Koderma News: बंदियों के बीच विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोरंजन कुमार ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी मामले में आधे से अधिक सजा काट चुके बंदी अपना दोष स्वीकार कर कारा मुक्त हो सकते है यदि वह अपराध बच्चो एवं महिलाओ के विरुद्ध नहीं हो l
कोडरमा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कोडरमा के तत्वावधान में मंडल कारा कोडरमा में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जेल अदालत एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया l बंदियों के बीच आयोजित विधिक जागरूकता शिविर के मुख्य अतिथि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश ने कहा कि बंदी अपने बीच से नकारात्मक सोच को हटाकर सकारात्मक सोच पैदा करे तथा अपराध की दुनिया से निकल कर समाज की मुख्य धारा में शामिल हो ताकि स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके l
उन्होंने बंदियों को प्ली-बार्गेनिंग की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत बंदी अपना दोष स्वीकार कर अपनी सजा कम करा सकते हैं l उन्होंने अपने संबोधन में भारतीय सविंधान में बंदियों के लिए प्रदत मौलिक अधिकारों को काफी विस्तार से बताया l अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोरंजन कुमार ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी मामले में आधे से अधिक सजा काट चुके बंदी अपना दोष स्वीकार कर कारा मुक्त हो सकते है यदि वह अपराध बच्चो एवं महिलाओ के विरुद्ध नहीं हो l

कार्यक्रम का संचालन न्यायालयकर्मी रणजीत कुमार सिंह ने किया l मौके पर जेल अधीक्षक राजमोहन राजन, डॉ नीरज साहा, मुकेश साव, सुनीता कुमारी, मुकुल कुमार, रामानंद तिवारी, एल ए डी सी एस के अधिवक्ता नवल किशोर, किरण कुमारी, राजेंद्र मंडल, अरुण ओझा, अश्विनी शरण, ललन चौधरी न्यायलयकर्मी राजीव कुमार, आशीष कुमार सिन्हा, रंजीत सिन्हा, मनोज कुमार, जेल कर्मी राजीव कुमार, मोहम्मद मोईउद्दीन सहित सैकड़ो बंदी मौजूद थे l
