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गिरिडीह: डीलरों और एमओ की मिलीभगत से धड़ल्ले से हो रहा है पीडीएस राशन का घोटाला

Giridih PDS ration scam is happening indiscriminately with the connivance of dealers and MO

गिरिडीह: जिले के धनवार एवं जमुआ में इन दिनों अनाज की कालाबाजारी चरम पर है। हर माह दिए जाने वाले राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से अनाज को डीलर संबंधित विभाग के एमओ की मिली भगत से अनाज की कालाबाजारी की जा रही हैं। और इस प्रकार गरीबों के निवाले पर दिनदहाड़े डाका मारा जा रहा है।

जिले भर में हर रोज कहीं ना कहीं अनाज में घोटाले को लेकर विरोध प्रदर्शन होता रहता है लेकिन इस पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई ना ही विभाग के अधिकारियों और ना ही डीलरों के खिलाफ होती है। इसी तरह का मामला सामने आया है जिले के राजधनवार प्रखंड के ग्राम गादी और जमुआ प्रखण्ड क्षेत्र के करिहारी स्थित संजीवनी संघ गीता एसएचजी सतीश यादव, करिहारी पैक्स सुरेश तिवारी, बिजय रविदास, सुरही संजीवनी संघ दुलारी भुनेश्वर राणा, शिव आजीविका एसएचजी प्रमोद राणा तथा डंगारडीह टूपलाल साव से जहां पर डीलरों के द्वारा प्रधानमंत्री की तरफ से दिए जाने वाले अनाज को गरीबों के बीच वितरण ना करके कालाबाजारी कर बेच दिए जाते हैं।

Giridih PDS ration scam is happening indiscriminately with the connivance of dealers and MO

और इस प्रकार जब लाभुक अनाज मांगने जाते हैं तो उन्हें डराया धमकाया जाता है। यहां तक कि उनके कार्ड को भी निरस्त कर दिया जाता है। इसी तरह लाभुक इंद्र देव राय और केदार राय, बसंती देवी के राशन कार्ड को डीलर की सिफारिश पर एमओ ने निरस्त कर दिया ऐसे कई मामले सामने आये हैं। क्योंकि ये लोगों का कहना था कि राज्य सरकार के अलावा जो राशन प्रधानमंत्री के द्वारा दिया जा रहा है वह भी राशन हमें चाहिए। बार-बार मांगने पर इनके कार्ड को निरस्त कर दिया गया है तो यह स्थिति बनी हुई है।

जो राशन घोटाले से बढ़कर अब दबंगई तक पहुंच चुकी है। जहां पर खुलेआम डीलरों के द्वारा गरीबों को धमकी दिया जाता है इसी मुद्दे पर जब संबंधित विभाग के पदाधिकारी एमओ के पास कॉल किया गया तो उनका नंबर स्विच ऑफ बताया गया और वह ऑफिस में भी उपस्थित नहीं थे। जब स्थानीय पत्रकारों की टीम पहुंची तो इसकी जानकारी किसी डीलर ने उनको दे दिया और उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया और ऑफिस से कहीं दूसरी जगह चले गए ताकि उपस्थित ना रहने का और मोबाइल स्विच ऑफ रहने का बहाना बनाकर किसी भी प्रकार का बयान देने से बचा जा सके। वहीं उक्त मामले को लेकर पिछले दिनों दर्जनों लाभुको ने उपायुक्त गिरिडीह को आवेदन देकर जाँच की मांग की है।