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स्वयंसेवी संस्था ने ग्रामीणों को स्वरोजग के लिए किया प्रशिक्षित, मुर्गी पालन की दी जानकारी

दुमका : ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नेंस, नई दिल्ली के सहयोग से प्रयास फाउंडेशन, दुमका के तत्वाधान में गर्ल पावर प्रोजेक्ट अंतर्गत जरमुंडी प्रखंड के पहरीडीह पंचायत के कैरो गांव में तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन पंचायत के उप मुखिया मुकेश यादव, गर्ल पावर प्रोजेक्ट के नवीन गिरी, प्रयास फाउंडेशन के मधुर कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं युवतियों को परिवार के आय की वृद्धि के लिए मुर्गी पालन एवं अगरबत्ती निर्माण एवं अन्य घरेलू रोजगार से संबंधित व्यवसाय की जानकारी देकर प्रशिक्षित करना है। गर्ल पावर प्रोजेक्ट के अंतर्गत महिला शक्ति को प्राथमिकता देकर पारिवारिक आर्थिक सामाजिक राजनीतिक एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, जिसके लिए परिवार की आय वृद्धि में महिलाओं की भूमिका अति आवश्यक है।

रांची से आए प्रशिक्षक रघुनंदन कुमार, पंकज कुमार एवं एआइआइएलएसजी के मार्केटिंग एंड प्रोडक्ट डेवलपमेंट ऑफिसर नवीन गिरी गर्ल पावर प्रोजेक्ट के मोबिलाइजेशन ऑफिसर बबलू कुमार ने अपने प्रशिक्षण कौशल के साथ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार हेतु मुर्गी पालन पशुपालन विषय पर विस्तार से प्रशिक्षित प्रदान किया।

ग्रामीणों को तीन दिवसीय मुर्गी पालन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें प्रशिक्षक रघुनंदन कुमार ने मुर्गियों के रखरखाव के बारे में विस्तार पूर्वक बताया, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में किसान मुर्गी पालन करते जरूर हैं पर व्यवसायिक दृष्टिकोण से नहीं करते हैं। इसे व्यवसायिक रूप देने के लिए मुर्गियों के नस्ल के बारे में बताया एवं मुर्गियों के आवास की व्यवस्था कैसी होनी चाहिए यह भी बताया गया।

देसी मुर्गियों के पौष्टिक गुण और उसके अंडे के महत्व के बारे में बताया गया। यह भी बताया गया कि विदेशी नस्लों का भी चुनाव किया जा सकता है। बॉयलर फॉर्म करके मांस की आपूर्ति की जा सकती है एवं लेयर फॉर्म करके मांस और अंडे दोनों की पूर्ति की जा सकती है। बुधवार को प्रथम दिन किसानों को नस्ल के चुनाव के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर वार्ड सदस्य महेंद्र राऊत, सामाजिक कार्यकर्ता नित्यानंद प्रसाद, नीरज कुमार मोनू, राजकिशोर रावत, प्रतिभागी बेबी देवी, अस्तमा देवी, छाया देवी, दीपाली देवी, रूपा देवी एवं संस्थान के सहयोगी अंजलि हांसदा, नंदकिशोर शाह, प्रीति कुमारी ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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