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                <title>International News - Samridh Jharkhand</title>
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                <title>5G Launch in Pakistan: 2026 तक शुरू होंगी सेवाएं, नई कंपनियों को एंट्री आसान</title>
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                        <![CDATA[<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>नेशनल डेस्क: </strong>पाकिस्तान में 5G लॉन्च को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और सरकार ने 2026 की शुरुआत तक 5G सेवाएं शुरू करने का टारगेट तय किया है। इसी तैयारी के हिस्से के रूप में पाकिस्तान ने MVNO यानी मोबाइल वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर के लिए नए नियमों को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेज दिया है, जिससे बिना खुद का नेटवर्क लगाए भी नई कंपनियां मोबाइल सेवाएं दे सकेंगी।<span>​</span></p>
<h5 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0 md:text-lg [hr+&amp;]:mt-4"><strong>पाकिस्तान में 5G प्लान</strong></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">पाकिस्तान में अभी तक 5G कमर्शियल रूप से शुरू नहीं हुआ है, हालांकि सरकार 2026 की शुरुआत में इसे लॉन्च</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/5g-launch-in-pakistan-services-will-start-by-2026-entry/article-17446"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-12/gemini_generated_image_v2vup7v2vup7v2vu.jpg" alt=""></a><br /><p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>नेशनल डेस्क: </strong>पाकिस्तान में 5G लॉन्च को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और सरकार ने 2026 की शुरुआत तक 5G सेवाएं शुरू करने का टारगेट तय किया है। इसी तैयारी के हिस्से के रूप में पाकिस्तान ने MVNO यानी मोबाइल वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर के लिए नए नियमों को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेज दिया है, जिससे बिना खुद का नेटवर्क लगाए भी नई कंपनियां मोबाइल सेवाएं दे सकेंगी।<span>​</span></p>
<h5 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0 md:text-lg [hr+&amp;]:mt-4"><strong>पाकिस्तान में 5G प्लान</strong></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">पाकिस्तान में अभी तक 5G कमर्शियल रूप से शुरू नहीं हुआ है, हालांकि सरकार 2026 की शुरुआत में इसे लॉन्च करने की योजना पर काम कर रही है। 2025 में कई बार यह दावा किया गया था कि 5G जल्द आएगा, लेकिन स्पेक्ट्रम ऑक्शन और रेगुलेटरी प्रक्रिया में देरी की वजह से लॉन्च आगे बढ़कर 2026 पर पहुंच गया है और फिलहाल सिर्फ टेस्टिंग व ट्रायल्स चल रहे हैं।<span>​</span></p>
<h5 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0 md:text-lg [hr+&amp;]:mt-4"><strong>MVNO पॉलिसी में बड़ा बदलाव</strong></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने MVNO लाइसेंसिंग के लिए जो नया फ्रेमवर्क तैयार किया है, उसे अब अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेजा गया है। MVNO वे कंपनियां होती हैं जो अपना खुद का फिजिकल नेटवर्क यानी टावर या स्पेक्ट्रम नहीं लगातीं, बल्कि यूफोन, जैज जैसी मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों से नेटवर्क क्षमता किराये पर लेकर अपनी ब्रैंड नेम से मोबाइल सेवाएं देती हैं।<span>​</span></p>
<h5 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0 md:text-lg [hr+&amp;]:mt-4"><strong>लाइसेंस फीस में भारी कटौती</strong></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">नई पॉलिसी के तहत MVNO लाइसेंस की फीस को बेहद कम कर दिया गया है, जो पहले 50 लाख अमेरिकी डॉलर थी, उसे घटाकर लगभग 1 लाख 40 हजार डॉलर कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इतनी बड़ी कटौती से छोटी और नई कंपनियां भी दूरसंचार क्षेत्र में उतर सकेंगी, जिससे निवेश बढ़ेगा और यूज़र्स को ज्यादा विकल्प व बेहतर सर्विस मिल सकेगी।<span>​</span></p>
<h5 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0 md:text-lg [hr+&amp;]:mt-4"><strong>लाइसेंस अवधि और रेगुलेशन</strong></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">सरकार ने MVNO लाइसेंस की अवधि 15 साल तय की है, ताकि निवेशकों को लंबी अवधि की स्थिरता और सुरक्षा मिल सके। हालांकि, इन कंपनियों और मौजूदा ऑपरेटरों के बीच होने वाले सभी कमर्शियल एग्रीमेंट्स को पाकिस्तान टेलीकॉम अथॉरिटी की मंजूरी लेनी होगी, जबकि MVNO अपना अलग ब्रैंड, मार्केटिंग और कस्टमर सर्विस ऑपरेट कर सकेंगी लेकिन नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूदा कंपनियों का ही रहेगा।<span>​</span></p>
<h5 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0 md:text-lg [hr+&amp;]:mt-4"><strong>5G लॉन्च में देरी के कारण</strong></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">5G सेवाओं को लेकर 2025 में कई राजनीतिक घोषणाएं हुईं, जैसे सितंबर में सात शहरों में जल्द 5G शुरू करने की बात और नवंबर में “जल्द लॉन्च” के वादे, लेकिन स्पेक्ट्रम नीलामी की प्रक्रिया समय पर पूरी न हो पाने से यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका। अब सरकारी प्लान यह है कि स्पेक्ट्रम ऑक्शन और MVNO पॉलिसी फाइनल होने के बाद 2026 की शुरुआत में 5G नेटवर्क को कमर्शियल रूप से शुरू किया जाए, ताकि तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर पर नई व पुरानी दोनों कंपनियां सर्विस दे सकें।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>तकनीक</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 15:22:01 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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                <title>Opinion: शहर, जलवायु परिवर्तन और डॉ. अंजल प्रकाश का नज़रिया </title>
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                        <![CDATA[डॉ. अंजल प्रकाश की बातों में न सिर्फ तथ्यों की गहराई है, बल्कि एक उम्मीद भी है। उनका मानना है कि अगर हम समय रहते सही कदम उठाएं, तो हमारे शहर जलवायु परिवर्तन की इस लड़ाई में विजयी हो सकते हैं। उनके शब्दों में, “शहर सपनों का केंद्र हैं, और अगर हम इन्हें जलवायु संकट से बचा सके, तो यही सपने हमारी अगली पीढ़ियों को एक बेहतर भविष्य देंगे।”]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/article/environment/opinion-city-climate-change-and-dr-panjal-prakashs-view%C2%A0/article-14032"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-01/gfdgd3.jpg" alt=""></a><br /><p>“आपने कभी सोचा है, शहर सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारतों और भीड़-भाड़ वाले बाजारों का नाम नहीं हैं। ये ज़िंदगियों के सपनों का कैनवास हैं। लेकिन ये सपने, जिनमें हम और आप जीते हैं, आज जलवायु परिवर्तन के साये में हैं। और एशिया के शहर तो इस बदलाव के केंद्र में खड़े हैं।”</p>
<p>ये कहना है डॉ. अंजल प्रकाश का जो न सिर्फ भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी के निदेशक और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) में एसोसिएट प्रोफेसर हैं, बल्कि जिन्हें ,प्रोफेसर अंजल प्रकाश का जिन्हें अभी हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने जलवायु परिवर्तन और शहरों पर अपनी आगामी विशेष रिपोर्ट के लिए मुख्य लेखक के रूप में नियुक्त किया है। प्रो. अंजल 150 जलवायु विशेषज्ञों के इस प्रतिष्ठित वैश्विक समूह को हिस्सा हैं।</p>
<p>अंजल प्रकाश की बातों में एक सहज गंभीरता होती है। वो ऐसा बोलते हैं कि लगता है जैसे कोई करीबी दोस्त हमें हमारी दुनिया के बदलते मौसम के किस्से सुना रहा हो। एक बातचीत में उन्होंने कहा, “देखिए, नेपाल का काठमांडू हो या भारत का मुंबई, बांग्लादेश का ढाका हो या चीन का शंघाई—हर शहर इस लड़ाई का हिस्सा है। फर्क बस इतना है कि सबकी चुनौतियां अलग-अलग हैं, लेकिन उनका दर्द एक जैसा है।”</p>
<h4><strong>नेपाल: हिमालय से पिघलती उम्मीदें</strong></h4>
<p>“काठमांडू को देखिए,” अंजल ने कहा, “यहां मौसम का मिज़ाज लगातार बिगड़ रहा है। ऊपर से हिमालय के ग्लेशियर पिघल रहे हैं। आपको पता है, ये सिर्फ बाढ़ और सूखे की समस्या नहीं है, यह उन किसानों के लिए जीवन-मरण का सवाल है जो इन नदियों के पानी पर पूरी तरह निर्भर हैं। और शहर के लोग? उनके लिए ये पिघलते ग्लेशियर सिर्फ खबरें नहीं, उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। पानी की किल्लत, अनियमित मौसम, और बाढ़ जैसे संकट उनके दरवाजे पर खड़े हैं। लेकिन उम्मीद की बात ये है कि नेपाल के लोग अब स्थायी जल प्रबंधन और हरित शहरीकरण जैसे उपायों पर ध्यान दे रहे हैं। बदलाव भले धीमा हो, लेकिन हो रहा है।”</p>
<h4><strong>भारत: महानगरों की लड़ाई</strong></h4>
<p>डॉ. अंजल ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “अब भारत के महानगरों की बात करें तो यह जलवायु परिवर्तन का एकदम सामने से सामना कर रहे हैं। मुंबई, दिल्ली, कोलकाता जैसे शहर—यहां की समस्याएं सिर्फ खबरों में सुर्खियां नहीं, यहां की असलियत हैं। अत्यधिक गर्मी, ऊष्णकटिबंधीय तूफान और बढ़ते जलस्तर ने न सिर्फ शहर के ढांचे को बल्कि वहां के लोगों की सेहत और आजीविका को भी झकझोर दिया है। पर अच्छी बात ये है कि भारत में ग्रीन बिल्डिंग्स बन रही हैं, अक्षय ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है, और सार्वजनिक परिवहन को सुधारने की कोशिश हो रही है। ये छोटे-छोटे कदम आने वाले बड़े बदलावों की नींव रख रहे हैं।”</p>
<h4><strong>पाकिस्तान: कराची और जल संकट</strong></h4>
<p>“अब ज़रा पाकिस्तान के कराची को देखिए,” उन्होंने गंभीर होते हुए कहा। “यहां का तापमान बढ़ रहा है, मानसून अनियमित हो गया है, और पानी की कमी ने लोगों की ज़िंदगी को बेहद मुश्किल बना दिया है। कराची के बुनियादी ढांचे को बार-बार आने वाली बाढ़ ने कमजोर कर दिया है। लेकिन वहां भी लोग हरित वास्तुकला और बेहतर जल प्रबंधन की तरफ ध्यान दे रहे हैं। यह देखकर खुशी होती है कि लोग हार मानने के बजाय समाधान खोजने में जुटे हैं।”</p>
<h4><strong>बांग्लादेश: ढाका का संघर्ष</strong></h4>
<p>डॉ. अंजल ने गहरी सांस लेते हुए कहा, “और ढाका? यहां की कहानियां सबसे ज्यादा दर्दनाक हैं। समुद्र का बढ़ता जलस्तर और बार-बार आने वाली बाढ़ ने यहां की ज़िंदगी को जैसे हिलाकर रख दिया है। लोग अपने घर खो रहे हैं, भोजन की कमी हो रही है, और स्वास्थ्य संकट बढ़ रहा है। लेकिन बांग्लादेश में सरकार और एनजीओ मिलकर बाढ़-प्रतिरोधी घर बना रहे हैं और सतत शहरी विकास की योजना पर काम कर रहे हैं। ये छोटे-छोटे प्रयास यहां के लोगों को जीने की एक नई उम्मीद दे रहे हैं।”</p>
<h4><strong>चीन: बीजिंग और शंघाई की कहानी</strong></h4>
<p>“चीन की कहानी थोड़ी अलग है,” उन्होंने समझाया। “यहां समस्या वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की है। बीजिंग और शंघाई जैसे शहर तेजी से औद्योगिक विकास के चलते पर्यावरणीय संकट झेल रहे हैं। लेकिन चीन सरकार ने बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन घटाने और नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उनके शहरों में हरियाली बढ़ रही है और यह बाकी देशों के लिए एक प्रेरणा है।”</p>
<h4><strong>समावेशी प्रयासों की ज़रूरत</strong></h4>
<p>बात खत्म करते हुए डॉ. अंजल बोले, “देखिए, जलवायु परिवर्तन का सामना कोई अकेला देश या शहर नहीं कर सकता। यह सबकी साझी समस्या है, और समाधान भी साझे होंगे। हमें तकनीकी नवाचारों को अपनाना होगा, लोगों को जागरूक करना होगा और एक-दूसरे का सहयोग करना होगा। बेहतर शहरी नियोजन और समुदाय का सशक्तिकरण ही इस संकट का स्थायी समाधान है।”</p>
<p>डॉ. अंजल प्रकाश की बातों में न सिर्फ तथ्यों की गहराई है, बल्कि एक उम्मीद भी है। उनका मानना है कि अगर हम समय रहते सही कदम उठाएं, तो हमारे शहर जलवायु परिवर्तन की इस लड़ाई में विजयी हो सकते हैं। उनके शब्दों में, “शहर सपनों का केंद्र हैं, और अगर हम इन्हें जलवायु संकट से बचा सके, तो यही सपने हमारी अगली पीढ़ियों को एक बेहतर भविष्य देंगे।”</p>]]>
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                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                            <category>पर्यावरण</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 18:31:07 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[  Climate कहानी   ]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>इजरायल एआई को बढ़ावा देने के लिए 13.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर आवंटित करेगा</title>
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                        <![CDATA[ पिछले करीब एक साल से हमास के खिलाफ युद्धरत इजरायल का एआई पर फोकस करने का एक उद्देश्य युद्ध में इसका इस्तेमाल करना भी हो सकता है। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/israel-will-allocate-us-133-million-to-promote-ai/article-11344"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2024-09/the-15-most-popular-ai-tools-in-2023.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>यरूशलम: </strong>इजरायल एआई को बढ़ावा देने के लिए 13.3 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा। इसका इस्तेमाल एआई के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर किया जाएगा।</p>
<p>इजरायल इनोवेशन अथॉरिटी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि, यह धनराशि, जो राष्ट्रीय एआई कार्यक्रम का हिस्सा है, पब्लिक सेक्टर में एआई एकीकरण को बढ़ाने में निवेश किया जाएगा। सरकारी मंत्रालयों और स्थानीय अधिकारियों के सपोर्ट के लिए ज्ञान केंद्र का निर्माण किया जाएगा।</p>
<p>समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, इजरायल इनोवेशन अथॉरिटी राष्ट्रीय एआई अनुसंधान संस्थान की स्थापना और रक्षा से जुड़ी परियोजनाओं का समर्थन करेगी। अथॉरिटी के अनुसार, आवंटन का मुख्य उद्देश्य मानव पूंजी को मजबूत करना है। साथ ही एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करके अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को इजरायल की ओर आकर्षित करना है।<br />एआई को गति देने के लिए महत्वपूर्ण संसाधन समर्पित किए जाएंगे, जिसमें उच्च तकनीक वाली परियोजनाएं भी शामिल हैं।</p>
<p>अथॉरिटी, एआई अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए एडवांस्ड डिग्री छात्रवृत्ति प्रदान करके अकादमिक संकाय को बढ़ाने की योजना बना रही है। साथ ही क्षेत्र में विनियमन, नैतिकता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर भी ध्यान दे रहा है।<br />पिछले करीब एक साल से हमास के खिलाफ युद्धरत इजरायल का एआई पर फोकस करने का एक उद्देश्य युद्ध में इसका इस्तेमाल करना भी हो सकता है। उल्लेखनीय है कि गाजा में हमास के शीर्ष नेताओं को खोजने और निशाना बनाने में माना जा रहा है कि इजरायल ने एआई का भी भरपूर इस्तेमाल किया है।</p>]]>
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                                                            <category>तकनीक</category>
                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 15:55:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Sujit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान : कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिन्दू मंदिर में की तोड़फोड़, मुख्य द्वार पर लगायी आग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>इस्लामाबाद :</strong> पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब प्रांत में बुधवार को हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की गयी। इस दौरान मंदिर में स्थित मूर्तियों की तोड़फोड़ के बाद मुख्य द्वार पर आग लगा दी गयी।</p>
<p>पुलिस अधिकारी आसिफ रजा ने बताया कि मंदिर पर हमला करने के बाद भीड़ ने मंदिर की पास की सड़क को भी ब्लॉक कर दिया। यह मंदिर रहीम यार खान जिले के भोंग शहर में स्थित है।</p>
<p>दरअसल इस हफ्ते की शुरुआत में एक हिन्दू नाबालिग लड़के ने मदरसे को अपवित्र कर दिया था और कोर्ट ने इस मामले में लड़के को जमानत दे दी थी। हिन्दू</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/international/pakistan-hindu-temple-vandalized-by-a-mob-of-fundamentalists-set-fire-to-the-main-gate/article-8672"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2021-08/cropped-samridh-512.png" alt=""></a><br /><p><strong>इस्लामाबाद :</strong> पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब प्रांत में बुधवार को हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की गयी। इस दौरान मंदिर में स्थित मूर्तियों की तोड़फोड़ के बाद मुख्य द्वार पर आग लगा दी गयी।</p>
<p>पुलिस अधिकारी आसिफ रजा ने बताया कि मंदिर पर हमला करने के बाद भीड़ ने मंदिर की पास की सड़क को भी ब्लॉक कर दिया। यह मंदिर रहीम यार खान जिले के भोंग शहर में स्थित है।</p>
<p>दरअसल इस हफ्ते की शुरुआत में एक हिन्दू नाबालिग लड़के ने मदरसे को अपवित्र कर दिया था और कोर्ट ने इस मामले में लड़के को जमानत दे दी थी। हिन्दू मंदिर पर हमला करने वाली भीड़ का आरोप है कि इस हिन्दू लड़के ने ईशनिंदा की है और उसे मौत की सजा दी जानी चाहिए।</p>
<p>हिन्दू समुदाय के नेता रमेश कुमार ने ट्विटर पर वीडियो साझा करते हुए बताया कि अब स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है।</p>
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                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Aug 2021 14:20:31 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Jharkhand]]>
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