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                <title>झारखंड लोक सेवा आयोग - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>झारखंड लोक सेवा आयोग RSS Feed</description>
                
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                <title>जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा  के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन सतर्क</title>
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                        <![CDATA[सिमडेगा में उपायुक्त कंचन सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे की संयुक्त अध्यक्षता में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के सफल आयोजन को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा केंद्र चयन एवं व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/simdega/district-administration-alert-regarding-successful-conduct-of-jpsc-civil-services/article-18112"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/ec8c23b0-494a-4f55-b929-079c306e422e_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:left;"><strong>सिमडेगा :</strong> उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे की संयुक्त अध्यक्षता में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाले झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा- 2025 के सफल आयोजन को लेकर बैठक आयोजित की गई।</p>
<h4 style="text-align:left;">बैठक में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण एवं परीक्षा के सुचारु संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई।</h4>
<p style="text-align:left;">उपायुक्त ने परीक्षा केंद्र चयन के लिए अनुमंडल पदाधिकारी, सिमडेगा, डीएसपी, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक की संयुक्त टीम गठित करने का निर्देश दिया। टीम को जिले के संभावित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों का स्थल निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया।</p>
<p style="text-align:left;">निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों के तहत चारदीवारी की उपलब्धता, पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए पृथक शौचालय, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था, बेंच-डेस्क की स्थिति, सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त रोशनी तथा आवागमन की सुविधा सहित अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।</p>
<p style="text-align:left;">उपायुक्त ने कहा कि चयनित परीक्षा केंद्रों की सूची अभ्यर्थियों की संभावित क्षमता के विश्लेषण सहित तैयार कर झारखंड लोक सेवा आयोग, रांची को शीघ्र प्रेषित की जाए। उन्होंने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:left;">बैठक में अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक, डीएसपी रनवीर सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी  मिथलेश केरकेट्टा, जिला शिक्षा अधीक्षक  दीपक राम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>सिमडेगा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/simdega/district-administration-alert-regarding-successful-conduct-of-jpsc-civil-services/article-18112</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 16:55:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Susmita Rani]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेपीएससी उम्र सीमा विवाद: राज्यपाल से मिले छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला, Cut-off तिथि बदलने की मांग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जेपीएससी परीक्षा में उम्र सीमा विवाद को लेकर छात्र नेताओं ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि परीक्षाओं में देरी के कारण हजारों अभ्यर्थी उम्र सीमा से बाहर हो रहे हैं।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/palamu/jpsc-age-limit-dispute-student-leader-satyanarayan-shukla-meets-governor/article-17860"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/52bae31a-0629-407d-b2b0-249e2efa13a7_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>मेदिनीनगर, पलामू : </strong>झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की आगामी परीक्षाओं में उम्र सीमा को लेकर बढ़ते विवाद के बीच छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर अभ्यर्थियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा और उम्र सीमा में विशेष छूट देने की गुहार लगाई।</p>
<h4><strong>9 वर्षों का 'जंप' बना छात्रों के लिए मुसीबत</strong></h4>
<p>मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के 25 वर्षों में अब तक केवल 8 जेपीएससी परीक्षाएं ही पूरी हो पाई हैं। इस अनियमितता के कारण लाखों होनहार अभ्यर्थी अपनी उम्र सीमा खो चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने तकनीकी पक्ष रखते हुए बताया कि: आगामी विज्ञापन में उम्र सीमा की कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2026 तय की गई है, जबकि पिछली परीक्षा (11वीं–13वीं) में यह तिथि 2017 के आधार पर थी। सीधे 9 साल के इस बदलाव के कारण हजारों अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।</p>
<h4><strong>राज्यपाल ने दिया आश्वासन</strong></h4>
<p>छात्रों की दलीलें सुनने के बाद महामहिम राज्यपाल ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि वे इस संवेदनशील विषय पर मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे और छात्रों के हित में उचित समाधान निकालने की पहल करेंगे।</p>
<h4><strong>आंदोलन की चेतावनी</strong></h4>
<p>इस मौके पर छात्र नेता के साथ देवेंद्र नाथ महतो, जीवित जी, विकास जी और विनय जी जैसे कई क्रांतिकारी साथी उपस्थित थे। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उम्र सीमा में छूट (Cut-off date 2018 करने की मांग) पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो छात्र एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।</p>
<p>सत्यनारायण शुक्ला ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार लाखों युवाओं के भविष्य को देखते हुए जल्द ही कट-ऑफ तिथि में संशोधन का आदेश जारी करेगी।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पलामू</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 16:40:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>JPSC क्या है? झारखंड में सरकारी नौकरी के लिए JPSC की भूमिका समझें</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>समृद्ध डेस्क:</strong> अगर आप झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास करने का सपना देख रहे हैं, तो एक सुनियोजित रणनीति और अनुशासित दिनचर्या ही आपकी सफलता की कुंजी है। JPSC परीक्षा झारखंड की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है, और इसे पास करने के लिए गहन अध्ययन और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। यह लेख आपको JPSC की तैयारी के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण, दैनिक दिनचर्या और पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा।</p>
<h4><strong>JPSC क्या है?</strong></h4>
<p>JPSC का पूरा नाम झारखंड लोक सेवा आयोग (Jharkhand Public Service Commission) है। यह झारखंड राज्य की</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/education/what-is-jpsc-understand-the-role-of-jpsc-for-government/article-15109"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-07/tfsgdv.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>समृद्ध डेस्क:</strong> अगर आप झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास करने का सपना देख रहे हैं, तो एक सुनियोजित रणनीति और अनुशासित दिनचर्या ही आपकी सफलता की कुंजी है। JPSC परीक्षा झारखंड की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है, और इसे पास करने के लिए गहन अध्ययन और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। यह लेख आपको JPSC की तैयारी के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण, दैनिक दिनचर्या और पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा।</p>
<h4><strong>JPSC क्या है?</strong></h4>
<p>JPSC का पूरा नाम झारखंड लोक सेवा आयोग (Jharkhand Public Service Commission) है। यह झारखंड राज्य की एक सरकारी एजेंसी है जिसका मुख्य कार्य राज्य सरकार के अधीन विभिन्न राजपत्रित (Group A) और अराजपत्रित (Group B) पदों पर भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कारों का आयोजन करना है। ( <span style="background-color:rgb(194,224,244);">JPSC का गठन 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य के निर्माण के बाद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के प्रावधानों के तहत किया गया था।</span> )</p>
<h4><strong>पात्रता मानदंड:</strong></h4>
<p>JPSC परीक्षा के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवारों को कुछ बुनियादी पात्रता मानदंडों को पूरा करना होता है, जिनमें राष्ट्रीयता, शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा शामिल हैं।</p>
<p><strong>मुख्य पात्रता मानदंड:</strong></p>
<ul>
<li>राष्ट्रीयता: उम्मीदवार को अनिवार्य रूप से भारतीय नागरिक होना चाहिए।</li>
<li>शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री या इसके समकक्ष योग्यता धारक होना आवश्यक है।</li>
</ul>
<p><strong>आयु सीमा:</strong></p>
<ul>
<li>न्यूनतम आयु पद के अनुसार 20 या 21 वर्ष होती है।</li>
<li>अनारक्षित वर्ग के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष है।</li>
<li>विभिन्न श्रेणियों के लिए छूट प्रदान की जाती है (जैसे BC-I/BC-II के लिए 37 वर्ष, SC/ST के लिए 40 वर्ष)। </li>
</ul>
<h4><strong>परीक्षा पैटर्न: JPSC परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है। </strong></h4>
<p>प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)</p>
<p>यह केवल एक स्क्रीनिंग टेस्ट है जिसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रकार के (बहुविकल्पीय) पेपर होते हैं। इस परीक्षा में गलत उत्तरों के लिए कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता है।</p>
<p><strong>प्रारंभिक परीक्षा के पेपर:</strong></p>
<ul>
<li>पेपर-I: सामान्य अध्ययन (General Studies)</li>
<li>पेपर-II: झारखंड-विशिष्ट सामान्य अध्ययन (Jharkhand Specific General Studies)</li>
</ul>
<h4><strong>विस्तृत पाठ्यक्रम</strong></h4>
<p><strong>JPSC का पाठ्यक्रम व्यापक है और इसमें राष्ट्रीय के साथ-साथ झारखंड-विशिष्ट विषय भी शामिल हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।</strong></p>
<ol>
<li><strong>प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Syllabus)</strong></li>
</ol>
<ul>
<li>पेपर-I (सामान्य अध्ययन): इसमें भारतीय इतिहास, भारत का भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था और शासन, आर्थिक और सतत विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स, और विविध सामान्य प्रश्न (मानवाधिकार, पर्यावरण संरक्षण, शहरीकरण, खेल आदि) शामिल हैं।</li>
<li>पेपर-II (झारखंड-विशिष्ट प्रश्न): यह पेपर पूरी तरह से झारखंड के इतिहास, झारखंड आंदोलन, झारखंड की विशिष्टता, झारखंड की संस्कृति, झारखंड साहित्य और साहित्यकार, झारखंड के प्रमुख शिक्षण संस्थान, झारखंड के खेल, झारखंड के भूमि कानून (CNT, SPT), 1947 के बाद झारखंड में आर्थिक विकास का इतिहास और झारखंड का भूगोल, औद्योगिक नीति, विस्थापन और पुनर्वास नीति, प्रमुख उद्योग, प्रमुख योजनाएं, वन प्रबंधन, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन, और झारखंड से संबंधित विविध तथ्य और करेंट अफेयर्स पर केंद्रित है।</li>
</ul>
<p>झारखंड-विशिष्ट ज्ञान पर अत्यधिक जोर JPSC को अन्य सिविल सेवा परीक्षाओं से अलग करता है। उम्मीदवारों को झारखंड के अद्वितीय इतिहास, भूगोल, संस्कृति और नीतियों में महारत हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण, केंद्रित प्रयास समर्पित करने चाहिए।</p>
<p><strong>मुख्य परीक्षा (Mains)</strong></p>
<p>प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाता है। इसमें कुल 6 अनिवार्य वर्णनात्मक पेपर होते हैं, और कोई वैकल्पिक विषय नहीं होता है।</p>
<p><strong>मुख्य परीक्षा के पेपर और अंक:</strong></p>
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<div class="table-block-component">
<div class="table-block has-export-button">
<div class="table-content not-end-of-paragraph">
<table>
<thead>
<tr>
<td>पेपर</td>
<td>विषय</td>
<td>कुल अंक</td>
<td>टिप्पणी</td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>पेपर-I</td>
<td>सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी</td>
<td>100</td>
<td>केवल अर्हकारी (न्यूनतम 30 अंक आवश्यक)</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-II</td>
<td>भाषा और साहित्य</td>
<td>150</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-III</td>
<td>इतिहास और भूगोल</td>
<td>200</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-IV</td>
<td>भारतीय संविधान, लोक प्रशासन और सुशासन</td>
<td>200</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-V</td>
<td>भारतीय अर्थव्यवस्था, वैश्वीकरण और सतत विकास</td>
<td>200</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td>पेपर-VI</td>
<td>सामान्य विज्ञान, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी विकास</td>
<td>200</td>
<td>वर्णनात्मक प्रकार</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>कुल</strong></td>
<td> </td>
<td><strong>1050</strong></td>
<td>(साक्षात्कार के अंकों के अतिरिक्त)</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>मुख्य परीक्षा का पेपर-I केवल अर्हकारी है और उसके अंक अंतिम मेरिट सूची में नहीं जुड़ते, जिससे उम्मीदवारों को अपनी तैयारी का समय उन पेपर्स पर अधिक केंद्रित करने की अनुमति मिलती है जो वास्तव में मेरिट का निर्धारण करते हैं।</p>
<p><strong>साक्षात्कार (Interview): </strong>मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है, जो चयन प्रक्रिया का अंतिम चरण है।</p>
<h4><strong> दैनिक दिनचर्या और तैयारी की रणनीति:</strong></h4>
<p>JPSC परीक्षा में सफलता के लिए एक सुनियोजित दैनिक दिनचर्या और प्रभावी रणनीति आवश्यक है।</p>
<ul>
<li><strong>पाठ्यक्रम को समझना: </strong>तैयारी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न को गहराई से समझना है।</li>
<li><strong>मानक पुस्तकें: </strong>सामान्य अध्ययन के विषयों के लिए NCERT पुस्तकें (कक्षा 6-12) आधारभूत ज्ञान प्रदान करती हैं। एम. लक्ष्मीकांत (भारतीय राजव्यवस्था) और महेश कुमार बर्णवाल (भारत का भूगोल) जैसी मानक संदर्भ पुस्तकें आवश्यक हैं।</li>
<li><strong>करेंट अफेयर्स:</strong> राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय, विशेषकर झारखंड से संबंधित करेंट अफेयर्स पर दैनिक ध्यान देना महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से समाचार पत्र (जैसे द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस) और मासिक पत्रिकाएँ पढ़नी चाहिए।</li>
<li><strong>पिछले वर्ष के प्रश्नपत्र (PYQs):</strong> पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों को हल करने से परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों के प्रकार, कठिनाई स्तर और समय प्रबंधन का स्पष्ट अंदाजा मिलता है।</li>
<li><strong>मॉक टेस्ट:</strong> नियमित रूप से मॉक टेस्ट देना समय प्रबंधन, सटीकता में सुधार, कमजोरियों की पहचान और परीक्षा के माहौल से परिचित होने के लिए महत्वपूर्ण है।</li>
<li><strong>उत्तर लेखन अभ्यास (Mains): </strong>मुख्य परीक्षा के लिए नियमित रूप से उत्तर लेखन का अभ्यास करें। स्पष्ट, संरचित और संक्षिप्त उत्तर लिखने पर ध्यान दें। करेंट अफेयर्स, प्रासंगिक उदाहरणों, डेटा और सरकारी नीतियों को उत्तरों में शामिल करने से उत्तरों की गुणवत्ता बढ़ती है।</li>
<li><strong>समय प्रबंधन और पुनरीक्षण: </strong>एक सुव्यवस्थित अध्ययन योजना बनाएं और अध्ययन घंटों को कुशलता से वितरित करें। नियमित पुनरीक्षण (revision) और मॉक टेस्ट के परिणामों का विश्लेषण करना आवश्यक है।</li>
</ul>
<h4><strong>निष्कर्ष:</strong></h4>
<p>JPSC परीक्षा एक चुनौतीपूर्ण लेकिन पार करने योग्य बाधा है। एक स्पष्ट रणनीति, अनुशासित दैनिक दिनचर्या, सही और लक्षित संसाधनों का उपयोग, और निरंतर अभ्यास आपको सफलता की ओर ले जाएगा। अपनी तैयारी में झारखंड-विशिष्ट ज्ञान पर विशेष ध्यान देना सुनिश्चित करें, क्योंकि यह परीक्षा में एक निर्णायक कारक है। आत्मविश्वास बनाए रखें और अपनी कड़ी मेहनत पर विश्वास रखें।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>]]>
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                                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 21:12:15 +0530</pubDate>
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                <title>15 साल बाद भी झारखंड लोक सेवा आयोग ने नहीं जारी किया रिजल्ट</title>
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                        <![CDATA[<p>भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को गीता का ज्ञान देते हुए कहते हैं.. इंसान को केवल कर्म का ही अधिकार है, उसके फल के बारे में चिंता करने का नहीं. ये ज्ञान झारखंड लोक सेवा आयोग पर एकदम सटीक बैठती है. जेपीएससी द्वारा डिप्टी कलेक्टर की नियुक्ति के लिए वर्ष 2005 के शुरुआत में ही परीक्षा ली गई थी. मगर 15 साल बीत जाने के बाद भी अब तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया है. जबकि 2020 दिसंबर को आयोग ने लिखित परीक्षा का संशोधित मॉडल उत्तर पत्र तो जारी कर दिया लेकिन फाइनल रिजल्ट अब तक नहीं आया है.</p>
<p><strong>सेवानिवृत्त</strong></p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/jpsc-results-are-still-awaited-after-15-years/article-9218"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2021-09/jpsc.jpg" alt=""></a><br /><p>भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को गीता का ज्ञान देते हुए कहते हैं.. इंसान को केवल कर्म का ही अधिकार है, उसके फल के बारे में चिंता करने का नहीं. ये ज्ञान झारखंड लोक सेवा आयोग पर एकदम सटीक बैठती है. जेपीएससी द्वारा डिप्टी कलेक्टर की नियुक्ति के लिए वर्ष 2005 के शुरुआत में ही परीक्षा ली गई थी. मगर 15 साल बीत जाने के बाद भी अब तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया है. जबकि 2020 दिसंबर को आयोग ने लिखित परीक्षा का संशोधित मॉडल उत्तर पत्र तो जारी कर दिया लेकिन फाइनल रिजल्ट अब तक नहीं आया है.</p>
<p><strong>सेवानिवृत्त होने से पहले आ जाए परीक्षा का रिजल्ट</strong></p>
<p>इस परीक्षा में झारखंड सरकार या दूसरे सरकारी  कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी अधिकारी और शिक्षक शामिल हुए थे. परीक्षा देने वाले कई कर्मचारियों की नौकरी अब कुछ ही वर्ष बची है. आपको बता दें कि झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा 2005 में प्रथम सीमित डिप्टी कलेक्टर की 50 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगा गया था. जिसके बाद 23 अप्रैल 2006 को रांची के 14 केंद्रों में परीक्षा ली गई. इस परीक्षा में लगभग 8000 से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे. परीक्षा में गड़बड़ी के कारण तत्कालीन राज्यपाल की निगरानी में जांच के आदेश दिए. मामला उच्च न्यायालय में भी गया न्यायालय ने निर्णय का अधिकार राज्यपाल के पास छोड़ दिया.</p>
<p><strong>राज्यपाल द्वारा परीक्षा रद्द कर दी गई</strong></p>
<p>राज्यपाल ने परीक्षा होने के 6 साल बाद 12 जून 2013 को परीक्षा मैं गड़बड़ी होने की शिकायत मिली थी. जिसके आधार पर झारखंड के राज्यपाल के आदेश पर परीक्षा रद्द कर दी गई थी.</p>
<p><strong>सरकार ने आयोग को फिर से परीक्षा देने के आदेश दिए</strong></p>
<p>सरकार के आदेश के बाद आयोग ने 29 अप्रैल 2017 को परीक्षा लेने का निर्णय लिया. लेकिन परीक्षा नहीं ली गई. जिसके बाद में आयोग द्वारा यह परीक्षा 3 जनवरी 2020 को आयोजित की गई. इस परीक्षा मॉडल उत्तर 10 जनवरी को जारी किया गया. परीक्षार्थियों द्वारा अनियमितता की शिकायत के बाद आयोग ने 24 दिसंबर 2020 को फिर से संशोधित मॉडल उत्तर पत्र जारी किया. आपको बता दें कि संशोधित मॉडल उत्तर पत्र जारी होने के बाद भी अब तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया है.</p>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Sep 2021 16:30:15 +0530</pubDate>
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