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                <title>Environmental Protection - Samridh Jharkhand</title>
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                <description>Environmental Protection RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Pakur News: जल संरक्षण पर जोर: विश्व जल दिवस पर जागरूकता का संदेश </title>
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                        <![CDATA[विश्व जल दिवस 2026 के अवसर पर पाकुड़ के रविन्द्र भवन में जिला स्तरीय जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जल की एक-एक बूंद को बचाने और वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting) को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली जल सहिया दीदियों को सम्मानित किया गया और स्कूली बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। अंत में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को पर्यावरण रक्षा और जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/pakud/pakur-news-emphasis-on-water-conservation-message-of-awareness-on/article-19203"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-03/4eb75591-aa81-4c09-bad9-178fd0cd396e_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकुड़: विश्व जल दिवस के अवसर पर जिले में जल संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्थानीय रविन्द्र भवन में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि “जल ही जीवन है, और इसकी एक-एक बूंद हमारे भविष्य के लिए अमूल्य है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में पानी के अनावश्यक उपयोग को रोकें और जल स्रोतों को संरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास करें।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यदि हर घर और संस्थान वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनाए, तो भूजल स्तर को काफी हद तक सुधारा जा सकता है। साथ ही पुराने तालाबों, कुओं और जलाशयों के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में भी कार्य करने की आवश्यकता बताई गई। कार्यक्रम में जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जल सहिया दीदियों को सम्मानित किया गया। उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि ग्रामीण स्तर पर जल जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनके कार्यों से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा कार्यक्रम में बच्चों द्वारा पोस्टर, निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से जल संरक्षण का संदेश रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें “जल बचाओ, जीवन बचाओ” जैसे नारों के साथ लोगों को प्रेरित किया गया। अंत में सभी ने यह संकल्प लिया कि वे जल की बर्बादी को रोकेंगे, पर्यावरण की रक्षा करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में अपना योगदान देंगे।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पाकुड़</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 21:21:39 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anjali Sinha]]>
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                <title>&quot;सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा&quot; पर कार्यशाला का आयोजन</title>
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                        <![CDATA[राजमहल मॉडल कॉलेज में सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा कार्यशाला संपन्न हुई। विद्यार्थियों ने यातायात नियमों पर प्रशिक्षण लिया और वृक्षारोपण कर हरित वातावरण का संकल्प लिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/sahibganj/workshop-orga--nized-on-road-safety-and-life-safety/article-17845"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2026-02/163d9e18-ec99-49c8-9d3d-a1751790e86f_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>साहिबगंज :</strong> मॉडल कॉलेज राजमहल में 'सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा' विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति सजग बनाना और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी देना था। यह कार्यशाला राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, भारत सरकार; इंडियन इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड एवं मॉडल कॉलेज राजमहल साहिबगंज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ महान स्वतंत्रता सेनानी सिद्धो–कान्हु मुर्मू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। प्राचार्य ने अतिथियों का पारंपरिक तरीके से अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की शुरुआत में NHAI मैनेजर अनुराग गुप्ता ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का संकल्प है। हमें स्वयं सुरक्षित रहना है और दूसरों को भी सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित करना है। रोड सेफ्टी ऑडिटर मिलिंद जांबले ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से यातायात नियमों, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग, गति सीमा, सड़क संकेतों तथा दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों का विस्तार और अत्यंत रोचक ढंग से वर्णन किया। उनकी प्रस्तुति को विद्यार्थियों ने बड़े ध्यान से सुना और सराहा।</p>
<p style="text-align:justify;"> कार्यशाला के अंतर्गत आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सड़क सुरक्षा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जिनका विद्यार्थियों, विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।<br />अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने NHAI और इंडियन इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित होती रहनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों युवाओं व आम नागरिकों में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़े तथा वे समाज में भी इसके प्रचारक बन सकें। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रमजान अली ने किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर इंडियन इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, एनएचआईए के साइट अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव, मॉडल कॉलेज के डॉ. अमित कुमार, डॉ. हसनैन, डॉ. जेबा, प्रो. सविता, प्रो. ग्लोरिया, महाविद्यालय के कर्मचारी तथा सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और समाज में सुरक्षित यातायात एवं हरित वातावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>साहिबगंज</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 22:50:31 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Anshika Ambasta]]>
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                <title>Hazaribagh News : सीतागढ़ पहाड़ में असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती तय, ग्राम सभा में सर्वसम्मति से बड़ा फैसला</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[हजारीबाग के सीतागढ़ पहाड़ क्षेत्र में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ ग्राम सभा में सर्वसम्मति से कड़ा प्रस्ताव पारित किया गया। संरक्षण समिति ने महिला सुरक्षा, शांति और प्राकृतिक संरक्षण को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/hazaribagh/hazaribagh-news-strictness-decided-on-anti-social-activities-in-sitagarh-mountain/article-17558"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-12/ss.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हजारीबाग:</strong> झूम-झूम सीतागढ़ पहाड़ संरक्षण समिति द्वारा रविवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं निर्णायक बैठक का आयोजन किया गया।  बैठक की अध्यक्षता सदर उप-प्रमुख रविकांत सिंह उर्फ गोविंद सिंह ने की। इस बैठक में गुरहेत पंचायत, पौंता पंचायत, बैहरी पंचायत एवं सखिया पंचायत के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में आम ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में क्षेत्र की गंभीर सामाजिक स्थिति पर गहन चर्चा की गई। ग्राम सभा के माध्यम से सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि सीतागढ़ पहाड़ क्षेत्र में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<p>वक्ताओं ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम नशा-पान, गाली-गलौज, मारपीट, झगड़ा-झंझट तथा लड़कियों से छेड़छाड़ जैसी घिनौनी हरकतों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। संरक्षण समिति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ सामाजिक मर्यादा, कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर सीधा हमला हैं। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि ऐसी सभी असामाजिक गतिविधियों पर तत्काल एवं पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि पूर्व में इस स्थल पर कई गंभीर घटनाएँ घट चुकी हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा न तो जिम्मेदारी ली गई और न ही ठोस कार्रवाई की गई। संरक्षण समिति ने पौंता पंचायत, सखिया पंचायत, बैहरी पंचायत , सखिया पंचायत एवं अन्य संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर तुरंत अमल करने की मांग की।</p>
<p>साथ ही प्रशासन से यह भी अपेक्षा की गई कि इस स्थल को सुंदर, स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार कर सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएँ तथा नियमित निगरानी एवं पुलिस गश्त की व्यवस्था की जाए। बैठक के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में क्षेत्र की शांति, सुरक्षा, महिला सम्मान एवं प्राकृतिक संरक्षण के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया और प्रशासन से त्वरित, ठोस एवं परिणामकारी कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>बैठक में मुख्य रूप से बैहरी पंचायत के मुखिया पवन यादव, सखिया पंचायत के मुखिया इम्तियाज आलम, गुरहेत पंचायत के मुखिया महेश तिग्गा, पौंता पंचायत के मुखिया लालधारी राम, प्रीतम कुमार दास, गोपाल यादव, हसनैन अंसारी, उदय कुमार, विल्सन होरो, मुकेश कुमार, सुरेश राम, राजेश टोप्पो, कृष्णा कुमार, श्याम कुमार, मनोज होरो, अभिमन्यु पासवान, कुलदीप साव, कुलदीप मिंज, नरेश राम, थॉमस होरो, एंथोनी होरो सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हजारीबाग</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 11:20:14 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Susmita Rani]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमएमके हाई स्कूल, बरियातू में विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन, 250 से अधिक मॉडल प्रदर्शित</title>
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                        <![CDATA[एमएमके हाई स्कूल, बरियातू, रांची में आयोजित विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने 250 से अधिक रचनात्मक और वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/grand-organization-of-science-and-art-exhibition-in-mmk-high/article-17510"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-12/whatsapp-image-2025-12-17-at-17.47.31_6eca24d3_samridh_1200x720.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong>  एमएमके हाई स्कूल, बरियातू, रांची में आज  विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रेस क्लब के अध्यक्ष  शम्भू नाथ चौधरी द्वारा किया गया। वहीं, पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के पूर्व मंत्री सह विधायक रामेश्वर उरांव रहे, जिन्होंने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में पसवा अध्यक्ष आलोक दुबे, बरियातू थाना के जयदीप बोस गुलरेज नज़र ख़ान, सरफ़राज़ क़ुरैशी, उस्मान अली, आर. एस. प्रसाद सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>
<p style="text-align:justify;">विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने वायु प्रदूषण नियंत्रण, एयरो फार्मिंग, नदी की सफ़ाई, बादल बनने की प्रक्रिया, ट्रैफ़िक सिस्टम, डिजास्टर अलार्म, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे समसामयिक और उपयोगी विषयों पर आधारित 250 से अधिक मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से छात्रों ने वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जागरूकता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सफल आयोजन में विद्यालय की साइंस को-ऑर्डिनेटर  नरगिस बानो का विशेष एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत विद्यालय की प्राचार्य कहकशां परवीन ने किया। वहीं, कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के निदेशक डॉ. तनवीर अहमद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 17:48:40 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Susmita Rani]]>
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            <item>
                <title>climate कहानी : अब भी बचाया जा सकता है 1.5°c का लक्ष्य, नई रिपोर्ट ने दिखाई उम्मीद की राह</title>
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                        <![CDATA[क्लाइमेट एनालिटिक्स की नई रिपोर्ट “Rescuing 1.5°C” ने उम्मीद जताई है कि दुनिया अब भी वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.5°C के भीतर सीमित कर सकती है, यदि तुरंत निर्णायक कदम उठाए जाएँ। रिपोर्ट के अनुसार, 2045 तक CO₂ उत्सर्जन को नेट-ज़ीरो पर लाना और 2050 तक दो-तिहाई ऊर्जा मांग को बिजली से पूरा करना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भी हालात पलटने की संभावना है, बशर्ते वैश्विक स्तर पर त्वरित कार्रवाई हो।]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/article/environment/climate-story-can-till-be-saved-15%C2%B0c-target-new-report/article-16944"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-11/resized-image---2025-11-09t140828.378.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दुनिया अभी भी 1.5°C के भीतर तापमान को सीमित करने की दौड़ में है, अगर अब से सबसे ऊँची स्तर की जलवायु प्रतिबद्धता के साथ कदम बढ़ाए जाएँ। क्लाइमेट एनालिटिक्स की नई रिपोर्ट “Rescuing 1.5°C” ने दिखाया है कि भले ही पिछले कुछ सालों में कार्रवाई धीमी रही हो, फिर भी दुनिया अपने तापमान को सदी के अंत तक दोबारा 1.5°C से नीचे ला सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर देश तुरंत और बड़े पैमाने पर कदम उठाएँ, जैसे तेज़ी से रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ाना, अर्थव्यवस्था को बिजली-आधारित बनाना और जीवाश्म ईंधनों से बाहर निकलना, तो 2050 से पहले ही तापमान स्थिर हो सकता है। रिपोर्ट के Highest Possible Ambition (HPA) परिदृश्य के मुताबिक, अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो वैश्विक तापमान लगभग 1.7°C पर चरम पर पहुँचेगा और 2100 तक गिरकर 1.2°C तक आ जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक CO₂ एमिशन को 2045 तक नेट-ज़ीरो पर लाना होगा। संपूर्ण ग्रीनहाउस गैस एमिशन को 2060 के दशक में नेट-ज़ीरो तक पहुँचना होगा। और 2050 तक दुनिया की दो-तिहाई ऊर्जा मांग बिजली से पूरी की जा सकती है। क्लाइमेट एनालिटिक्स के सीईओ बिल हेयर ने कहा, “1.5°C से ऊपर जाना एक राजनीतिक असफलता है, जो ऐसी क्षति और टर्निंग पॉइंट्स को जन्म दे सकता है जिन्हें टाला जा सकता था। लेकिन यह रिपोर्ट बताती है कि हम अभी भी हालात को पलट सकते हैं, अगर हम इस ओवरशूट की अवधि को न्यूनतम रखें, तो अपूरणीय जलवायु क्षति से बचा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्लाइमेट एनालिटिक्स के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. नील ग्रांट ने कहा, “पिछले पाँच साल हमने खो दिए हैं, लेकिन इन्हीं पाँच सालों में रिन्यूबल एनर्जीऔर बैटरियों के क्षेत्र में क्रांति भी हुई है। अगर हम इस रफ़्तार पर सवार हो जाएँ, तो अब भी समय है। यह खिड़की बहुत छोटी है, लेकिन खुली है, फैसला हमारे हाथ में है।”<br />रिपोर्ट के अन्य निष्कर्षों में कहा गया है कि एनर्जी क्षेत्र में मीथेन एमिशन को 2030 तक 20% और 2035 तक 30% घटाना होगा, ताकि तापमान स्थिर हो सके। वहीं, कार्बन रिमूवल टेक्नोलॉजी को 2050 तक सालाना पाँच अरब टन CO₂ कैप्चर करने के स्तर तक लाना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट यह भी मानती है कि अगर कार्बन रिमूवल की तकनीक आधी रफ़्तार से भी आगे बढ़ी, तब भी सदी के अंत तक तापमान को 1.5°C से नीचे लाना संभव रहेगा। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब COP30 के ठीक पहले दुनिया इस सवाल से जूझ रही है कि क्या 1.5°C का सपना अब भी जिंदा है। क्लाइमेट एनालिटिक्स की यह नई तस्वीर बताती है कि जवाब है, “हाँ, अगर अभी से कार्रवाई शुरू हो।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
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                                                            <category>आर्टिकल</category>
                                            <category>पर्यावरण</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 14:09:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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            <item>
                <title>Ranchi News: एम.एम.के. हाई स्कूल में रंगोली एवं दीपक उत्सव का भव्य आयोजन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[एम.एम.के. हाई स्कूल में रंगोली और दीपक उत्सव का भव्य आयोजन हुआ। विद्यार्थियों ने पारंपरिक परिधानों में सुंदर रंगोलियां बनाई और मिट्टी के दीपक जलाकर “हर घर दीप जले”, “स्वच्छ भारत” और पर्यावरण संरक्षण जैसे संदेश फैलाए। प्राचार्य ने छात्रों की सृजनशीलता की सराहना की और शिक्षक-विद्यार्थियों ने उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/ranchi-news-grand-organization-of-rangoli-and-deepak-utsav-in/article-16763"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-10/resized-image---2025-10-18t145809.781.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची: </strong>एम.एम.के. हाई स्कूल में शनिवार को रंगोली एवं दीपक उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी रोशनियों और सजीव रंगोलियों से जगमगा उठा। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में विभिन्न आकृतियों एवं थीम पर सुंदर रंगोलियां बनाईं, जिनमें “हर घर दीप जले”, “स्वच्छ भारत”, और “पर्यावरण संरक्षण” जैसे संदेशों को प्रमुखता दी गई। दीपोत्सव में विद्यार्थियों ने मिट्टी के दीपक जलाकर प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश फैलाया।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यालय के प्राचार्य डॉ. तनवीर अहमद ने विद्यार्थियों के उत्साह और सृजनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि “इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और सौहार्द का भाव मजबूत करते हैं।” कार्यक्रम में सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विद्यालय परिसर को दीपमालाओं से सजाया।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 15:00:25 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>Chaibasa News: “जल ही जीवन है” अभियान के तहत पांच सौर जल मीनारों का उद्घाटन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पश्चिमी सिंहभूम जिले में “जल ही जीवन है” अभियान के तहत सीएसआर गुवा अयस्क खदान प्रबंधन द्वारा पांच सौर जल मीनारों का उद्घाटन किया गया। गंगदा, घाटकुरी, डुइया, छोटा और बड़ा जामकुंडिया गांवों में स्थापित इन मीनारों से ग्रामीणों को स्वच्छ व निरंतर पेयजल मिलेगा तथा सौर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/chaibasa/chaibasa-news-inauguration-of-five-solar-water-towers-under-%E2%80%9Cwater/article-16754"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-10/resized-image---2025-10-18t123418.093.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पश्चिमी सिंहभूम: </strong>जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “जल ही जीवन है” अभियान के तहत सीएसआर गुवा अयस्क खदान प्रबंधन की ओर से शनिवार को पांच नवनिर्मित सौर जल मीनारों का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत गंगदा गांव से हुई और समापन बड़ा जामकुंडिया गांव में हुआ। इस परियोजना के अंतर्गत गंगदा, घाटकुरी, डुइया, छोटा जामकुंडिया और बड़ा जामकुंडिया गांवों में सौर ऊर्जा संचालित जल मीनारें स्थापित की गई हैं। इन मीनारों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छ, सुरक्षित और निरंतर पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सौर ऊर्जा के उपयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को भी राहत मिलेगी। कार्यक्रम में सेल प्रबंधन के जीएम (खान) एस.पी. दास, जीएम (ई एंड एल) डॉ. टी.सी. आनंद, गंगदा पंचायत की मुखिया राजू सांडिल, मानकी लागुरा देवगम, जामकुंडिया के मुंडा रुबेन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। पूरे आयोजन का सफल संचालन और परियोजना का नेतृत्व डीजीएम (सीएसआर) अनिल कुमार ने किया, जिनकी देखरेख में सभी सौर जल मीनारों का निर्माण कार्य पूरा हुआ।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>चाईबासा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 12:34:57 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
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                <title>Chaibasa News: राष्ट्रीय डाक सप्ताह का सफल और उत्साहपूर्ण आयोजन </title>
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                        <![CDATA[पूर्वी सिंहभूम में 6 से 10 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान आईटी 2.0 और कोर बैंकिंग के जरिए डाक सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाई गई, डिजिटल प्रगति, वित्तीय समावेशन, नागरिक सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया। सप्ताह में प्रश्नोत्तरी, आधार नामांकन शिविर, पौधारोपण अभियान और ग्राहक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/chaibasa/chaibasa-news-successful-and-enthusiastic-organization-of-national-postal-week/article-16584"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-10/resized-image---2025-10-10t170643.203.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>पूर्वी सिंहभूम: </strong>डाक मंडल की ओर से 6 से 10 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का सफल और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय डाक विभाग की सामाजिक-आर्थिक विकास में भूमिका को सशक्त रूप से उजागर किया। प्रधान डाकघर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने बताया कि आईटी 2.0 सॉफ्टवेयर के लागू होने से डाक सेवाओं में गति और पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि मंडल के सभी डाकघर कोर बैंकिंग से जुड़े हैं, जिससे ग्राहकों को कहीं से भी लेनदेन की सुविधा मिल रही है।</p>
<p>सप्ताह की शुरुआत 6 अक्टूबर को प्रौद्योगिकी दिवस से हुई, जब कर्मचारियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित कर विभाग की डिजिटल प्रगति पर जोर दिया गया। सात अक्टूबर को वित्तीय समावेशन दिवस मनाया गया, जिसमें सुकन्या समृद्धि योजना और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की जानकारी दी गई एवं 55 बच्चियों का खाता खोलकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया गया। आठ अक्टूबर को डाक टिकट संग्रह एवं नागरिक सेवा दिवस के अवसर पर 141 छात्रों ने दीन दयाल स्पर्श योजना परीक्षा में भाग लिया, जबकि चाईबासा और जमशेदपुर में आधार नामांकन शिविर लगाकर आम नागरिकों को राहत पहुंचाई गई।</p>
<p>वहीं 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस पर मंडल के कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए पौधारोपण अभियान चलाया। सप्ताह का समापन 10 अक्टूबर को ग्राहक दिवस के रूप में हुआ, जिसमें प्रधान डाकघर में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनता को डाक सेवाओं के महत्व से अवगत कराया गया। इसके बाद आयोजित ग्राहक बैठक में विभागीय उत्पादों पर चर्चा और शिकायतों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया गया।</p>
<p>वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने बताया कि यह सप्ताह विभाग की तकनीकी नवाचार, वित्तीय सशक्तिकरण, नागरिक सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा, जिसने सेवा ही धर्म की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की।</p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>चाईबासा</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 17:08:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
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                <title>सभी ठोस कचरे को सड़क निर्माण में उपयोग करने की योजनाः नितिन गडकरी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 2027 तक देश के सभी ठोस कचरे को सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने की योजना की घोषणा की। ‘कचरे से धन’ पहल के तहत अब तक 80 लाख टन कचरा सड़क परियोजनाओं में इस्तेमाल किया जा चुका है। उन्होंने वैकल्पिक ईंधन और ऑटोमोबाइल उद्योग में नवाचार के महत्व पर भी जोर दिया।]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/delhi/plan-to-use-all-solid-waste-in-road-construction-nitin/article-16554"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-10/resized-image---2025-10-09t155355.785.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि साल 2027 तक देश के सभी ठोस कचरे को सड़क निर्माण में उपयोग करने की सरकार की योजना है। इस 'कचरे से धन' (वेस्ट टू वेल्थ) पहल के तहत अब तक 80 लाख टन कचरा चिह्नित कर सड़क परियोजनाओं में उपयोग किया जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">गडकरी ने गुरुवार को यहां पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के 120वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की योजना 2027 के अंत तक देश में उपलब्ध सभी ठोस कचरे का उपयोग सड़क निर्माण में करने की है। उन्होंने कहा कि हम पहले ही 80 लाख टन कचरे को अलग कर उसके माध्यम से सड़कों का निर्माण कर रहे हैं। कचरे के ढेर अब संसाधन बन रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वैकल्पिक ईंधनों पर कहा कि जैव ईंधन, इथेनॉल, हाइड्रोजन, मेथनॉल, बायोडीजल, एलएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में नवाचारों के चलते भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2014 में भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग 14 लाख करोड़ रुपये का था, जो अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये का हो गया है। इस क्षेत्र में भारत अब अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले पांच वर्षों में भारत इस क्षेत्र में विश्व में अग्रणी बन सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">टू-व्हीलर निर्माताओं जैसे हीरो, होंडा, बजाज और टीवीएस अपनी 50 प्रतिशत उत्पादन क्षमता का निर्यात कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कृषि और निर्माण उपकरण निर्माताओं को नवाचार व पर्यावरण अनुकूल तकनीक अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश का सालाना पेट्रोलियम, डीजल और गैस आयात बिल 22 लाख करोड़ रुपये का है, जिसे वैकल्पिक ईंधनों के माध्यम से कम किया जा सकता है। यदि इस आयात में से 15 लाख करोड़ रुपये की बचत होती है, तो यह धनराशि देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में उपयोग की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]>
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                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 15:54:37 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>देश के इस मंदिर में कचरा डालो, UPI में पैसा पाओ: जानें कैसे काम करती हैं AI-सक्षम स्मार्ट मशीनें</title>
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                        <![CDATA[<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>अमरावती: </strong>आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुमला तिरुपति मंदिर में सफाई और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनूठी पहल शुरू की गई है, जिसके तहत AI-सक्षम स्मार्ट मशीनें स्थापित की गई हैं जो कचरा डालते ही UPI अकाउंट में रिफंड देती हैं।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">आंध्र प्रदेश सरकार और हैदराबाद स्थित एक कंपनी के सहयोग से यह प्रोजेक्ट लागू किया गया है। तिरुमाला में बिकने वाले टेट्रा पैक और एल्यूमिनियम कैन पर एक विशेष QR कोड होता है। जब कोई व्यक्ति ये उत्पाद खरीदता है, तो उसकी कुछ कीमत एक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है। उपभोग के बाद, जब खाली पैक या कैन</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/national/pour-garbage-in-this-temple-of-the-country-find-money/article-16523"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-10/licensed-image.jpeg" alt=""></a><br /><p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2"><strong>अमरावती: </strong>आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुमला तिरुपति मंदिर में सफाई और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनूठी पहल शुरू की गई है, जिसके तहत AI-सक्षम स्मार्ट मशीनें स्थापित की गई हैं जो कचरा डालते ही UPI अकाउंट में रिफंड देती हैं।</p>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">आंध्र प्रदेश सरकार और हैदराबाद स्थित एक कंपनी के सहयोग से यह प्रोजेक्ट लागू किया गया है। तिरुमाला में बिकने वाले टेट्रा पैक और एल्यूमिनियम कैन पर एक विशेष QR कोड होता है। जब कोई व्यक्ति ये उत्पाद खरीदता है, तो उसकी कुछ कीमत एक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है। उपभोग के बाद, जब खाली पैक या कैन को मंदिर परिसर में लगी AI मशीन में डाला जाता है, तो जमा हुई राशि उसी व्यक्ति के UPI अकाउंट में तुरंत रिफंड हो जाती है।</p>
<h5 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>वेस्ट मैनेजमेंट और रिसाइक्लिंग</strong></span></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">डेकन हेराल्ड की रिपोर्ट बताती है यह सिस्टम न सिर्फ मंदिर परिसर को साफ-सुथरा रखता है, बल्कि लैंडफिल में जाने वाले कचरे की मात्रा भी कम करता है। मशीन में डाले गए कचरे का रंग, आकार, ब्रांड और गंदगी की मात्रा जैसी विविध जानकारियां रिकॉर्ड होती हैं, जिससे वेस्ट मैनेजमेंट में पारदर्शिता बढ़ती है।</p>
<h5 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>स्थानीय उत्पादन और टेक्नोलॉजी</strong></span></h5>
<ul class="marker:text-quiet list-disc">
<li class="py-0 my-0 prose-p:pt-0 prose-p:mb-2 prose-p:my-0 [&amp;&gt;p]:pt-0 [&amp;&gt;p]:mb-2 [&amp;&gt;p]:my-0">
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">AI मशीनें भारत में ही बनी हैं, स्थानीय स्तर पर 50% से अधिक सामग्री का उपयोग हुआ है।</p>
</li>
<li class="py-0 my-0 prose-p:pt-0 prose-p:mb-2 prose-p:my-0 [&amp;&gt;p]:pt-0 [&amp;&gt;p]:mb-2 [&amp;&gt;p]:my-0">
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">ये मशीनें गर्मी, नमी, धूल जैसी चुनौतियों में भी कारगर हैं।</p>
</li>
<li class="py-0 my-0 prose-p:pt-0 prose-p:mb-2 prose-p:my-0 [&amp;&gt;p]:pt-0 [&amp;&gt;p]:mb-2 [&amp;&gt;p]:my-0">
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">AI और IoT टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर कचरे की व्यापक पहचान व संग्रहण संभव हुआ है।</p>
</li>
</ul>
<h5 class="mb-2 mt-4 font-display font-semimedium text-base first:mt-0"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>कर्मचारियों और श्रद्धालुओं को लाभ</strong></span></h5>
<p class="my-2 [&amp;+p]:mt-4 [&amp;_strong:has(+br)]:inline-block [&amp;_strong:has(+br)]:pb-2">स्थानीय सफाई कर्मचारी और श्रद्धालु, AI मशीन में खाली पैक/कैन डालते ही तुरंत रिफंड पा सकते हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ती है, बल्कि नए अवसर भी जन्म लेते हैं।</p>]]>
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                                                            <category>तकनीक</category>
                                            <category>राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 15:03:52 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Samridh Desk]]>
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                            </item>
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                <title>मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने &quot;राष्ट्रीय युवा शक्ति&quot; के प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[रांची में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से "राष्ट्रीय युवा शक्ति" के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर स्व. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को भारत रत्न से सम्मानित करने की आग्रह की। प्रतिनिधिमंडल ने उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा और मुख्यमंत्री को नेमरा गांव की पवित्र मिट्टी भेंट की।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/ranchi/chief-minister-hemant-soren-meets-delegation-of-national-youth-power/article-16271"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-09/resized-image---2025-09-16t164911.536.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रांची:</strong> मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में "राष्ट्रीय युवा शक्ति" के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय युवा शक्ति की पहल पर विगत 5 से 7 सितंबर तक स्मृति शेष- स्व० दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के पैतृक गांव नेमरा से रांची तक पदयात्रा कार्यक्रम सफलता पूर्वक आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्मृति शेष- दिशोम गुरु स्व० शिबू सोरेन के त्याग, समर्पण, नशा उन्मूलन के प्रयासों एवं पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता सहित समाज सुधारक के रूप में किए गए कार्यों को को याद करना था। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री के समक्ष राष्ट्रीय युवा शक्ति के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के सपूत स्मृति शेष-दिशोम गुरु स्व० शिबू सोरेन को भारत रत्न से अलंकृत कराने हेतु राज्य सरकार से पहल करने का आग्रह किया तथा राँची के कांके डैम या हटिया डैम के निकट स्मृति शेष-दिशोम गुरु स्व० शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा स्थापित किए जाने का निवेदन किया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने कहा कि यह निर्णय न केवल झारखंड बल्कि पूरे भारतवर्ष के करोड़ों नागरिकों की भावनाओं को सम्मानित करेगा। मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने स्मृति शेष-दिशोम गुरु स्व० शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा की पवित्र मिट्टी भेंट की। </p>
<p style="text-align:justify;">मौके पर "राष्ट्रीय युवा शक्ति"के अध्यक्ष उत्तम यादव, दुर्गा चरण, सावन लिंडा, शैलेश नंद तिवारी, उमेश साहू, नितेश वर्मा, सोनू गुप्ता, रोहित यादव, आर्यन मेहता, रितेश गुप्ता, रंजन करमाली, प्रेम प्रतीक बमबारी, छोटू बेदीया, अनुराग तिर्की, आयुष गोप, प्रेम साहू, रामप्रवेश गुप्ता, निलेश महतो, आर्यन गुप्ता, विशाल साहू उपस्थित थे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>समाचार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>रांची</category>
                                            <category>झारखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:50:29 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Mohit Sinha]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुर्गा पूजा 2025: भव्य उत्सव, डिजिटल पंडाल और इको-फ्रेंडली ट्रेंड्स का संगम</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>दुर्गा पूजा, केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक महाउत्सव है। यह शक्ति, कला और सामुदायिक सौहार्द का प्रतीक है। 2025 में यह उत्सव 22 सितंबर को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत से प्रारंभ होकर, 2 अक्टूबर को विजयादशमी तक चलेगा। इस वर्ष दुर्गा पूजा पारंपरिक भव्यता, आधुनिक डिजिटल नवाचार और पर्यावरण-अनुकूलता के एक अनूठे संगम के साथ मनाई जाएगी।</p><h5><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>भव्य पंडाल और रचनात्मक कला</strong></span></h5><p>दुर्गा पूजा का मुख्य आकर्षण इसके भव्य और रचनात्मक पंडाल होते हैं। हर साल, विभिन्न पूजा समितियां अनोखी थीम और डिजाइन के साथ पंडालों का निर्माण करती हैं। इस साल भी,</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://samridhjharkhand.com/news/religion/durga-puja-2025-grand-festival-digital-pandal-and-eco-friendly-trends/article-16258"><img src="https://samridhjharkhand.com/media/400/2025-09/gemini_generated_image_c9fuufc9fuufc9fu.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>समृद्ध डेस्क: </strong>दुर्गा पूजा, केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक महाउत्सव है। यह शक्ति, कला और सामुदायिक सौहार्द का प्रतीक है। 2025 में यह उत्सव 22 सितंबर को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत से प्रारंभ होकर, 2 अक्टूबर को विजयादशमी तक चलेगा। इस वर्ष दुर्गा पूजा पारंपरिक भव्यता, आधुनिक डिजिटल नवाचार और पर्यावरण-अनुकूलता के एक अनूठे संगम के साथ मनाई जाएगी।</p><h5><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>भव्य पंडाल और रचनात्मक कला</strong></span></h5><p>दुर्गा पूजा का मुख्य आकर्षण इसके भव्य और रचनात्मक पंडाल होते हैं। हर साल, विभिन्न पूजा समितियां अनोखी थीम और डिजाइन के साथ पंडालों का निर्माण करती हैं। इस साल भी, पंडालों में कला और कल्पना का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलेगा। कई पंडाल प्रसिद्ध स्मारकों, मंदिरों या ऐतिहासिक घटनाओं की प्रतिकृतियां बनाएंगे।</p><p>उदाहरण के लिए, कहीं अयोध्या के राम मंदिर की विशाल प्रतिकृति देखने को मिलेगी, तो कहीं तिरुपति बालाजी या पुरी के जगन्नाथ मंदिर की। रांची और धनबाद जैसे शहरों में भी विशेष थीम पर आधारित पंडाल बन रहे हैं, जैसे कि 'जीवन चक्र' पर आधारित पंडाल जो भ्रूण से लेकर मृत्यु तक के सफर को दर्शाएगा। ये पंडाल न केवल कलात्मक होते हैं, बल्कि अक्सर सामाजिक संदेश भी देते हैं। इस साल कई पंडाल 'नारी सशक्तिकरण' जैसे विषयों पर केंद्रित होंगे, जिसमें महिला पुरोहितों को पूजा अनुष्ठान में शामिल किया जाएगा।</p><h5><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>डिजिटल पंडाल और वर्चुअल दर्शन</strong></span></h5><p>कोरोना महामारी के बाद से दुर्गा पूजा में डिजिटल तकनीक का प्रयोग बढ़ा है। 2025 में, यह प्रवृत्ति और भी मजबूत होगी। कई पूजा समितियां डिजिटल पंडालों का निर्माण कर रही हैं, जहाँ पारंपरिक सजावट के साथ-साथ प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो और इंटरैक्टिव स्क्रीन का इस्तेमाल किया जाएगा।</p><p>कोलकाता और अन्य बड़े शहरों में, डिजिटल पंडालों में <strong>वर्चुअल रियलिटी (VR)</strong> और <strong>ऑगमेंटेड रियलिटी (AR)</strong> जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है, जिससे दर्शनार्थियों को एक अनूठा अनुभव मिलेगा। जो लोग पंडालों तक नहीं पहुँच सकते, उनके लिए <strong>लाइव स्ट्रीमिंग</strong> और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'डिजिटल दर्शन' की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे देश-विदेश में बैठे भक्त भी इस उत्सव का हिस्सा बन सकेंगे। यह डिजिटल नवाचार पूजा को अधिक सुलभ और समावेशी बना रहा है।</p><hr /><h5><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>इको-फ्रेंडली ट्रेंड्स: प्रकृति के प्रति सम्मान</strong></span></h5><p>पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण, 2025 की दुर्गा पूजा में इको-फ्रेंडली ट्रेंड्स का बोलबाला रहेगा। कई पूजा समितियां पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग कर रही हैं।</p><ul><li><p><strong>पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियां:</strong> मूर्तियों के निर्माण में मिट्टी, गंगा की मिट्टी और पानी में घुलनशील रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पारंपरिक रूप से उपयोग किए जाने वाले हानिकारक रासायनिक पेंट और प्लास्टर ऑफ पेरिस से बचा जा रहा है।</p></li><li><p><strong>बायोडिग्रेडेबल सजावट:</strong> पंडालों और मूर्तियों की सजावट के लिए प्लास्टिक और थर्माकोल के बजाय बायोडिग्रेडेबल सामग्री, जैसे बांस, पटवा, सरकंडा और प्राकृतिक फूलों का उपयोग किया जा रहा है।</p></li><li><p><strong>सौर ऊर्जा:</strong> कुछ पंडालों में बिजली की खपत कम करने और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए <strong>सौर ऊर्जा (solar-powered)</strong> का उपयोग किया जा रहा है।</p></li></ul><p>पटना और अन्य जगहों पर कारीगरों द्वारा गंगा की मिट्टी और पानी से बने रंगों से मूर्तियां तैयार की जा रही हैं, जो विसर्जन के बाद नदी को प्रदूषित नहीं करेंगी। ये प्रयास पूजा को न केवल आध्यात्मिक, बल्कि पर्यावरणीय रूप से भी जिम्मेदार बना रहे हैं।</p><hr /><p>दुर्गा पूजा 2025, आस्था और आधुनिकता का एक अद्भुत मिश्रण है। यह उत्सव एक ओर अपनी पारंपरिक भव्यता और धार्मिक अनुष्ठानों को बनाए रखेगा, वहीं दूसरी ओर डिजिटल नवाचार और पर्यावरण-मित्रता को अपनाकर भविष्य के त्योहारों के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा। यह उत्सव समाज को एक साथ लाने, कला को बढ़ावा देने और प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने का संदेश देगा।</p>]]>
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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 20:19:50 +0530</pubDate>
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