<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://samridhjharkhand.com/maoists/tag-14309" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Samridh Jharkhand RSS Feed Generator</generator>
                <title>maoists - Samridh Jharkhand</title>
                <link>https://samridhjharkhand.com/tag/14309/rss</link>
                <description>maoists RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>6 करोड़ का इनामी नक्सली सहित 60 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यमंत्री के सामने किया आत्मसमर्पण</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[गढ़चिरौली जिला पुलिस मुख्यालय में बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य और पोलित ब्यूरो के सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ सोनू उर्फ अभय सहित 60 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/60-naxalites-including-one-with-a-reward-of-rs-6/article-16691"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-10/resized-image---2025-10-15t154346.276.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई:</strong>  गढ़चिरौली जिला पुलिस मुख्यालय में बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य और पोलित ब्यूरो के सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ सोनू उर्फ अभय सहित 60 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है। भूपति पर विभिन्न राज्यों में लगभग 6 करोड़ रुपये का इनाम था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य की पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक (नक्सल) संदीप पाटिल, पुलिस महानिदेशक (विशेष कार्रवाई) शेरिंग दोरजे उपस्थित थे।</div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "गढ़चिरौली जिला, जिसने 40 से ज़्यादा वर्षों तक माओवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, विकास से काफी हद तक वंचित रहा है। उस समय इस आंदोलन में कई युवाओं ने हिस्सा लिया था। हालांकि, विकास कार्यों के जरिए नए नक्सलियों की भर्ती रोक दी गई।"</div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में, इसी साल 21 मई को छत्तीसगढ़ में हुई एक मुठभेड़ में देश के शीर्ष नक्सली नेता और माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ़ बसवा राजू समेत 27 नक्सली मारे गए थे। इसके बाद भूपति को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने की चर्चा थी। हालांकि, केंद्रीय समिति ने सितंबर में पोलित ब्यूरो सदस्य थिप्पारी तिरुपति उर्फ़ देवजी को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया। इस बीच, भूपति ने एक पर्चा जारी कर केंद्र सरकार से शांति वार्ता का आह्वान किया था और हथियार त्यागने की घोषणा की थी।</div>
<div> </div>
<div>भूपति ने अपनी तस्वीर के साथ निरस्त्रीकरण की घोषणा करते हुए एक पर्चा प्रकाशित किया था। तभी भूपति पुलिस के संपर्क में आया और यह अनुमान लगाया जाने लगा कि वह आत्मसमर्पण कर देगा। यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति के कारण नक्सल आंदोलन कमजोर पड़ रहा है। पिछले दो दशकों में गढ़चिरौली जिले में 700 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और भूपति जैसे केंद्रीय नेता के आत्मसमर्पण ने नक्सल आंदोलन को कमजोर किया है।</div>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/national/60-naxalites-including-one-with-a-reward-of-rs-6/article-16691</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/news/national/60-naxalites-including-one-with-a-reward-of-rs-6/article-16691</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 15:44:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2025-10/resized-image---2025-10-15t154346.276.jpeg"                         length="44849"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chaibasa News: आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ जवान बलिदान, दो घायल</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ 60वीं बटालियन के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर शहीद हो गए, जबकि दो अन्य जवान घायल हुए। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/chaibasa/chaibasa-news-crpf-jawan-sacrificed-two-injured-in-ied-blast/article-16597"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-10/resized-image---2025-10-11t130343.629.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>पश्चिमी सिंहभूम: </strong>सारंडा के घने जंगल में शुक्रवार को हुए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ की 60वीं बटालियन के हेड कांस्टेबल (जीडी) महेंद्र लश्कर का बलिदान हो गया। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान शुक्रवार रात उनका निधन हो गया। वह असम असम के निवासी थे। बटालियन में शोक की लहर फैल गई है।</p>
<p>इस विस्फोट में घायल इंस्पेक्टर (जीडी) कौशल कुमार मिश्रा और एएसआई (जीडी) रामकृष्ण गागराई राउरकेला के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल एएसआई रामकृष्ण गागराई झारखंड के खरसावां विधायक दशरथ गागराई के भाई हैं। सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जवान महेंद्र लश्कर का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया है और माओवादियों की तलाश जारी है।</p>
<p>यह विस्फोट शुक्रवार शाम करीब चार बजे हुआ था। सुरक्षा बल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान माओवादियों द्वारा पहले से लगाए गए आईईडी में विस्फोट हो गया। विस्फोट के बाद क्षेत्र में मुठभेड़ भी हुई। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों में सारंडा क्षेत्र में आईईडी विस्फोट की घटनाएं बढ़ी हैं। आठ अगस्त को सीआरपीएफ की 209वीं कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हुए थे, जबकि 22 मार्च को एक सब-इंस्पेक्टर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। अप्रैल में भी झारखंड जगुआर का एक जवान आईईडी धमाके में शहीद हुआ था।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>चाईबासा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/chaibasa/chaibasa-news-crpf-jawan-sacrificed-two-injured-in-ied-blast/article-16597</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/chaibasa/chaibasa-news-crpf-jawan-sacrificed-two-injured-in-ied-blast/article-16597</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 13:05:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2025-10/resized-image---2025-10-11t130343.629.jpeg"                         length="44386"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विस चुनाव में राष्ट्र विरोधी शक्तियां रहीं सक्रिय, उच्च स्तरीय हो जांच: प्रतुल शाहदेव</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[माओवादियों के पूर्वी रीजनल ब्यूरो के मुख्य प्रवक्ता आजाद ने बयान जारी कर भाजपा की हार पर हर्ष व्यक्त किया है. प्रतुल ने कहा कि का यह बेहद ही संदिग्ध मामला है क्योंकि इन्हीं उग्रवादियों ने चुनाव से पहले पूरे प्रदेश में पर्चे बाँट करचुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया था.]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/anti-national-forces-were-active-in-assembly-elections-high-level-investigation/article-13014"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-11/whatsapp-image-2024-11-06-at-15.43.08_3fbc6d84.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में राष्ट्र विरोधी शक्तियां सक्रिय रही. प्रतुल ने कहा कि जिस तरीके से भाकपा माओवादियों ने बयान जारी करके भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन की हार पर झारखंड की जनता को बधाई दी है,यह बहुत ही संदिग्ध है. प्रतुल ने कहा कि मीडिया के अनुसार माओवादियों के पूर्वी रीजनल ब्यूरो के मुख्य प्रवक्ता आजाद ने बयान जारी कर भाजपा की हार पर हर्ष व्यक्त किया है.</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतुल ने कहा कि का यह बेहद ही संदिग्ध मामला है क्योंकि इन्हीं उग्रवादियों ने चुनाव से पहले पूरे प्रदेश में पर्चे बाँट करचुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया था. जो संगठन चुनाव में विश्वास नहीं रखता, वह किसी दल विशेष की पराजय से इतना खुश कैसे हैं? प्रतुल ने कहा क्या चुनाव के समय ऐसे संगठनों ने पर्दे के पीछे से कोई बड़ा षड्यंत्र किया है?प्रतुल ने कहा कि आज तक ऐसा पूर्व में कभी नहीं हुआ है जब माओवादी जैसे देश की एकता और अखंडता पर प्रहार करने वाले प्रतिबंधित संगठन ने किसी के चुनाव हारने पर ऐसी प्रतिक्रिया दी हो.इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है. </p>
<p style="text-align:justify;">प्रतुल ने कहा कि इसी तरीके से अवैध गतिविधियों में लिप्त कई एनजीओ की भूमिका भी संदिग्ध रही. राष्ट्र विरोधी कार्यों में लगे फॉरेन फंडिंग से फल फूल रहे इन एनजीओ ने जमकर भाजपा या गठबंधन के प्रत्याशियों को हराने के लिए कार्य किया. ऐसे एनजीओ का उद्देश्य आम आदमी की सेवा करना ना होकर राजनीति में सीधा हस्तक्षेप होता है जो की दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रतुल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इससे पूर्व भी कई बार धर्मांतरण सहित कई गलत चीजों को बढ़ावा देने वाली एनजीओ की जांच की मांग कर चुकी है. प्रतुल ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से ऐसे एनजीओ की चुनाव के दौरान गतिविधियों की जांच कर इन पर लगाम लगाने की मांग की.</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/anti-national-forces-were-active-in-assembly-elections-high-level-investigation/article-13014</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/anti-national-forces-were-active-in-assembly-elections-high-level-investigation/article-13014</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 20:23:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2024-11/whatsapp-image-2024-11-06-at-15.43.08_3fbc6d84.jpg"                         length="26882"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Subodh Kumar]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झारखंड पुलिस ने किया अलर्ट जारी, जानिए नक्सली क्यों मनाते हैं स्थापना दिवस</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>समृद्ध डेस्क:</strong> नक्सलियों के स्थापना दिवस सप्ताह के शुरू होते ही झारखंड पुलिस अलर्ट मोड पर है. नक्सलियों के स्थापना दिवस सप्ताह 21 से 28 सितंबर तक मनाया जाता है. आपको बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने प्रभावित जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है. इसके साथ ही रेलवे को भी सतर्क रहने को कहा गया है. पुलिस मुख्यालय की माने तो इस दौरान नक्सली हिंसक घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं, ताकि वो अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सके. पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजे गए अलर्ट में आशंका जताई गई है कि हो सकता है कि इस दौरान नक्सली रेलवे के</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/crime/jharkhand-police-on-alert-mode-due-to-naxal-founder-day/article-9169"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2021-09/naxal2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>समृद्ध डेस्क:</strong> नक्सलियों के स्थापना दिवस सप्ताह के शुरू होते ही झारखंड पुलिस अलर्ट मोड पर है. नक्सलियों के स्थापना दिवस सप्ताह 21 से 28 सितंबर तक मनाया जाता है. आपको बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने प्रभावित जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है. इसके साथ ही रेलवे को भी सतर्क रहने को कहा गया है. पुलिस मुख्यालय की माने तो इस दौरान नक्सली हिंसक घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं, ताकि वो अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सके. पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजे गए अलर्ट में आशंका जताई गई है कि हो सकता है कि इस दौरान नक्सली रेलवे के साथ-साथ अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाएं. झारखंड के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को नक्सल प्रभावित इलाकों में विशेष एहतियात बरतने का निर्देश जारी किया गया है. सभी नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्चिंग तेज कर दी गई है.</p>
<p><strong>21 सितंबर को क्यों मनाया जाता है स्थापना दिवस</strong></p>
<p>नक्सली संगठन सीपीआईएमएल पीपल्स मॉल ग्रुप और एमसीसीआई का विलय 21 सितंबर 2004 को हुआ था. तीनों माओवादी संगठनों ने मिलकर भाकपा माओवादी नाम के एक नए संगठन की स्थापना की थी. इसके बाद से ही माओवादी अपने संगठन का स्थापना दिवस मनाते आ रहे हैं. आपको बता दें कि इस 1 सप्ताह में नक्सल संगठन की यही कोशिश रहती है कि वो अपना संगठन ज्यादा से ज्यादा मजबूत कर सके. इस दौरान अपने प्रभाव वाले इलाकों में पर्ची और बैनर टांग कर स्थापना दिवस मनाने का प्रचार -प्रसार करते हैं. इसके साथ ही अपना प्रभाव मजबूत करने और उपस्थिति दर्ज करने के लिए हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश में रहते हैं.</p>
<p><strong>माओवादी और नक्सलवाद में क्या अंतर है और इनका संगठन कैसे काम करता है</strong></p>
<p>माओवादी चाहते हैं कि उनका नियंत्रण सरकार पर हो और राज्य में उनकी सरकार चले वह चाहते हैं कि पूरे देश में उसकी विचारधारा का वर्चस्व हो. वही नक्सलवादी चाहते हैं कि उनका वर्चस्व उनका हो, नियंत्रण भी उनका हो लेकिन जब बात उत्थान की आए तो समाज में सबको बराबरी का अधिकार भी देना चाहिए. लेकिन 2004 में हुए विलय के बाद दोनों एक हो गए. वर्तमान में नक्सली सीपीआई-माओवादी से से प्रभावित होकर काम कर रहे हैं.</p>
<p><strong>नक्सल द्वारा अंजाम दी गई कुछ घटनाएं</strong></p>
<p>भारत में मुख्य तौर पर 4 राज्य हैं जहां नक्सलवाद का प्रभाव सबसे ज्यादा है. झारखंड में 19 जिले नक्सल प्रभावित हैं. वहीं छत्तीसगढ़ की बात करें तो वहां 14 जिले नक्सल प्रभावित हैं. जबकि बिहार में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या तकरीबन 16 और उड़ीसा में 15 हैं. बीते कुछ वर्षों में देश के इन राज्यों में घटित घटनाओं ने लोगों को हिला कर रख दिया. छत्तीसगढ़ के बीजापुर नक्सली हमले में 22 जवानों ने अपनी शहादत दी थी. वहीं 4 मार्च को झारखंड जगुआर के 3 जवान नक्सली हमले में शहीद हुए थे. पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सलियों ने आईडी लगाकर जवानों को उड़ा दिया था. इससे पहले मार्च 2020 में भी छत्तीसगढ़ के सुकमा में ही इन काउंटर के दौरान डीआरजी और एसटीएफ के 17 जवानों ने अपनी जान गवाई थी. नक्सलियों द्वारा अंजाम दी गई ऐसी घटनाओं ने देश को हर बार हिला कर रख दिया. नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है लेकिन अबतक सरकार कुछ पुख्ता करने में नाकामयाब रही है.</p>
]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बड़ी खबर</category>
                                            <category>अपराध</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

                <link>https://samridhjharkhand.com/news/crime/jharkhand-police-on-alert-mode-due-to-naxal-founder-day/article-9169</link>
                <guid>https://samridhjharkhand.com/news/crime/jharkhand-police-on-alert-mode-due-to-naxal-founder-day/article-9169</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Sep 2021 17:34:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://samridhjharkhand.com/media/2021-09/naxal2.jpg"                         length="53465"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        