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आमगाछी पहाड़ के ग्रामीणों ने विधायक बसंत सोरेन को भी दिया था बिजली के लिए ज्ञापन, पर अबतक नहीं हुई शुरू

ग्रामीण बोले मांगें नहीं माने जाने पर सड़क पर उतर कर करेंगे आंदोलन

दुमका : दुमका के मसलिया प्रखंड की सुग्गापहाड़ी पंचायत के अंतर्गत पहाड़ के ऊपर स्थित पहाड़िया और संताल आदिवासी बहुल आमगाछी पहाड़ गांव में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। इस गांव में पांच से अधिक टोला हैं, जो दूर-दूर स्थित हैैं। इस गांव में करीब 80 घर हैं।

देश की आजादी का 75 वर्ष और झारखंड राज्य गठन के 22 वर्ष होने के बाद भी इस गांव में एक बार भी बिजली नहीं जली। यह जरूर है कि शोभा के लिए 10 वर्ष पहले गांव में ट्रांसफरमर, पोल और तार लगे लेकिन बिजली कभी चालू ही नहीं की गयी। ग्रामीणों का कहना है कि आठ वर्ष पूर्व गांव में बिजली चालू करने के लिए बिजली मिस्त्री ने हम सभी ग्रामीणों से 50-50 रुपया माँगा था, लेकिन गरीबी के कारण हम ग्रामीण रुपया नहीं दे सके, जिस कारण बिजली को चालू ही नहीं किया गया। वर्तमान समय में बिजली का हाईटेंशन तार टूट गया है और कुछ पोल गिर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव के समय नेता गांव आते हैं और वोट मांगते हैं और आश्वासन देते हैं कि जीतने के बाद आपके गांव में बिजली चालू कर दिया जाएगा, लेकिन जीतने के बाद कोई भी नेता बिजली चालू करवाने के लिए नहीं आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कुछ ग्रामीण सोलर प्लेट से अपना मोबाइल चार्ज करते हैं, जिसके पास सोलर प्लेट नहीं है वे अपना मोबाइल पहाड़ के नीचे गांव में पैसे देकर मोबाइल चार्ज करवाते हैं। कुछ ग्रामीण सोलर प्लेट से बैटरी भी चार्ज करते हैं और रात्रि में इस चार्ज बैटरी से एलइडी लाइट जलाते हैं। इसी लाइट से रात्रि में बच्चे अध्यन करते हैं, लेकिन एलइडी लाइट एक चार्ज में मात्र डेढ़ से दो घंटा ही चलता है। गांव में बिजली नहीं होने के कारण रात्रि, शाम में खाना बनाने आदि काम करने में भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। रात्रि, शाम को साँप-बिच्छु का भी डर बना रहता है, जिस ग्रामीण के पास सोलर प्लेट और बैटरी नहीं है वे डिबिया से काम चलाते हैं।

ग्रामीणों ने आगे कहा वर्तमान सरकार के आपके अधिकार, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन सुग्गापहाड़ी पंचायत में हुआ तो दुमका के विधायक बसंत सोरेन को दिसंबर 2021 को लिखित आवेदन दिया था, लेकिन 6 महीना बीत जाने के बाद भी गांव में बिजली चालू नहीं किया गया। गांव में अब तक बिजली चालू नहीं होने के कारण ग्रामीण काफी नाराज और आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने सरकार, प्रशासन और जन प्रतिनिधियों से मांग की है कि गांव के सभी टोला दूर-दूर में स्थित होने के कारण सभी टोला में नया ट्रांसफरमर लगाया जायं और सभी घरों को बिजली से जोड़ा जाये। अगर गांव को जल्द ही बिजली से नहीं जोड़ा जाता है तो ग्रामीण सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए विवश होगे और जरूरत पड़े तो आगामी विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर राजेश हेम्ब्रोम, प्रधान नोतुनडीह टोला, लाखिश्वर हेम्ब्रोम, बाबूलाल हेम्ब्रोम, हेमलाल हेम्ब्रोम, राजेश पुजहर, नीरज पुजहर, गणेश पुजहर, बड़ामाली पुजहर, हरिनाथ पुजहर, पतरास पुजहर, मोतीलाल पुजहर, मानिक पुजहर, फुलमुनी देवी, माधुरी पुजहरनी, रौशनी देवी, सुनीता पुजहरनी, पिंकी पुजहरनी, सादेश्वरी देवी, मानिक पुजहर, नन्द पुजहर के साथ काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

 

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