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12 साल बाद घरवालों को मिली एतबरिया, ट्वीट बना माध्यम

गुमशुदा आदिवासी एतबरिया उरांव को सुरक्षित नेपाल से रेस्क्यू कर झारखण्ड लाया गया है। एतबरिया के नेपाल में होने की जानकारी एक आश्रम द्वारा ट्वीट के माध्यम से दी गई।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री चंपाई सोरेन ने ट्वीट मामले को झारखण्ड राज्य प्रवासन नियंत्रण कक्ष के संज्ञान में देते हुए एतबरिया को वापस झारखण्ड लाने का आदेश किया

ऐतबरिया का स्वागत किया गया

रांची डेस्क-  गुमशुदा आदिवासी एतबरिया उरांव को सुरक्षित नेपाल से रेस्क्यू (Rescue )कर झारखण्ड लाया गया है। वह लोहरदगा के भंडरा प्रखंड के मसमानो गांव की रहने वाली थी 12 साल पहले वह अपने पिता बिरसा उरांव के साथ एक ईंट भट्टे पर काम करने के लिए उत्तर प्रदेश गई थी।  वहीं से वह खो गई थी (Lost)। इससे संबंधित मामला यूपी के गोरखपुर थाने में दर्ज कराया गया था। एतबरिया के पिता अब नहीं रहे। उसकी मां और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसके लौटने की सारी उम्मीदें भी खो दी थी।

एतबरिया के नेपाल (Nepal) में होने की जानकारी एक आश्रम द्वारा ट्वीट के माध्यम से दी गई। साथ ही हरियाणा पुलिस के एएसआई राजेश कुमार को भी अन्य मामले की जांच के दौरान एक नेपाली समाजसेवी ने एतबरिया की जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री चंपाई सोरेन ने ट्वीट मामले को झारखण्ड राज्य प्रवासन नियंत्रण कक्ष के संज्ञान में देते हुए एतबरिया को वापस झारखण्ड लाने का आदेश किया।  एतबरिया का उसकी मां और बड़ी बहन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing)  कर यह पुष्टि हुई कि वह स्वर्गीय बिरसा उरांव की बेटी है। तब राज्य प्रवास नियंत्रण कक्ष द्वारा नेपाल से एतबरिया को सफलतापूर्वक भारत लाया गया। 3 सितंबर 2021 को वह काठमांडू से आईजीआई हवाई अड्डा नई दिल्ली पहुंची। यहां से उसे वापस रांची लाकर लोहरदगा स्थित उसके गांव पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एतबरिया को सरकार की विभिन्न योजनाओं से आच्छादित करने का दिया निर्देश। साथ ही कहा कि झारखण्ड सरकार मानव तस्करी से हरेक झारखंडवासी को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य ने इस खतरे को पहले ही काफी झेला है, लेकिन अब और नहीं। उन्होंने  तस्करों को झारखंड से दूर रहने की चेतावनी दी है यदी ऐसा कोई ममला सामने आता है, तो उनके खिलाफ सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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