मिला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के ऊपर राज्य सरकार का 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपए का बकाया है. यह बकाया राशि केंद्र सरकार अगर राज्य सरकार को उपलब्ध करा दे तो गए अन्य विकासात्मक योजनाओं को राज्य के भीतर लागू किया जा सकेगा. राज्य सरकार द्वारा अपने बलबूते गए भावी योजनाओं को संचालित किया जा रहा है जिसका लाभ राज्यवासियों को पूर्ण रूप से मिला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के पुराने बिजली बिल को माफ करने के साथ-साथ 200 यूनिट बिजली नि:शुल्क उपलब्ध कर रही है. यहां के किस वर्गों का 2 लाख रुपए तक का कृषि ऋण भी माफ कर दिया गया है. खेती कृषि को बढ़ावा देने के लिए कई वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर बोल दिया गया है.</p>
<h3><strong>कोरोना संक्रमण काल में जीवन और जीविका दोनों को बचाया</strong></h3>
<p>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्ष 2019 में आप लोगों ने राज्य में झारखंडियों की हितों की रक्षा करने वालों की सरकार बनाई. आप सब ने देखा कि जैसे ही वर्तमान राज्य सरकार का गठन हुआ देश और दुनिया में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी. इस कोरोना महामारी का आलम यह रहा कि रोजगार, व्यवसाय के सभी साधन बिल्कुल बंद हो गए. सभी लोग घरों पर बंद रहने को मजबूर हो गए, ऐसी स्थिति में भी हमारी सरकार ने राज्य में किसी भी वर्ग समुदाय के एक भी व्यक्ति को भूखा सोने नहीं दिया. राज्य सरकार ने एक बेहतर मैनेजमेंट दिखाते हुए बिना कोई अफरातफरी के जीवन और जीविका दोनों की रक्षा की. किसी एक भी व्यक्ति की मृत्यु भूख से नहीं हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी आपदा झारखंड जैसे गरीब राज्य के लिए अभिशाप से कम नही होती है.</p>
<h3><strong>मुख्यमंत्री ने दी ये सौगात</strong></h3>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से साहेबगंज जिले को लगभग 31184.923 लाख रूपए की विभिन्न योजनाओं की दी सौगात. जिसमें कुल 264 विकास योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया. दोनों जिलों के 332192 लाभुकों के बीच लगभग 14441.449 लाख रुपए की परिसम्पत्ति का हुआ वितरण. वहीं 5496.837 लाख रूपए की 62 योजनाओं का उद्घाटन एवं 25688.086 लाख रूपए की 202 योजनाओं की आधारशिला रखी गई.</p>
<p>इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं कार्यक्रम स्थल भोगनाडीह, बरहेट से सांसद विजय हांसदा, विधायक स्टीफन मरांडी, विधायक दिनेश विलियम मरांडी, पूर्व मंत्री हेमलाल मुर्मू, संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त लालचंद डाडेल, जिले के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/our-government-does-not-work-on-the-basis-of-religion/article-11515</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/our-government-does-not-work-on-the-basis-of-religion/article-11515</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Sep 2024 17:50:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2024-09/whatsapp-image-2024-09-25-at-16.34.30_e0a112d7-%281%29.jpg"                         length="53107"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Subodh Kumar]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वादाखिलाफी के कारण हेमंत सरकार के खिलाफ लोगों में आक्रोश, धूल झोंकने के लिए हर रोज नयी घोषणा: रघुवर दास</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div>
<p><strong>रांची:</strong> पांच लाख नौकरियों के वादे के साथ सत्ता में आयी हेमंत सरकार की वादाखिलाफी के कारण झारखंड के युवाओं में सरकार के खिलाफ आक्रोश है। साथ ही परिवार और अपने नजदीकी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए हेमंत सरकार के संरक्षण में पिछले ढाई वर्ष में झारखंड के जल- जंगल और जमीन और खनिज संपदा की जमकर लूट हुई है। इसका उदहारण साहेबगंज जैसा एक पिछड़ा जिला है। इस एक जिले से ही ईडी की जांच में लगभग 1400-1500 करोड़ रुपये के अवैध उत्खनन की बात सामने आयी है।</p>
<p>इस उत्खनन में मुख्यमंत्री जी के विधायक प्रतिनिधि का नाम</p></div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/peoples-anger-against-hemant-government-due-to-disobedience-new-announcement-everyday-to-throw-dust-raghuvar-das/article-10105"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2022-09/raghubar-das.jpg" alt=""></a><br /><div>
<p><strong>रांची:</strong> पांच लाख नौकरियों के वादे के साथ सत्ता में आयी हेमंत सरकार की वादाखिलाफी के कारण झारखंड के युवाओं में सरकार के खिलाफ आक्रोश है। साथ ही परिवार और अपने नजदीकी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए हेमंत सरकार के संरक्षण में पिछले ढाई वर्ष में झारखंड के जल- जंगल और जमीन और खनिज संपदा की जमकर लूट हुई है। इसका उदहारण साहेबगंज जैसा एक पिछड़ा जिला है। इस एक जिले से ही ईडी की जांच में लगभग 1400-1500 करोड़ रुपये के अवैध उत्खनन की बात सामने आयी है।</p>
<p>इस उत्खनन में मुख्यमंत्री जी के विधायक प्रतिनिधि का नाम सबसे आगे है। हेमंत सरकार के इन कारनामों के कारण झारखंड को लोग सरकार से काफी नाराज हैं। इसी नाराजगी और आक्रोश को दबाने और लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए हेमंत सोरेन जी हर रोज नयी- नयी लोक लुभावनी घोषणाएं कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने 1932 के खतियान और आरक्षण नीति को घोषणा भी की है।</p>
<p>15.11.2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ। राज्य गठन के बाद उस समय सरकार ने अधिसूचना संख्या 3389, दिनांक 29.09.2001 द्वारा एकीकृत बिहार के परिपत्र संख्या 806, दिनांक 03.03.1982 को अंगीकृत किया गया, जिसमें जिला के आधार पर स्थानीय व्यक्ति की पहचान उनके नाम, जमीन, वासगीत, रिकार्ड ऑफ राइट्स के आधार पर की गयी थी।</p>
<p>इसी संदर्भ में माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने दो वाद यथा डब्ल्यूपी (पीआईएल) 4050/02 एवं वाद संख्या डब्ल्यूपी पीआइएल 2019/02 के मामले में 27.11.2002 को पारित अपने विस्तृत आदेश के जरिए स्थानीयता को परिभाषित किए जाने संबंधी संकल्प को गलत बताया था और स्थानीयता को परिभाषित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए थे। उक्त आदेश के आलोक में अनेक सरकारें आईं, कमेटियां बनाई गई, लेकिन स्थानीय व्यक्ति को परिभाषित करने और उसकी पहचान के मापदंड को निर्धारित करने का मामला विचाराधीन था।</p>
<p>जब हमारी भाजपा की सरकार आई तब हमने दिनांक 07.04.2015 को विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ सर्वदलीय बैठक आहूत की, सामाजिक संगठनों से परामर्श लिया तथा झारखंड के बुद्धिजीवियों के साथ विचार विमर्श किया। माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के द्वारा दिए गए सुझाव को ध्यान में रखते हुए 7.4.2016 को स्थानीयता को परिभाषित करते हुए, उस नीति को नियोजन की नीति से जोड़कर भारी संख्या में झारखंड के बच्चे बच्चियों को नियुक्ति दी गई। हमारी सरकार ने स्थानीय निवासियों की परिभाषा को इस तरह से परिभाषित किया था कि किसी भी वर्ग को किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।</p>
<p>वर्तमान सरकार ने 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीयता को परिभाषित करने संबंधी निर्णय लिया है और इनको भी पता है कि इसे लागू करना न्यायालय की अवमानना होगी। इसलिए इनके द्वारा इस नीति को लागू नहीं किया जाएगा, ऐसी योजना बनाई गई है। स्वयं मुख्यमंत्री जी 23 मार्च 2022 को इसकी वैधानिकता के बारे में राज्य की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा में घोषणा कर चुके हैं।</p>
<p>इनके द्वारा यह कहा गया है कि 1932 वाली स्थानीयता की नीति को संविधान की 9वीं अनुसूची में सम्मिलित होने के उपरांत लागू किया जाएगा, जो कभी भी संभव नहीं हो पाएगा। स्थानीयता का मामला हो या आरक्षण का मामला, यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है। साथ ही इस नीति को नियोजन से भी नहीं जोड़ा गया है। अतः स्पष्ट है कि सरकारी नियुक्तियों में भी वर्तमान में झारखंडवासियों को 1932 अथवा स्थानीयता का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। पांच लाख नौकरी देने के वादे को पूरा नहीं करने के कारण सरकार के प्रति युवक-युवतियों में रोष है। इसलिए यह स्थानीय नीति उलझाने, लटकाने और भटकाने की नियत से घोषित की गयी है।</p>
<p>आरक्षण नीति जहां तक आरक्षण में बढ़ोतरी का निर्णय है, यह निर्णय भी असंवैधानिक है। इसे लागू करना असंभव सा प्रतीत होता है। इस तरह यहां के आदिवासी, मूलवासी और पिछड़ों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्हें धोखा दिया गया है। किसी को भी आरक्षण देने के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार उस श्रेणी के छात्रों की संख्या और उनके प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी क्रम में भाजपा सरकार के समय 2019 में राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया था।</p>
<p>इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे पता चलता है कि यह रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है। अगर सरकार ने वह रिपोर्ट तैयार नहीं की है, तो आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने में कौन- कौन से कारक को ध्यान में रखा गया है, यह भी सरकार को सार्वजनिक करना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। सरकार द्वारा किसी सर्वेक्षण की रिपोर्ट को ध्यान में नहीं रखा गया है और ना ही आरक्षण को सही तरीके से देने के लिए जिस प्रक्रिया की आवश्यकता है, उसका पालन किया गया है।</p>
<p>जिस तरह से वर्तमान सरकार अपने पद का दुरुपयोग कर खनन व्यापार में लिप्त है, उसी तरह आरक्षण को भी सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए व्यापारिक रूप देकर झारखंडवासियों को धोखा दे रही है। मुख्यमंत्री जी यह राजतंत्र नहीं है, लोकतंत्र है। निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण किये बिना इस तरह का फैसला लेना प्रजातंत्र में नहीं होता है। विगत ढाई वर्षों में झामुमो-कांग्रेस की सरकार ने कोयला, बालू, गिट्टी की लूट, शराब के व्यापार में और ट्रांसफर-पोस्टिंग में हजारों करोड़ रुपए की उगाही की है। यहां तक कि मुख्यमंत्री ने अपने व अपने परिवार वालों के नाम पर माइनिंग लीज भी ली, जिसका परिणाम है कि मुख्यमंत्री, उनके परिवारवाले तथा सहयोगी केंद्रीय एजेंसियों की रडार पर हैं।</p>
</div>
]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/peoples-anger-against-hemant-government-due-to-disobedience-new-announcement-everyday-to-throw-dust-raghuvar-das/article-10105</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/peoples-anger-against-hemant-government-due-to-disobedience-new-announcement-everyday-to-throw-dust-raghuvar-das/article-10105</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Sep 2022 13:37:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2022-09/raghubar-das.jpg"                         length="144013"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        