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सूखा पड़ने पर फसल राहत योजना के लिए शिकारीपाड़ा में चलाया गया जन जागरूकता कार्यक्रम

दुमका : दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड की सिमानीजोर पंचायत अंतर्गत नौपहाड़ गांव में गुरुवार को जन जागरूकता अभियान चलाया गया। सर्वविदित है कि इस साल पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन के कारण समय पर बारिश नहीं हुई है। बारिश नहीं होने से किसानों के चिंता दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। परिवार के भरण पोषण, बच्चों की पढ़ाई की समस्या को हल करने के लिए आर्थिक आमदनी या रोजगार के लिए अन्य राज्यों केरल, असम, सिक्किम, तमिलनाडु आदि राज्यों में प्रवासी मजदूर के रूप में स्थानीय लोग पलायन कर रहे हैं।

ऐसी विकट परिस्थिति में किसानों को राहत देने के उद्देश्य से झारखंड राज्य फसल राहत योजना और प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को फार्म भरने की अभियान चलाया गया। इस अभियान की अध्यक्षता ग्राम प्रधान मिकाइल बस्कीय ने की और उनके दिशा-निर्देश पर इसे शुरू किया गया। उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने वर्तमान समय में किसानों के लिए फसल राहत योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी कि योजना के तहत किसानों को जरूरी दस्तावेजों के लिए फार्म जमा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जरूरी दस्तावेजों के रूप में आधार कार्ड की छाया प्रति, वंशावली, मोबाइल नंबर, बैंक खाता नंबर पर्चा की छाया प्रति के साथ निकटतम प्रजा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन भर कर पंचायत भवन में मुखिया के पास जमा करना पड़ता है। इस योजना के तहत किसानों को खरीफ फसल धान और मकई के लिए एक किसान अधिक से अधिक पांच एकड़ जमीन के लिए राहत योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इस अवसर पर जोहार संगठन के सामाजिक कार्यकर्ता सुशांत सोरेन ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए कहा कि समय पर बारिश नहीं होने से कई लोग रोजगार के लिए प्रवासी मजदूरी के रूप में काम करने बाहर चले जाते हैं। लेकिन एजेंट और कंपनी मालिक के द्वारा प्रवासी मजदूरों को कई तरह के समस्या से जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रवासी सहायता इव सूचना नेटवर्क (MAIN) जिसके द्वारा भारत में संकटग्रस्त प्रवासियों की मदद की जाती है। उन्होंने कहा कि मेन के तहत प्रसावी मजदूर वर्ग की सेवा करना और उनके लिए वकालत करने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को बाहर जाने से पूर्व ग्राम प्रधान को सामान्य जानकारी देने के लिए प्रेरित किया, ताकि संकट के वक्त प्रवासी मजदूरों को सहायता कर सकते हैं।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान मिकाइल बस्की, जयराम बस्कीय, सुनीता मुर्मू, बोर्सन बस्कीय, परमेश्वर बस्कीय, बालेश्वर बस्कीय आदि मौजूद रहे।

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