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झारखंड के लातेहार में करम विसर्जन के दौरान तालाब में डूब कर सात लड़कियों की मौत, राष्ट्रपति, PM व CM ने जताया शोक

लातेहार में हादसे के बाद राहत-बचाव का दृश्य। एएनआइ फोटो।

लातेहार : झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत मननडीह गांव में सात लड़कियां करम पूजा विसर्जन के दौरान तालाब में डूब गयीं, जिनसे उनकी मौत हो गयी। मननडीह गांव के लिए शनिवार का दिन काला दिन साबित हुआ। गांव में करमा पूजा की धूम थी। उत्साह का माहौल था। करमा डाल विसर्जन में लड़कियां लोकगीतों की धुन और ढोल की थाप पर थिरक रहीं थीं। इस उल्लास में सात ऐसी लड़कियां भी शामिल थीं, जिनका पीछा मौत कर रही थी। इनमें तीन सगी बहनें थीं।

लातेहार जिले के मननडीह गांव की लड़कियां शुक्रवार की रात करमा पूजा करने के बाद शनिवार को गांव की महिलाओं के साथ करमा डाल को विसर्जन करने तालाब पर गईं थी। नहाने के दौरान सात लड़कियां गहरे पानी में चली गई और देखते ही देखते मौत की आगोश में समा गईं। इनमें रेखा कुमारी उम्र 18 साल, रीना कुमारी 16 साल और लक्ष्मी कुमारी 12 साल सगी बहनें थीं। इनके अलावा सुषमा कुमारी 12 वर्ष, पिंकी कुमारी 18 वर्ष, सुनीता कुमारी 20 वर्ष और बसंती कुमारी 12 वर्ष भी गहरे पानी में डूब गईं। हालात यह हो गया कि जिस गांव में आज पूर्वाह्न 11.00 बजे तक उत्साह का माहौल था वह पल भर में मातम में बदल गया।

गांव के निवासी अकलू गंझु को तो सहसा विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जिन बेटियों को उसने इतना लाड प्यार से पाला वे पूरे परिवार को अलविदा कहकर हमेशा के लिए चली गईं। अकलू और उसकी पत्नी के करुण विलाप से पूरा गांव दहला जा रहा था। अकलू की पत्नी बार.बार पति से कह रही थी कि उनकी तीनों बेटियों रेखाए रीना और लक्ष्मी को अस्पताल पहुंचा दें लेकिन पत्नी के इस आग्रह के जवाब में वह सिर्फ दहाड़ मारकर रो रहा था। गांव की हालत यह थी कि इस परिवार को जो भी ढांढस बधांने जा रहा था वह भी चीत्कार करने लगा।

अकलू के गोतिया और पड़ोसी चरण गंझु के घर में भी यही हाल था। उसकी भी बेटी सुषमा कुमारी तालाब में डूबकर सदा के लिए विदा हो गई। सुनीता कुमारी की मां का तो और भी बुरा हाल था। अभी वह पति के मरने का गम भी भुला नहीं पाई थी कि बेटी ने भी सदा के लिए साथ छोड़ दिया। पिंकी और बसंती के घर में भी कोहराम मचा हुआ था। घटना के बाद पूरे गांव में सिर्फ रोने और चिल्लाने की आवाज ही सुनाई दे रही थी। कौन किसको ढांढस बंधाएए यह समझ से परे था।

इस हादसे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है और संबंध में ट्वीट किया गया है।


वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए शोक जताया है।

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