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आरके सिन्हा

पटना: वर्तमान समय में बिहार के कई ऐसे जिले हैं जो बाढ़ प्रभावित हैं जिसके वजह से काफी लोग घर से बेघर हो गए तो किसी के पास खाने के रोटी तक नहीं है। ठीक उसी तरह अगर हम मुजफ्फरपुर जिला के आथर और आस पास के गांव की बात करें तो पूरी तरह जलमय

डेस्क: बिहार का नाम देश विदेश में अपने प्रतिभा से रौशन करने वाले दीपक ठाकुर का फ़ोन बिहार के प्रसिद्ध मैथेमैटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव के पास आया। दीपक ठाकुर ने अपने गाँव और वहाँ समीप में आये बाढ़ से अवगत कराया। सैकड़ों से अधिक घर बाढ़ के कारण बेघर हो गये हैं। दीपक ने कहा

जम्मू-कश्मीर में सर्वांगीण विकास में तेजी लाने के लिए नरेन्द्र मोदी की सरकार सक्रिय हो चुकी है। मोदी के विश्वस्त सहयोगी उप- राज्यपाल मनोज सिन्हा दिन- रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। केंद्र सरकार सबको विश्वास में लेकर ही आगे बढ़ना चाहती है। इसका प्रमाण है कि सरकार ने दिल्ली में 24 जून को प्रधानमंत्री

यह सवाल अपने आप में आज के दिन बेहद महत्वपूर्ण है कि क्या भारत में शिक्षा के नाम पर धर्म प्रचार की अनुमति जारी रहनी चाहिए? किसे नहीं पता कि धर्म प्रचार के कारण हमारे अपने देश में और पूरे विश्व में करोड़ों लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं और रोज ही मारे जा

फारूक अब्दुल्ला उम्र बढ़ने के साथ धीर- गंभीर और संतुलित और शांत होने की बजाय अनाप-शनाप बोलने से अब भी बाज नहीं आते। यह उनकी हताशा भी हो सकती है कि वे अब जम्मू-कश्मीर और देश की  राजनीति  में कतई महत्वपूर्ण नहीं रहे। उन्हें अब कोई गंभीरता से भी नहीं लेता। लेकिन, वे खबरों में  बने रहने के लिए

विगत कुछ वर्षों में मोदी शासन के दौरान हमारी बैंकिंग व्यवस्था में अनेक कमियां उभर कर सामने आईं हैं। ऐसा नहीं है कि पहले ये कमियां नहीं थीं परन्तु, राजनीतिक कारणों से इनकी ओर ध्यान देने की जरूरत पूर्ववर्ती सरकारों ने नहीं समझीं। सरकारी, प्राइवेट और कॉ-ऑपरेटिव बैंकों में लेन- देन के नाम पर सरेआम घोटाले होते रहे। कुछ बैंक

चीन के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा (Rajeev Sharma) की गिरफ्तारी ने इस ज्वलंत बहस को जन्म दे दिया है कि क्या पत्रकारों को कुछ भी करने की छूट मिली हुई है? क्या वे इस देश और यहां के कानून से ऊपर हैं? क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सब कुछ

आप किसी भी दिन राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का अचानक चक्कर लगा लें। आपको 50 फीसद रोगी बिहार से ही मिलेंगे। यह आंकाड़ा बड़ा भी हो सकता है। ये दीन-हीन से गरीब लोग मारे-मारे इधर से उधर घूम रहे होते हैं। कहना न होगा कि बिहार में लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण

भारत के नए और आक्रामक तेवर को भी देख रहा चीन। उसे अब अच्छी तरह से समझ आ रहा है कि अब भारत भी उसकी गर्दन में हाथ डालकर जमीन में गिराने का जज्बा और शक्ति रखता है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस की राजधानी मॉस्को में विगत चार सितंबर को चीन के रक्षा

नई शिक्षा नीति-2020 की घोषणा हो गई है। इसके विभिन्न बिन्दुओं पर बहस तो होगी ही। पर इसने एक बड़े और महत्वपूर्ण दिशा में कदम बढ़ाने का इरादा व्यक्त किया है। उदाहरण के रूप में नई शिक्षा नीति में पाँचवी क्लास तक मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा को ही पढ़ाई का माध्यम रखने की बात