इरफान आलम का बयान: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक छात्र आंदोलन जारी रहना चाहिए
सरकार के आश्वासन से नहीं, मांग पूरी होने से खत्म होना चाहिए आंदोलन
गिरिडीह में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के जिलाध्यक्ष इरफान आलम ने सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मूल मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई है।
गिरिडीह: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के जिलाध्यक्ष इरफान आलम ने छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के हाथों जूस पीकर सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करना उन्हें अन्ना हजारे आंदोलन की याद दिलाता है इरफान आलम ने कहा कि जैसे अन्ना हजारे ने लोकपाल विधेयक पर सरकार के आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त किया था, उसी प्रकार सोनम वांगचुक ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मूल मांग पूरी हुए बिना प्रधानमंत्री के आश्वासन पर अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने और दोषियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्रों की प्रमुख मांग अभी भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है।
राजद जिलाध्यक्ष ने कहा कि छात्र आंदोलन अब व्यापक स्वरूप ले चुका है और बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं। उनके अनुसार, यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है ,तो आंदोलन और तेज हो सकता है ।इरफान आलम ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आंदोलन को मजबूत और स्पष्ट नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए 1974 के छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस आंदोलन ने व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई पीढ़ी भी लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों और व्यवस्था सुधार के लिए आगे आएगी।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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